पंचांग · गोचर · चन्द्र
1999 में चन्द्र का गोचर
चन्द्रमा लगभग हर सवा दो दिन में राशि बदलता है; 1999 में 160 बार। नीचे हर प्रवेश का समय है।
सभी समय सैन फ़्रांसिस्को के स्थानीय समय (America/Los Angeles, PST/PDT) में।
1999 में चन्द्र किन राशियों में है
- कर्क2 जनवरी, दोपहर 3:59
- सिंह4 जनवरी, रात 8:33
- कन्या7 जनवरी, सुबह 4:52
- तुला9 जनवरी, शाम 4:22
- वृश्चिक12 जनवरी, सुबह 5:00
- धनु14 जनवरी, शाम 4:31
- मकर17 जनवरी, रात 1:44
- कुम्भ19 जनवरी, सुबह 8:38
- मीन21 जनवरी, दोपहर 1:41
- मेष23 जनवरी, शाम 5:23
- वृषभ25 जनवरी, रात 8:08
- मिथुन27 जनवरी, रात 10:33
- कर्क30 जनवरी, रात 1:35
- सिंह1 फ़रवरी, सुबह 6:26
- कन्या3 फ़रवरी, दोपहर 2:06
- तुला6 फ़रवरी, रात 12:46
- वृश्चिक8 फ़रवरी, दोपहर 1:12
- धनु11 फ़रवरी, रात 1:07
- मकर13 फ़रवरी, सुबह 10:32
- कुम्भ15 फ़रवरी, शाम 4:51
- मीन17 फ़रवरी, रात 8:40
- मेष19 फ़रवरी, रात 11:09
- वृषभ22 फ़रवरी, रात 1:29
- मिथुन24 फ़रवरी, सुबह 4:31
- कर्क26 फ़रवरी, सुबह 8:48
- सिंह28 फ़रवरी, दोपहर 2:45
- कन्या2 मार्च, रात 10:46
- तुला5 मार्च, सुबह 9:07
- वृश्चिक7 मार्च, रात 9:18
- धनु10 मार्च, सुबह 9:41
- मकर12 मार्च, शाम 7:59
- कुम्भ15 मार्च, रात 2:43
- मीन17 मार्च, सुबह 6:00
- मेष19 मार्च, सुबह 7:09
- वृषभ21 मार्च, सुबह 7:57
- मिथुन23 मार्च, सुबह 10:01
- कर्क25 मार्च, दोपहर 2:19
- सिंह27 मार्च, रात 9:03
- कन्या30 मार्च, सुबह 5:55
- तुला1 अप्रैल, शाम 4:34
- वृश्चिक4 अप्रैल, सुबह 5:40
- धनु6 अप्रैल, शाम 6:17
- मकर9 अप्रैल, सुबह 5:35
- कुम्भ11 अप्रैल, दोपहर 1:35
- मीन13 अप्रैल, शाम 5:32
- मेष15 अप्रैल, शाम 6:20
- वृषभ17 अप्रैल, शाम 5:51
- मिथुन19 अप्रैल, शाम 6:14
- कर्क21 अप्रैल, रात 9:13
- सिंह24 अप्रैल, रात 3:31
- कन्या26 अप्रैल, दोपहर 12:45
- तुला28 अप्रैल, रात 11:54
- वृश्चिक1 मई, दोपहर 12:09
- धनु4 मई, रात 12:47
- मकर6 मई, दोपहर 12:38
- कुम्भ8 मई, रात 9:57
- मीन11 मई, रात 3:24
- मेष13 मई, सुबह 5:05
- वृषभ15 मई, सुबह 4:29
- मिथुन17 मई, रात 3:45
- कर्क19 मई, सुबह 5:05
- सिंह21 मई, सुबह 9:55
- कन्या23 मई, शाम 6:29
- तुला26 मई, सुबह 5:44
- वृश्चिक28 मई, शाम 6:10
- धनु31 मई, सुबह 6:43
- मकर2 जून, शाम 6:31
- कुम्भ5 जून, सुबह 4:28
- मीन7 जून, सुबह 11:19
- मेष9 जून, दोपहर 2:36
- वृषभ11 जून, दोपहर 3:03
- मिथुन13 जून, दोपहर 2:26
- कर्क15 जून, दोपहर 2:52
- सिंह17 जून, शाम 6:11
- कन्या20 जून, रात 1:23
- तुला22 जून, सुबह 11:59
- वृश्चिक25 जून, रात 12:24
- धनु27 जून, दोपहर 12:53
- मकर30 जून, रात 12:19
- कुम्भ2 जुलाई, सुबह 10:00
- मीन4 जुलाई, शाम 5:20
