पंचांग · गोचर · चन्द्र
2000 में चन्द्र का गोचर
चन्द्रमा लगभग हर सवा दो दिन में राशि बदलता है; 2000 में 160 बार। नीचे हर प्रवेश का समय है।
सभी समय एडिलेड के स्थानीय समय (Australia/Adelaide, ACDT/ACST) में।
2000 में चन्द्र किन राशियों में है
- वृश्चिक2 जनवरी, शाम 7:37
- धनु5 जनवरी, सुबह 8:25
- मकर7 जनवरी, रात 9:04
- कुम्भ10 जनवरी, सुबह 8:31
- मीन12 जनवरी, शाम 5:53
- मेष15 जनवरी, रात 12:21
- वृषभ17 जनवरी, रात 3:43
- मिथुन19 जनवरी, सुबह 4:40
- कर्क21 जनवरी, सुबह 4:36
- सिंह23 जनवरी, सुबह 5:21
- कन्या25 जनवरी, सुबह 8:41
- तुला27 जनवरी, दोपहर 3:45
- वृश्चिक30 जनवरी, रात 2:26
- धनु1 फ़रवरी, दोपहर 3:10
- मकर4 फ़रवरी, रात 3:46
- कुम्भ6 फ़रवरी, दोपहर 2:43
- मीन8 फ़रवरी, रात 11:26
- मेष11 फ़रवरी, सुबह 5:56
- वृषभ13 फ़रवरी, सुबह 10:22
- मिथुन15 फ़रवरी, दोपहर 1:02
- कर्क17 फ़रवरी, दोपहर 2:35
- सिंह19 फ़रवरी, शाम 4:06
- कन्या21 फ़रवरी, शाम 7:05
- तुला24 फ़रवरी, रात 12:58
- वृश्चिक26 फ़रवरी, सुबह 10:28
- धनु28 फ़रवरी, रात 10:45
- मकर2 मार्च, सुबह 11:28
- कुम्भ4 मार्च, रात 10:18
- मीन7 मार्च, सुबह 6:16
- मेष9 मार्च, सुबह 11:46
- वृषभ11 मार्च, दोपहर 3:43
- मिथुन13 मार्च, शाम 6:55
- कर्क15 मार्च, रात 9:48
- सिंह18 मार्च, रात 12:47
- कन्या20 मार्च, सुबह 4:37
- तुला22 मार्च, सुबह 10:25
- वृश्चिक24 मार्च, शाम 7:11
- धनु27 मार्च, सुबह 5:53
- मकर29 मार्च, शाम 6:43
- कुम्भ1 अप्रैल, सुबह 5:57
- मीन3 अप्रैल, दोपहर 1:51
- मेष5 अप्रैल, शाम 6:29
- वृषभ7 अप्रैल, रात 9:11
- मिथुन9 अप्रैल, रात 11:25
- कर्क12 अप्रैल, रात 2:14
- सिंह14 अप्रैल, सुबह 6:03
- कन्या16 अप्रैल, सुबह 11:03
- तुला18 अप्रैल, शाम 5:39
- वृश्चिक21 अप्रैल, रात 2:29
- धनु23 अप्रैल, दोपहर 1:52
- मकर26 अप्रैल, रात 2:45
- कुम्भ28 अप्रैल, दोपहर 2:41
- मीन30 अप्रैल, रात 11:18
- मेष3 मई, सुबह 4:00
- वृषभ5 मई, सुबह 5:52
- मिथुन7 मई, सुबह 6:41
- कर्क9 मई, सुबह 8:11
- सिंह11 मई, सुबह 11:26
- कन्या13 मई, शाम 4:46
- तुला16 मई, रात 12:10
- वृश्चिक18 मई, सुबह 9:38
- धनु20 मई, रात 9:07
- मकर23 मई, सुबह 10:00
- कुम्भ25 मई, रात 10:30
- मीन28 मई, सुबह 8:17
- मेष30 मई, दोपहर 2:01
- वृषभ1 जून, शाम 4:07
- मिथुन3 जून, शाम 4:13
- कर्क5 जून, शाम 4:15
- सिंह7 जून, शाम 5:57
- कन्या9 जून, रात 10:22
- तुला12 जून, सुबह 5:44
- वृश्चिक14 जून, दोपहर 3:40
- धनु17 जून, रात 3:31
- मकर19 जून, शाम 4:26
- कुम्भ22 जून, सुबह 5:07
- मीन24 जून, दोपहर 3:48
- मेष26 जून, रात 11:00
- वृषभ29 जून, रात 2:22
- मिथुन1 जुलाई, रात 2:55
- कर्क3 जुलाई, रात 2:22
