पंचांग · गोचर · चन्द्र
1971 में चन्द्र का गोचर
चन्द्रमा लगभग हर सवा दो दिन में राशि बदलता है; 1971 में 160 बार। नीचे हर प्रवेश का समय है।
1971 में चन्द्र किन राशियों में है
- मीन3 जनवरी, रात 12:51
- मेष5 जनवरी, सुबह 4:06
- वृषभ7 जनवरी, सुबह 8:53
- मिथुन9 जनवरी, दोपहर 3:27
- कर्क12 जनवरी, रात 12:11
- सिंह14 जनवरी, सुबह 11:16
- कन्या17 जनवरी, रात 12:03
- तुला19 जनवरी, दोपहर 12:36
- वृश्चिक21 जनवरी, रात 10:35
- धनु24 जनवरी, सुबह 4:43
- मकर26 जनवरी, सुबह 7:22
- कुम्भ28 जनवरी, सुबह 7:59
- मीन30 जनवरी, सुबह 8:23
- मेष1 फ़रवरी, सुबह 10:08
- वृषभ3 फ़रवरी, दोपहर 2:18
- मिथुन5 फ़रवरी, रात 9:15
- कर्क8 फ़रवरी, सुबह 6:45
- सिंह10 फ़रवरी, शाम 6:16
- कन्या13 फ़रवरी, सुबह 7:00
- तुला15 फ़रवरी, शाम 7:45
- वृश्चिक18 फ़रवरी, सुबह 6:46
- धनु20 फ़रवरी, दोपहर 2:28
- मकर22 फ़रवरी, शाम 6:20
- कुम्भ24 फ़रवरी, शाम 7:10
- मीन26 फ़रवरी, शाम 6:37
- मेष28 फ़रवरी, शाम 6:38
- वृषभ2 मार्च, रात 9:03
- मिथुन5 मार्च, रात 3:00
- कर्क7 मार्च, दोपहर 12:29
- सिंह10 मार्च, रात 12:24
- कन्या12 मार्च, दोपहर 1:17
- तुला15 मार्च, रात 1:55
- वृश्चिक17 मार्च, दोपहर 1:13
- धनु19 मार्च, रात 10:07
- मकर22 मार्च, रात 3:44
- कुम्भ24 मार्च, सुबह 6:00
- मीन26 मार्च, सुबह 5:56
- मेष28 मार्च, सुबह 5:17
- वृषभ30 मार्च, सुबह 6:09
- मिथुन1 अप्रैल, सुबह 10:23
- कर्क3 अप्रैल, शाम 6:46
- सिंह6 अप्रैल, सुबह 6:29
- कन्या8 अप्रैल, शाम 7:29
- तुला11 अप्रैल, सुबह 7:56
- वृश्चिक13 अप्रैल, शाम 6:54
- धनु16 अप्रैल, रात 3:58
- मकर18 अप्रैल, सुबह 10:40
- कुम्भ20 अप्रैल, दोपहर 2:38
- मीन22 अप्रैल, शाम 4:05
- मेष24 अप्रैल, शाम 4:08
- वृषभ26 अप्रैल, शाम 4:37
- मिथुन28 अप्रैल, शाम 7:35
- कर्क1 मई, रात 2:31
- सिंह3 मई, दोपहर 1:21
- कन्या6 मई, रात 2:11
- तुला8 मई, दोपहर 2:35
- वृश्चिक11 मई, रात 1:08
- धनु13 मई, सुबह 9:35
- मकर15 मई, शाम 4:09
- कुम्भ17 मई, रात 8:53
- मीन19 मई, रात 11:47
- मेष22 मई, रात 1:17
- वृषभ24 मई, रात 2:36
- मिथुन26 मई, सुबह 5:27
- कर्क28 मई, सुबह 11:28
- सिंह30 मई, रात 9:15
- कन्या2 जून, सुबह 9:39
- तुला4 जून, रात 10:07
- वृश्चिक7 जून, सुबह 8:34
- धनु9 जून, शाम 4:22
- मकर11 जून, रात 10:02
- कुम्भ14 जून, रात 2:16
- मीन16 जून, सुबह 5:30
- मेष18 जून, सुबह 8:07
- वृषभ20 जून, सुबह 10:45
- मिथुन22 जून, दोपहर 2:26
- कर्क24 जून, रात 8:29
- सिंह27 जून, सुबह 5:42
- कन्या29 जून, शाम 5:37
- तुला2 जुलाई, सुबह 6:12
- वृश्चिक4 जुलाई, शाम 5:02
- धनु7 जुलाई, रात 12:47
- मकर9 जुलाई, सुबह 5:41