- मेष6 जुलाई, रात 9:54
- वृषभ8 जुलाई, रात 11:57
- मिथुन11 जुलाई, रात 12:31
- कर्क13 जुलाई, रात 1:14
- सिंह15 जुलाई, रात 3:52
- कन्या17 जुलाई, सुबह 9:47
- तुला19 जुलाई, शाम 7:19
- वृश्चिक22 जुलाई, सुबह 7:21
- धनु24 जुलाई, शाम 7:51
- मकर27 जुलाई, सुबह 7:01
- कुम्भ29 जुलाई, शाम 4:02
- मीन31 जुलाई, रात 10:48
- मेष3 अगस्त, रात 3:32
- वृषभ5 अगस्त, सुबह 6:37
- मिथुन7 अगस्त, सुबह 8:39
- कर्क9 अगस्त, सुबह 10:35
- सिंह11 अगस्त, दोपहर 1:37
- कन्या13 अगस्त, शाम 7:03
- तुला16 अगस्त, रात 3:39
- वृश्चिक18 अगस्त, दोपहर 3:07
- धनु21 अगस्त, रात 3:39
- मकर23 अगस्त, दोपहर 2:57
- कुम्भ25 अगस्त, रात 11:34
- मीन28 अगस्त, सुबह 5:23
- मेष30 अगस्त, सुबह 9:12
- वृषभ1 सितंबर, दोपहर 12:01
- मिथुन3 सितंबर, दोपहर 2:43
- कर्क5 सितंबर, शाम 5:53
- सिंह7 सितंबर, रात 10:03
- कन्या10 सितंबर, रात 3:56
- तुला12 सितंबर, दोपहर 12:14
- वृश्चिक14 सितंबर, रात 11:13
- धनु17 सितंबर, सुबह 11:48
- मकर19 सितंबर, रात 11:40
- कुम्भ22 सितंबर, सुबह 8:37
- मीन24 सितंबर, दोपहर 2:00
- मेष26 सितंबर, शाम 4:39
- वृषभ28 सितंबर, शाम 6:10
- मिथुन30 सितंबर, रात 8:07
- कर्क2 अक्टूबर, रात 11:28
- सिंह5 अक्टूबर, सुबह 4:33
- कन्या7 अक्टूबर, सुबह 11:23
- तुला9 अक्टूबर, रात 8:07
- वृश्चिक12 अक्टूबर, सुबह 6:59
- धनु14 अक्टूबर, शाम 7:33
- मकर17 अक्टूबर, सुबह 8:06
- कुम्भ19 अक्टूबर, शाम 6:08
- मीन22 अक्टूबर, रात 12:07
- मेष24 अक्टूबर, रात 2:25
- वृषभ26 अक्टूबर, रात 2:42
- मिथुन28 अक्टूबर, रात 3:03
- कर्क30 अक्टूबर, सुबह 5:11
- सिंह1 नवंबर, सुबह 8:57
- कन्या3 नवंबर, शाम 4:19
- तुला6 नवंबर, रात 1:45
- वृश्चिक8 नवंबर, दोपहर 12:55
- धनु11 नवंबर, रात 1:29
- मकर13 नवंबर, दोपहर 2:24
- कुम्भ16 नवंबर, रात 1:37
- मीन18 नवंबर, सुबह 9:07
- मेष20 नवंबर, दोपहर 12:22
- वृषभ22 नवंबर, दोपहर 12:32
- मिथुन24 नवंबर, सुबह 11:43
- कर्क26 नवंबर, दोपहर 12:05
- सिंह28 नवंबर, दोपहर 3:15
- कन्या30 नवंबर, रात 9:53
- तुला3 दिसंबर, सुबह 7:30
- वृश्चिक5 दिसंबर, शाम 7:05
- धनु8 दिसंबर, सुबह 7:44
- मकर10 दिसंबर, रात 8:35
- कुम्भ13 दिसंबर, सुबह 8:20
- मीन15 दिसंबर, शाम 5:17
- मेष17 दिसंबर, रात 10:21
- वृषभ19 दिसंबर, रात 11:49
- मिथुन21 दिसंबर, रात 11:13
- कर्क23 दिसंबर, रात 10:37
- सिंह26 दिसंबर, रात 12:02
- कन्या28 दिसंबर, सुबह 4:55
- तुला30 दिसंबर, दोपहर 1:35
यह भी देखें: चन्द्र (शब्दकोश) · गोचर 1999: सभी ग्रह · अपनी कुंडली पर गोचर
समझें
गोचर क्या है
