पंचांग · गोचर · चन्द्र
2001 में चन्द्र का गोचर
चन्द्रमा लगभग हर सवा दो दिन में राशि बदलता है; 2001 में 161 बार। नीचे हर प्रवेश का समय है।
सभी समय वॉशिंगटन डी.सी. के स्थानीय समय (America/New York, EST/EDT) में।
2001 में चन्द्र किन राशियों में है
- मीन1 जनवरी, सुबह 5:12
- मेष3 जनवरी, दोपहर 2:39
- वृषभ5 जनवरी, रात 8:15
- मिथुन7 जनवरी, रात 10:15
- कर्क9 जनवरी, रात 10:03
- सिंह11 जनवरी, रात 9:34
- कन्या13 जनवरी, रात 10:41
- तुला16 जनवरी, रात 2:54
- वृश्चिक18 जनवरी, सुबह 10:45
- धनु20 जनवरी, रात 9:38
- मकर23 जनवरी, सुबह 10:14
- कुम्भ25 जनवरी, रात 11:14
- मीन28 जनवरी, सुबह 11:27
- मेष30 जनवरी, रात 9:46
- वृषभ2 फ़रवरी, सुबह 5:03
- मिथुन4 फ़रवरी, सुबह 8:49
- कर्क6 फ़रवरी, सुबह 9:37
- सिंह8 फ़रवरी, सुबह 8:55
- कन्या10 फ़रवरी, सुबह 8:44
- तुला12 फ़रवरी, सुबह 11:05
- वृश्चिक14 फ़रवरी, शाम 5:24
- धनु17 फ़रवरी, रात 3:41
- मकर19 फ़रवरी, शाम 4:23
- कुम्भ22 फ़रवरी, सुबह 5:23
- मीन24 फ़रवरी, शाम 5:17
- मेष27 फ़रवरी, रात 3:27
- वृषभ1 मार्च, सुबह 11:28
- मिथुन3 मार्च, शाम 4:50
- कर्क5 मार्च, शाम 7:27
- सिंह7 मार्च, शाम 7:57
- कन्या9 मार्च, शाम 7:52
- तुला11 मार्च, रात 9:15
- वृश्चिक14 मार्च, रात 1:58
- धनु16 मार्च, सुबह 10:55
- मकर18 मार्च, रात 11:07
- कुम्भ21 मार्च, दोपहर 12:07
- मीन23 मार्च, रात 11:47
- मेष26 मार्च, सुबह 9:20
- वृषभ28 मार्च, शाम 4:53
- मिथुन30 मार्च, रात 10:37
- कर्क2 अप्रैल, रात 3:31
- सिंह4 अप्रैल, सुबह 5:40
- कन्या6 अप्रैल, सुबह 6:53
- तुला8 अप्रैल, सुबह 8:37
- वृश्चिक10 अप्रैल, दोपहर 12:42
- धनु12 अप्रैल, रात 8:28
- मकर15 अप्रैल, सुबह 7:47
- कुम्भ17 अप्रैल, रात 8:38
- मीन20 अप्रैल, सुबह 8:23
- मेष22 अप्रैल, शाम 5:34
- वृषभ25 अप्रैल, रात 12:15
- मिथुन27 अप्रैल, सुबह 5:10
- कर्क29 अप्रैल, सुबह 8:56
- सिंह1 मई, सुबह 11:55
- कन्या3 मई, दोपहर 2:29
- तुला5 मई, शाम 5:26
- वृश्चिक7 मई, रात 10:01
- धनु10 मई, सुबह 5:26
- मकर12 मई, शाम 4:02
- कुम्भ15 मई, सुबह 4:37
- मीन17 मई, शाम 4:41
- मेष20 मई, रात 2:09
- वृषभ22 मई, सुबह 8:26
- मिथुन24 मई, दोपहर 12:18
- कर्क26 मई, दोपहर 2:54
- सिंह28 मई, शाम 5:17
- कन्या30 मई, रात 8:11
- तुला2 जून, रात 12:08
- वृश्चिक4 जून, सुबह 5:45
- धनु6 जून, दोपहर 1:38
- मकर9 जून, रात 12:06
- कुम्भ11 जून, दोपहर 12:28
- मीन14 जून, रात 12:54
- मेष16 जून, सुबह 11:09
- वृषभ18 जून, शाम 5:56
- मिथुन20 जून, रात 9:27
- कर्क22 जून, रात 10:55
- सिंह24 जून, रात 11:53
- कन्या27 जून, रात 1:46
- तुला29 जून, सुबह 5:36
- वृश्चिक1 जुलाई, सुबह 11:50
- धनु3 जुलाई, रात 8:30
