पंचांग · गोचर · बुध
2022 में बुध का गोचर
2022 में बुध 13 बार राशि बदलता है: 5 मार्च को कुम्भ, 23 मार्च को मीन, 7 अप्रैल को मेष, 24 अप्रैल को वृषभ …। वक्री: 14 जनवरी, 10 मई, 9 सितंबर, 29 दिसंबर से।
सभी समय लॉस एंजेलिस के स्थानीय समय (America/Los Angeles, PST/PDT) में।
2022 में बुध किन राशियों में है
- मकर28 दिसंबर, रात 10:00 2021 → 5 मार्च, रात 9:52 2022· लगभग 2 महीने
- कुम्भ5 मार्च, रात 9:52 2022 → 23 मार्च, रात 10:27 2022· 18 दिन
- मीन23 मार्च, रात 10:27 2022 → 7 अप्रैल, रात 11:29 2022· 15 दिन
- मेष7 अप्रैल, रात 11:29 2022 → 24 अप्रैल, सुबह 11:43 2022· 17 दिन
- वृषभ24 अप्रैल, सुबह 11:43 2022 → 1 जुलाई, रात 9:14 2022· लगभग 2 महीने
- मिथुन1 जुलाई, रात 9:14 2022 → 16 जुलाई, सुबह 11:38 2022· 15 दिन
- कर्क16 जुलाई, सुबह 11:38 2022 → 31 जुलाई, दोपहर 3:13 2022· 15 दिन
- सिंह31 जुलाई, दोपहर 3:13 2022 → 20 अगस्त, दोपहर 1:32 2022· 20 दिन
- कन्या20 अगस्त, दोपहर 1:32 2022 → 26 अक्टूबर, रात 1:17 2022· लगभग 2 महीने
- तुला26 अक्टूबर, रात 1:17 2022 → 13 नवंबर, सुबह 7:49 2022· 18 दिन
- वृश्चिक13 नवंबर, सुबह 7:49 2022 → 2 दिसंबर, शाम 5:16 2022· 19 दिन
- धनु2 दिसंबर, शाम 5:16 2022 → 27 दिसंबर, दोपहर 3:28 2022· 25 दिन
- मकर27 दिसंबर, दोपहर 3:28 2022 → 30 दिसंबर, सुबह 10:42 2022· 3 दिन
- धनु(वक्री गति से प्रवेश)30 दिसंबर, सुबह 10:42 2022 → 6 फ़रवरी, शाम 5:57 2023· 38 दिन
तारीखवार
सभी समय लॉस एंजेलिस के स्थानीय समय (America/Los Angeles, PST/PDT) में।
जनवरी 2022
14 जनवरीरात 3:41
बुध मकर 16°11′ पर वक्री
17 जनवरीसुबह 5:39
बुध अस्त (28 जनवरी तक)†
28 जनवरीदोपहर 3:37
बुध का उदय (अस्त समाप्त)†
फ़रवरी 2022
3 फ़रवरीरात 8:13
बुध मकर 0°13′ पर मार्गी
मार्च 2022
5 मार्चरात 9:52
बुध का कुम्भ में प्रवेश
18 मार्चरात 3:48
बुध अस्त (15 अप्रैल तक)†
23 मार्चरात 10:27
बुध का मीन में प्रवेश
अप्रैल 2022
7 अप्रैलरात 11:29
बुध का मेष में प्रवेश
15 अप्रैलरात 11:13
बुध का उदय (अस्त समाप्त)†
24 अप्रैलसुबह 11:43
बुध का वृषभ में प्रवेश
मई 2022
10 मईसुबह 4:46
बुध वृषभ 10°41′ पर वक्री
13 मईरात 12:30
बुध अस्त (29 मई तक)†
29 मईरात 8:07
बुध का उदय (अस्त समाप्त)†
जून 2022
3 जूनरात 1:01
बुध वृषभ 1°55′ पर मार्गी
जुलाई 2022
1 जुलाईरात 9:14
बुध का मिथुन में प्रवेश
4 जुलाईसुबह 4:59
बुध अस्त (29 जुलाई तक)†
16 जुलाईसुबह 11:38
बुध का कर्क में प्रवेश
29 जुलाईरात 9:17
बुध का उदय (अस्त समाप्त)†
31 जुलाईदोपहर 3:13
बुध का सिंह में प्रवेश
अगस्त 2022
20 अगस्तदोपहर 1:32
बुध का कन्या में प्रवेश
सितंबर 2022
9 सितंबररात 8:37
बुध कन्या 14°45′ पर वक्री
16 सितंबररात 8:50
बुध अस्त (29 सितंबर तक)†
29 सितंबरदोपहर 2:41
बुध का उदय (अस्त समाप्त)†
अक्टूबर 2022
2 अक्टूबररात 2:07
बुध कन्या 0°02′ पर मार्गी
18 अक्टूबरसुबह 7:12
बुध अस्त (4 दिसंबर तक)†
26 अक्टूबररात 1:17
बुध का तुला में प्रवेश
नवंबर 2022
13 नवंबरसुबह 7:49
बुध का वृश्चिक में प्रवेश
दिसंबर 2022
2 दिसंबरशाम 5:16
बुध का धनु में प्रवेश
4 दिसंबररात 1:13
बुध का उदय (अस्त समाप्त)†
27 दिसंबरदोपहर 3:28
बुध का मकर में प्रवेश
29 दिसंबररात 1:31
