पंचांग · गोचर · चन्द्र
1999 में चन्द्र का गोचर
चन्द्रमा लगभग हर सवा दो दिन में राशि बदलता है; 1999 में 161 बार। नीचे हर प्रवेश का समय है।
सभी समय पर्थ के स्थानीय समय (Australia/Perth, AWST) में।
1999 में चन्द्र किन राशियों में है
- मिथुन1 जनवरी, सुबह 6:09
- कर्क3 जनवरी, सुबह 7:59
- सिंह5 जनवरी, दोपहर 12:33
- कन्या7 जनवरी, रात 8:52
- तुला10 जनवरी, सुबह 8:22
- वृश्चिक12 जनवरी, रात 9:00
- धनु15 जनवरी, सुबह 8:31
- मकर17 जनवरी, शाम 5:44
- कुम्भ20 जनवरी, रात 12:38
- मीन22 जनवरी, सुबह 5:41
- मेष24 जनवरी, सुबह 9:23
- वृषभ26 जनवरी, दोपहर 12:08
- मिथुन28 जनवरी, दोपहर 2:33
- कर्क30 जनवरी, शाम 5:35
- सिंह1 फ़रवरी, रात 10:26
- कन्या4 फ़रवरी, सुबह 6:06
- तुला6 फ़रवरी, शाम 4:46
- वृश्चिक9 फ़रवरी, सुबह 5:12
- धनु11 फ़रवरी, शाम 5:07
- मकर14 फ़रवरी, रात 2:32
- कुम्भ16 फ़रवरी, सुबह 8:51
- मीन18 फ़रवरी, दोपहर 12:40
- मेष20 फ़रवरी, दोपहर 3:09
- वृषभ22 फ़रवरी, शाम 5:29
- मिथुन24 फ़रवरी, रात 8:31
- कर्क27 फ़रवरी, रात 12:48
- सिंह1 मार्च, सुबह 6:45
- कन्या3 मार्च, दोपहर 2:46
- तुला6 मार्च, रात 1:07
- वृश्चिक8 मार्च, दोपहर 1:18
- धनु11 मार्च, रात 1:41
- मकर13 मार्च, सुबह 11:59
- कुम्भ15 मार्च, शाम 6:43
- मीन17 मार्च, रात 10:00
- मेष19 मार्च, रात 11:09
- वृषभ21 मार्च, रात 11:57
- मिथुन24 मार्च, रात 2:01
- कर्क26 मार्च, सुबह 6:19
- सिंह28 मार्च, दोपहर 1:03
- कन्या30 मार्च, रात 9:55
- तुला2 अप्रैल, सुबह 8:34
- वृश्चिक4 अप्रैल, रात 8:40
- धनु7 अप्रैल, सुबह 9:17
- मकर9 अप्रैल, रात 8:35
- कुम्भ12 अप्रैल, सुबह 4:35
- मीन14 अप्रैल, सुबह 8:32
- मेष16 अप्रैल, सुबह 9:20
- वृषभ18 अप्रैल, सुबह 8:51
- मिथुन20 अप्रैल, सुबह 9:14
- कर्क22 अप्रैल, दोपहर 12:13
- सिंह24 अप्रैल, शाम 6:31
- कन्या27 अप्रैल, रात 3:45
- तुला29 अप्रैल, दोपहर 2:54
- वृश्चिक2 मई, रात 3:09
- धनु4 मई, दोपहर 3:47
- मकर7 मई, रात 3:38
- कुम्भ9 मई, दोपहर 12:57
- मीन11 मई, शाम 6:24
- मेष13 मई, रात 8:05
- वृषभ15 मई, शाम 7:29
- मिथुन17 मई, शाम 6:45
- कर्क19 मई, रात 8:05
- सिंह22 मई, रात 12:55
- कन्या24 मई, सुबह 9:29
- तुला26 मई, रात 8:44
- वृश्चिक29 मई, सुबह 9:10
- धनु31 मई, रात 9:43
- मकर3 जून, सुबह 9:31
- कुम्भ5 जून, शाम 7:28
- मीन8 जून, रात 2:19
- मेष10 जून, सुबह 5:36
- वृषभ12 जून, सुबह 6:03
- मिथुन14 जून, सुबह 5:26
- कर्क16 जून, सुबह 5:52
- सिंह18 जून, सुबह 9:11
- कन्या20 जून, शाम 4:23
- तुला23 जून, रात 2:59
- वृश्चिक25 जून, दोपहर 3:24
- धनु28 जून, रात 3:53
- मकर30 जून, दोपहर 3:19
- कुम्भ3 जुलाई, रात 1:00
- मीन5 जुलाई, सुबह 8:20