- मकर6 जुलाई, सुबह 7:19
- कुम्भ8 जुलाई, शाम 7:40
- मीन11 जुलाई, सुबह 8:19
- मेष13 जुलाई, शाम 7:29
- वृषभ16 जुलाई, रात 3:27
- मिथुन18 जुलाई, सुबह 7:41
- कर्क20 जुलाई, सुबह 8:53
- सिंह22 जुलाई, सुबह 8:42
- कन्या24 जुलाई, सुबह 9:02
- तुला26 जुलाई, सुबह 11:34
- वृश्चिक28 जुलाई, शाम 5:20
- धनु31 जुलाई, रात 2:18
- मकर2 अगस्त, दोपहर 1:35
- कुम्भ5 अगस्त, रात 2:05
- मीन7 अगस्त, दोपहर 2:46
- मेष10 अगस्त, रात 2:27
- वृषभ12 अगस्त, सुबह 11:42
- मिथुन14 अगस्त, शाम 5:24
- कर्क16 अगस्त, शाम 7:32
- सिंह18 अगस्त, शाम 7:15
- कन्या20 अगस्त, शाम 6:31
- तुला22 अगस्त, शाम 7:27
- वृश्चिक24 अगस्त, रात 11:48
- धनु27 अगस्त, सुबह 8:06
- मकर29 अगस्त, शाम 7:27
- कुम्भ1 सितंबर, सुबह 8:07
- मीन3 सितंबर, रात 8:41
- मेष6 सितंबर, सुबह 8:18
- वृषभ8 सितंबर, शाम 6:10
- मिथुन11 सितंबर, रात 1:18
- कर्क13 सितंबर, सुबह 5:05
- सिंह15 सितंबर, सुबह 5:55
- कन्या17 सितंबर, सुबह 5:19
- तुला19 सितंबर, सुबह 5:21
- वृश्चिक21 सितंबर, सुबह 8:10
- धनु23 सितंबर, दोपहर 3:05
- मकर26 सितंबर, रात 1:47
- कुम्भ28 सितंबर, दोपहर 2:25
- मीन1 अक्टूबर, रात 2:55
- मेष3 अक्टूबर, दोपहर 2:07
- वृषभ5 अक्टूबर, रात 11:41
- मिथुन8 अक्टूबर, सुबह 7:15
- कर्क10 अक्टूबर, दोपहर 12:23
- सिंह12 अक्टूबर, दोपहर 2:55
- कन्या14 अक्टूबर, दोपहर 3:35
- तुला16 अक्टूबर, शाम 4:00
- वृश्चिक18 अक्टूबर, शाम 6:09
- धनु20 अक्टूबर, रात 11:45
- मकर23 अक्टूबर, सुबह 9:17
- कुम्भ25 अक्टूबर, रात 9:31
- मीन28 अक्टूबर, सुबह 9:03
- मेष30 अक्टूबर, रात 8:01
- वृषभ2 नवंबर, सुबह 4:51
- मिथुन4 नवंबर, सुबह 11:44
- कर्क6 नवंबर, शाम 4:55
- सिंह8 नवंबर, रात 8:28
- कन्या10 नवंबर, रात 10:43
- तुला13 नवंबर, रात 12:31
- वृश्चिक15 नवंबर, रात 3:14
- धनु17 नवंबर, सुबह 8:24
- मकर19 नवंबर, शाम 4:57
- कुम्भ22 नवंबर, सुबह 4:30
- मीन24 नवंबर, शाम 5:05
- मेष27 नवंबर, सुबह 4:19
- वृषभ29 नवंबर, दोपहर 12:52
- मिथुन1 दिसंबर, शाम 6:45
- कर्क3 दिसंबर, रात 10:47
- सिंह6 दिसंबर, रात 1:49
- कन्या8 दिसंबर, सुबह 4:34
- तुला10 दिसंबर, सुबह 7:38
- वृश्चिक12 दिसंबर, सुबह 11:41
- धनु14 दिसंबर, शाम 5:31
- मकर17 दिसंबर, रात 1:52
- कुम्भ19 दिसंबर, दोपहर 12:52
- मीन22 दिसंबर, रात 1:24
- मेष24 दिसंबर, दोपहर 1:16
- वृषभ26 दिसंबर, रात 10:25
- मिथुन29 दिसंबर, सुबह 4:05
- कर्क31 दिसंबर, सुबह 6:59
यह भी देखें: चन्द्र (शब्दकोश) · गोचर 2001: सभी ग्रह · अपनी कुंडली पर गोचर
समझें
गोचर क्या है
