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School of Vedic Sciences, FORE

पंचांग · गोचर

गोचर 2028: ग्रह कब राशि बदलते हैं

2028 में शनि 23 फ़रवरी को मेष में, गुरु (बृहस्पति) 28 फ़रवरी को सिंह में, राहु 23 जून को धनु में, गुरु (बृहस्पति) 24 जुलाई को कन्या में, गुरु (बृहस्पति) 26 दिसंबर को तुला में जाता है। नीचे हर ग्रह का हर राशि परिवर्तन, वक्री-मार्गी होना और अस्त-काल है।

सभी समय पोर्ट ऑफ़ स्पेन के स्थानीय समय (America/Port of Spain, AST) में।

1 जनवरी 2028 को ग्रह

निरयण (लाहिरी) राशि, और वह कब से कब तक है। किसी ग्रह पर क्लिक करें तो उसका पूरा वर्ष दिखेगा।

2028 का गोचर कैलेंडर

सभी समय पोर्ट ऑफ़ स्पेन के स्थानीय समय (America/Port of Spain, AST) में। ये क्षण पृथ्वी पर हर जगह एक ही हैं। चन्द्रमा हर ढाई दिन में राशि बदलता है, इसलिए उसकी सूची उसके अपने पृष्ठ पर है।

राशि परिवर्तनवक्री / मार्गीअस्त / उदय

जनवरी 2028

  • 2 जनवरीसुबह 11:17

    बुध का मकर में प्रवेश

  • 4 जनवरीसुबह 8:45

    मंगल अस्त (5 जून तक)†

  • 5 जनवरीरात 1:34

    बुध का उदय (अस्त समाप्त)†

  • 8 जनवरीसुबह 9:37

    शुक्र का कुम्भ में प्रवेश

  • 12 जनवरीसुबह 4:36

    गुरु (बृहस्पति) कन्या 3°16′ पर वक्री

  • 14 जनवरीशाम 5:42

    सूर्य का मकर में प्रवेश

  • 24 जनवरीसुबह 7:02

    बुध मकर 25°27′ पर वक्री

  • 27 जनवरीसुबह 4:12

    बुध अस्त (7 फ़रवरी तक)†

फ़रवरी 2028

  • 2 फ़रवरीसुबह 8:44

    शुक्र का मीन में प्रवेश

  • 3 फ़रवरीसुबह 5:59

    मंगल का कुम्भ में प्रवेश

  • 7 फ़रवरीरात 8:14

    बुध का उदय (अस्त समाप्त)†

  • 13 फ़रवरीसुबह 6:41

    सूर्य का कुम्भ में प्रवेश

  • 14 फ़रवरीसुबह 8:38

    बुध मकर 9°44′ पर मार्गी

  • 23 फ़रवरीसुबह 7:47

    शनि का मेष में प्रवेश

  • 28 फ़रवरीसुबह 10:34

    शुक्र का मेष में प्रवेश

  • 28 फ़रवरीसुबह 11:25

    गुरु (बृहस्पति) का सिंह में प्रवेश (वक्री गति से)

