पंचांग · गोचर · चन्द्र
1996 में चन्द्र का गोचर
चन्द्रमा लगभग हर सवा दो दिन में राशि बदलता है; 1996 में 161 बार। नीचे हर प्रवेश का समय है।
सभी समय ह्यूस्टन के स्थानीय समय (America/Chicago, CST/CDT) में।
1996 में चन्द्र किन राशियों में है
- वृषभ1 जनवरी, सुबह 8:06
- मिथुन3 जनवरी, रात 8:23
- कर्क6 जनवरी, सुबह 9:00
- सिंह8 जनवरी, रात 9:10
- कन्या11 जनवरी, सुबह 8:01
- तुला13 जनवरी, शाम 4:17
- वृश्चिक15 जनवरी, रात 8:58
- धनु17 जनवरी, रात 10:14
- मकर19 जनवरी, रात 9:31
- कुम्भ21 जनवरी, रात 8:58
- मीन23 जनवरी, रात 10:50
- मेष26 जनवरी, सुबह 4:37
- वृषभ28 जनवरी, दोपहर 2:23
- मिथुन31 जनवरी, रात 2:36
- कर्क2 फ़रवरी, दोपहर 3:17
- सिंह5 फ़रवरी, रात 3:09
- कन्या7 फ़रवरी, दोपहर 1:37
- तुला9 फ़रवरी, रात 10:11
- वृश्चिक12 फ़रवरी, सुबह 4:10
- धनु14 फ़रवरी, सुबह 7:15
- मकर16 फ़रवरी, सुबह 8:03
- कुम्भ18 फ़रवरी, सुबह 8:07
- मीन20 फ़रवरी, सुबह 9:26
- मेष22 फ़रवरी, दोपहर 1:49
- वृषभ24 फ़रवरी, रात 10:08
- मिथुन27 फ़रवरी, सुबह 9:39
- कर्क29 फ़रवरी, रात 10:18
- सिंह3 मार्च, सुबह 10:04
- कन्या5 मार्च, शाम 7:57
- तुला8 मार्च, रात 3:47
- वृश्चिक10 मार्च, सुबह 9:39
- धनु12 मार्च, दोपहर 1:36
- मकर14 मार्च, दोपहर 3:58
- कुम्भ16 मार्च, शाम 5:34
- मीन18 मार्च, शाम 7:41
- मेष20 मार्च, रात 11:49
- वृषभ23 मार्च, सुबह 7:07
- मिथुन25 मार्च, शाम 5:41
- कर्क28 मार्च, सुबह 6:06
- सिंह30 मार्च, शाम 6:05
- कन्या2 अप्रैल, रात 3:50
- तुला4 अप्रैल, सुबह 10:52
- वृश्चिक6 अप्रैल, दोपहर 3:39
- धनु8 अप्रैल, शाम 7:59
- मकर10 अप्रैल, रात 10:41
- कुम्भ13 अप्रैल, रात 1:26
- मीन15 अप्रैल, सुबह 4:54
- मेष17 अप्रैल, सुबह 9:52
- वृषभ19 अप्रैल, शाम 5:08
- मिथुन22 अप्रैल, रात 3:07
- कर्क24 अप्रैल, दोपहर 3:12
- सिंह27 अप्रैल, रात 3:32
- कन्या29 अप्रैल, दोपहर 1:48
- तुला1 मई, रात 8:46
- वृश्चिक4 मई, रात 12:38
- धनु6 मई, रात 2:39
- मकर8 मई, सुबह 4:18
- कुम्भ10 मई, सुबह 6:51
- मीन12 मई, सुबह 11:00
- मेष14 मई, शाम 5:00
- वृषभ17 मई, रात 12:58
- मिथुन19 मई, सुबह 11:01
- कर्क21 मई, रात 10:56
- सिंह24 मई, सुबह 11:33
- कन्या26 मई, रात 10:43
- तुला29 मई, सुबह 6:29
- वृश्चिक31 मई, सुबह 10:23
- धनु2 जून, सुबह 11:30
- मकर4 जून, सुबह 11:43
- कुम्भ6 जून, दोपहर 12:53
- मीन8 जून, शाम 4:23
- मेष10 जून, रात 10:39
- वृषभ13 जून, सुबह 7:18
- मिथुन15 जून, शाम 5:50
- कर्क18 जून, सुबह 5:50
- सिंह20 जून, शाम 6:35
- कन्या23 जून, सुबह 6:32
- तुला25 जून, दोपहर 3:36
- वृश्चिक27 जून, रात 8:34
- धनु29 जून, रात 9:54
- मकर1 जुलाई, रात 9:19
- कुम्भ3 जुलाई, रात 9:01