गोचर का अर्थ है ग्रहों का चलना: आकाश में हर ग्रह राशि-चक्र में आगे बढ़ता है, और जब वह एक राशि की सीमा पार करता है तो उसे उस ग्रह का राशि परिवर्तन (संक्रमण) कहते हैं। यह पृष्ठ केवल वही बताता है कि कौन-सा ग्रह कब कहाँ है। शास्त्रीय पद्धति में गोचर को व्यक्ति की जन्म-राशि (चन्द्र राशि) से गिनकर पढ़ा जाता है; अपनी कुंडली पर आज का गोचर देखने के लिए गोचर उपकरण खोलें।
वक्री और मार्गी
पृथ्वी से देखने पर मंगल, बुध, गुरु, शुक्र और शनि कभी-कभी कुछ समय के लिए पीछे की ओर चलते दिखते हैं। इसे वक्री गति कहते हैं; जिस क्षण ग्रह रुककर मुड़ता है वह स्तम्भन (स्टेशन) है, और फिर आगे बढ़ना मार्गी होना। यह पृथ्वी और ग्रह की कक्षाओं की सापेक्ष गति का दृश्य प्रभाव है। सूर्य और चन्द्रमा कभी वक्री नहीं होते; राहु-केतु (मध्यम) सदा पीछे चलते हैं।
अस्त (दहन)
जब कोई ग्रह सूर्य के बहुत पास होता है तो सूर्य की चमक में वह दिखाई नहीं देता; ग्रंथ इसे अस्त कहते हैं, और फिर दिखने लगना उदय। सूर्य सिद्धान्त हर ग्रह के लिए दूरी की सीमा देता है। यहाँ प्रयुक्त सीमाएँ: मंगल 17°, बुध 14° (वक्री में 12°), गुरु 11°, शुक्र 10° (वक्री में 8°), शनि 15°। पंचांग गुरु और शुक्र के अस्त-काल को विवाह जैसे संस्कारों के मुहूर्त में छोड़ते हैं।
निरयण राशियाँ
भारतीय पंचांग राशियों को तारों के सापेक्ष (निरयण) गिनते हैं। पश्चिमी (सायन) राशियाँ इनसे लगभग 24° आगे हैं, इसलिए वहाँ छपी तारीखें यहाँ से लगभग तीन सप्ताह पहले की होती हैं। यहाँ लाहिरी अयनांश प्रयुक्त है।
यह गणना कैसे हुई
NASA JPL के DE421 आँकड़ों से हर ग्रह की स्पष्ट भू-केन्द्रीय स्थिति, लाहिरी अयनांश घटाकर। राशि-सीमा पार करने, गति शून्य होने और सूर्य से दूरी सीमा के बराबर होने के क्षण द्विभाजन (bisection) से एक सेकंड से कम की शुद्धता तक निकाले गए हैं। अयनांश के छोटे अन्तर से धीमे ग्रहों (विशेषकर शनि) का समय दूसरे पंचांगों से कुछ घंटे अलग हो सकता है।
पंचांग में और
- आजआज के पाँच अंग, शुभ-अशुभ समय और चौघड़िया।
- मासिक कैलेंडरपूरे मास की तिथियाँ, नक्षत्र और पर्व।
- पर्व और व्रतवर्ष भर के पर्व, व्रत, एकादशी और पूर्णिमा।
- मुहूर्त खोजेंरोज़ के कामों के लिए शुभ समय, कारण सहित।
- चौघड़ियादिन-रात के आठ-आठ भाग, अभी कौन-सा चल रहा है।
- राहु कालआज का राहु काल, गुलिक और यमगण्ड।
- पंचकआने वाले महीनों के पंचक, और ग्रंथ इनके बारे में क्या कहते हैं।
- भद्राभद्रा (विष्टि करण) कब है और उसका वास कहाँ है।
- संक्रान्तिवर्ष की बारह संक्रान्तियाँ, समय और पुण्य काल सहित।
- ग्रहणवर्ष के सूर्य और चन्द्र ग्रहण, स्पर्श-मोक्ष के समय और सूतक।
- तिथि परिवर्तककिसी भी अंग्रेज़ी तारीख की हिन्दू तिथि।
- जन्म तिथिअपनी जन्म तिथि और अगले वर्षों की तारीखें।
- नामाक्षरनक्षत्र-पद के अनुसार नाम के आरम्भिक अक्षर।