मार्च 2028

  • 9 मार्चरात 12:27

    बुध का कुम्भ में प्रवेश

  • 12 मार्चसुबह 6:52

    मंगल का मीन में प्रवेश

  • 14 मार्चरात 3:33

    सूर्य का मीन में प्रवेश

  • 28 मार्चरात 2:08

    बुध अस्त (24 अप्रैल तक)†

  • 28 मार्चसुबह 4:14

    बुध का मीन में प्रवेश

  • 28 मार्चसुबह 8:39

    शुक्र का वृषभ में प्रवेश

अप्रैल 2028

  • 2 अप्रैलशाम 6:45

    शनि अस्त (8 मई तक)†

  • 12 अप्रैलदोपहर 2:13

    बुध का मेष में प्रवेश

  • 13 अप्रैलदोपहर 12:02

    सूर्य का मेष में प्रवेश

  • 20 अप्रैलरात 3:41

    मंगल का मेष में प्रवेश

  • 24 अप्रैलशाम 4:32

    बुध का उदय (अस्त समाप्त)†

  • 27 अप्रैलसुबह 10:42

    बुध का वृषभ में प्रवेश

मई 2028

  • 8 मईरात 2:08

    शनि का उदय (अस्त समाप्त)†

  • 10 मईशाम 7:01

    शुक्र वृषभ 25°26′ पर वक्री

  • 13 मईशाम 4:18

    गुरु (बृहस्पति) सिंह 23°17′ पर मार्गी

  • 14 मईसुबह 8:54

    सूर्य का वृषभ में प्रवेश

  • 21 मईसुबह 4:42

    बुध वृषभ 22°04′ पर वक्री

  • 24 मईसुबह 10:03

    बुध अस्त (10 जून तक)†

  • 27 मईरात 3:43

    शुक्र अस्त (6 जून तक)†

  • 30 मईदोपहर 2:37

    मंगल का वृषभ में प्रवेश

जून 2028

  • 5 जूनसुबह 10:48

    मंगल का उदय (अस्त समाप्त)†

  • 6 जूनसुबह 8:21

    शुक्र का उदय (अस्त समाप्त)†

  • 10 जूनसुबह 10:40

    बुध का उदय (अस्त समाप्त)†

  • 14 जूनरात 2:06

    बुध वृषभ 13°31′ पर मार्गी

  • 14 जूनदोपहर 3:31

    सूर्य का मिथुन में प्रवेश

  • 22 जूनशाम 6:14

    शुक्र वृषभ 8°56′ पर मार्गी

  • 23 जूनशाम 5:49

    राहु का धनु में प्रवेश (वक्री गति से)

  • 23 जूनशाम 5:49

    केतु का मिथुन में प्रवेश (वक्री गति से)

