पंचांग · गोचर
गोचर 2020: ग्रह कब राशि बदलते हैं
2020 में शनि 24 जनवरी को मकर में, गुरु (बृहस्पति) 29 मार्च को मकर में, गुरु (बृहस्पति) 30 जून को धनु में, राहु 23 सितंबर को वृषभ में, गुरु (बृहस्पति) 20 नवंबर को मकर में जाता है। नीचे हर ग्रह का हर राशि परिवर्तन, वक्री-मार्गी होना और अस्त-काल है।
सभी समय मैनचेस्टर के स्थानीय समय (Europe/London, GMT/BST) में।
1 जनवरी 2020 को ग्रह
निरयण (लाहिरी) राशि, और वह कब से कब तक है। किसी ग्रह पर क्लिक करें तो उसका पूरा वर्ष दिखेगा।
- सूर्यधनु में16 दिसंबर 2019 से, 14 जनवरी 2020 तक
- चन्द्रकुम्भ में30 दिसंबर 2019 से, 1 जनवरी 2020 तक
- मंगलवृश्चिक में25 दिसंबर 2019 से, 7 फ़रवरी 2020 तक
- बुधधनु में25 दिसंबर 2019 से, 13 जनवरी 2020 तक
- गुरु (बृहस्पति)धनु में4 नवंबर 2019 से, 29 मार्च 2020 तक
- शुक्रमकर में15 दिसंबर 2019 से, 8 जनवरी 2020 तक
- शनिधनु में26 अक्टूबर 2017 से, 24 जनवरी 2020 तक
- राहुमिथुन में7 मार्च 2019 से, 23 सितंबर 2020 तक
- केतुधनु में7 मार्च 2019 से, 23 सितंबर 2020 तक
2020 का गोचर कैलेंडर
सभी समय मैनचेस्टर के स्थानीय समय (Europe/London, GMT/BST) में। ये क्षण पृथ्वी पर हर जगह एक ही हैं। चन्द्रमा हर ढाई दिन में राशि बदलता है, इसलिए उसकी सूची उसके अपने पृष्ठ पर है।
राशि परिवर्तनवक्री / मार्गीअस्त / उदय
जनवरी 2020
8 जनवरीरात 10:53
शुक्र का कुम्भ में प्रवेश
10 जनवरीशाम 4:54
गुरु (बृहस्पति) का उदय (अस्त समाप्त)†
13 जनवरीसुबह 6:05
बुध का मकर में प्रवेश
14 जनवरीरात 8:38
सूर्य का मकर में प्रवेश
24 जनवरीसुबह 4:30
शनि का मकर में प्रवेश
30 जनवरीसुबह 7:13
शनि का उदय (अस्त समाप्त)†
30 जनवरीरात 9:23
बुध का कुम्भ में प्रवेश
31 जनवरीसुबह 8:46
बुध का उदय (अस्त समाप्त)†
फ़रवरी 2020
2 फ़रवरीरात 8:48
शुक्र का मीन में प्रवेश
7 फ़रवरीरात 10:22
मंगल का धनु में प्रवेश
13 फ़रवरीसुबह 9:34
सूर्य का कुम्भ में प्रवेश
17 फ़रवरीरात 12:53
बुध कुम्भ 18°46′ पर वक्री
19 फ़रवरीदोपहर 1:11
बुध अस्त (3 मार्च तक)†
28 फ़रवरीरात 8:03
शुक्र का मेष में प्रवेश
मार्च 2020
3 मार्चरात 2:16
बुध का उदय (अस्त समाप्त)†
10 मार्चरात 3:49
बुध कुम्भ 4°05′ पर मार्गी
14 मार्चसुबह 6:24
सूर्य का मीन में प्रवेश
22 मार्चसुबह 9:11
मंगल का मकर में प्रवेश
28 मार्चसुबह 10:09
शुक्र का वृषभ में प्रवेश
29 मार्चरात 11:34
गुरु (बृहस्पति) का मकर में प्रवेश
अप्रैल 2020
7 अप्रैलसुबह 9:54
बुध का मीन में प्रवेश
13 अप्रैलदोपहर 3:54
सूर्य का मेष में प्रवेश
21 अप्रैलशाम 4:38
बुध अस्त (17 मई तक)†
24 अप्रैलरात 10:05
बुध का मेष में प्रवेश
मई 2020
4 मईशाम 4:12
मंगल का कुम्भ में प्रवेश
9 मईसुबह 5:17
बुध का वृषभ में प्रवेश
11 मईसुबह 4:35
शनि मकर 7°49′ पर वक्री
13 मईसुबह 7:43
शुक्र वृषभ 27°42′ पर वक्री
14 मईदोपहर 12:47
सूर्य का वृषभ में प्रवेश
14 मईदोपहर 3:14