- कुम्भ11 जुलाई, सुबह 8:43
- मीन13 जुलाई, सुबह 11:03
- मेष15 जुलाई, दोपहर 1:33
- वृषभ17 जुलाई, शाम 4:54
- मिथुन19 जुलाई, रात 9:40
- कर्क22 जुलाई, सुबह 4:29
- सिंह24 जुलाई, दोपहर 1:48
- कन्या27 जुलाई, रात 1:28
- तुला29 जुलाई, दोपहर 2:10
- वृश्चिक1 अगस्त, रात 1:42
- धनु3 अगस्त, सुबह 10:11
- मकर5 अगस्त, दोपहर 3:08
- कुम्भ7 अगस्त, शाम 5:20
- मीन9 अगस्त, शाम 6:16
- मेष11 अगस्त, शाम 7:30
- वृषभ13 अगस्त, रात 10:18
- मिथुन16 अगस्त, रात 3:24
- कर्क18 अगस्त, सुबह 11:00
- सिंह20 अगस्त, रात 8:54
- कन्या23 अगस्त, सुबह 8:40
- तुला25 अगस्त, रात 9:24
- वृश्चिक28 अगस्त, सुबह 9:35
- धनु30 अगस्त, शाम 7:17
- मकर2 सितंबर, रात 1:17
- कुम्भ4 सितंबर, रात 3:42
- मीन6 सितंबर, रात 3:50
- मेष8 सितंबर, रात 3:34
- वृषभ10 सितंबर, सुबह 4:48
- मिथुन12 सितंबर, सुबह 9:00
- कर्क14 सितंबर, शाम 4:35
- सिंह17 सितंबर, रात 2:59
- कन्या19 सितंबर, दोपहर 3:03
- तुला22 सितंबर, रात 3:48
- वृश्चिक24 सितंबर, शाम 4:12
- धनु27 सितंबर, रात 2:56
- मकर29 सितंबर, सुबह 10:31
- कुम्भ1 अक्टूबर, दोपहर 2:17
- मीन3 अक्टूबर, दोपहर 2:51
- मेष5 अक्टूबर, दोपहर 1:55
- वृषभ7 अक्टूबर, दोपहर 1:40
- मिथुन9 अक्टूबर, शाम 4:09
- कर्क11 अक्टूबर, रात 10:36
- सिंह14 अक्टूबर, सुबह 8:44
- कन्या16 अक्टूबर, रात 9:01
- तुला19 अक्टूबर, सुबह 9:48
- वृश्चिक21 अक्टूबर, रात 10:02
- धनु24 अक्टूबर, सुबह 8:59
- मकर26 अक्टूबर, शाम 5:43
- कुम्भ28 अक्टूबर, रात 11:14
- मीन31 अक्टूबर, रात 1:22
- मेष2 नवंबर, रात 1:08
- वृषभ4 नवंबर, रात 12:28
- मिथुन6 नवंबर, रात 1:35
- कर्क8 नवंबर, सुबह 6:21
- सिंह10 नवंबर, दोपहर 3:20
- कन्या13 नवंबर, रात 3:19
- तुला15 नवंबर, शाम 4:08
- वृश्चिक18 नवंबर, सुबह 4:06
- धनु20 नवंबर, दोपहर 2:34
- मकर22 नवंबर, रात 11:16
- कुम्भ25 नवंबर, सुबह 5:45
- मीन27 नवंबर, सुबह 9:36
- मेष29 नवंबर, सुबह 11:03
- वृषभ1 दिसंबर, सुबह 11:21
- मिथुन3 दिसंबर, दोपहर 12:22
- कर्क5 दिसंबर, शाम 4:01
- सिंह7 दिसंबर, रात 11:33
- कन्या10 दिसंबर, सुबह 10:38
- तुला12 दिसंबर, रात 11:19
- वृश्चिक15 दिसंबर, सुबह 11:17
- धनु17 दिसंबर, रात 9:16
- मकर20 दिसंबर, सुबह 5:07
- कुम्भ22 दिसंबर, सुबह 11:07
- मीन24 दिसंबर, दोपहर 3:27
- मेष26 दिसंबर, शाम 6:18
- वृषभ28 दिसंबर, रात 8:16
- मिथुन30 दिसंबर, रात 10:25
यह भी देखें: चन्द्र (शब्दकोश) · गोचर 1971: सभी ग्रह · अपनी कुंडली पर गोचर
समझें
गोचर क्या है
