पंचांग · गोचर · बुध
2024 में बुध का गोचर
2024 में बुध 16 बार राशि बदलता है: 8 जनवरी को धनु, 1 फ़रवरी को मकर, 20 फ़रवरी को कुम्भ, 7 मार्च को मीन …। वक्री: 2 अप्रैल, 5 अगस्त, 26 नवंबर से।
सभी समय वेलिंगटन के स्थानीय समय (Pacific/Auckland, NZDT/NZST) में।
2024 में बुध किन राशियों में है
- वृश्चिक(वक्री गति से प्रवेश)28 दिसंबर, शाम 6:29 2023 → 8 जनवरी, सुबह 4:40 2024· 10 दिन
- धनु8 जनवरी, सुबह 4:40 2024 → 1 फ़रवरी, रात 9:50 2024· 25 दिन
- मकर1 फ़रवरी, रात 9:50 2024 → 20 फ़रवरी, दोपहर 1:29 2024· 19 दिन
- कुम्भ20 फ़रवरी, दोपहर 1:29 2024 → 7 मार्च, शाम 5:03 2024· 16 दिन
- मीन7 मार्च, शाम 5:03 2024 → 26 मार्च, सुबह 10:22 2024· 19 दिन
- मेष26 मार्च, सुबह 10:22 2024 → 10 अप्रैल, सुबह 4:16 2024· 15 दिन
- मीन(वक्री गति से प्रवेश)10 अप्रैल, सुबह 4:16 2024 → 11 मई, रात 1:18 2024· 31 दिन
- मेष11 मई, रात 1:18 2024 → 31 मई, शाम 6:43 2024· 21 दिन
- वृषभ31 मई, शाम 6:43 2024 → 15 जून, सुबह 5:33 2024· 14 दिन
- मिथुन15 जून, सुबह 5:33 2024 → 29 जून, शाम 6:51 2024· 15 दिन
- कर्क29 जून, शाम 6:51 2024 → 20 जुलाई, रात 3:05 2024· 20 दिन
- सिंह20 जुलाई, रात 3:05 2024 → 22 अगस्त, दोपहर 1:14 2024· 33 दिन
- कर्क(वक्री गति से प्रवेश)22 अगस्त, दोपहर 1:14 2024 → 4 सितंबर, शाम 6:05 2024· 13 दिन
- सिंह4 सितंबर, शाम 6:05 2024 → 23 सितंबर, शाम 4:38 2024· 19 दिन
- कन्या23 सितंबर, शाम 4:38 2024 → 10 अक्टूबर, शाम 6:46 2024· 17 दिन
- तुला10 अक्टूबर, शाम 6:46 2024 → 30 अक्टूबर, सुबह 6:05 2024· 19 दिन
- वृश्चिक30 अक्टूबर, सुबह 6:05 2024 → 4 जनवरी, शाम 7:31 2025· लगभग 2 महीने
तारीखवार
सभी समय वेलिंगटन के स्थानीय समय (Pacific/Auckland, NZDT/NZST) में।
जनवरी 2024
2 जनवरीशाम 4:07
बुध वृश्चिक 27°59′ पर मार्गी
8 जनवरीसुबह 4:40
बुध का धनु में प्रवेश
फ़रवरी 2024
1 फ़रवरीरात 9:50
बुध का मकर में प्रवेश
9 फ़रवरीसुबह 4:58
बुध अस्त (15 मार्च तक)†
20 फ़रवरीदोपहर 1:29
बुध का कुम्भ में प्रवेश
मार्च 2024
7 मार्चशाम 5:03
बुध का मीन में प्रवेश
15 मार्चसुबह 8:47
बुध का उदय (अस्त समाप्त)†
26 मार्चसुबह 10:22
बुध का मेष में प्रवेश
अप्रैल 2024
2 अप्रैलसुबह 11:14
बुध मेष 3°02′ पर वक्री
4 अप्रैलशाम 6:04
बुध अस्त (19 अप्रैल तक)†
10 अप्रैलसुबह 4:16
बुध का मीन में प्रवेश (वक्री गति से)
19 अप्रैलशाम 4:51
बुध का उदय (अस्त समाप्त)†
26 अप्रैलरात 12:54
बुध मीन 21°47′ पर मार्गी
मई 2024
11 मईरात 1:18
बुध का मेष में प्रवेश
31 मईशाम 6:43
बुध का वृषभ में प्रवेश
जून 2024
3 जूनरात 12:49
बुध अस्त (27 जून तक)†
15 जूनसुबह 5:33
बुध का मिथुन में प्रवेश
27 जूनसुबह 10:57
बुध का उदय (अस्त समाप्त)†
29 जूनशाम 6:51
बुध का कर्क में प्रवेश
जुलाई 2024
20 जुलाईरात 3:05
बुध का सिंह में प्रवेश
अगस्त 2024
5 अगस्तशाम 4:55
बुध सिंह 9°55′ पर वक्री
12 अगस्तशाम 4:24
बुध अस्त (27 अगस्त तक)†
22 अगस्तदोपहर 1:14
बुध का कर्क में प्रवेश (वक्री गति से)
27 अगस्तरात 12:49
बुध का उदय (अस्त समाप्त)†
29 अगस्तसुबह 9:14
बुध कर्क 27°13′ पर मार्गी
सितंबर 2024
4 सितंबरशाम 6:05
बुध का सिंह में प्रवेश
14 सितंबरशाम 7:24
बुध अस्त (23 अक्टूबर तक)†
23 सितंबरशाम 4:38
बुध का कन्या में प्रवेश
अक्टूबर 2024
10 अक्टूबरशाम 6:46
बुध का तुला में प्रवेश
23 अक्टूबररात 2:33
बुध का उदय (अस्त समाप्त)†