गुरु (बृहस्पति) मकर 3°06′ पर वक्री
17 मईसुबह 5:10
बुध का उदय (अस्त समाप्त)†
24 मईशाम 7:24
बुध का मिथुन में प्रवेश
29 मईशाम 4:25
शुक्र अस्त (8 जून तक)†
जून 2020
8 जूनरात 9:07
शुक्र का उदय (अस्त समाप्त)†
14 जूनशाम 7:25
सूर्य का मिथुन में प्रवेश
18 जूनसुबह 5:58
बुध मिथुन 20°38′ पर वक्री
18 जूनदोपहर 3:46
मंगल का मीन में प्रवेश
22 जूनरात 11:44
बुध अस्त (9 जुलाई तक)†
25 जूनसुबह 7:49
शुक्र वृषभ 11°12′ पर मार्गी
30 जूनरात 12:43
गुरु (बृहस्पति) का धनु में प्रवेश (वक्री गति से)
जुलाई 2020
9 जुलाईदोपहर 3:01
बुध का उदय (अस्त समाप्त)†
12 जुलाईसुबह 9:27
बुध मिथुन 11°21′ पर मार्गी
16 जुलाईसुबह 6:17
सूर्य का कर्क में प्रवेश
अगस्त 2020
1 अगस्तरात 12:41
शुक्र का मिथुन में प्रवेश
1 अगस्तरात 11:03
बुध का कर्क में प्रवेश
4 अगस्तसुबह 7:07
बुध अस्त (2 सितंबर तक)†
16 अगस्तदोपहर 2:00
मंगल का मेष में प्रवेश
16 अगस्तदोपहर 2:41
सूर्य का सिंह में प्रवेश
17 अगस्तरात 3:58
बुध का सिंह में प्रवेश
31 अगस्तरात 9:34
शुक्र का कर्क में प्रवेश
सितंबर 2020
2 सितंबरसुबह 7:32
बुध का कन्या में प्रवेश
2 सितंबरसुबह 11:14
बुध का उदय (अस्त समाप्त)†
9 सितंबररात 11:18
मंगल मेष 4°00′ पर वक्री
13 सितंबररात 1:57
गुरु (बृहस्पति) धनु 23°16′ पर मार्गी
16 सितंबरदोपहर 2:38
सूर्य का कन्या में प्रवेश
22 सितंबरदोपहर 12:23
बुध का तुला में प्रवेश
23 सितंबरसुबह 8:01
राहु का वृषभ में प्रवेश (वक्री गति से)
23 सितंबरसुबह 8:01
केतु का वृश्चिक में प्रवेश (वक्री गति से)
27 सितंबररात 8:33
शुक्र का सिंह में प्रवेश
29 सितंबरसुबह 6:44
शनि मकर 1°11′ पर मार्गी
अक्टूबर 2020
4 अक्टूबरसुबह 5:33
मंगल का मीन में प्रवेश (वक्री गति से)
14 अक्टूबररात 2:04
बुध तुला 17°32′ पर वक्री
17 अक्टूबररात 2:37
सूर्य का तुला में प्रवेश
20 अक्टूबररात 3:36
बुध अस्त (31 अक्टूबर तक)†
23 अक्टूबरसुबह 6:16
शुक्र का कन्या में प्रवेश
31 अक्टूबरशाम 5:46
बुध का उदय (अस्त समाप्त)†
नवंबर 2020
3 नवंबरशाम 5:50
बुध तुला 1°45′ पर मार्गी
14 नवंबररात 12:39
मंगल मीन 21°05′ पर मार्गी
16 नवंबररात 1:25
सूर्य का वृश्चिक में प्रवेश
16 नवंबरशाम 7:33
शुक्र का तुला में प्रवेश
20 नवंबरसुबह 8:00
गुरु (बृहस्पति) का मकर में प्रवेश
24 नवंबरदोपहर 1:20
बुध अस्त (12 जनवरी तक)†
28 नवंबररात 1:35
बुध का वृश्चिक में प्रवेश
दिसंबर 2020
10 दिसंबररात 11:48
शुक्र का वृश्चिक में प्रवेश
15 दिसंबरशाम 4:03
सूर्य का धनु में प्रवेश
17 दिसंबरसुबह 6:08
बुध का धनु में प्रवेश
24 दिसंबरसुबह 4:51
मंगल का मेष में प्रवेश
† परम्परा के अनुसार भिन्नता। अस्त की दूरी-सीमाएँ ग्रंथों और पंचांगों में थोड़ी अलग हैं, और कुछ पंचांग राहु-केतु की मध्यम के स्थान पर स्पष्ट (true) गति लेते हैं; इससे राहु-केतु के राशि परिवर्तन की तारीख कुछ सप्ताह तक अलग हो सकती है।
