पंचांग · गोचर · चन्द्र
1995 में चन्द्र का गोचर
चन्द्रमा लगभग हर सवा दो दिन में राशि बदलता है; 1995 में 160 बार। नीचे हर प्रवेश का समय है।
1995 में चन्द्र किन राशियों में है
- मकर2 जनवरी, दोपहर 1:54
- कुम्भ4 जनवरी, शाम 4:25
- मीन6 जनवरी, रात 10:39
- मेष9 जनवरी, सुबह 8:59
- वृषभ11 जनवरी, रात 9:47
- मिथुन14 जनवरी, सुबह 10:28
- कर्क16 जनवरी, रात 9:13
- सिंह19 जनवरी, सुबह 5:42
- कन्या21 जनवरी, दोपहर 12:17
- तुला23 जनवरी, शाम 5:15
- वृश्चिक25 जनवरी, रात 8:38
- धनु27 जनवरी, रात 10:40
- मकर30 जनवरी, रात 12:12
- कुम्भ1 फ़रवरी, रात 2:48
- मीन3 फ़रवरी, सुबह 8:10
- मेष5 फ़रवरी, शाम 5:21
- वृषभ8 फ़रवरी, सुबह 5:34
- मिथुन10 फ़रवरी, शाम 6:22
- कर्क13 फ़रवरी, सुबह 5:11
- सिंह15 फ़रवरी, दोपहर 1:06
- कन्या17 फ़रवरी, शाम 6:37
- तुला19 फ़रवरी, रात 10:43
- वृश्चिक22 फ़रवरी, रात 2:07
- धनु24 फ़रवरी, सुबह 5:07
- मकर26 फ़रवरी, सुबह 8:06
- कुम्भ28 फ़रवरी, सुबह 11:50
- मीन2 मार्च, शाम 5:31
- मेष5 मार्च, रात 2:11
- वृषभ7 मार्च, दोपहर 1:49
- मिथुन10 मार्च, रात 2:39
- कर्क12 मार्च, दोपहर 2:02
- सिंह14 मार्च, रात 10:12
- कन्या17 मार्च, रात 3:08
- तुला19 मार्च, सुबह 5:58
- वृश्चिक21 मार्च, सुबह 8:04
- धनु23 मार्च, सुबह 10:28
- मकर25 मार्च, दोपहर 1:51
- कुम्भ27 मार्च, शाम 6:38
- मीन30 मार्च, रात 1:19
- मेष1 अप्रैल, सुबह 10:20
- वृषभ3 अप्रैल, रात 9:46
- मिथुन6 अप्रैल, सुबह 10:35
- कर्क8 अप्रैल, रात 10:37
- सिंह11 अप्रैल, सुबह 7:46
- कन्या13 अप्रैल, दोपहर 1:11
- तुला15 अप्रैल, दोपहर 3:32
- वृश्चिक17 अप्रैल, शाम 4:18
- धनु19 अप्रैल, शाम 5:08
- मकर21 अप्रैल, शाम 7:26
- कुम्भ24 अप्रैल, रात 12:06
- मीन26 अप्रैल, सुबह 7:24
- मेष28 अप्रैल, शाम 5:09
- वृषभ1 मई, सुबह 4:50
- मिथुन3 मई, शाम 5:38
- कर्क6 मई, सुबह 6:06
- सिंह8 मई, शाम 4:24
- कन्या10 मई, रात 11:08
- तुला13 मई, रात 2:11
- वृश्चिक15 मई, रात 2:37
- धनु17 मई, रात 2:10
- मकर19 मई, रात 2:47
- कुम्भ21 मई, सुबह 6:06
- मीन23 मई, दोपहर 12:56
- मेष25 मई, रात 10:57
- वृषभ28 मई, सुबह 11:02
- मिथुन30 मई, रात 11:53
- कर्क2 जून, दोपहर 12:24
- सिंह4 जून, रात 11:22
- कन्या7 जून, सुबह 7:31
- तुला9 जून, दोपहर 12:06
- वृश्चिक11 जून, दोपहर 1:25
- धनु13 जून, दोपहर 12:49
- मकर15 जून, दोपहर 12:19
- कुम्भ17 जून, दोपहर 1:59
- मीन19 जून, शाम 7:24
- मेष22 जून, सुबह 4:48
- वृषभ24 जून, शाम 4:55
- मिथुन27 जून, सुबह 5:51
- कर्क29 जून, शाम 6:11
- सिंह2 जुलाई, सुबह 5:07
- कन्या4 जुलाई, दोपहर 1:58
- तुला6 जुलाई, रात 8:01
- वृश्चिक8 जुलाई, रात 10:56
