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School of Vedic Sciences, FORE

पंचांग · गोचर · बुध

2036 में बुध का गोचर

2036 में बुध 15 बार राशि बदलता है: 6 जनवरी को धनु (वक्री, पीछे की ओर), 7 फ़रवरी को मकर, 28 फ़रवरी को कुम्भ, 16 मार्च को मीन …। वक्री: 23 अप्रैल, 25 अगस्त, 14 दिसंबर से।

सभी समय सैन होज़े के स्थानीय समय (America/Los Angeles, PST/PDT) में।

2036 में बुध किन राशियों में है

  1. मकर26 दिसंबर, सुबह 5:29 2035 → 6 जनवरी, रात 12:11 2036· 11 दिन
  2. धनु(वक्री गति से प्रवेश)6 जनवरी, रात 12:11 2036 → 7 फ़रवरी, शाम 6:08 2036· 33 दिन
  3. मकर7 फ़रवरी, शाम 6:08 2036 → 28 फ़रवरी, दोपहर 1:54 2036· 21 दिन
  4. कुम्भ28 फ़रवरी, दोपहर 1:54 2036 → 16 मार्च, दोपहर 12:20 2036· 17 दिन
  5. मीन16 मार्च, दोपहर 12:20 2036 → 31 मार्च, दोपहर 1:51 2036· 15 दिन
  6. मेष31 मार्च, दोपहर 1:51 2036 → 7 जून, सुबह 7:11 2036· लगभग 2 महीने
  7. वृषभ7 जून, सुबह 7:11 2036 → 24 जून, दोपहर 3:09 2036· 17 दिन
  8. मिथुन24 जून, दोपहर 3:09 2036 → 8 जुलाई, दोपहर 2:48 2036· 14 दिन
  9. कर्क8 जुलाई, दोपहर 2:48 2036 → 24 जुलाई, रात 11:41 2036· 16 दिन
  10. सिंह24 जुलाई, रात 11:41 2036 → 23 अगस्त, रात 2:39 2036· 29 दिन
  11. कन्या23 अगस्त, रात 2:39 2036 → 27 अगस्त, रात 9:19 2036· 5 दिन
  12. सिंह(वक्री गति से प्रवेश)27 अगस्त, रात 9:19 2036 → 1 अक्टूबर, शाम 4:34 2036· 35 दिन
  13. कन्या1 अक्टूबर, शाम 4:34 2036 → 19 अक्टूबर, रात 1:03 2036· 17 दिन
  14. तुला19 अक्टूबर, रात 1:03 2036 → 6 नवंबर, दोपहर 1:15 2036· 19 दिन
  15. वृश्चिक6 नवंबर, दोपहर 1:15 2036 → 26 नवंबर, रात 8:05 2036· 20 दिन
  16. धनु26 नवंबर, रात 8:05 2036 → 1 फ़रवरी, सुबह 8:45 2037· लगभग 2 महीने

तारीखवार

सभी समय सैन होज़े के स्थानीय समय (America/Los Angeles, PST/PDT) में।

जनवरी 2036

  • 4 जनवरीसुबह 6:22

    बुध अस्त (15 जनवरी तक)†

  • 6 जनवरीरात 12:11

    बुध का धनु में प्रवेश (वक्री गति से)

  • 15 जनवरीसुबह 9:53

    बुध का उदय (अस्त समाप्त)†

  • 21 जनवरीरात 1:42

    बुध धनु 16°23′ पर मार्गी

फ़रवरी 2036

  • 7 फ़रवरीशाम 6:08

    बुध का मकर में प्रवेश

  • 28 फ़रवरीदोपहर 1:54

    बुध का कुम्भ में प्रवेश

मार्च 2036

  • 1 मार्चरात 11:13

    बुध अस्त (2 अप्रैल तक)†

  • 16 मार्चदोपहर 12:20

    बुध का मीन में प्रवेश

  • 31 मार्चदोपहर 1:51

    बुध का मेष में प्रवेश

अप्रैल 2036

  • 2 अप्रैलरात 2:10

    बुध का उदय (अस्त समाप्त)†

  • 23 अप्रैलसुबह 6:17

    बुध मेष 24°16′ पर वक्री

  • 25 अप्रैलशाम 5:11

    बुध अस्त (11 मई तक)†

मई 2036

  • 11 मईरात 9:28

    बुध का उदय (अस्त समाप्त)†

  • 17 मईरात 1:30

    बुध मेष 14°41′ पर मार्गी

जून 2036

  • 7 जूनसुबह 7:11

    बुध का वृषभ में प्रवेश

  • 20 जूनसुबह 11:32

    बुध अस्त (15 जुलाई तक)†

  • 24 जूनदोपहर 3:09

    बुध का मिथुन में प्रवेश

जुलाई 2036

  • 8 जुलाईदोपहर 2:48

    बुध का कर्क में प्रवेश

  • 15 जुलाईसुबह 9:16

    बुध का उदय (अस्त समाप्त)†

  • 24 जुलाईरात 11:41

    बुध का सिंह में प्रवेश

अगस्त 2036

  • 23 अगस्तरात 2:39

    बुध का कन्या में प्रवेश

  • 25 अगस्तदोपहर 12:47

    बुध कन्या 0°16′ पर वक्री

  • 27 अगस्तरात 9:19

    बुध का सिंह में प्रवेश (वक्री गति से)

