पंचांग · गोचर · चन्द्र
1994 में चन्द्र का गोचर
चन्द्रमा लगभग हर सवा दो दिन में राशि बदलता है; 1994 में 161 बार। नीचे हर प्रवेश का समय है।
सभी समय वैंकूवर के स्थानीय समय (America/Vancouver, PST/PDT) में।
1994 में चन्द्र किन राशियों में है
- सिंह1 जनवरी, रात 1:30
- कन्या3 जनवरी, सुबह 4:54
- तुला5 जनवरी, सुबह 7:53
- वृश्चिक7 जनवरी, सुबह 10:55
- धनु9 जनवरी, दोपहर 2:26
- मकर11 जनवरी, शाम 7:12
- कुम्भ14 जनवरी, रात 2:15
- मीन16 जनवरी, दोपहर 12:17
- मेष19 जनवरी, रात 12:42
- वृषभ21 जनवरी, दोपहर 1:14
- मिथुन23 जनवरी, रात 11:18
- कर्क26 जनवरी, सुबह 5:44
- सिंह28 जनवरी, सुबह 9:11
- कन्या30 जनवरी, सुबह 11:12
- तुला1 फ़रवरी, दोपहर 1:18
- वृश्चिक3 फ़रवरी, शाम 4:27
- धनु5 फ़रवरी, रात 8:57
- मकर8 फ़रवरी, रात 2:52
- कुम्भ10 फ़रवरी, सुबह 10:32
- मीन12 फ़रवरी, रात 8:29
- मेष15 फ़रवरी, सुबह 8:39
- वृषभ17 फ़रवरी, रात 9:35
- मिथुन20 फ़रवरी, सुबह 8:38
- कर्क22 फ़रवरी, दोपहर 3:51
- सिंह24 फ़रवरी, शाम 7:09
- कन्या26 फ़रवरी, रात 8:03
- तुला28 फ़रवरी, रात 8:32
- वृश्चिक2 मार्च, रात 10:17
- धनु5 मार्च, रात 2:17
- मकर7 मार्च, सुबह 8:41
- कुम्भ9 मार्च, शाम 5:10
- मीन12 मार्च, रात 3:36
- मेष14 मार्च, दोपहर 3:48
- वृषभ17 मार्च, सुबह 4:51
- मिथुन19 मार्च, शाम 4:48
- कर्क22 मार्च, रात 1:25
- सिंह24 मार्च, सुबह 5:49
- कन्या26 मार्च, सुबह 6:51
- तुला28 मार्च, सुबह 6:22
- वृश्चिक30 मार्च, सुबह 6:27
- धनु1 अप्रैल, सुबह 8:47
- मकर3 अप्रैल, दोपहर 3:15
- कुम्भ5 अप्रैल, रात 11:47
- मीन8 अप्रैल, सुबह 10:41
- मेष10 अप्रैल, रात 11:08
- वृषभ13 अप्रैल, दोपहर 12:10
- मिथुन16 अप्रैल, रात 12:25
- कर्क18 अप्रैल, सुबह 10:12
- सिंह20 अप्रैल, शाम 4:14
- कन्या22 अप्रैल, शाम 6:34
- तुला24 अप्रैल, शाम 6:29
- वृश्चिक26 अप्रैल, शाम 5:51
- धनु28 अप्रैल, शाम 6:37
- मकर30 अप्रैल, रात 10:22
- कुम्भ3 मई, सुबह 5:49
- मीन5 मई, शाम 4:32
- मेष8 मई, सुबह 5:09
- वृषभ10 मई, शाम 6:08
- मिथुन13 मई, सुबह 6:12
- कर्क15 मई, शाम 4:15
- सिंह17 मई, रात 11:27
- कन्या20 मई, रात 3:28
- तुला22 मई, सुबह 4:49
- वृश्चिक24 मई, सुबह 4:47
- धनु26 मई, सुबह 5:03
- मकर28 मई, सुबह 7:26
- कुम्भ30 मई, दोपहर 1:22
- मीन1 जून, रात 11:08
- मेष4 जून, सुबह 11:33
- वृषभ7 जून, रात 12:31
- मिथुन9 जून, दोपहर 12:13
- कर्क11 जून, रात 9:49
- सिंह14 जून, सुबह 5:05
- कन्या16 जून, सुबह 10:04
- तुला18 जून, दोपहर 12:59
- वृश्चिक20 जून, दोपहर 2:23
- धनु22 जून, दोपहर 3:21
- मकर24 जून, शाम 5:28
- कुम्भ26 जून, रात 10:18
- मीन29 जून, सुबह 6:54
- मेष1 जुलाई, शाम 6:44
- वृषभ4 जुलाई, सुबह 7:40
