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School of Vedic Sciences, FORE

पंचांग · गोचर · बुध

2019 में बुध का गोचर

2019 में बुध 19 बार राशि बदलता है: 1 जनवरी को धनु, 20 जनवरी को मकर, 7 फ़रवरी को कुम्भ, 25 फ़रवरी को मीन …। वक्री: 6 मार्च, 8 जुलाई, 31 अक्टूबर से।

सभी समय जनकपुर के स्थानीय समय (Asia/Kathmandu, UTC+5:45) में।

2019 में बुध किन राशियों में है

  1. वृश्चिक26 अक्टूबर, रात 8:58 2018 → 1 जनवरी, सुबह 10:05 2019· लगभग 2 महीने
  2. धनु1 जनवरी, सुबह 10:05 2019 → 20 जनवरी, रात 9:21 2019· 19 दिन
  3. मकर20 जनवरी, रात 9:21 2019 → 7 फ़रवरी, सुबह 10:25 2019· 18 दिन
  4. कुम्भ7 फ़रवरी, सुबह 10:25 2019 → 25 फ़रवरी, सुबह 9:08 2019· 18 दिन
  5. मीन25 फ़रवरी, सुबह 9:08 2019 → 15 मार्च, सुबह 9:14 2019· 18 दिन
  6. कुम्भ(वक्री गति से प्रवेश)15 मार्च, सुबह 9:14 2019 → 12 अप्रैल, सुबह 4:39 2019· 28 दिन
  7. मीन12 अप्रैल, सुबह 4:39 2019 → 3 मई, शाम 5:18 2019· 22 दिन
  8. मेष3 मई, शाम 5:18 2019 → 18 मई, रात 11:50 2019· 15 दिन
  9. वृषभ18 मई, रात 11:50 2019 → 2 जून, रात 12:32 2019· 14 दिन
  10. मिथुन2 जून, रात 12:32 2019 → 21 जून, रात 2:42 2019· 19 दिन
  11. कर्क21 जून, रात 2:42 2019 → 30 जुलाई, दोपहर 12:13 2019· 39 दिन
  12. मिथुन(वक्री गति से प्रवेश)30 जुलाई, दोपहर 12:13 2019 → 3 अगस्त, सुबह 6:16 2019· 4 दिन
  13. कर्क3 अगस्त, सुबह 6:16 2019 → 26 अगस्त, दोपहर 2:22 2019· 23 दिन
  14. सिंह26 अगस्त, दोपहर 2:22 2019 → 11 सितंबर, सुबह 5:14 2019· 16 दिन
  15. कन्या11 सितंबर, सुबह 5:14 2019 → 29 सितंबर, दोपहर 1:10 2019· 18 दिन
  16. तुला29 सितंबर, दोपहर 1:10 2019 → 23 अक्टूबर, रात 11:28 2019· 24 दिन
  17. वृश्चिक23 अक्टूबर, रात 11:28 2019 → 7 नवंबर, शाम 4:09 2019· 15 दिन
  18. तुला(वक्री गति से प्रवेश)7 नवंबर, शाम 4:09 2019 → 5 दिसंबर, सुबह 10:50 2019· 28 दिन
  19. वृश्चिक5 दिसंबर, सुबह 10:50 2019 → 25 दिसंबर, शाम 4:01 2019· 20 दिन
  20. धनु25 दिसंबर, शाम 4:01 2019 → 13 जनवरी, सुबह 11:50 2020· 19 दिन

तारीखवार

सभी समय जनकपुर के स्थानीय समय (Asia/Kathmandu, UTC+5:45) में।

जनवरी 2019

  • 1 जनवरीसुबह 10:05

    बुध का धनु में प्रवेश

  • 6 जनवरीसुबह 9:52

    बुध अस्त (17 फ़रवरी तक)†

  • 20 जनवरीरात 9:21

    बुध का मकर में प्रवेश

फ़रवरी 2019

  • 7 फ़रवरीसुबह 10:25

    बुध का कुम्भ में प्रवेश

  • 17 फ़रवरीशाम 4:06

    बुध का उदय (अस्त समाप्त)†

  • 25 फ़रवरीसुबह 9:08

    बुध का मीन में प्रवेश

मार्च 2019

  • 6 मार्चरात 12:03

    बुध मीन 5°32′ पर वक्री

  • 8 मार्चसुबह 8:24

    बुध अस्त (21 मार्च तक)†

  • 15 मार्चसुबह 9:14

    बुध का कुम्भ में प्रवेश (वक्री गति से)

  • 21 मार्चशाम 5:30

    बुध का उदय (अस्त समाप्त)†

  • 28 मार्चशाम 7:44

    बुध कुम्भ 21°58′ पर मार्गी

अप्रैल 2019

  • 12 अप्रैलसुबह 4:39

    बुध का मीन में प्रवेश

मई 2019

  • 3 मईशाम 5:18

    बुध का मेष में प्रवेश

  • 9 मईरात 3:47

    बुध अस्त (2 जून तक)†

  • 18 मईरात 11:50

    बुध का वृषभ में प्रवेश

जून 2019

  • 2 जूनरात 12:32

    बुध का मिथुन में प्रवेश

  • 2 जूनरात 9:15

    बुध का उदय (अस्त समाप्त)†

  • 21 जूनरात 2:42

    बुध का कर्क में प्रवेश

जुलाई 2019

  • 8 जुलाईसुबह 4:58

    बुध कर्क 10°20′ पर वक्री

  • 14 जुलाईरात 1:49

    बुध अस्त (29 जुलाई तक)†

  • 29 जुलाईरात 9:44

    बुध का उदय (अस्त समाप्त)†

  • 30 जुलाईदोपहर 12:13

    बुध का मिथुन में प्रवेश (वक्री गति से)