- मेष7 जुलाई, दोपहर 12:54
- वृषभ9 जुलाई, दोपहर 2:57
- मिथुन11 जुलाई, दोपहर 3:31
- कर्क13 जुलाई, शाम 4:14
- सिंह15 जुलाई, शाम 6:52
- कन्या18 जुलाई, रात 12:47
- तुला20 जुलाई, सुबह 10:19
- वृश्चिक22 जुलाई, रात 10:21
- धनु25 जुलाई, सुबह 10:51
- मकर27 जुलाई, रात 10:01
- कुम्भ30 जुलाई, सुबह 7:02
- मीन1 अगस्त, दोपहर 1:48
- मेष3 अगस्त, शाम 6:32
- वृषभ5 अगस्त, रात 9:37
- मिथुन7 अगस्त, रात 11:39
- कर्क10 अगस्त, रात 1:35
- सिंह12 अगस्त, सुबह 4:37
- कन्या14 अगस्त, सुबह 10:03
- तुला16 अगस्त, शाम 6:39
- वृश्चिक19 अगस्त, सुबह 6:07
- धनु21 अगस्त, शाम 6:39
- मकर24 अगस्त, सुबह 5:57
- कुम्भ26 अगस्त, दोपहर 2:34
- मीन28 अगस्त, रात 8:23
- मेष31 अगस्त, रात 12:12
- वृषभ2 सितंबर, रात 3:01
- मिथुन4 सितंबर, सुबह 5:43
- कर्क6 सितंबर, सुबह 8:53
- सिंह8 सितंबर, दोपहर 1:03
- कन्या10 सितंबर, शाम 6:56
- तुला13 सितंबर, रात 3:14
- वृश्चिक15 सितंबर, दोपहर 2:13
- धनु18 सितंबर, रात 2:48
- मकर20 सितंबर, दोपहर 2:40
- कुम्भ22 सितंबर, रात 11:37
- मीन25 सितंबर, सुबह 5:00
- मेष27 सितंबर, सुबह 7:39
- वृषभ29 सितंबर, सुबह 9:10
- मिथुन1 अक्टूबर, सुबह 11:07
- कर्क3 अक्टूबर, दोपहर 2:28
- सिंह5 अक्टूबर, शाम 7:33
- कन्या8 अक्टूबर, रात 2:23
- तुला10 अक्टूबर, सुबह 11:07
- वृश्चिक12 अक्टूबर, रात 9:59
- धनु15 अक्टूबर, सुबह 10:33
- मकर17 अक्टूबर, रात 11:06
- कुम्भ20 अक्टूबर, सुबह 9:08
- मीन22 अक्टूबर, दोपहर 3:07
- मेष24 अक्टूबर, शाम 5:25
- वृषभ26 अक्टूबर, शाम 5:42
- मिथुन28 अक्टूबर, शाम 6:03
- कर्क30 अक्टूबर, रात 8:11
- सिंह2 नवंबर, रात 12:57
- कन्या4 नवंबर, सुबह 8:19
- तुला6 नवंबर, शाम 5:45
- वृश्चिक9 नवंबर, सुबह 4:55
- धनु11 नवंबर, शाम 5:29
- मकर14 नवंबर, सुबह 6:24
- कुम्भ16 नवंबर, शाम 5:37
- मीन19 नवंबर, रात 1:07
- मेष21 नवंबर, सुबह 4:22
- वृषभ23 नवंबर, सुबह 4:32
- मिथुन25 नवंबर, रात 3:43
- कर्क27 नवंबर, सुबह 4:05
- सिंह29 नवंबर, सुबह 7:15
- कन्या1 दिसंबर, दोपहर 1:53
- तुला3 दिसंबर, रात 11:30
- वृश्चिक6 दिसंबर, सुबह 11:05
- धनु8 दिसंबर, रात 11:44
- मकर11 दिसंबर, दोपहर 12:35
- कुम्भ14 दिसंबर, रात 12:20
- मीन16 दिसंबर, सुबह 9:17
- मेष18 दिसंबर, दोपहर 2:21
- वृषभ20 दिसंबर, दोपहर 3:49
- मिथुन22 दिसंबर, दोपहर 3:13
- कर्क24 दिसंबर, दोपहर 2:37
- सिंह26 दिसंबर, शाम 4:02
- कन्या28 दिसंबर, रात 8:55
- तुला31 दिसंबर, सुबह 5:35
यह भी देखें: चन्द्र (शब्दकोश) · गोचर 1999: सभी ग्रह · अपनी कुंडली पर गोचर
समझें
गोचर क्या है