- धनु10 जुलाई, रात 11:22
- मकर12 जुलाई, रात 10:55
- कुम्भ14 जुलाई, रात 11:40
- मीन17 जुलाई, रात 3:36
- मेष19 जुलाई, सुबह 11:43
- वृषभ21 जुलाई, रात 11:18
- मिथुन24 जुलाई, दोपहर 12:12
- कर्क27 जुलाई, रात 12:21
- सिंह29 जुलाई, सुबह 10:49
- कन्या31 जुलाई, शाम 7:25
- तुला3 अगस्त, रात 1:58
- वृश्चिक5 अगस्त, सुबह 6:12
- धनु7 अगस्त, सुबह 8:13
- मकर9 अगस्त, सुबह 8:54
- कुम्भ11 अगस्त, सुबह 9:54
- मीन13 अगस्त, दोपहर 1:08
- मेष15 अगस्त, रात 8:03
- वृषभ18 अगस्त, सुबह 6:41
- मिथुन20 अगस्त, शाम 7:19
- कर्क23 अगस्त, सुबह 7:29
- सिंह25 अगस्त, शाम 5:36
- कन्या28 अगस्त, रात 1:26
- तुला30 अगस्त, सुबह 7:23
- वृश्चिक1 सितंबर, सुबह 11:46
- धनु3 सितंबर, दोपहर 2:49
- मकर5 सितंबर, शाम 4:56
- कुम्भ7 सितंबर, शाम 7:07
- मीन9 सितंबर, रात 10:44
- मेष12 सितंबर, सुबह 5:09
- वृषभ14 सितंबर, दोपहर 2:58
- मिथुन17 सितंबर, रात 3:12
- कर्क19 सितंबर, दोपहर 3:32
- सिंह22 सितंबर, रात 1:49
- कन्या24 सितंबर, सुबह 9:12
- तुला26 सितंबर, दोपहर 2:06
- वृश्चिक28 सितंबर, शाम 5:29
- धनु30 सितंबर, रात 8:11
- मकर2 अक्टूबर, रात 10:56
- कुम्भ5 अक्टूबर, रात 2:18
- मीन7 अक्टूबर, सुबह 7:02
- मेष9 अक्टूबर, दोपहर 1:54
- वृषभ11 अक्टूबर, रात 11:26
- मिथुन14 अक्टूबर, सुबह 11:17
- कर्क16 अक्टूबर, रात 11:51
- सिंह19 अक्टूबर, सुबह 10:51
- कन्या21 अक्टूबर, शाम 6:38
- तुला23 अक्टूबर, रात 11:05
- वृश्चिक26 अक्टूबर, रात 1:13
- धनु28 अक्टूबर, रात 2:30
- मकर30 अक्टूबर, सुबह 4:23
- कुम्भ1 नवंबर, सुबह 7:53
- मीन3 नवंबर, दोपहर 1:28
- मेष5 नवंबर, रात 9:16
- वृषभ8 नवंबर, सुबह 7:11
- मिथुन10 नवंबर, शाम 6:55
- कर्क13 नवंबर, सुबह 7:36
- सिंह15 नवंबर, शाम 7:27
- कन्या18 नवंबर, सुबह 4:28
- तुला20 नवंबर, सुबह 9:38
- वृश्चिक22 नवंबर, सुबह 11:25
- धनु24 नवंबर, सुबह 11:25
- मकर26 नवंबर, सुबह 11:35
- कुम्भ28 नवंबर, दोपहर 1:44
- मीन30 नवंबर, शाम 6:56
- मेष3 दिसंबर, रात 3:12
- वृषभ5 दिसंबर, दोपहर 1:45
- मिथुन8 दिसंबर, रात 1:43
- कर्क10 दिसंबर, दोपहर 2:21
- सिंह13 दिसंबर, रात 2:39
- कन्या15 दिसंबर, दोपहर 12:59
- तुला17 दिसंबर, शाम 7:47
- वृश्चिक19 दिसंबर, रात 10:37
- धनु21 दिसंबर, रात 10:32
- मकर23 दिसंबर, रात 9:32
- कुम्भ25 दिसंबर, रात 9:53
- मीन28 दिसंबर, रात 1:26
- मेष30 दिसंबर, सुबह 8:55
यह भी देखें: चन्द्र (शब्दकोश) · गोचर 1995: सभी ग्रह · अपनी कुंडली पर गोचर
समझें
गोचर क्या है