गोचर का अर्थ है ग्रहों का चलना: आकाश में हर ग्रह राशि-चक्र में आगे बढ़ता है, और जब वह एक राशि की सीमा पार करता है तो उसे उस ग्रह का राशि परिवर्तन (संक्रमण) कहते हैं। यह पृष्ठ केवल वही बताता है कि कौन-सा ग्रह कब कहाँ है। शास्त्रीय पद्धति में गोचर को व्यक्ति की जन्म-राशि (चन्द्र राशि) से गिनकर पढ़ा जाता है; अपनी कुंडली पर आज का गोचर देखने के लिए गोचर उपकरण खोलें।
वक्री और मार्गी
पृथ्वी से देखने पर मंगल, बुध, गुरु, शुक्र और शनि कभी-कभी कुछ समय के लिए पीछे की ओर चलते दिखते हैं। इसे वक्री गति कहते हैं; जिस क्षण ग्रह रुककर मुड़ता है वह स्तम्भन (स्टेशन) है, और फिर आगे बढ़ना मार्गी होना। यह पृथ्वी और ग्रह की कक्षाओं की सापेक्ष गति का दृश्य प्रभाव है। सूर्य और चन्द्रमा कभी वक्री नहीं होते; राहु-केतु (मध्यम) सदा पीछे चलते हैं।
अस्त (दहन)
जब कोई ग्रह सूर्य के बहुत पास होता है तो सूर्य की चमक में वह दिखाई नहीं देता; ग्रंथ इसे अस्त कहते हैं, और फिर दिखने लगना उदय। सूर्य सिद्धान्त हर ग्रह के लिए दूरी की सीमा देता है। यहाँ प्रयुक्त सीमाएँ: मंगल 17°, बुध 14° (वक्री में 12°), गुरु 11°, शुक्र 10° (वक्री में 8°), शनि 15°। पंचांग गुरु और शुक्र के अस्त-काल को विवाह जैसे संस्कारों के मुहूर्त में छोड़ते हैं।
निरयण राशियाँ
भारतीय पंचांग राशियों को तारों के सापेक्ष (निरयण) गिनते हैं। पश्चिमी (सायन) राशियाँ इनसे लगभग 24° आगे हैं, इसलिए वहाँ छपी तारीखें यहाँ से लगभग तीन सप्ताह पहले की होती हैं। यहाँ लाहिरी अयनांश प्रयुक्त है।
यह गणना कैसे हुई
NASA JPL के DE421 आँकड़ों से हर ग्रह की स्पष्ट भू-केन्द्रीय स्थिति, लाहिरी अयनांश घटाकर। राशि-सीमा पार करने, गति शून्य होने और सूर्य से दूरी सीमा के बराबर होने के क्षण द्विभाजन (bisection) से एक सेकंड से कम की शुद्धता तक निकाले गए हैं। अयनांश के छोटे अन्तर से धीमे ग्रहों (विशेषकर शनि) का समय दूसरे पंचांगों से कुछ घंटे अलग हो सकता है।
पंचांग में और
- आजआज के पाँच अंग, शुभ-अशुभ समय और चौघड़िया।
- मासिक कैलेंडरपूरे मास की तिथियाँ, नक्षत्र और पर्व।
- पर्व और व्रतवर्ष भर के पर्व, व्रत, एकादशी और पूर्णिमा।
- मुहूर्त खोजेंरोज़ के कामों के लिए शुभ समय, कारण सहित।
- चौघड़ियादिन-रात के आठ-आठ भाग, अभी कौन-सा चल रहा है।
- राहु कालआज का राहु काल, गुलिक और यमगण्ड।
- पंचकआने वाले महीनों के पंचक, और ग्रंथ इनके बारे में क्या कहते हैं।
- भद्राभद्रा (विष्टि करण) कब है और उसका वास कहाँ है।
- संक्रान्तिवर्ष की बारह संक्रान्तियाँ, समय और पुण्य काल सहित।
- ग्रहणवर्ष के सूर्य और चन्द्र ग्रहण, स्पर्श-मोक्ष के समय और सूतक।
- तिथि परिवर्तककिसी भी अंग्रेज़ी तारीख की हिन्दू तिथि।
- जन्म तिथिअपनी जन्म तिथि और अगले वर्षों की तारीखें।
- नामाक्षरनक्षत्र-पद के अनुसार नाम के आरम्भिक अक्षर।
