पंचांग · गोचर · चन्द्र
1989 में चन्द्र का गोचर
चन्द्रमा लगभग हर सवा दो दिन में राशि बदलता है; 1989 में 160 बार। नीचे हर प्रवेश का समय है।
1989 में चन्द्र किन राशियों में है
- तुला1 जनवरी, दोपहर 2:32
- वृश्चिक4 जनवरी, रात 12:53
- धनु6 जनवरी, सुबह 7:39
- मकर8 जनवरी, सुबह 11:23
- कुम्भ10 जनवरी, दोपहर 1:32
- मीन12 जनवरी, दोपहर 3:31
- मेष14 जनवरी, शाम 6:16
- वृषभ16 जनवरी, रात 10:19
- मिथुन19 जनवरी, रात 3:56
- कर्क21 जनवरी, सुबह 11:33
- सिंह23 जनवरी, रात 9:33
- कन्या26 जनवरी, सुबह 9:43
- तुला28 जनवरी, रात 10:38
- वृश्चिक31 जनवरी, सुबह 9:57
- धनु2 फ़रवरी, शाम 5:46
- मकर4 फ़रवरी, रात 9:48
- कुम्भ6 फ़रवरी, रात 11:10
- मीन8 फ़रवरी, रात 11:35
- मेष11 फ़रवरी, रात 12:42
- वृषभ13 फ़रवरी, रात 3:48
- मिथुन15 फ़रवरी, सुबह 9:32
- कर्क17 फ़रवरी, शाम 5:54
- सिंह20 फ़रवरी, सुबह 4:31
- कन्या22 फ़रवरी, शाम 4:47
- तुला25 फ़रवरी, सुबह 5:42
- वृश्चिक27 फ़रवरी, शाम 5:41
- धनु2 मार्च, रात 2:55
- मकर4 मार्च, सुबह 8:21
- कुम्भ6 मार्च, सुबह 10:19
- मीन8 मार्च, सुबह 10:09
- मेष10 मार्च, सुबह 9:45
- वृषभ12 मार्च, सुबह 11:03
- मिथुन14 मार्च, दोपहर 3:28
- कर्क16 मार्च, रात 11:31
- सिंह19 मार्च, सुबह 10:31
- कन्या21 मार्च, रात 11:06
- तुला24 मार्च, सुबह 11:57
- वृश्चिक27 मार्च, रात 12:00
- धनु29 मार्च, सुबह 10:05
- मकर31 मार्च, शाम 5:08
- कुम्भ2 अप्रैल, रात 8:41
- मीन4 अप्रैल, रात 9:22
- मेष6 अप्रैल, रात 8:40
- वृषभ8 अप्रैल, रात 8:39
- मिथुन10 अप्रैल, रात 11:20
- कर्क13 अप्रैल, सुबह 6:00
- सिंह15 अप्रैल, शाम 4:31
- कन्या18 अप्रैल, सुबह 5:12
- तुला20 अप्रैल, शाम 6:03
- वृश्चिक23 अप्रैल, सुबह 5:48
- धनु25 अप्रैल, दोपहर 3:49
- मकर27 अप्रैल, रात 11:39
- कुम्भ30 अप्रैल, सुबह 4:46
- मीन2 मई, सुबह 7:04
- मेष4 मई, सुबह 7:23
- वृषभ6 मई, सुबह 7:20
- मिथुन8 मई, सुबह 8:59
- कर्क10 मई, दोपहर 2:10
- सिंह12 मई, रात 11:31
- कन्या15 मई, सुबह 11:48
- तुला18 मई, रात 12:39
- वृश्चिक20 मई, दोपहर 12:08
- धनु22 मई, रात 9:35
- मकर25 मई, सुबह 5:06
- कुम्भ27 मई, सुबह 10:43
- मीन29 मई, दोपहर 2:20
- मेष31 मई, शाम 4:10
- वृषभ2 जून, शाम 5:12
- मिथुन4 जून, शाम 7:02
- कर्क6 जून, रात 11:29
- सिंह9 जून, सुबह 7:43
- कन्या11 जून, शाम 7:16
- तुला14 जून, सुबह 8:01
- वृश्चिक16 जून, शाम 7:31
- धनु19 जून, सुबह 4:32
- मकर21 जून, सुबह 11:12
- कुम्भ23 जून, शाम 4:09
- मीन25 जून, शाम 7:52
- मेष27 जून, रात 10:40
- वृषभ30 जून, रात 1:02
- मिथुन2 जुलाई, रात 3:56
- कर्क4 जुलाई, सुबह 8:41
- सिंह6 जुलाई, शाम 4:27