- मीन5 जुलाई, रात 10:58
- मेष8 जुलाई, सुबह 4:16
- वृषभ10 जुलाई, दोपहर 12:51
- मिथुन12 जुलाई, रात 11:46
- कर्क15 जुलाई, सुबह 11:59
- सिंह18 जुलाई, रात 12:44
- कन्या20 जुलाई, दोपहर 12:59
- तुला22 जुलाई, रात 11:07
- वृश्चिक25 जुलाई, सुबह 5:38
- धनु27 जुलाई, सुबह 8:14
- मकर29 जुलाई, सुबह 8:04
- कुम्भ31 जुलाई, सुबह 7:10
- मीन2 अगस्त, सुबह 7:42
- मेष4 अगस्त, सुबह 11:23
- वृषभ6 अगस्त, शाम 6:54
- मिथुन9 अगस्त, सुबह 5:34
- कर्क11 अगस्त, शाम 5:56
- सिंह14 अगस्त, सुबह 6:38
- कन्या16 अगस्त, शाम 6:41
- तुला19 अगस्त, सुबह 5:05
- वृश्चिक21 अगस्त, दोपहर 12:44
- धनु23 अगस्त, शाम 4:58
- मकर25 अगस्त, शाम 6:15
- कुम्भ27 अगस्त, शाम 5:58
- मीन29 अगस्त, शाम 6:05
- मेष31 अगस्त, रात 8:29
- वृषभ3 सितंबर, रात 2:30
- मिथुन5 सितंबर, दोपहर 12:12
- कर्क8 सितंबर, रात 12:21
- सिंह10 सितंबर, दोपहर 1:01
- कन्या13 सितंबर, रात 12:43
- तुला15 सितंबर, सुबह 10:38
- वृश्चिक17 सितंबर, शाम 6:19
- धनु19 सितंबर, रात 11:31
- मकर22 सितंबर, रात 2:23
- कुम्भ24 सितंबर, रात 3:38
- मीन26 सितंबर, सुबह 4:33
- मेष28 सितंबर, सुबह 6:44
- वृषभ30 सितंबर, सुबह 11:39
- मिथुन2 अक्टूबर, रात 8:09
- कर्क5 अक्टूबर, सुबह 7:41
- सिंह7 अक्टूबर, रात 8:21
- कन्या10 अक्टूबर, सुबह 7:58
- तुला12 अक्टूबर, शाम 5:15
- वृश्चिक15 अक्टूबर, रात 12:04
- धनु17 अक्टूबर, सुबह 4:54
- मकर19 अक्टूबर, सुबह 8:21
- कुम्भ21 अक्टूबर, सुबह 10:58
- मीन23 अक्टूबर, दोपहर 1:22
- मेष25 अक्टूबर, शाम 4:27
- वृषभ27 अक्टूबर, रात 8:20
- मिथुन30 अक्टूबर, सुबह 4:02
- कर्क1 नवंबर, दोपहर 2:49
- सिंह4 नवंबर, रात 3:26
- कन्या6 नवंबर, दोपहर 3:23
- तुला9 नवंबर, रात 12:38
- वृश्चिक11 नवंबर, सुबह 6:38
- धनु13 नवंबर, सुबह 10:15
- मकर15 नवंबर, दोपहर 12:48
- कुम्भ17 नवंबर, दोपहर 3:27
- मीन19 नवंबर, शाम 6:50
- मेष21 नवंबर, रात 11:13
- वृषभ24 नवंबर, सुबह 5:00
- मिथुन26 नवंबर, दोपहर 12:47
- कर्क28 नवंबर, रात 11:09
- सिंह1 दिसंबर, सुबह 11:36
- कन्या4 दिसंबर, रात 12:08
- तुला6 दिसंबर, सुबह 10:08
- वृश्चिक8 दिसंबर, शाम 4:16
- धनु10 दिसंबर, शाम 7:02
- मकर12 दिसंबर, रात 8:08
- कुम्भ14 दिसंबर, रात 9:24
- मीन17 दिसंबर, रात 12:11
- मेष19 दिसंबर, सुबह 5:00
- वृषभ21 दिसंबर, सुबह 11:46
- मिथुन23 दिसंबर, रात 8:19
- कर्क26 दिसंबर, सुबह 6:49
- सिंह28 दिसंबर, शाम 7:09
- कन्या31 दिसंबर, सुबह 8:05
यह भी देखें: चन्द्र (शब्दकोश) · गोचर 1996: सभी ग्रह · अपनी कुंडली पर गोचर
समझें
गोचर क्या है
