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School of Vedic Sciences, FORE

पंचांग · गोचर · बुध

2027 में बुध का गोचर

2027 में बुध 16 बार राशि बदलता है: 9 जनवरी को मकर, 27 जनवरी को कुम्भ, 23 फ़रवरी को मकर (वक्री, पीछे की ओर), 11 मार्च को कुम्भ …। वक्री: 9 फ़रवरी, 10 जून, 7 अक्टूबर से।

सभी समय सैन फ़्रांसिस्को के स्थानीय समय (America/Los Angeles, PST/PDT) में।

2027 में बुध किन राशियों में है

  1. धनु21 दिसंबर, शाम 6:03 2026 → 9 जनवरी, सुबह 11:01 2027· 19 दिन
  2. मकर9 जनवरी, सुबह 11:01 2027 → 27 जनवरी, दोपहर 1:57 2027· 18 दिन
  3. कुम्भ27 जनवरी, दोपहर 1:57 2027 → 23 फ़रवरी, दोपहर 3:22 2027· 27 दिन
  4. मकर(वक्री गति से प्रवेश)23 फ़रवरी, दोपहर 3:22 2027 → 11 मार्च, दोपहर 3:22 2027· 16 दिन
  5. कुम्भ11 मार्च, दोपहर 3:22 2027 → 5 अप्रैल, रात 3:40 2027· 24 दिन
  6. मीन5 अप्रैल, रात 3:40 2027 → 21 अप्रैल, शाम 7:37 2027· 17 दिन
  7. मेष21 अप्रैल, शाम 7:37 2027 → 6 मई, रात 12:01 2027· 14 दिन
  8. वृषभ6 मई, रात 12:01 2027 → 23 मई, सुबह 5:54 2027· 17 दिन
  9. मिथुन23 मई, सुबह 5:54 2027 → 30 जुलाई, सुबह 5:55 2027· लगभग 2 महीने
  10. कर्क30 जुलाई, सुबह 5:55 2027 → 13 अगस्त, रात 11:17 2027· 15 दिन
  11. सिंह13 अगस्त, रात 11:17 2027 → 30 अगस्त, दोपहर 1:23 2027· 17 दिन
  12. कन्या30 अगस्त, दोपहर 1:23 2027 → 21 सितंबर, सुबह 5:40 2027· 22 दिन
  13. तुला21 सितंबर, सुबह 5:40 2027 → 20 अक्टूबर, शाम 7:51 2027· 30 दिन
  14. कन्या(वक्री गति से प्रवेश)20 अक्टूबर, शाम 7:51 2027 → 5 नवंबर, सुबह 4:31 2027· 15 दिन
  15. तुला5 नवंबर, सुबह 4:31 2027 → 25 नवंबर, सुबह 10:52 2027· 20 दिन
  16. वृश्चिक25 नवंबर, सुबह 10:52 2027 → 14 दिसंबर, दोपहर 12:29 2027· 19 दिन
  17. धनु14 दिसंबर, दोपहर 12:29 2027 → 2 जनवरी, सुबह 7:17 2028· 19 दिन

तारीखवार

सभी समय सैन फ़्रांसिस्को के स्थानीय समय (America/Los Angeles, PST/PDT) में।

जनवरी 2027

  • 9 जनवरीसुबह 11:01

    बुध का मकर में प्रवेश

  • 23 जनवरीसुबह 5:21

    बुध का उदय (अस्त समाप्त)†

  • 27 जनवरीदोपहर 1:57

    बुध का कुम्भ में प्रवेश

फ़रवरी 2027

  • 9 फ़रवरीसुबह 9:35

    बुध कुम्भ 11°45′ पर वक्री

  • 12 फ़रवरीरात 12:05

    बुध अस्त (24 फ़रवरी तक)†

  • 23 फ़रवरीदोपहर 3:22

    बुध का मकर में प्रवेश (वक्री गति से)