बुध मकर 0°11′ पर वक्री
30 दिसंबरसुबह 10:42
बुध का धनु में प्रवेश (वक्री गति से)
† परम्परा के अनुसार भिन्नता। यहाँ बुध को सूर्य से 14° (वक्री में 12°) के भीतर अस्त माना गया है (सूर्य सिद्धान्त); कुछ पंचांग अन्य सीमा या दृश्यता का नियम लेते हैं।
यह भी देखें: बुध (शब्दकोश) · गोचर 2022: सभी ग्रह · अपनी कुंडली पर गोचर
समझें
गोचर क्या है
गोचर का अर्थ है ग्रहों का चलना: आकाश में हर ग्रह राशि-चक्र में आगे बढ़ता है, और जब वह एक राशि की सीमा पार करता है तो उसे उस ग्रह का राशि परिवर्तन (संक्रमण) कहते हैं। यह पृष्ठ केवल वही बताता है कि कौन-सा ग्रह कब कहाँ है। शास्त्रीय पद्धति में गोचर को व्यक्ति की जन्म-राशि (चन्द्र राशि) से गिनकर पढ़ा जाता है; अपनी कुंडली पर आज का गोचर देखने के लिए गोचर उपकरण खोलें।
वक्री और मार्गी
पृथ्वी से देखने पर मंगल, बुध, गुरु, शुक्र और शनि कभी-कभी कुछ समय के लिए पीछे की ओर चलते दिखते हैं। इसे वक्री गति कहते हैं; जिस क्षण ग्रह रुककर मुड़ता है वह स्तम्भन (स्टेशन) है, और फिर आगे बढ़ना मार्गी होना। यह पृथ्वी और ग्रह की कक्षाओं की सापेक्ष गति का दृश्य प्रभाव है। सूर्य और चन्द्रमा कभी वक्री नहीं होते; राहु-केतु (मध्यम) सदा पीछे चलते हैं।
अस्त (दहन)
जब कोई ग्रह सूर्य के बहुत पास होता है तो सूर्य की चमक में वह दिखाई नहीं देता; ग्रंथ इसे अस्त कहते हैं, और फिर दिखने लगना उदय। सूर्य सिद्धान्त हर ग्रह के लिए दूरी की सीमा देता है। यहाँ प्रयुक्त सीमाएँ: मंगल 17°, बुध 14° (वक्री में 12°), गुरु 11°, शुक्र 10° (वक्री में 8°), शनि 15°। पंचांग गुरु और शुक्र के अस्त-काल को विवाह जैसे संस्कारों के मुहूर्त में छोड़ते हैं।
निरयण राशियाँ
भारतीय पंचांग राशियों को तारों के सापेक्ष (निरयण) गिनते हैं। पश्चिमी (सायन) राशियाँ इनसे लगभग 24° आगे हैं, इसलिए वहाँ छपी तारीखें यहाँ से लगभग तीन सप्ताह पहले की होती हैं। यहाँ लाहिरी अयनांश प्रयुक्त है।
यह गणना कैसे हुई
NASA JPL के DE421 आँकड़ों से हर ग्रह की स्पष्ट भू-केन्द्रीय स्थिति, लाहिरी अयनांश घटाकर। राशि-सीमा पार करने, गति शून्य होने और सूर्य से दूरी सीमा के बराबर होने के क्षण द्विभाजन (bisection) से एक सेकंड से कम की शुद्धता तक निकाले गए हैं। अयनांश के छोटे अन्तर से धीमे ग्रहों (विशेषकर शनि) का समय दूसरे पंचांगों से कुछ घंटे अलग हो सकता है।
पंचांग में और
- आजआज के पाँच अंग, शुभ-अशुभ समय और चौघड़िया।
- मासिक कैलेंडरपूरे मास की तिथियाँ, नक्षत्र और पर्व।
- पर्व और व्रतवर्ष भर के पर्व, व्रत, एकादशी और पूर्णिमा।
- मुहूर्त खोजेंरोज़ के कामों के लिए शुभ समय, कारण सहित।
- चौघड़ियादिन-रात के आठ-आठ भाग, अभी कौन-सा चल रहा है।
- राहु कालआज का राहु काल, गुलिक और यमगण्ड।
- पंचकआने वाले महीनों के पंचक, और ग्रंथ इनके बारे में क्या कहते हैं।
- भद्राभद्रा (विष्टि करण) कब है और उसका वास कहाँ है।
- संक्रान्तिवर्ष की बारह संक्रान्तियाँ, समय और पुण्य काल सहित।
- ग्रहणवर्ष के सूर्य और चन्द्र ग्रहण, स्पर्श-मोक्ष के समय और सूतक।
- तिथि परिवर्तककिसी भी अंग्रेज़ी तारीख की हिन्दू तिथि।
- जन्म तिथिअपनी जन्म तिथि और अगले वर्षों की तारीखें।
- नामाक्षरनक्षत्र-पद के अनुसार नाम के आरम्भिक अक्षर।