- सिंह5 जुलाई, रात 2:40
- कन्या7 जुलाई, सुबह 5:27
- तुला9 जुलाई, सुबह 11:45
- वृश्चिक11 जुलाई, रात 9:26
- धनु14 जुलाई, सुबह 9:30
- मकर16 जुलाई, रात 10:28
- कुम्भ19 जुलाई, सुबह 11:00
- मीन21 जुलाई, रात 9:54
- मेष24 जुलाई, सुबह 6:07
- वृषभ26 जुलाई, सुबह 11:04
- मिथुन28 जुलाई, दोपहर 1:03
- कर्क30 जुलाई, दोपहर 1:08
- सिंह1 अगस्त, दोपहर 1:00
- कन्या3 अगस्त, दोपहर 2:31
- तुला5 अगस्त, शाम 7:17
- वृश्चिक8 अगस्त, रात 3:58
- धनु10 अगस्त, दोपहर 3:46
- मकर13 अगस्त, सुबह 4:46
- कुम्भ15 अगस्त, शाम 5:03
- मीन18 अगस्त, रात 3:31
- मेष20 अगस्त, सुबह 11:47
- वृषभ22 अगस्त, शाम 5:40
- मिथुन24 अगस्त, रात 9:12
- कर्क26 अगस्त, रात 10:47
- सिंह28 अगस्त, रात 11:26
- कन्या31 अगस्त, रात 12:43
- तुला2 सितंबर, सुबह 4:24
- वृश्चिक4 सितंबर, सुबह 11:48
- धनु6 सितंबर, रात 10:53
- मकर9 सितंबर, सुबह 11:47
- कुम्भ12 सितंबर, रात 12:00
- मीन14 सितंबर, सुबह 9:57
- मेष16 सितंबर, शाम 5:29
- वृषभ18 सितंबर, रात 11:05
- मिथुन21 सितंबर, रात 3:14
- कर्क23 सितंबर, सुबह 6:11
- सिंह25 सितंबर, सुबह 8:18
- कन्या27 सितंबर, सुबह 10:28
- तुला29 सितंबर, दोपहर 2:06
- वृश्चिक1 अक्टूबर, रात 8:42
- धनु4 अक्टूबर, सुबह 6:55
- मकर6 अक्टूबर, शाम 7:34
- कुम्भ9 अक्टूबर, सुबह 8:00
- मीन11 अक्टूबर, शाम 5:54
- मेष14 अक्टूबर, रात 12:42
- वृषभ16 अक्टूबर, सुबह 5:14
- मिथुन18 अक्टूबर, सुबह 8:39
- कर्क20 अक्टूबर, सुबह 11:45
- सिंह22 अक्टूबर, दोपहर 2:53
- कन्या24 अक्टूबर, शाम 6:22
- तुला26 अक्टूबर, रात 10:54
- वृश्चिक29 अक्टूबर, सुबह 6:37
- धनु31 अक्टूबर, शाम 4:21
- मकर3 नवंबर, सुबह 4:41
- कुम्भ5 नवंबर, शाम 5:28
- मीन8 नवंबर, सुबह 4:00
- मेष10 नवंबर, सुबह 10:53
- वृषभ12 नवंबर, दोपहर 2:38
- मिथुन14 नवंबर, शाम 4:40
- कर्क16 नवंबर, शाम 6:32
- सिंह18 नवंबर, रात 9:13
- कन्या21 नवंबर, रात 1:15
- तुला23 नवंबर, सुबह 6:51
- वृश्चिक25 नवंबर, दोपहर 2:24
- धनु28 नवंबर, रात 12:18
- मकर30 नवंबर, दोपहर 12:27
- कुम्भ3 दिसंबर, रात 1:30
- मीन5 दिसंबर, दोपहर 1:01
- मेष7 दिसंबर, रात 8:59
- वृषभ10 दिसंबर, रात 1:05
- मिथुन12 दिसंबर, रात 2:24
- कर्क14 दिसंबर, रात 2:43
- सिंह16 दिसंबर, रात 3:45
- कन्या18 दिसंबर, सुबह 6:46
- तुला20 दिसंबर, दोपहर 12:23
- वृश्चिक22 दिसंबर, रात 8:39
- धनु25 दिसंबर, सुबह 7:11
- मकर27 दिसंबर, शाम 7:27
- कुम्भ30 दिसंबर, सुबह 8:30
यह भी देखें: चन्द्र (शब्दकोश) · गोचर 2000: सभी ग्रह · अपनी कुंडली पर गोचर
समझें
गोचर क्या है