जुलाई 2028

  • 5 जुलाईसुबह 7:24

    बुध का मिथुन में प्रवेश

  • 12 जुलाईसुबह 5:27

    मंगल का मिथुन में प्रवेश

  • 12 जुलाईरात 8:34

    बुध अस्त (8 अगस्त तक)†

  • 16 जुलाईरात 2:23

    सूर्य का कर्क में प्रवेश

  • 21 जुलाईसुबह 5:02

    बुध का कर्क में प्रवेश

  • 24 जुलाईसुबह 4:51

    गुरु (बृहस्पति) का कन्या में प्रवेश

अगस्त 2028

  • 1 अगस्तरात 2:48

    शुक्र का मिथुन में प्रवेश

  • 4 अगस्तरात 10:04

    बुध का सिंह में प्रवेश

  • 8 अगस्तसुबह 6:37

    बुध का उदय (अस्त समाप्त)†

  • 16 अगस्तसुबह 10:45

    सूर्य का सिंह में प्रवेश

  • 22 अगस्तशाम 5:46

    शनि मेष 17°04′ पर वक्री

  • 23 अगस्तरात 3:45

    बुध का कन्या में प्रवेश

  • 26 अगस्तसुबह 10:28

    मंगल का कर्क में प्रवेश

  • 31 अगस्तसुबह 11:52

    शुक्र का कर्क में प्रवेश

सितंबर 2028

  • 15 सितंबररात 11:04

    गुरु (बृहस्पति) अस्त (14 अक्टूबर तक)†

  • 16 सितंबरसुबह 10:38

    सूर्य का कन्या में प्रवेश

  • 19 सितंबरदोपहर 12:33

    बुध कन्या 24°20′ पर वक्री

  • 26 सितंबरसुबह 7:36

    बुध अस्त (8 अक्टूबर तक)†

  • 27 सितंबरसुबह 7:33

    शुक्र का सिंह में प्रवेश

अक्टूबर 2028

  • 8 अक्टूबरशाम 4:28

    बुध का उदय (अस्त समाप्त)†

  • 11 अक्टूबरसुबह 6:27

    बुध कन्या 9°14′ पर मार्गी

  • 14 अक्टूबररात 12:31

    मंगल का सिंह में प्रवेश

  • 14 अक्टूबरदोपहर 3:15

    गुरु (बृहस्पति) का उदय (अस्त समाप्त)†

  • 16 अक्टूबररात 10:33

    सूर्य का तुला में प्रवेश

  • 22 अक्टूबरदोपहर 3:51

    शुक्र का कन्या में प्रवेश

  • 28 अक्टूबरसुबह 6:23

    बुध अस्त (15 दिसंबर तक)†

  • 29 अक्टूबररात 10:52

    बुध का तुला में प्रवेश

नवंबर 2028

  • 15 नवंबररात 10:20

    सूर्य का वृश्चिक में प्रवेश

  • 16 नवंबरसुबह 5:25

    शुक्र का तुला में प्रवेश

  • 17 नवंबरसुबह 9:07

    बुध का वृश्चिक में प्रवेश

दिसंबर 2028

  • 6 दिसंबरदोपहर 12:25

    बुध का धनु में प्रवेश

  • 8 दिसंबरदोपहर 12:25

    मंगल का कन्या में प्रवेश

  • 10 दिसंबरसुबह 9:17

    शुक्र का वृश्चिक में प्रवेश

  • 15 दिसंबरदोपहर 12:58

    सूर्य का धनु में प्रवेश

  • 15 दिसंबरदोपहर 2:34

    बुध का उदय (अस्त समाप्त)†

  • 26 दिसंबररात 2:33

    गुरु (बृहस्पति) का तुला में प्रवेश

  • 26 दिसंबरदोपहर 12:34

    बुध का मकर में प्रवेश

† परम्परा के अनुसार भिन्नता। अस्त की दूरी-सीमाएँ ग्रंथों और पंचांगों में थोड़ी अलग हैं, और कुछ पंचांग राहु-केतु की मध्यम के स्थान पर स्पष्ट (true) गति लेते हैं; इससे राहु-केतु के राशि परिवर्तन की तारीख कुछ सप्ताह तक अलग हो सकती है।

यह भी देखें: अपनी कुंडली पर गोचर · गोचर (शब्दकोश) · साढ़ेसाती · अयनांश · संक्रान्ति

समझें

गोचर क्या है

गोचर का अर्थ है ग्रहों का चलना: आकाश में हर ग्रह राशि-चक्र में आगे बढ़ता है, और जब वह एक राशि की सीमा पार करता है तो उसे उस ग्रह का राशि परिवर्तन (संक्रमण) कहते हैं। यह पृष्ठ केवल वही बताता है कि कौन-सा ग्रह कब कहाँ है। शास्त्रीय पद्धति में गोचर को व्यक्ति की जन्म-राशि (चन्द्र राशि) से गिनकर पढ़ा जाता है; अपनी कुंडली पर आज का गोचर देखने के लिए गोचर उपकरण खोलें।

वक्री और मार्गी

पृथ्वी से देखने पर मंगल, बुध, गुरु, शुक्र और शनि कभी-कभी कुछ समय के लिए पीछे की ओर चलते दिखते हैं। इसे वक्री गति कहते हैं; जिस क्षण ग्रह रुककर मुड़ता है वह स्तम्भन (स्टेशन) है, और फिर आगे बढ़ना मार्गी होना। यह पृथ्वी और ग्रह की कक्षाओं की सापेक्ष गति का दृश्य प्रभाव है। सूर्य और चन्द्रमा कभी वक्री नहीं होते; राहु-केतु (मध्यम) सदा पीछे चलते हैं।

अस्त (दहन)

जब कोई ग्रह सूर्य के बहुत पास होता है तो सूर्य की चमक में वह दिखाई नहीं देता; ग्रंथ इसे अस्त कहते हैं, और फिर दिखने लगना उदय। सूर्य सिद्धान्त हर ग्रह के लिए दूरी की सीमा देता है। यहाँ प्रयुक्त सीमाएँ: मंगल 17°, बुध 14° (वक्री में 12°), गुरु 11°, शुक्र 10° (वक्री में 8°), शनि 15°। पंचांग गुरु और शुक्र के अस्त-काल को विवाह जैसे संस्कारों के मुहूर्त में छोड़ते हैं।

निरयण राशियाँ

भारतीय पंचांग राशियों को तारों के सापेक्ष (निरयण) गिनते हैं। पश्चिमी (सायन) राशियाँ इनसे लगभग 24° आगे हैं, इसलिए वहाँ छपी तारीखें यहाँ से लगभग तीन सप्ताह पहले की होती हैं। यहाँ लाहिरी अयनांश प्रयुक्त है।

यह गणना कैसे हुई

NASA JPL के DE421 आँकड़ों से हर ग्रह की स्पष्ट भू-केन्द्रीय स्थिति, लाहिरी अयनांश घटाकर। राशि-सीमा पार करने, गति शून्य होने और सूर्य से दूरी सीमा के बराबर होने के क्षण द्विभाजन (bisection) से एक सेकंड से कम की शुद्धता तक निकाले गए हैं। अयनांश के छोटे अन्तर से धीमे ग्रहों (विशेषकर शनि) का समय दूसरे पंचांगों से कुछ घंटे अलग हो सकता है।

पंचांग में और