पंचांग · गोचर · बुध
2032 में बुध का गोचर
2032 में बुध 17 बार राशि बदलता है: 2 जनवरी को धनु, 21 जनवरी को मकर, 8 फ़रवरी को कुम्भ, 25 फ़रवरी को मीन …। वक्री: 7 मार्च, 9 जुलाई, 2 नवंबर से।
सभी समय पोर्ट ऑफ़ स्पेन के स्थानीय समय (America/Port of Spain, AST) में।
2032 में बुध किन राशियों में है
- वृश्चिक27 अक्टूबर, दोपहर 3:55 2031 → 2 जनवरी, सुबह 7:38 2032· लगभग 2 महीने
- धनु2 जनवरी, सुबह 7:38 2032 → 21 जनवरी, रात 10:42 2032· 20 दिन
- मकर21 जनवरी, रात 10:42 2032 → 8 फ़रवरी, दोपहर 1:02 2032· 18 दिन
- कुम्भ8 फ़रवरी, दोपहर 1:02 2032 → 25 फ़रवरी, रात 8:48 2032· 17 दिन
- मीन25 फ़रवरी, रात 8:48 2032 → 19 मार्च, शाम 7:03 2032· 23 दिन
- कुम्भ(वक्री गति से प्रवेश)19 मार्च, शाम 7:03 2032 → 10 अप्रैल, रात 8:37 2032· 22 दिन
- मीन10 अप्रैल, रात 8:37 2032 → 3 मई, शाम 5:24 2032· 23 दिन
- मेष3 मई, शाम 5:24 2032 → 19 मई, सुबह 5:41 2032· 16 दिन
- वृषभ19 मई, सुबह 5:41 2032 → 2 जून, सुबह 4:22 2032· 14 दिन
- मिथुन2 जून, सुबह 4:22 2032 → 20 जून, सुबह 9:11 2032· 18 दिन
- कर्क20 जून, सुबह 9:11 2032 → 26 अगस्त, शाम 6:03 2032· लगभग 2 महीने
- सिंह26 अगस्त, शाम 6:03 2032 → 11 सितंबर, सुबह 8:46 2032· 16 दिन
- कन्या11 सितंबर, सुबह 8:46 2032 → 29 सितंबर, दोपहर 12:12 2032· 18 दिन
- तुला29 सितंबर, दोपहर 12:12 2032 → 22 अक्टूबर, शाम 5:56 2032· 23 दिन
- वृश्चिक22 अक्टूबर, शाम 5:56 2032 → 11 नवंबर, रात 2:43 2032· 19 दिन
- तुला(वक्री गति से प्रवेश)11 नवंबर, रात 2:43 2032 → 5 दिसंबर, रात 2:47 2032· 24 दिन
- वृश्चिक5 दिसंबर, रात 2:47 2032 → 25 दिसंबर, शाम 4:18 2032· 21 दिन
- धनु25 दिसंबर, शाम 4:18 2032 → 13 जनवरी, दोपहर 1:35 2033· 19 दिन
तारीखवार
सभी समय पोर्ट ऑफ़ स्पेन के स्थानीय समय (America/Port of Spain, AST) में।
जनवरी 2032
2 जनवरीसुबह 7:38
बुध का धनु में प्रवेश
9 जनवरीदोपहर 1:40
बुध अस्त (20 फ़रवरी तक)†
21 जनवरीरात 10:42
बुध का मकर में प्रवेश
फ़रवरी 2032
8 फ़रवरीदोपहर 1:02
बुध का कुम्भ में प्रवेश
20 फ़रवरीरात 3:20
बुध का उदय (अस्त समाप्त)†
25 फ़रवरीरात 8:48
बुध का मीन में प्रवेश
मार्च 2032
7 मार्चदोपहर 12:21
बुध मीन 8°05′ पर वक्री
9 मार्चरात 8:19
बुध अस्त (23 मार्च तक)†
19 मार्चशाम 7:03
बुध का कुम्भ में प्रवेश (वक्री गति से)
23 मार्चसुबह 8:47
बुध का उदय (अस्त समाप्त)†
30 मार्चसुबह 10:29
बुध कुम्भ 24°44′ पर मार्गी
अप्रैल 2032
10 अप्रैलरात 8:37
बुध का मीन में प्रवेश
मई 2032
3 मईशाम 5:24
बुध का मेष में प्रवेश
10 मईदोपहर 12:41
बुध अस्त (4 जून तक)†
19 मईसुबह 5:41
बुध का वृषभ में प्रवेश
जून 2032
2 जूनसुबह 4:22
बुध का मिथुन में प्रवेश
4 जूनसुबह 4:18
बुध का उदय (अस्त समाप्त)†
20 जूनसुबह 9:11
बुध का कर्क में प्रवेश
जुलाई 2032
9 जुलाईरात 10:32
बुध कर्क 13°14′ पर वक्री
15 जुलाईरात 10:51
बुध अस्त (31 जुलाई तक)†
31 जुलाईदोपहर 3:28
बुध का उदय (अस्त समाप्त)†
अगस्त 2032
3 अगस्तरात 2:52
बुध कर्क 2°31′ पर मार्गी
22 अगस्तसुबह 7:01
बुध अस्त (23 सितंबर तक)†
26 अगस्तशाम 6:03
बुध का सिंह में प्रवेश
सितंबर 2032
11 सितंबरसुबह 8:46
बुध का कन्या में प्रवेश
23 सितंबरशाम 7:47
बुध का उदय (अस्त समाप्त)†
29 सितंबरदोपहर 12:12
बुध का तुला में प्रवेश
अक्टूबर 2032
22 अक्टूबरशाम 5:56
बुध का वृश्चिक में प्रवेश
नवंबर 2032
2 नवंबरसुबह 7:56
बुध वृश्चिक 5°54′ पर वक्री
7 नवंबरशाम 4:40