अगस्त 2019

  • 1 अगस्तसुबह 9:43

    बुध मिथुन 29°49′ पर मार्गी

  • 3 अगस्तसुबह 6:16

    बुध का कर्क में प्रवेश

  • 20 अगस्तरात 11:42

    बुध अस्त (22 सितंबर तक)†

  • 26 अगस्तदोपहर 2:22

    बुध का सिंह में प्रवेश

सितंबर 2019

  • 11 सितंबरसुबह 5:14

    बुध का कन्या में प्रवेश

  • 22 सितंबररात 12:29

    बुध का उदय (अस्त समाप्त)†

  • 29 सितंबरदोपहर 1:10

    बुध का तुला में प्रवेश

अक्टूबर 2019

  • 23 अक्टूबररात 11:28

    बुध का वृश्चिक में प्रवेश

  • 31 अक्टूबररात 9:26

    बुध वृश्चिक 3°31′ पर वक्री

नवंबर 2019

  • 6 नवंबरसुबह 8:21

    बुध अस्त (17 नवंबर तक)†

  • 7 नवंबरशाम 4:09

    बुध का तुला में प्रवेश (वक्री गति से)

  • 17 नवंबरदोपहर 2:50

    बुध का उदय (अस्त समाप्त)†

  • 21 नवंबररात 12:56

    बुध तुला 17°28′ पर मार्गी

दिसंबर 2019

  • 5 दिसंबरसुबह 10:50

    बुध का वृश्चिक में प्रवेश

  • 16 दिसंबरसुबह 4:10

    बुध अस्त (31 जनवरी तक)†

  • 25 दिसंबरशाम 4:01

    बुध का धनु में प्रवेश

† परम्परा के अनुसार भिन्नता। यहाँ बुध को सूर्य से 14° (वक्री में 12°) के भीतर अस्त माना गया है (सूर्य सिद्धान्त); कुछ पंचांग अन्य सीमा या दृश्यता का नियम लेते हैं।

यह भी देखें: बुध (शब्दकोश) · गोचर 2019: सभी ग्रह · अपनी कुंडली पर गोचर

समझें

गोचर क्या है

गोचर का अर्थ है ग्रहों का चलना: आकाश में हर ग्रह राशि-चक्र में आगे बढ़ता है, और जब वह एक राशि की सीमा पार करता है तो उसे उस ग्रह का राशि परिवर्तन (संक्रमण) कहते हैं। यह पृष्ठ केवल वही बताता है कि कौन-सा ग्रह कब कहाँ है। शास्त्रीय पद्धति में गोचर को व्यक्ति की जन्म-राशि (चन्द्र राशि) से गिनकर पढ़ा जाता है; अपनी कुंडली पर आज का गोचर देखने के लिए गोचर उपकरण खोलें।

वक्री और मार्गी

पृथ्वी से देखने पर मंगल, बुध, गुरु, शुक्र और शनि कभी-कभी कुछ समय के लिए पीछे की ओर चलते दिखते हैं। इसे वक्री गति कहते हैं; जिस क्षण ग्रह रुककर मुड़ता है वह स्तम्भन (स्टेशन) है, और फिर आगे बढ़ना मार्गी होना। यह पृथ्वी और ग्रह की कक्षाओं की सापेक्ष गति का दृश्य प्रभाव है। सूर्य और चन्द्रमा कभी वक्री नहीं होते; राहु-केतु (मध्यम) सदा पीछे चलते हैं।

अस्त (दहन)

जब कोई ग्रह सूर्य के बहुत पास होता है तो सूर्य की चमक में वह दिखाई नहीं देता; ग्रंथ इसे अस्त कहते हैं, और फिर दिखने लगना उदय। सूर्य सिद्धान्त हर ग्रह के लिए दूरी की सीमा देता है। यहाँ प्रयुक्त सीमाएँ: मंगल 17°, बुध 14° (वक्री में 12°), गुरु 11°, शुक्र 10° (वक्री में 8°), शनि 15°। पंचांग गुरु और शुक्र के अस्त-काल को विवाह जैसे संस्कारों के मुहूर्त में छोड़ते हैं।

निरयण राशियाँ

भारतीय पंचांग राशियों को तारों के सापेक्ष (निरयण) गिनते हैं। पश्चिमी (सायन) राशियाँ इनसे लगभग 24° आगे हैं, इसलिए वहाँ छपी तारीखें यहाँ से लगभग तीन सप्ताह पहले की होती हैं। यहाँ लाहिरी अयनांश प्रयुक्त है।

यह गणना कैसे हुई

NASA JPL के DE421 आँकड़ों से हर ग्रह की स्पष्ट भू-केन्द्रीय स्थिति, लाहिरी अयनांश घटाकर। राशि-सीमा पार करने, गति शून्य होने और सूर्य से दूरी सीमा के बराबर होने के क्षण द्विभाजन (bisection) से एक सेकंड से कम की शुद्धता तक निकाले गए हैं। अयनांश के छोटे अन्तर से धीमे ग्रहों (विशेषकर शनि) का समय दूसरे पंचांगों से कुछ घंटे अलग हो सकता है।

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