- कन्या9 जुलाई, रात 3:21
- तुला11 जुलाई, दोपहर 3:57
- वृश्चिक14 जुलाई, रात 3:46
- धनु16 जुलाई, दोपहर 12:55
- मकर18 जुलाई, शाम 7:03
- कुम्भ20 जुलाई, रात 10:55
- मीन23 जुलाई, रात 1:36
- मेष25 जुलाई, सुबह 4:02
- वृषभ27 जुलाई, सुबह 6:57
- मिथुन29 जुलाई, सुबह 10:55
- कर्क31 जुलाई, शाम 4:38
- सिंह3 अगस्त, रात 12:42
- कन्या5 अगस्त, सुबह 11:22
- तुला7 अगस्त, रात 11:50
- वृश्चिक10 अगस्त, दोपहर 12:07
- धनु12 अगस्त, रात 10:03
- मकर15 अगस्त, सुबह 4:29
- कुम्भ17 अगस्त, सुबह 7:47
- मीन19 अगस्त, सुबह 9:12
- मेष21 अगस्त, सुबह 10:17
- वृषभ23 अगस्त, दोपहर 12:24
- मिथुन25 अगस्त, शाम 4:29
- कर्क27 अगस्त, रात 10:57
- सिंह30 अगस्त, सुबह 7:47
- कन्या1 सितंबर, शाम 6:42
- तुला4 सितंबर, सुबह 7:07
- वृश्चिक6 सितंबर, शाम 7:46
- धनु9 सितंबर, सुबह 6:44
- मकर11 सितंबर, दोपहर 2:21
- कुम्भ13 सितंबर, शाम 6:10
- मीन15 सितंबर, शाम 7:05
- मेष17 सितंबर, शाम 6:49
- वृषभ19 सितंबर, शाम 7:19
- मिथुन21 सितंबर, रात 10:15
- कर्क24 सितंबर, सुबह 4:27
- सिंह26 सितंबर, दोपहर 1:43
- कन्या29 सितंबर, रात 1:07
- तुला1 अक्टूबर, दोपहर 1:37
- वृश्चिक4 अक्टूबर, रात 2:20
- धनु6 अक्टूबर, दोपहर 2:01
- मकर8 अक्टूबर, रात 11:05
- कुम्भ11 अक्टूबर, सुबह 4:26
- मीन13 अक्टूबर, सुबह 6:07
- मेष15 अक्टूबर, सुबह 5:31
- वृषभ17 अक्टूबर, सुबह 4:44
- मिथुन19 अक्टूबर, सुबह 5:55
- कर्क21 अक्टूबर, सुबह 10:42
- सिंह23 अक्टूबर, शाम 7:26
- कन्या26 अक्टूबर, सुबह 7:00
- तुला28 अक्टूबर, शाम 7:41
- वृश्चिक31 अक्टूबर, सुबह 8:16
- धनु2 नवंबर, शाम 7:57
- मकर5 नवंबर, सुबह 5:51
- कुम्भ7 नवंबर, दोपहर 12:49
- मीन9 नवंबर, शाम 4:16
- मेष11 नवंबर, शाम 4:43
- वृषभ13 नवंबर, दोपहर 3:53
- मिथुन15 नवंबर, दोपहर 3:57
- कर्क17 नवंबर, शाम 7:01
- सिंह20 नवंबर, रात 2:18
- कन्या22 नवंबर, दोपहर 1:15
- तुला25 नवंबर, रात 1:58
- वृश्चिक27 नवंबर, दोपहर 2:27
- धनु30 नवंबर, रात 1:42
- मकर2 दिसंबर, सुबह 11:21
- कुम्भ4 दिसंबर, शाम 6:57
- मीन6 दिसंबर, रात 11:56
- मेष9 दिसंबर, रात 2:13
- वृषभ11 दिसंबर, रात 2:40
- मिथुन13 दिसंबर, रात 3:00
- कर्क15 दिसंबर, सुबह 5:14
- सिंह17 दिसंबर, सुबह 11:01
- कन्या19 दिसंबर, रात 8:45
- तुला22 दिसंबर, सुबह 9:03
- वृश्चिक24 दिसंबर, रात 9:35
- धनु27 दिसंबर, सुबह 8:34
- मकर29 दिसंबर, शाम 5:27
यह भी देखें: चन्द्र (शब्दकोश) · गोचर 1989: सभी ग्रह · अपनी कुंडली पर गोचर
समझें
गोचर क्या है
