मुख्य सामग्री पर जाएँ
School of Vedic Sciences, FORE

पंचांग · गोचर · बुध

2019 में बुध का गोचर

2019 में बुध 18 बार राशि बदलता है: 20 जनवरी को मकर, 6 फ़रवरी को कुम्भ, 24 फ़रवरी को मीन, 14 मार्च को कुम्भ (वक्री, पीछे की ओर) …। वक्री: 5 मार्च, 7 जुलाई, 31 अक्टूबर से।

सभी समय मॉन्ट्रियल के स्थानीय समय (America/Toronto, EST/EDT) में।

2019 में बुध किन राशियों में है

  1. धनु31 दिसंबर, रात 11:20 2018 → 20 जनवरी, सुबह 10:36 2019· 19 दिन
  2. मकर20 जनवरी, सुबह 10:36 2019 → 6 फ़रवरी, रात 11:40 2019· 18 दिन
  3. कुम्भ6 फ़रवरी, रात 11:40 2019 → 24 फ़रवरी, रात 10:23 2019· 18 दिन
  4. मीन24 फ़रवरी, रात 10:23 2019 → 14 मार्च, रात 11:29 2019· 18 दिन
  5. कुम्भ(वक्री गति से प्रवेश)14 मार्च, रात 11:29 2019 → 11 अप्रैल, शाम 6:54 2019· 28 दिन
  6. मीन11 अप्रैल, शाम 6:54 2019 → 3 मई, सुबह 7:33 2019· 22 दिन
  7. मेष3 मई, सुबह 7:33 2019 → 18 मई, दोपहर 2:05 2019· 15 दिन
  8. वृषभ18 मई, दोपहर 2:05 2019 → 1 जून, दोपहर 2:47 2019· 14 दिन
  9. मिथुन1 जून, दोपहर 2:47 2019 → 20 जून, शाम 4:57 2019· 19 दिन
  10. कर्क20 जून, शाम 4:57 2019 → 30 जुलाई, रात 2:28 2019· 39 दिन
  11. मिथुन(वक्री गति से प्रवेश)30 जुलाई, रात 2:28 2019 → 2 अगस्त, रात 8:31 2019· 4 दिन
  12. कर्क2 अगस्त, रात 8:31 2019 → 26 अगस्त, सुबह 4:37 2019· 23 दिन
  13. सिंह26 अगस्त, सुबह 4:37 2019 → 10 सितंबर, शाम 7:29 2019· 16 दिन
  14. कन्या10 सितंबर, शाम 7:29 2019 → 29 सितंबर, रात 3:25 2019· 18 दिन
  15. तुला29 सितंबर, रात 3:25 2019 → 23 अक्टूबर, दोपहर 1:43 2019· 24 दिन
  16. वृश्चिक23 अक्टूबर, दोपहर 1:43 2019 → 7 नवंबर, सुबह 5:24 2019· 15 दिन
  17. तुला(वक्री गति से प्रवेश)7 नवंबर, सुबह 5:24 2019 → 5 दिसंबर, रात 12:05 2019· 28 दिन
  18. वृश्चिक5 दिसंबर, रात 12:05 2019 → 25 दिसंबर, सुबह 5:16 2019· 20 दिन
  19. धनु25 दिसंबर, सुबह 5:16 2019 → 13 जनवरी, रात 1:05 2020· 19 दिन

तारीखवार

सभी समय मॉन्ट्रियल के स्थानीय समय (America/Toronto, EST/EDT) में।

जनवरी 2019

  • 5 जनवरीरात 11:07

    बुध अस्त (17 फ़रवरी तक)†

  • 20 जनवरीसुबह 10:36

    बुध का मकर में प्रवेश

फ़रवरी 2019

  • 6 फ़रवरीरात 11:40

    बुध का कुम्भ में प्रवेश

  • 17 फ़रवरीसुबह 5:21

    बुध का उदय (अस्त समाप्त)†

  • 24 फ़रवरीरात 10:23

    बुध का मीन में प्रवेश

मार्च 2019

  • 5 मार्चदोपहर 1:18

    बुध मीन 5°32′ पर वक्री

  • 7 मार्चरात 9:39

    बुध अस्त (21 मार्च तक)†

  • 14 मार्चरात 11:29

    बुध का कुम्भ में प्रवेश (वक्री गति से)

  • 21 मार्चसुबह 7:45

    बुध का उदय (अस्त समाप्त)†

  • 28 मार्चसुबह 9:59

    बुध कुम्भ 21°58′ पर मार्गी

अप्रैल 2019

  • 11 अप्रैलशाम 6:54

    बुध का मीन में प्रवेश

मई 2019

  • 3 मईसुबह 7:33

    बुध का मेष में प्रवेश

  • 8 मईशाम 6:02

    बुध अस्त (2 जून तक)†

  • 18 मईदोपहर 2:05

    बुध का वृषभ में प्रवेश

जून 2019

  • 1 जूनदोपहर 2:47

    बुध का मिथुन में प्रवेश

  • 2 जूनसुबह 11:30

    बुध का उदय (अस्त समाप्त)†

  • 20 जूनशाम 4:57

    बुध का कर्क में प्रवेश

जुलाई 2019

  • 7 जुलाईशाम 7:13

    बुध कर्क 10°20′ पर वक्री

  • 13 जुलाईशाम 4:04

    बुध अस्त (29 जुलाई तक)†

  • 29 जुलाईसुबह 11:59

    बुध का उदय (अस्त समाप्त)†

  • 30 जुलाईरात 2:28

    बुध का मिथुन में प्रवेश (वक्री गति से)