गोचर का अर्थ है ग्रहों का चलना: आकाश में हर ग्रह राशि-चक्र में आगे बढ़ता है, और जब वह एक राशि की सीमा पार करता है तो उसे उस ग्रह का राशि परिवर्तन (संक्रमण) कहते हैं। यह पृष्ठ केवल वही बताता है कि कौन-सा ग्रह कब कहाँ है। शास्त्रीय पद्धति में गोचर को व्यक्ति की जन्म-राशि (चन्द्र राशि) से गिनकर पढ़ा जाता है; अपनी कुंडली पर आज का गोचर देखने के लिए गोचर उपकरण खोलें।
वक्री और मार्गी
पृथ्वी से देखने पर मंगल, बुध, गुरु, शुक्र और शनि कभी-कभी कुछ समय के लिए पीछे की ओर चलते दिखते हैं। इसे वक्री गति कहते हैं; जिस क्षण ग्रह रुककर मुड़ता है वह स्तम्भन (स्टेशन) है, और फिर आगे बढ़ना मार्गी होना। यह पृथ्वी और ग्रह की कक्षाओं की सापेक्ष गति का दृश्य प्रभाव है। सूर्य और चन्द्रमा कभी वक्री नहीं होते; राहु-केतु (मध्यम) सदा पीछे चलते हैं।
अस्त (दहन)
जब कोई ग्रह सूर्य के बहुत पास होता है तो सूर्य की चमक में वह दिखाई नहीं देता; ग्रंथ इसे अस्त कहते हैं, और फिर दिखने लगना उदय। सूर्य सिद्धान्त हर ग्रह के लिए दूरी की सीमा देता है। यहाँ प्रयुक्त सीमाएँ: मंगल 17°, बुध 14° (वक्री में 12°), गुरु 11°, शुक्र 10° (वक्री में 8°), शनि 15°। पंचांग गुरु और शुक्र के अस्त-काल को विवाह जैसे संस्कारों के मुहूर्त में छोड़ते हैं।
निरयण राशियाँ
भारतीय पंचांग राशियों को तारों के सापेक्ष (निरयण) गिनते हैं। पश्चिमी (सायन) राशियाँ इनसे लगभग 24° आगे हैं, इसलिए वहाँ छपी तारीखें यहाँ से लगभग तीन सप्ताह पहले की होती हैं। यहाँ लाहिरी अयनांश प्रयुक्त है।
यह गणना कैसे हुई
NASA JPL के DE421 आँकड़ों से हर ग्रह की स्पष्ट भू-केन्द्रीय स्थिति, लाहिरी अयनांश घटाकर। राशि-सीमा पार करने, गति शून्य होने और सूर्य से दूरी सीमा के बराबर होने के क्षण द्विभाजन (bisection) से एक सेकंड से कम की शुद्धता तक निकाले गए हैं। अयनांश के छोटे अन्तर से धीमे ग्रहों (विशेषकर शनि) का समय दूसरे पंचांगों से कुछ घंटे अलग हो सकता है।
पंचांग में और
- आजआज के पाँच अंग, शुभ-अशुभ समय और चौघड़िया।
- मासिक कैलेंडरपूरे मास की तिथियाँ, नक्षत्र और पर्व।
- पर्व और व्रतवर्ष भर के पर्व, व्रत, एकादशी और पूर्णिमा।
- मुहूर्त खोजेंरोज़ के कामों के लिए शुभ समय, कारण सहित।
- चौघड़ियादिन-रात के आठ-आठ भाग, अभी कौन-सा चल रहा है।
- राहु कालआज का राहु काल, गुलिक और यमगण्ड।
- पंचकआने वाले महीनों के पंचक, और ग्रंथ इनके बारे में क्या कहते हैं।
- भद्राभद्रा (विष्टि करण) कब है और उसका वास कहाँ है।
- संक्रान्तिवर्ष की बारह संक्रान्तियाँ, समय और पुण्य काल सहित।
- ग्रहणवर्ष के सूर्य और चन्द्र ग्रहण, स्पर्श-मोक्ष के समय और सूतक।
- तिथि परिवर्तककिसी भी अंग्रेज़ी तारीख की हिन्दू तिथि।
- जन्म तिथिअपनी जन्म तिथि और अगले वर्षों की तारीखें।
- नामाक्षरनक्षत्र-पद के अनुसार नाम के आरम्भिक अक्षर।