- मिथुन6 जुलाई, शाम 7:14
- कर्क9 जुलाई, सुबह 4:13
- सिंह11 जुलाई, सुबह 10:44
- कन्या13 जुलाई, दोपहर 3:28
- तुला15 जुलाई, शाम 7:00
- वृश्चिक17 जुलाई, रात 9:42
- धनु20 जुलाई, रात 12:02
- मकर22 जुलाई, रात 2:54
- कुम्भ24 जुलाई, सुबह 7:38
- मीन26 जुलाई, दोपहर 3:29
- मेष29 जुलाई, रात 2:38
- वृषभ31 जुलाई, दोपहर 3:29
- मिथुन3 अगस्त, रात 3:18
- कर्क5 अगस्त, दोपहर 12:08
- सिंह7 अगस्त, शाम 5:51
- कन्या9 अगस्त, रात 9:31
- तुला12 अगस्त, रात 12:23
- वृश्चिक14 अगस्त, रात 3:17
- धनु16 अगस्त, सुबह 6:34
- मकर18 अगस्त, सुबह 10:37
- कुम्भ20 अगस्त, शाम 4:05
- मीन22 अगस्त, रात 11:57
- मेष25 अगस्त, सुबह 10:43
- वृषभ27 अगस्त, रात 11:28
- मिथुन30 अगस्त, सुबह 11:47
- कर्क1 सितंबर, रात 9:11
- सिंह4 सितंबर, रात 2:50
- कन्या6 सितंबर, सुबह 5:37
- तुला8 सितंबर, सुबह 7:09
- वृश्चिक10 सितंबर, सुबह 8:57
- धनु12 सितंबर, सुबह 11:57
- मकर14 सितंबर, शाम 4:34
- कुम्भ16 सितंबर, रात 10:59
- मीन19 सितंबर, सुबह 7:29
- मेष21 सितंबर, शाम 6:19
- वृषभ24 सितंबर, सुबह 7:00
- मिथुन26 सितंबर, शाम 7:48
- कर्क29 सितंबर, सुबह 6:15
- सिंह1 अक्टूबर, दोपहर 12:50
- कन्या3 अक्टूबर, दोपहर 3:43
- तुला5 अक्टूबर, शाम 4:22
- वृश्चिक7 अक्टूबर, शाम 4:39
- धनु9 अक्टूबर, शाम 6:11
- मकर11 अक्टूबर, रात 10:03
- कुम्भ14 अक्टूबर, सुबह 4:39
- मीन16 अक्टूबर, दोपहर 1:48
- मेष19 अक्टूबर, रात 1:04
- वृषभ21 अक्टूबर, दोपहर 1:47
- मिथुन24 अक्टूबर, रात 2:44
- कर्क26 अक्टूबर, दोपहर 2:08
- सिंह28 अक्टूबर, रात 10:13
- कन्या31 अक्टूबर, रात 1:23
- तुला2 नवंबर, रात 2:24
- वृश्चिक4 नवंबर, रात 1:55
- धनु6 नवंबर, रात 1:51
- मकर8 नवंबर, सुबह 4:00
- कुम्भ10 नवंबर, सुबह 9:31
- मीन12 नवंबर, शाम 6:32
- मेष15 नवंबर, सुबह 6:10
- वृषभ17 नवंबर, शाम 7:02
- मिथुन20 नवंबर, सुबह 7:51
- कर्क22 नवंबर, शाम 7:27
- सिंह25 नवंबर, सुबह 4:40
- कन्या27 नवंबर, सुबह 10:37
- तुला29 नवंबर, दोपहर 1:13
- वृश्चिक1 दिसंबर, दोपहर 1:23
- धनु3 दिसंबर, दोपहर 12:47
- मकर5 दिसंबर, दोपहर 1:26
- कुम्भ7 दिसंबर, शाम 5:10
- मीन10 दिसंबर, रात 12:59
- मेष12 दिसंबर, दोपहर 12:20
- वृषभ15 दिसंबर, रात 1:20
- मिथुन17 दिसंबर, दोपहर 2:00
- कर्क20 दिसंबर, रात 1:10
- सिंह22 दिसंबर, सुबह 10:25
- कन्या24 दिसंबर, शाम 5:23
- तुला26 दिसंबर, रात 9:45
- वृश्चिक28 दिसंबर, रात 11:39
- धनु30 दिसंबर, रात 11:59
यह भी देखें: चन्द्र (शब्दकोश) · गोचर 1994: सभी ग्रह · अपनी कुंडली पर गोचर
समझें
गोचर क्या है