गोचर का अर्थ है ग्रहों का चलना: आकाश में हर ग्रह राशि-चक्र में आगे बढ़ता है, और जब वह एक राशि की सीमा पार करता है तो उसे उस ग्रह का राशि परिवर्तन (संक्रमण) कहते हैं। यह पृष्ठ केवल वही बताता है कि कौन-सा ग्रह कब कहाँ है। शास्त्रीय पद्धति में गोचर को व्यक्ति की जन्म-राशि (चन्द्र राशि) से गिनकर पढ़ा जाता है; अपनी कुंडली पर आज का गोचर देखने के लिए गोचर उपकरण खोलें।
वक्री और मार्गी
पृथ्वी से देखने पर मंगल, बुध, गुरु, शुक्र और शनि कभी-कभी कुछ समय के लिए पीछे की ओर चलते दिखते हैं। इसे वक्री गति कहते हैं; जिस क्षण ग्रह रुककर मुड़ता है वह स्तम्भन (स्टेशन) है, और फिर आगे बढ़ना मार्गी होना। यह पृथ्वी और ग्रह की कक्षाओं की सापेक्ष गति का दृश्य प्रभाव है। सूर्य और चन्द्रमा कभी वक्री नहीं होते; राहु-केतु (मध्यम) सदा पीछे चलते हैं।
अस्त (दहन)
जब कोई ग्रह सूर्य के बहुत पास होता है तो सूर्य की चमक में वह दिखाई नहीं देता; ग्रंथ इसे अस्त कहते हैं, और फिर दिखने लगना उदय। सूर्य सिद्धान्त हर ग्रह के लिए दूरी की सीमा देता है। यहाँ प्रयुक्त सीमाएँ: मंगल 17°, बुध 14° (वक्री में 12°), गुरु 11°, शुक्र 10° (वक्री में 8°), शनि 15°। पंचांग गुरु और शुक्र के अस्त-काल को विवाह जैसे संस्कारों के मुहूर्त में छोड़ते हैं।
निरयण राशियाँ
भारतीय पंचांग राशियों को तारों के सापेक्ष (निरयण) गिनते हैं। पश्चिमी (सायन) राशियाँ इनसे लगभग 24° आगे हैं, इसलिए वहाँ छपी तारीखें यहाँ से लगभग तीन सप्ताह पहले की होती हैं। यहाँ लाहिरी अयनांश प्रयुक्त है।
यह गणना कैसे हुई
NASA JPL के DE421 आँकड़ों से हर ग्रह की स्पष्ट भू-केन्द्रीय स्थिति, लाहिरी अयनांश घटाकर। राशि-सीमा पार करने, गति शून्य होने और सूर्य से दूरी सीमा के बराबर होने के क्षण द्विभाजन (bisection) से एक सेकंड से कम की शुद्धता तक निकाले गए हैं। अयनांश के छोटे अन्तर से धीमे ग्रहों (विशेषकर शनि) का समय दूसरे पंचांगों से कुछ घंटे अलग हो सकता है।
पंचांग में और
- आजआज के पाँच अंग, शुभ-अशुभ समय और चौघड़िया।
- मासिक कैलेंडरपूरे मास की तिथियाँ, नक्षत्र और पर्व।
- पर्व और व्रतवर्ष भर के पर्व, व्रत, एकादशी और पूर्णिमा।
- मुहूर्त खोजेंरोज़ के कामों के लिए शुभ समय, कारण सहित।
- चौघड़ियादिन-रात के आठ-आठ भाग, अभी कौन-सा चल रहा है।
- राहु कालआज का राहु काल, गुलिक और यमगण्ड।
- पंचकआने वाले महीनों के पंचक, और ग्रंथ इनके बारे में क्या कहते हैं।
- भद्राभद्रा (विष्टि करण) कब है और उसका वास कहाँ है।
- संक्रान्तिवर्ष की बारह संक्रान्तियाँ, समय और पुण्य काल सहित।
- ग्रहणवर्ष के सूर्य और चन्द्र ग्रहण, स्पर्श-मोक्ष के समय और सूतक।
- तिथि परिवर्तककिसी भी अंग्रेज़ी तारीख की हिन्दू तिथि।
- जन्म तिथिअपनी जन्म तिथि और अगले वर्षों की तारीखें।
- नामाक्षरनक्षत्र-पद के अनुसार नाम के आरम्भिक अक्षर।