गोचर का अर्थ है ग्रहों का चलना: आकाश में हर ग्रह राशि-चक्र में आगे बढ़ता है, और जब वह एक राशि की सीमा पार करता है तो उसे उस ग्रह का राशि परिवर्तन (संक्रमण) कहते हैं। यह पृष्ठ केवल वही बताता है कि कौन-सा ग्रह कब कहाँ है। शास्त्रीय पद्धति में गोचर को व्यक्ति की जन्म-राशि (चन्द्र राशि) से गिनकर पढ़ा जाता है; अपनी कुंडली पर आज का गोचर देखने के लिए गोचर उपकरण खोलें।
वक्री और मार्गी
पृथ्वी से देखने पर मंगल, बुध, गुरु, शुक्र और शनि कभी-कभी कुछ समय के लिए पीछे की ओर चलते दिखते हैं। इसे वक्री गति कहते हैं; जिस क्षण ग्रह रुककर मुड़ता है वह स्तम्भन (स्टेशन) है, और फिर आगे बढ़ना मार्गी होना। यह पृथ्वी और ग्रह की कक्षाओं की सापेक्ष गति का दृश्य प्रभाव है। सूर्य और चन्द्रमा कभी वक्री नहीं होते; राहु-केतु (मध्यम) सदा पीछे चलते हैं।
अस्त (दहन)
जब कोई ग्रह सूर्य के बहुत पास होता है तो सूर्य की चमक में वह दिखाई नहीं देता; ग्रंथ इसे अस्त कहते हैं, और फिर दिखने लगना उदय। सूर्य सिद्धान्त हर ग्रह के लिए दूरी की सीमा देता है। यहाँ प्रयुक्त सीमाएँ: मंगल 17°, बुध 14° (वक्री में 12°), गुरु 11°, शुक्र 10° (वक्री में 8°), शनि 15°। पंचांग गुरु और शुक्र के अस्त-काल को विवाह जैसे संस्कारों के मुहूर्त में छोड़ते हैं।
निरयण राशियाँ
भारतीय पंचांग राशियों को तारों के सापेक्ष (निरयण) गिनते हैं। पश्चिमी (सायन) राशियाँ इनसे लगभग 24° आगे हैं, इसलिए वहाँ छपी तारीखें यहाँ से लगभग तीन सप्ताह पहले की होती हैं। यहाँ लाहिरी अयनांश प्रयुक्त है।
यह गणना कैसे हुई
NASA JPL के DE421 आँकड़ों से हर ग्रह की स्पष्ट भू-केन्द्रीय स्थिति, लाहिरी अयनांश घटाकर। राशि-सीमा पार करने, गति शून्य होने और सूर्य से दूरी सीमा के बराबर होने के क्षण द्विभाजन (bisection) से एक सेकंड से कम की शुद्धता तक निकाले गए हैं। अयनांश के छोटे अन्तर से धीमे ग्रहों (विशेषकर शनि) का समय दूसरे पंचांगों से कुछ घंटे अलग हो सकता है।
पंचांग में और
- आजआज के पाँच अंग, शुभ-अशुभ समय और चौघड़िया।
- मासिक कैलेंडरपूरे मास की तिथियाँ, नक्षत्र और पर्व।
- पर्व और व्रतवर्ष भर के पर्व, व्रत, एकादशी और पूर्णिमा।
- मुहूर्त खोजेंरोज़ के कामों के लिए शुभ समय, कारण सहित।
- चौघड़ियादिन-रात के आठ-आठ भाग, अभी कौन-सा चल रहा है।
- राहु कालआज का राहु काल, गुलिक और यमगण्ड।
- पंचकआने वाले महीनों के पंचक, और ग्रंथ इनके बारे में क्या कहते हैं।
- भद्राभद्रा (विष्टि करण) कब है और उसका वास कहाँ है।
- संक्रान्तिवर्ष की बारह संक्रान्तियाँ, समय और पुण्य काल सहित।
- ग्रहणवर्ष के सूर्य और चन्द्र ग्रहण, स्पर्श-मोक्ष के समय और सूतक।
- तिथि परिवर्तककिसी भी अंग्रेज़ी तारीख की हिन्दू तिथि।
- जन्म तिथिअपनी जन्म तिथि और अगले वर्षों की तारीखें।
- नामाक्षरनक्षत्र-पद के अनुसार नाम के आरम्भिक अक्षर।