गोचर का अर्थ है ग्रहों का चलना: आकाश में हर ग्रह राशि-चक्र में आगे बढ़ता है, और जब वह एक राशि की सीमा पार करता है तो उसे उस ग्रह का राशि परिवर्तन (संक्रमण) कहते हैं। यह पृष्ठ केवल वही बताता है कि कौन-सा ग्रह कब कहाँ है। शास्त्रीय पद्धति में गोचर को व्यक्ति की जन्म-राशि (चन्द्र राशि) से गिनकर पढ़ा जाता है; अपनी कुंडली पर आज का गोचर देखने के लिए गोचर उपकरण खोलें।
वक्री और मार्गी
पृथ्वी से देखने पर मंगल, बुध, गुरु, शुक्र और शनि कभी-कभी कुछ समय के लिए पीछे की ओर चलते दिखते हैं। इसे वक्री गति कहते हैं; जिस क्षण ग्रह रुककर मुड़ता है वह स्तम्भन (स्टेशन) है, और फिर आगे बढ़ना मार्गी होना। यह पृथ्वी और ग्रह की कक्षाओं की सापेक्ष गति का दृश्य प्रभाव है। सूर्य और चन्द्रमा कभी वक्री नहीं होते; राहु-केतु (मध्यम) सदा पीछे चलते हैं।
अस्त (दहन)
जब कोई ग्रह सूर्य के बहुत पास होता है तो सूर्य की चमक में वह दिखाई नहीं देता; ग्रंथ इसे अस्त कहते हैं, और फिर दिखने लगना उदय। सूर्य सिद्धान्त हर ग्रह के लिए दूरी की सीमा देता है। यहाँ प्रयुक्त सीमाएँ: मंगल 17°, बुध 14° (वक्री में 12°), गुरु 11°, शुक्र 10° (वक्री में 8°), शनि 15°। पंचांग गुरु और शुक्र के अस्त-काल को विवाह जैसे संस्कारों के मुहूर्त में छोड़ते हैं।
निरयण राशियाँ
भारतीय पंचांग राशियों को तारों के सापेक्ष (निरयण) गिनते हैं। पश्चिमी (सायन) राशियाँ इनसे लगभग 24° आगे हैं, इसलिए वहाँ छपी तारीखें यहाँ से लगभग तीन सप्ताह पहले की होती हैं। यहाँ लाहिरी अयनांश प्रयुक्त है।
यह गणना कैसे हुई
NASA JPL के DE421 आँकड़ों से हर ग्रह की स्पष्ट भू-केन्द्रीय स्थिति, लाहिरी अयनांश घटाकर। राशि-सीमा पार करने, गति शून्य होने और सूर्य से दूरी सीमा के बराबर होने के क्षण द्विभाजन (bisection) से एक सेकंड से कम की शुद्धता तक निकाले गए हैं। अयनांश के छोटे अन्तर से धीमे ग्रहों (विशेषकर शनि) का समय दूसरे पंचांगों से कुछ घंटे अलग हो सकता है।
पंचांग में और
- आजआज के पाँच अंग, शुभ-अशुभ समय और चौघड़िया।
- मासिक कैलेंडरपूरे मास की तिथियाँ, नक्षत्र और पर्व।
- पर्व और व्रतवर्ष भर के पर्व, व्रत, एकादशी और पूर्णिमा।
- मुहूर्त खोजेंरोज़ के कामों के लिए शुभ समय, कारण सहित।
- चौघड़ियादिन-रात के आठ-आठ भाग, अभी कौन-सा चल रहा है।
- राहु कालआज का राहु काल, गुलिक और यमगण्ड।
- पंचकआने वाले महीनों के पंचक, और ग्रंथ इनके बारे में क्या कहते हैं।
- भद्राभद्रा (विष्टि करण) कब है और उसका वास कहाँ है।
- संक्रान्तिवर्ष की बारह संक्रान्तियाँ, समय और पुण्य काल सहित।
- ग्रहणवर्ष के सूर्य और चन्द्र ग्रहण, स्पर्श-मोक्ष के समय और सूतक।
- तिथि परिवर्तककिसी भी अंग्रेज़ी तारीख की हिन्दू तिथि।
- जन्म तिथिअपनी जन्म तिथि और अगले वर्षों की तारीखें।
- नामाक्षरनक्षत्र-पद के अनुसार नाम के आरम्भिक अक्षर।