गोचर का अर्थ है ग्रहों का चलना: आकाश में हर ग्रह राशि-चक्र में आगे बढ़ता है, और जब वह एक राशि की सीमा पार करता है तो उसे उस ग्रह का राशि परिवर्तन (संक्रमण) कहते हैं। यह पृष्ठ केवल वही बताता है कि कौन-सा ग्रह कब कहाँ है। शास्त्रीय पद्धति में गोचर को व्यक्ति की जन्म-राशि (चन्द्र राशि) से गिनकर पढ़ा जाता है; अपनी कुंडली पर आज का गोचर देखने के लिए गोचर उपकरण खोलें।
वक्री और मार्गी
पृथ्वी से देखने पर मंगल, बुध, गुरु, शुक्र और शनि कभी-कभी कुछ समय के लिए पीछे की ओर चलते दिखते हैं। इसे वक्री गति कहते हैं; जिस क्षण ग्रह रुककर मुड़ता है वह स्तम्भन (स्टेशन) है, और फिर आगे बढ़ना मार्गी होना। यह पृथ्वी और ग्रह की कक्षाओं की सापेक्ष गति का दृश्य प्रभाव है। सूर्य और चन्द्रमा कभी वक्री नहीं होते; राहु-केतु (मध्यम) सदा पीछे चलते हैं।
अस्त (दहन)
जब कोई ग्रह सूर्य के बहुत पास होता है तो सूर्य की चमक में वह दिखाई नहीं देता; ग्रंथ इसे अस्त कहते हैं, और फिर दिखने लगना उदय। सूर्य सिद्धान्त हर ग्रह के लिए दूरी की सीमा देता है। यहाँ प्रयुक्त सीमाएँ: मंगल 17°, बुध 14° (वक्री में 12°), गुरु 11°, शुक्र 10° (वक्री में 8°), शनि 15°। पंचांग गुरु और शुक्र के अस्त-काल को विवाह जैसे संस्कारों के मुहूर्त में छोड़ते हैं।
निरयण राशियाँ
भारतीय पंचांग राशियों को तारों के सापेक्ष (निरयण) गिनते हैं। पश्चिमी (सायन) राशियाँ इनसे लगभग 24° आगे हैं, इसलिए वहाँ छपी तारीखें यहाँ से लगभग तीन सप्ताह पहले की होती हैं। यहाँ लाहिरी अयनांश प्रयुक्त है।
यह गणना कैसे हुई
NASA JPL के DE421 आँकड़ों से हर ग्रह की स्पष्ट भू-केन्द्रीय स्थिति, लाहिरी अयनांश घटाकर। राशि-सीमा पार करने, गति शून्य होने और सूर्य से दूरी सीमा के बराबर होने के क्षण द्विभाजन (bisection) से एक सेकंड से कम की शुद्धता तक निकाले गए हैं। अयनांश के छोटे अन्तर से धीमे ग्रहों (विशेषकर शनि) का समय दूसरे पंचांगों से कुछ घंटे अलग हो सकता है।
पंचांग में और
- आजआज के पाँच अंग, शुभ-अशुभ समय और चौघड़िया।
- मासिक कैलेंडरपूरे मास की तिथियाँ, नक्षत्र और पर्व।
- पर्व और व्रतवर्ष भर के पर्व, व्रत, एकादशी और पूर्णिमा।
- मुहूर्त खोजेंरोज़ के कामों के लिए शुभ समय, कारण सहित।
- चौघड़ियादिन-रात के आठ-आठ भाग, अभी कौन-सा चल रहा है।
- राहु कालआज का राहु काल, गुलिक और यमगण्ड।
- पंचकआने वाले महीनों के पंचक, और ग्रंथ इनके बारे में क्या कहते हैं।
- भद्राभद्रा (विष्टि करण) कब है और उसका वास कहाँ है।
- संक्रान्तिवर्ष की बारह संक्रान्तियाँ, समय और पुण्य काल सहित।
- ग्रहणवर्ष के सूर्य और चन्द्र ग्रहण, स्पर्श-मोक्ष के समय और सूतक।
- तिथि परिवर्तककिसी भी अंग्रेज़ी तारीख की हिन्दू तिथि।
- जन्म तिथिअपनी जन्म तिथि और अगले वर्षों की तारीखें।
- नामाक्षरनक्षत्र-पद के अनुसार नाम के आरम्भिक अक्षर।