30 अक्टूबरसुबह 6:05
बुध का वृश्चिक में प्रवेश
नवंबर 2024
26 नवंबरदोपहर 3:42
बुध वृश्चिक 28°28′ पर वक्री
दिसंबर 2024
1 दिसंबररात 3:52
बुध अस्त (12 दिसंबर तक)†
12 दिसंबररात 3:17
बुध का उदय (अस्त समाप्त)†
16 दिसंबरसुबह 9:56
बुध वृश्चिक 12°11′ पर मार्गी
† परम्परा के अनुसार भिन्नता। यहाँ बुध को सूर्य से 14° (वक्री में 12°) के भीतर अस्त माना गया है (सूर्य सिद्धान्त); कुछ पंचांग अन्य सीमा या दृश्यता का नियम लेते हैं।
यह भी देखें: बुध (शब्दकोश) · गोचर 2024: सभी ग्रह · अपनी कुंडली पर गोचर
समझें
गोचर क्या है
गोचर का अर्थ है ग्रहों का चलना: आकाश में हर ग्रह राशि-चक्र में आगे बढ़ता है, और जब वह एक राशि की सीमा पार करता है तो उसे उस ग्रह का राशि परिवर्तन (संक्रमण) कहते हैं। यह पृष्ठ केवल वही बताता है कि कौन-सा ग्रह कब कहाँ है। शास्त्रीय पद्धति में गोचर को व्यक्ति की जन्म-राशि (चन्द्र राशि) से गिनकर पढ़ा जाता है; अपनी कुंडली पर आज का गोचर देखने के लिए गोचर उपकरण खोलें।
वक्री और मार्गी
पृथ्वी से देखने पर मंगल, बुध, गुरु, शुक्र और शनि कभी-कभी कुछ समय के लिए पीछे की ओर चलते दिखते हैं। इसे वक्री गति कहते हैं; जिस क्षण ग्रह रुककर मुड़ता है वह स्तम्भन (स्टेशन) है, और फिर आगे बढ़ना मार्गी होना। यह पृथ्वी और ग्रह की कक्षाओं की सापेक्ष गति का दृश्य प्रभाव है। सूर्य और चन्द्रमा कभी वक्री नहीं होते; राहु-केतु (मध्यम) सदा पीछे चलते हैं।
अस्त (दहन)
जब कोई ग्रह सूर्य के बहुत पास होता है तो सूर्य की चमक में वह दिखाई नहीं देता; ग्रंथ इसे अस्त कहते हैं, और फिर दिखने लगना उदय। सूर्य सिद्धान्त हर ग्रह के लिए दूरी की सीमा देता है। यहाँ प्रयुक्त सीमाएँ: मंगल 17°, बुध 14° (वक्री में 12°), गुरु 11°, शुक्र 10° (वक्री में 8°), शनि 15°। पंचांग गुरु और शुक्र के अस्त-काल को विवाह जैसे संस्कारों के मुहूर्त में छोड़ते हैं।
निरयण राशियाँ
भारतीय पंचांग राशियों को तारों के सापेक्ष (निरयण) गिनते हैं। पश्चिमी (सायन) राशियाँ इनसे लगभग 24° आगे हैं, इसलिए वहाँ छपी तारीखें यहाँ से लगभग तीन सप्ताह पहले की होती हैं। यहाँ लाहिरी अयनांश प्रयुक्त है।
यह गणना कैसे हुई
NASA JPL के DE421 आँकड़ों से हर ग्रह की स्पष्ट भू-केन्द्रीय स्थिति, लाहिरी अयनांश घटाकर। राशि-सीमा पार करने, गति शून्य होने और सूर्य से दूरी सीमा के बराबर होने के क्षण द्विभाजन (bisection) से एक सेकंड से कम की शुद्धता तक निकाले गए हैं। अयनांश के छोटे अन्तर से धीमे ग्रहों (विशेषकर शनि) का समय दूसरे पंचांगों से कुछ घंटे अलग हो सकता है।
पंचांग में और
- आजआज के पाँच अंग, शुभ-अशुभ समय और चौघड़िया।
- मासिक कैलेंडरपूरे मास की तिथियाँ, नक्षत्र और पर्व।
- पर्व और व्रतवर्ष भर के पर्व, व्रत, एकादशी और पूर्णिमा।
- मुहूर्त खोजेंरोज़ के कामों के लिए शुभ समय, कारण सहित।
- चौघड़ियादिन-रात के आठ-आठ भाग, अभी कौन-सा चल रहा है।
- राहु कालआज का राहु काल, गुलिक और यमगण्ड।
- पंचकआने वाले महीनों के पंचक, और ग्रंथ इनके बारे में क्या कहते हैं।
- भद्राभद्रा (विष्टि करण) कब है और उसका वास कहाँ है।
- संक्रान्तिवर्ष की बारह संक्रान्तियाँ, समय और पुण्य काल सहित।
- ग्रहणवर्ष के सूर्य और चन्द्र ग्रहण, स्पर्श-मोक्ष के समय और सूतक।
- तिथि परिवर्तककिसी भी अंग्रेज़ी तारीख की हिन्दू तिथि।
- जन्म तिथिअपनी जन्म तिथि और अगले वर्षों की तारीखें।
- नामाक्षरनक्षत्र-पद के अनुसार नाम के आरम्भिक अक्षर।