  • 31 जुलाईरात 11:58

    बुध मिथुन 29°49′ पर मार्गी

अगस्त 2019

  • 2 अगस्तरात 8:31

    बुध का कर्क में प्रवेश

  • 20 अगस्तदोपहर 1:57

    बुध अस्त (21 सितंबर तक)†

  • 26 अगस्तसुबह 4:37

    बुध का सिंह में प्रवेश

सितंबर 2019

  • 10 सितंबरशाम 7:29

    बुध का कन्या में प्रवेश

  • 21 सितंबरदोपहर 2:44

    बुध का उदय (अस्त समाप्त)†

  • 29 सितंबररात 3:25

    बुध का तुला में प्रवेश

अक्टूबर 2019

  • 23 अक्टूबरदोपहर 1:43

    बुध का वृश्चिक में प्रवेश

  • 31 अक्टूबरसुबह 11:41

    बुध वृश्चिक 3°31′ पर वक्री

नवंबर 2019

  • 5 नवंबररात 9:36

    बुध अस्त (17 नवंबर तक)†

  • 7 नवंबरसुबह 5:24

    बुध का तुला में प्रवेश (वक्री गति से)

  • 17 नवंबरसुबह 4:05

    बुध का उदय (अस्त समाप्त)†

  • 20 नवंबरदोपहर 2:11

    बुध तुला 17°28′ पर मार्गी

दिसंबर 2019

  • 5 दिसंबररात 12:05

    बुध का वृश्चिक में प्रवेश

  • 15 दिसंबरशाम 5:25

    बुध अस्त (31 जनवरी तक)†

  • 25 दिसंबरसुबह 5:16

    बुध का धनु में प्रवेश

† परम्परा के अनुसार भिन्नता। यहाँ बुध को सूर्य से 14° (वक्री में 12°) के भीतर अस्त माना गया है (सूर्य सिद्धान्त); कुछ पंचांग अन्य सीमा या दृश्यता का नियम लेते हैं।

यह भी देखें: बुध (शब्दकोश) · गोचर 2019: सभी ग्रह · अपनी कुंडली पर गोचर

समझें

गोचर क्या है

गोचर का अर्थ है ग्रहों का चलना: आकाश में हर ग्रह राशि-चक्र में आगे बढ़ता है, और जब वह एक राशि की सीमा पार करता है तो उसे उस ग्रह का राशि परिवर्तन (संक्रमण) कहते हैं। यह पृष्ठ केवल वही बताता है कि कौन-सा ग्रह कब कहाँ है। शास्त्रीय पद्धति में गोचर को व्यक्ति की जन्म-राशि (चन्द्र राशि) से गिनकर पढ़ा जाता है; अपनी कुंडली पर आज का गोचर देखने के लिए गोचर उपकरण खोलें।

वक्री और मार्गी

पृथ्वी से देखने पर मंगल, बुध, गुरु, शुक्र और शनि कभी-कभी कुछ समय के लिए पीछे की ओर चलते दिखते हैं। इसे वक्री गति कहते हैं; जिस क्षण ग्रह रुककर मुड़ता है वह स्तम्भन (स्टेशन) है, और फिर आगे बढ़ना मार्गी होना। यह पृथ्वी और ग्रह की कक्षाओं की सापेक्ष गति का दृश्य प्रभाव है। सूर्य और चन्द्रमा कभी वक्री नहीं होते; राहु-केतु (मध्यम) सदा पीछे चलते हैं।

अस्त (दहन)

जब कोई ग्रह सूर्य के बहुत पास होता है तो सूर्य की चमक में वह दिखाई नहीं देता; ग्रंथ इसे अस्त कहते हैं, और फिर दिखने लगना उदय। सूर्य सिद्धान्त हर ग्रह के लिए दूरी की सीमा देता है। यहाँ प्रयुक्त सीमाएँ: मंगल 17°, बुध 14° (वक्री में 12°), गुरु 11°, शुक्र 10° (वक्री में 8°), शनि 15°। पंचांग गुरु और शुक्र के अस्त-काल को विवाह जैसे संस्कारों के मुहूर्त में छोड़ते हैं।

निरयण राशियाँ

भारतीय पंचांग राशियों को तारों के सापेक्ष (निरयण) गिनते हैं। पश्चिमी (सायन) राशियाँ इनसे लगभग 24° आगे हैं, इसलिए वहाँ छपी तारीखें यहाँ से लगभग तीन सप्ताह पहले की होती हैं। यहाँ लाहिरी अयनांश प्रयुक्त है।

यह गणना कैसे हुई

NASA JPL के DE421 आँकड़ों से हर ग्रह की स्पष्ट भू-केन्द्रीय स्थिति, लाहिरी अयनांश घटाकर। राशि-सीमा पार करने, गति शून्य होने और सूर्य से दूरी सीमा के बराबर होने के क्षण द्विभाजन (bisection) से एक सेकंड से कम की शुद्धता तक निकाले गए हैं। अयनांश के छोटे अन्तर से धीमे ग्रहों (विशेषकर शनि) का समय दूसरे पंचांगों से कुछ घंटे अलग हो सकता है।

पंचांग में और