गोचर का अर्थ है ग्रहों का चलना: आकाश में हर ग्रह राशि-चक्र में आगे बढ़ता है, और जब वह एक राशि की सीमा पार करता है तो उसे उस ग्रह का राशि परिवर्तन (संक्रमण) कहते हैं। यह पृष्ठ केवल वही बताता है कि कौन-सा ग्रह कब कहाँ है। शास्त्रीय पद्धति में गोचर को व्यक्ति की जन्म-राशि (चन्द्र राशि) से गिनकर पढ़ा जाता है; अपनी कुंडली पर आज का गोचर देखने के लिए गोचर उपकरण खोलें।
वक्री और मार्गी
पृथ्वी से देखने पर मंगल, बुध, गुरु, शुक्र और शनि कभी-कभी कुछ समय के लिए पीछे की ओर चलते दिखते हैं। इसे वक्री गति कहते हैं; जिस क्षण ग्रह रुककर मुड़ता है वह स्तम्भन (स्टेशन) है, और फिर आगे बढ़ना मार्गी होना। यह पृथ्वी और ग्रह की कक्षाओं की सापेक्ष गति का दृश्य प्रभाव है। सूर्य और चन्द्रमा कभी वक्री नहीं होते; राहु-केतु (मध्यम) सदा पीछे चलते हैं।
अस्त (दहन)
जब कोई ग्रह सूर्य के बहुत पास होता है तो सूर्य की चमक में वह दिखाई नहीं देता; ग्रंथ इसे अस्त कहते हैं, और फिर दिखने लगना उदय। सूर्य सिद्धान्त हर ग्रह के लिए दूरी की सीमा देता है। यहाँ प्रयुक्त सीमाएँ: मंगल 17°, बुध 14° (वक्री में 12°), गुरु 11°, शुक्र 10° (वक्री में 8°), शनि 15°। पंचांग गुरु और शुक्र के अस्त-काल को विवाह जैसे संस्कारों के मुहूर्त में छोड़ते हैं।
निरयण राशियाँ
भारतीय पंचांग राशियों को तारों के सापेक्ष (निरयण) गिनते हैं। पश्चिमी (सायन) राशियाँ इनसे लगभग 24° आगे हैं, इसलिए वहाँ छपी तारीखें यहाँ से लगभग तीन सप्ताह पहले की होती हैं। यहाँ लाहिरी अयनांश प्रयुक्त है।
यह गणना कैसे हुई
NASA JPL के DE421 आँकड़ों से हर ग्रह की स्पष्ट भू-केन्द्रीय स्थिति, लाहिरी अयनांश घटाकर। राशि-सीमा पार करने, गति शून्य होने और सूर्य से दूरी सीमा के बराबर होने के क्षण द्विभाजन (bisection) से एक सेकंड से कम की शुद्धता तक निकाले गए हैं। अयनांश के छोटे अन्तर से धीमे ग्रहों (विशेषकर शनि) का समय दूसरे पंचांगों से कुछ घंटे अलग हो सकता है।
पंचांग में और
- आजआज के पाँच अंग, शुभ-अशुभ समय और चौघड़िया।
- मासिक कैलेंडरपूरे मास की तिथियाँ, नक्षत्र और पर्व।
- पर्व और व्रतवर्ष भर के पर्व, व्रत, एकादशी और पूर्णिमा।
- मुहूर्त खोजेंरोज़ के कामों के लिए शुभ समय, कारण सहित।
- चौघड़ियादिन-रात के आठ-आठ भाग, अभी कौन-सा चल रहा है।
- राहु कालआज का राहु काल, गुलिक और यमगण्ड।
- पंचकआने वाले महीनों के पंचक, और ग्रंथ इनके बारे में क्या कहते हैं।
- भद्राभद्रा (विष्टि करण) कब है और उसका वास कहाँ है।
- संक्रान्तिवर्ष की बारह संक्रान्तियाँ, समय और पुण्य काल सहित।
- ग्रहणवर्ष के सूर्य और चन्द्र ग्रहण, स्पर्श-मोक्ष के समय और सूतक।
- तिथि परिवर्तककिसी भी अंग्रेज़ी तारीख की हिन्दू तिथि।
- जन्म तिथिअपनी जन्म तिथि और अगले वर्षों की तारीखें।
- नामाक्षरनक्षत्र-पद के अनुसार नाम के आरम्भिक अक्षर।