बुध अस्त (18 नवंबर तक)†
11 नवंबररात 2:43
बुध का तुला में प्रवेश (वक्री गति से)
18 नवंबररात 10:09
बुध का उदय (अस्त समाप्त)†
22 नवंबरसुबह 10:01
बुध तुला 19°49′ पर मार्गी
दिसंबर 2032
5 दिसंबररात 2:47
बुध का वृश्चिक में प्रवेश
18 दिसंबरसुबह 6:50
बुध अस्त (2 फ़रवरी तक)†
25 दिसंबरशाम 4:18
बुध का धनु में प्रवेश
† परम्परा के अनुसार भिन्नता। यहाँ बुध को सूर्य से 14° (वक्री में 12°) के भीतर अस्त माना गया है (सूर्य सिद्धान्त); कुछ पंचांग अन्य सीमा या दृश्यता का नियम लेते हैं।
यह भी देखें: बुध (शब्दकोश) · गोचर 2032: सभी ग्रह · अपनी कुंडली पर गोचर
समझें
गोचर क्या है
गोचर का अर्थ है ग्रहों का चलना: आकाश में हर ग्रह राशि-चक्र में आगे बढ़ता है, और जब वह एक राशि की सीमा पार करता है तो उसे उस ग्रह का राशि परिवर्तन (संक्रमण) कहते हैं। यह पृष्ठ केवल वही बताता है कि कौन-सा ग्रह कब कहाँ है। शास्त्रीय पद्धति में गोचर को व्यक्ति की जन्म-राशि (चन्द्र राशि) से गिनकर पढ़ा जाता है; अपनी कुंडली पर आज का गोचर देखने के लिए गोचर उपकरण खोलें।
वक्री और मार्गी
पृथ्वी से देखने पर मंगल, बुध, गुरु, शुक्र और शनि कभी-कभी कुछ समय के लिए पीछे की ओर चलते दिखते हैं। इसे वक्री गति कहते हैं; जिस क्षण ग्रह रुककर मुड़ता है वह स्तम्भन (स्टेशन) है, और फिर आगे बढ़ना मार्गी होना। यह पृथ्वी और ग्रह की कक्षाओं की सापेक्ष गति का दृश्य प्रभाव है। सूर्य और चन्द्रमा कभी वक्री नहीं होते; राहु-केतु (मध्यम) सदा पीछे चलते हैं।
अस्त (दहन)
जब कोई ग्रह सूर्य के बहुत पास होता है तो सूर्य की चमक में वह दिखाई नहीं देता; ग्रंथ इसे अस्त कहते हैं, और फिर दिखने लगना उदय। सूर्य सिद्धान्त हर ग्रह के लिए दूरी की सीमा देता है। यहाँ प्रयुक्त सीमाएँ: मंगल 17°, बुध 14° (वक्री में 12°), गुरु 11°, शुक्र 10° (वक्री में 8°), शनि 15°। पंचांग गुरु और शुक्र के अस्त-काल को विवाह जैसे संस्कारों के मुहूर्त में छोड़ते हैं।
निरयण राशियाँ
भारतीय पंचांग राशियों को तारों के सापेक्ष (निरयण) गिनते हैं। पश्चिमी (सायन) राशियाँ इनसे लगभग 24° आगे हैं, इसलिए वहाँ छपी तारीखें यहाँ से लगभग तीन सप्ताह पहले की होती हैं। यहाँ लाहिरी अयनांश प्रयुक्त है।
यह गणना कैसे हुई
NASA JPL के DE421 आँकड़ों से हर ग्रह की स्पष्ट भू-केन्द्रीय स्थिति, लाहिरी अयनांश घटाकर। राशि-सीमा पार करने, गति शून्य होने और सूर्य से दूरी सीमा के बराबर होने के क्षण द्विभाजन (bisection) से एक सेकंड से कम की शुद्धता तक निकाले गए हैं। अयनांश के छोटे अन्तर से धीमे ग्रहों (विशेषकर शनि) का समय दूसरे पंचांगों से कुछ घंटे अलग हो सकता है।
पंचांग में और
- आजआज के पाँच अंग, शुभ-अशुभ समय और चौघड़िया।
- मासिक कैलेंडरपूरे मास की तिथियाँ, नक्षत्र और पर्व।
- पर्व और व्रतवर्ष भर के पर्व, व्रत, एकादशी और पूर्णिमा।
- मुहूर्त खोजेंरोज़ के कामों के लिए शुभ समय, कारण सहित।
- चौघड़ियादिन-रात के आठ-आठ भाग, अभी कौन-सा चल रहा है।
- राहु कालआज का राहु काल, गुलिक और यमगण्ड।
- पंचकआने वाले महीनों के पंचक, और ग्रंथ इनके बारे में क्या कहते हैं।
- भद्राभद्रा (विष्टि करण) कब है और उसका वास कहाँ है।
- संक्रान्तिवर्ष की बारह संक्रान्तियाँ, समय और पुण्य काल सहित।
- ग्रहणवर्ष के सूर्य और चन्द्र ग्रहण, स्पर्श-मोक्ष के समय और सूतक।
- तिथि परिवर्तककिसी भी अंग्रेज़ी तारीख की हिन्दू तिथि।
- जन्म तिथिअपनी जन्म तिथि और अगले वर्षों की तारीखें।
- नामाक्षरनक्षत्र-पद के अनुसार नाम के आरम्भिक अक्षर।