गोचर का अर्थ है ग्रहों का चलना: आकाश में हर ग्रह राशि-चक्र में आगे बढ़ता है, और जब वह एक राशि की सीमा पार करता है तो उसे उस ग्रह का राशि परिवर्तन (संक्रमण) कहते हैं। यह पृष्ठ केवल वही बताता है कि कौन-सा ग्रह कब कहाँ है। शास्त्रीय पद्धति में गोचर को व्यक्ति की जन्म-राशि (चन्द्र राशि) से गिनकर पढ़ा जाता है; अपनी कुंडली पर आज का गोचर देखने के लिए गोचर उपकरण खोलें।
वक्री और मार्गी
पृथ्वी से देखने पर मंगल, बुध, गुरु, शुक्र और शनि कभी-कभी कुछ समय के लिए पीछे की ओर चलते दिखते हैं। इसे वक्री गति कहते हैं; जिस क्षण ग्रह रुककर मुड़ता है वह स्तम्भन (स्टेशन) है, और फिर आगे बढ़ना मार्गी होना। यह पृथ्वी और ग्रह की कक्षाओं की सापेक्ष गति का दृश्य प्रभाव है। सूर्य और चन्द्रमा कभी वक्री नहीं होते; राहु-केतु (मध्यम) सदा पीछे चलते हैं।
अस्त (दहन)
जब कोई ग्रह सूर्य के बहुत पास होता है तो सूर्य की चमक में वह दिखाई नहीं देता; ग्रंथ इसे अस्त कहते हैं, और फिर दिखने लगना उदय। सूर्य सिद्धान्त हर ग्रह के लिए दूरी की सीमा देता है। यहाँ प्रयुक्त सीमाएँ: मंगल 17°, बुध 14° (वक्री में 12°), गुरु 11°, शुक्र 10° (वक्री में 8°), शनि 15°। पंचांग गुरु और शुक्र के अस्त-काल को विवाह जैसे संस्कारों के मुहूर्त में छोड़ते हैं।
निरयण राशियाँ
भारतीय पंचांग राशियों को तारों के सापेक्ष (निरयण) गिनते हैं। पश्चिमी (सायन) राशियाँ इनसे लगभग 24° आगे हैं, इसलिए वहाँ छपी तारीखें यहाँ से लगभग तीन सप्ताह पहले की होती हैं। यहाँ लाहिरी अयनांश प्रयुक्त है।
यह गणना कैसे हुई
NASA JPL के DE421 आँकड़ों से हर ग्रह की स्पष्ट भू-केन्द्रीय स्थिति, लाहिरी अयनांश घटाकर। राशि-सीमा पार करने, गति शून्य होने और सूर्य से दूरी सीमा के बराबर होने के क्षण द्विभाजन (bisection) से एक सेकंड से कम की शुद्धता तक निकाले गए हैं। अयनांश के छोटे अन्तर से धीमे ग्रहों (विशेषकर शनि) का समय दूसरे पंचांगों से कुछ घंटे अलग हो सकता है।
पंचांग में और
- आजआज के पाँच अंग, शुभ-अशुभ समय और चौघड़िया।
- मासिक कैलेंडरपूरे मास की तिथियाँ, नक्षत्र और पर्व।
- पर्व और व्रतवर्ष भर के पर्व, व्रत, एकादशी और पूर्णिमा।
- मुहूर्त खोजेंरोज़ के कामों के लिए शुभ समय, कारण सहित।
- चौघड़ियादिन-रात के आठ-आठ भाग, अभी कौन-सा चल रहा है।
- राहु कालआज का राहु काल, गुलिक और यमगण्ड।
- पंचकआने वाले महीनों के पंचक, और ग्रंथ इनके बारे में क्या कहते हैं।
- भद्राभद्रा (विष्टि करण) कब है और उसका वास कहाँ है।
- संक्रान्तिवर्ष की बारह संक्रान्तियाँ, समय और पुण्य काल सहित।
- ग्रहणवर्ष के सूर्य और चन्द्र ग्रहण, स्पर्श-मोक्ष के समय और सूतक।
- तिथि परिवर्तककिसी भी अंग्रेज़ी तारीख की हिन्दू तिथि।
- जन्म तिथिअपनी जन्म तिथि और अगले वर्षों की तारीखें।
- नामाक्षरनक्षत्र-पद के अनुसार नाम के आरम्भिक अक्षर।