यह भी देखें: अपनी कुंडली पर गोचर · गोचर (शब्दकोश) · साढ़ेसाती · अयनांश · संक्रान्ति
समझें
गोचर क्या है
गोचर का अर्थ है ग्रहों का चलना: आकाश में हर ग्रह राशि-चक्र में आगे बढ़ता है, और जब वह एक राशि की सीमा पार करता है तो उसे उस ग्रह का राशि परिवर्तन (संक्रमण) कहते हैं। यह पृष्ठ केवल वही बताता है कि कौन-सा ग्रह कब कहाँ है। शास्त्रीय पद्धति में गोचर को व्यक्ति की जन्म-राशि (चन्द्र राशि) से गिनकर पढ़ा जाता है; अपनी कुंडली पर आज का गोचर देखने के लिए गोचर उपकरण खोलें।
वक्री और मार्गी
पृथ्वी से देखने पर मंगल, बुध, गुरु, शुक्र और शनि कभी-कभी कुछ समय के लिए पीछे की ओर चलते दिखते हैं। इसे वक्री गति कहते हैं; जिस क्षण ग्रह रुककर मुड़ता है वह स्तम्भन (स्टेशन) है, और फिर आगे बढ़ना मार्गी होना। यह पृथ्वी और ग्रह की कक्षाओं की सापेक्ष गति का दृश्य प्रभाव है। सूर्य और चन्द्रमा कभी वक्री नहीं होते; राहु-केतु (मध्यम) सदा पीछे चलते हैं।
अस्त (दहन)
जब कोई ग्रह सूर्य के बहुत पास होता है तो सूर्य की चमक में वह दिखाई नहीं देता; ग्रंथ इसे अस्त कहते हैं, और फिर दिखने लगना उदय। सूर्य सिद्धान्त हर ग्रह के लिए दूरी की सीमा देता है। यहाँ प्रयुक्त सीमाएँ: मंगल 17°, बुध 14° (वक्री में 12°), गुरु 11°, शुक्र 10° (वक्री में 8°), शनि 15°। पंचांग गुरु और शुक्र के अस्त-काल को विवाह जैसे संस्कारों के मुहूर्त में छोड़ते हैं।
निरयण राशियाँ
भारतीय पंचांग राशियों को तारों के सापेक्ष (निरयण) गिनते हैं। पश्चिमी (सायन) राशियाँ इनसे लगभग 24° आगे हैं, इसलिए वहाँ छपी तारीखें यहाँ से लगभग तीन सप्ताह पहले की होती हैं। यहाँ लाहिरी अयनांश प्रयुक्त है।
यह गणना कैसे हुई
NASA JPL के DE421 आँकड़ों से हर ग्रह की स्पष्ट भू-केन्द्रीय स्थिति, लाहिरी अयनांश घटाकर। राशि-सीमा पार करने, गति शून्य होने और सूर्य से दूरी सीमा के बराबर होने के क्षण द्विभाजन (bisection) से एक सेकंड से कम की शुद्धता तक निकाले गए हैं। अयनांश के छोटे अन्तर से धीमे ग्रहों (विशेषकर शनि) का समय दूसरे पंचांगों से कुछ घंटे अलग हो सकता है।
पंचांग में और
- आजआज के पाँच अंग, शुभ-अशुभ समय और चौघड़िया।
- मासिक कैलेंडरपूरे मास की तिथियाँ, नक्षत्र और पर्व।
- पर्व और व्रतवर्ष भर के पर्व, व्रत, एकादशी और पूर्णिमा।
- मुहूर्त खोजेंरोज़ के कामों के लिए शुभ समय, कारण सहित।
- चौघड़ियादिन-रात के आठ-आठ भाग, अभी कौन-सा चल रहा है।
- राहु कालआज का राहु काल, गुलिक और यमगण्ड।
- पंचकआने वाले महीनों के पंचक, और ग्रंथ इनके बारे में क्या कहते हैं।
- भद्राभद्रा (विष्टि करण) कब है और उसका वास कहाँ है।
- संक्रान्तिवर्ष की बारह संक्रान्तियाँ, समय और पुण्य काल सहित।
- ग्रहणवर्ष के सूर्य और चन्द्र ग्रहण, स्पर्श-मोक्ष के समय और सूतक।
- तिथि परिवर्तककिसी भी अंग्रेज़ी तारीख की हिन्दू तिथि।
- जन्म तिथिअपनी जन्म तिथि और अगले वर्षों की तारीखें।
- नामाक्षरनक्षत्र-पद के अनुसार नाम के आरम्भिक अक्षर।