सितंबर 2036

  • 1 सितंबरशाम 4:28

    बुध अस्त (15 सितंबर तक)†

  • 15 सितंबररात 1:20

    बुध का उदय (अस्त समाप्त)†

  • 17 सितंबरसुबह 10:20

    बुध सिंह 16°16′ पर मार्गी

अक्टूबर 2036

  • 1 अक्टूबरशाम 4:34

    बुध का कन्या में प्रवेश

  • 3 अक्टूबरसुबह 4:54

    बुध अस्त (15 नवंबर तक)†

  • 19 अक्टूबररात 1:03

    बुध का तुला में प्रवेश

नवंबर 2036

  • 6 नवंबरदोपहर 1:15

    बुध का वृश्चिक में प्रवेश

  • 15 नवंबरदोपहर 3:40

    बुध का उदय (अस्त समाप्त)†

  • 26 नवंबररात 8:05

    बुध का धनु में प्रवेश

दिसंबर 2036

  • 14 दिसंबरशाम 6:05

    बुध धनु 16°41′ पर वक्री

  • 18 दिसंबरदोपहर 3:18

    बुध अस्त (29 दिसंबर तक)†

  • 29 दिसंबरदोपहर 2:49

    बुध का उदय (अस्त समाप्त)†

† परम्परा के अनुसार भिन्नता। यहाँ बुध को सूर्य से 14° (वक्री में 12°) के भीतर अस्त माना गया है (सूर्य सिद्धान्त); कुछ पंचांग अन्य सीमा या दृश्यता का नियम लेते हैं।

यह भी देखें: बुध (शब्दकोश) · गोचर 2036: सभी ग्रह · अपनी कुंडली पर गोचर

समझें

गोचर क्या है

गोचर का अर्थ है ग्रहों का चलना: आकाश में हर ग्रह राशि-चक्र में आगे बढ़ता है, और जब वह एक राशि की सीमा पार करता है तो उसे उस ग्रह का राशि परिवर्तन (संक्रमण) कहते हैं। यह पृष्ठ केवल वही बताता है कि कौन-सा ग्रह कब कहाँ है। शास्त्रीय पद्धति में गोचर को व्यक्ति की जन्म-राशि (चन्द्र राशि) से गिनकर पढ़ा जाता है; अपनी कुंडली पर आज का गोचर देखने के लिए गोचर उपकरण खोलें।

वक्री और मार्गी

पृथ्वी से देखने पर मंगल, बुध, गुरु, शुक्र और शनि कभी-कभी कुछ समय के लिए पीछे की ओर चलते दिखते हैं। इसे वक्री गति कहते हैं; जिस क्षण ग्रह रुककर मुड़ता है वह स्तम्भन (स्टेशन) है, और फिर आगे बढ़ना मार्गी होना। यह पृथ्वी और ग्रह की कक्षाओं की सापेक्ष गति का दृश्य प्रभाव है। सूर्य और चन्द्रमा कभी वक्री नहीं होते; राहु-केतु (मध्यम) सदा पीछे चलते हैं।

अस्त (दहन)

जब कोई ग्रह सूर्य के बहुत पास होता है तो सूर्य की चमक में वह दिखाई नहीं देता; ग्रंथ इसे अस्त कहते हैं, और फिर दिखने लगना उदय। सूर्य सिद्धान्त हर ग्रह के लिए दूरी की सीमा देता है। यहाँ प्रयुक्त सीमाएँ: मंगल 17°, बुध 14° (वक्री में 12°), गुरु 11°, शुक्र 10° (वक्री में 8°), शनि 15°। पंचांग गुरु और शुक्र के अस्त-काल को विवाह जैसे संस्कारों के मुहूर्त में छोड़ते हैं।

निरयण राशियाँ

भारतीय पंचांग राशियों को तारों के सापेक्ष (निरयण) गिनते हैं। पश्चिमी (सायन) राशियाँ इनसे लगभग 24° आगे हैं, इसलिए वहाँ छपी तारीखें यहाँ से लगभग तीन सप्ताह पहले की होती हैं। यहाँ लाहिरी अयनांश प्रयुक्त है।

यह गणना कैसे हुई

NASA JPL के DE421 आँकड़ों से हर ग्रह की स्पष्ट भू-केन्द्रीय स्थिति, लाहिरी अयनांश घटाकर। राशि-सीमा पार करने, गति शून्य होने और सूर्य से दूरी सीमा के बराबर होने के क्षण द्विभाजन (bisection) से एक सेकंड से कम की शुद्धता तक निकाले गए हैं। अयनांश के छोटे अन्तर से धीमे ग्रहों (विशेषकर शनि) का समय दूसरे पंचांगों से कुछ घंटे अलग हो सकता है।

पंचांग में और