  • 24 फ़रवरीसुबह 5:55

    बुध का उदय (अस्त समाप्त)†

मार्च 2027

  • 3 मार्चसुबह 4:32

    बुध मकर 26°41′ पर मार्गी

  • 11 मार्चदोपहर 3:22

    बुध का कुम्भ में प्रवेश

अप्रैल 2027

  • 5 अप्रैलरात 3:40

    बुध का मीन में प्रवेश

  • 14 अप्रैलरात 11:47

    बुध अस्त (11 मई तक)†

  • 21 अप्रैलशाम 7:37

    बुध का मेष में प्रवेश

मई 2027

  • 6 मईरात 12:01

    बुध का वृषभ में प्रवेश

  • 11 मईरात 12:12

    बुध का उदय (अस्त समाप्त)†

  • 23 मईसुबह 5:54

    बुध का मिथुन में प्रवेश

जून 2027

  • 10 जूनसुबह 11:14

    बुध मिथुन 12°07′ पर वक्री

  • 14 जूनशाम 5:00

    बुध अस्त (1 जुलाई तक)†

जुलाई 2027

  • 1 जुलाईदोपहर 1:59

    बुध का उदय (अस्त समाप्त)†

  • 4 जुलाईदोपहर 12:40

    बुध मिथुन 3°14′ पर मार्गी

  • 29 जुलाईरात 2:27

    बुध अस्त (26 अगस्त तक)†

  • 30 जुलाईसुबह 5:55

    बुध का कर्क में प्रवेश

अगस्त 2027

  • 13 अगस्तरात 11:17

    बुध का सिंह में प्रवेश

  • 26 अगस्तसुबह 7:16

    बुध का उदय (अस्त समाप्त)†

  • 30 अगस्तदोपहर 1:23

    बुध का कन्या में प्रवेश

सितंबर 2027

  • 21 सितंबरसुबह 5:40

    बुध का तुला में प्रवेश

अक्टूबर 2027

  • 7 अक्टूबरसुबह 7:36

    बुध तुला 10°41′ पर वक्री

  • 13 अक्टूबरदोपहर 2:57

    बुध अस्त (25 अक्टूबर तक)†

  • 20 अक्टूबरशाम 7:51

    बुध का कन्या में प्रवेश (वक्री गति से)

  • 25 अक्टूबरसुबह 10:45

    बुध का उदय (अस्त समाप्त)†

  • 28 अक्टूबरसुबह 7:10

    बुध कन्या 25°04′ पर मार्गी

नवंबर 2027

  • 5 नवंबरसुबह 4:31

    बुध का तुला में प्रवेश

  • 16 नवंबरदोपहर 3:17

    बुध अस्त (4 जनवरी तक)†

  • 25 नवंबरसुबह 10:52

    बुध का वृश्चिक में प्रवेश

दिसंबर 2027

  • 14 दिसंबरदोपहर 12:29

    बुध का धनु में प्रवेश

† परम्परा के अनुसार भिन्नता। यहाँ बुध को सूर्य से 14° (वक्री में 12°) के भीतर अस्त माना गया है (सूर्य सिद्धान्त); कुछ पंचांग अन्य सीमा या दृश्यता का नियम लेते हैं।

यह भी देखें: बुध (शब्दकोश) · गोचर 2027: सभी ग्रह · अपनी कुंडली पर गोचर

समझें

गोचर क्या है

गोचर का अर्थ है ग्रहों का चलना: आकाश में हर ग्रह राशि-चक्र में आगे बढ़ता है, और जब वह एक राशि की सीमा पार करता है तो उसे उस ग्रह का राशि परिवर्तन (संक्रमण) कहते हैं। यह पृष्ठ केवल वही बताता है कि कौन-सा ग्रह कब कहाँ है। शास्त्रीय पद्धति में गोचर को व्यक्ति की जन्म-राशि (चन्द्र राशि) से गिनकर पढ़ा जाता है; अपनी कुंडली पर आज का गोचर देखने के लिए गोचर उपकरण खोलें।

वक्री और मार्गी

पृथ्वी से देखने पर मंगल, बुध, गुरु, शुक्र और शनि कभी-कभी कुछ समय के लिए पीछे की ओर चलते दिखते हैं। इसे वक्री गति कहते हैं; जिस क्षण ग्रह रुककर मुड़ता है वह स्तम्भन (स्टेशन) है, और फिर आगे बढ़ना मार्गी होना। यह पृथ्वी और ग्रह की कक्षाओं की सापेक्ष गति का दृश्य प्रभाव है। सूर्य और चन्द्रमा कभी वक्री नहीं होते; राहु-केतु (मध्यम) सदा पीछे चलते हैं।

अस्त (दहन)

जब कोई ग्रह सूर्य के बहुत पास होता है तो सूर्य की चमक में वह दिखाई नहीं देता; ग्रंथ इसे अस्त कहते हैं, और फिर दिखने लगना उदय। सूर्य सिद्धान्त हर ग्रह के लिए दूरी की सीमा देता है। यहाँ प्रयुक्त सीमाएँ: मंगल 17°, बुध 14° (वक्री में 12°), गुरु 11°, शुक्र 10° (वक्री में 8°), शनि 15°। पंचांग गुरु और शुक्र के अस्त-काल को विवाह जैसे संस्कारों के मुहूर्त में छोड़ते हैं।

निरयण राशियाँ

भारतीय पंचांग राशियों को तारों के सापेक्ष (निरयण) गिनते हैं। पश्चिमी (सायन) राशियाँ इनसे लगभग 24° आगे हैं, इसलिए वहाँ छपी तारीखें यहाँ से लगभग तीन सप्ताह पहले की होती हैं। यहाँ लाहिरी अयनांश प्रयुक्त है।

यह गणना कैसे हुई

NASA JPL के DE421 आँकड़ों से हर ग्रह की स्पष्ट भू-केन्द्रीय स्थिति, लाहिरी अयनांश घटाकर। राशि-सीमा पार करने, गति शून्य होने और सूर्य से दूरी सीमा के बराबर होने के क्षण द्विभाजन (bisection) से एक सेकंड से कम की शुद्धता तक निकाले गए हैं। अयनांश के छोटे अन्तर से धीमे ग्रहों (विशेषकर शनि) का समय दूसरे पंचांगों से कुछ घंटे अलग हो सकता है।

पंचांग में और