पंचांग · गोचर · चन्द्र
2002 में चन्द्र का गोचर
चन्द्रमा लगभग हर सवा दो दिन में राशि बदलता है; 2002 में 160 बार। नीचे हर प्रवेश का समय है।
सभी समय डैलस के स्थानीय समय (America/Chicago, CST/CDT) में।
2002 में चन्द्र किन राशियों में है
- सिंह2 जनवरी, सुबह 7:30
- कन्या4 जनवरी, सुबह 9:08
- तुला6 जनवरी, दोपहर 12:04
- वृश्चिक8 जनवरी, शाम 4:55
- धनु10 जनवरी, रात 11:50
- मकर13 जनवरी, सुबह 8:49
- कुम्भ15 जनवरी, शाम 7:45
- मीन18 जनवरी, सुबह 8:11
- मेष20 जनवरी, रात 8:38
- वृषभ23 जनवरी, सुबह 6:59
- मिथुन25 जनवरी, दोपहर 1:37
- कर्क27 जनवरी, शाम 4:30
- सिंह29 जनवरी, शाम 4:55
- कन्या31 जनवरी, शाम 4:50
- तुला2 फ़रवरी, शाम 6:12
- वृश्चिक4 फ़रवरी, रात 10:20
- धनु7 फ़रवरी, सुबह 5:32
- मकर9 फ़रवरी, दोपहर 3:15
- कुम्भ12 फ़रवरी, रात 2:37
- मीन14 फ़रवरी, दोपहर 3:02
- मेष17 फ़रवरी, रात 3:41
- वृषभ19 फ़रवरी, दोपहर 3:03
- मिथुन21 फ़रवरी, रात 11:17
- कर्क24 फ़रवरी, रात 3:26
- सिंह26 फ़रवरी, सुबह 4:07
- कन्या28 फ़रवरी, रात 3:10
- तुला2 मार्च, रात 2:51
- वृश्चिक4 मार्च, सुबह 5:11
- धनु6 मार्च, सुबह 11:18
- मकर8 मार्च, रात 8:53
- कुम्भ11 मार्च, सुबह 8:37
- मीन13 मार्च, रात 9:11
- मेष16 मार्च, सुबह 9:44
- वृषभ18 मार्च, रात 9:23
- मिथुन21 मार्च, सुबह 6:48
- कर्क23 मार्च, दोपहर 12:41
- सिंह25 मार्च, दोपहर 2:52
- कन्या27 मार्च, दोपहर 2:29
- तुला29 मार्च, दोपहर 1:36
- वृश्चिक31 मार्च, दोपहर 2:27
- धनु2 अप्रैल, शाम 6:47
- मकर5 अप्रैल, रात 3:11
- कुम्भ7 अप्रैल, दोपहर 3:37
- मीन10 अप्रैल, सुबह 4:18
- मेष12 अप्रैल, शाम 4:43
- वृषभ15 अप्रैल, सुबह 4:02
- मिथुन17 अप्रैल, दोपहर 1:34
- कर्क19 अप्रैल, रात 8:31
- सिंह22 अप्रैल, रात 12:22
- कन्या24 अप्रैल, रात 1:33
- तुला26 अप्रैल, रात 1:28
- वृश्चिक28 अप्रैल, रात 2:02
- धनु30 अप्रैल, सुबह 5:10
- मकर2 मई, दोपहर 12:03
- कुम्भ4 मई, रात 10:32
- मीन7 मई, सुबह 10:59
- मेष9 मई, रात 11:22
- वृषभ12 मई, सुबह 10:17
- मिथुन14 मई, शाम 7:13
- कर्क17 मई, रात 1:58
- सिंह19 मई, सुबह 6:33
- कन्या21 मई, सुबह 9:10
- तुला23 मई, सुबह 10:36
- वृश्चिक25 मई, दोपहर 12:05
- धनु27 मई, दोपहर 3:10
- मकर29 मई, रात 9:09
- कुम्भ1 जून, सुबह 6:33
- मीन3 जून, शाम 6:30
- मेष6 जून, सुबह 6:56
- वृषभ8 जून, शाम 5:47
- मिथुन11 जून, रात 2:05
- कर्क13 जून, सुबह 7:56
- सिंह15 जून, सुबह 11:56
- कन्या17 जून, दोपहर 2:52
- तुला19 जून, शाम 5:23
- वृश्चिक21 जून, रात 8:13
- धनु24 जून, रात 12:12
- मकर26 जून, सुबह 6:15
- कुम्भ28 जून, दोपहर 3:04
- मीन1 जुलाई, रात 2:30
- मेष3 जुलाई, दोपहर 3:01
- वृषभ6 जुलाई, रात 2:16
- मिथुन8 जुलाई, सुबह 10:33
- कर्क10 जुलाई, दोपहर 3:37
- सिंह12 जुलाई, शाम 6:28
- कन्या14 जुलाई, रात 8:27
- तुला16 जुलाई, रात 10:49
- वृश्चिक19 जुलाई, रात 2:21
- धनु21 जुलाई, सुबह 7:24
- मकर23 जुलाई, दोपहर 2:14
- कुम्भ25 जुलाई, रात 11:11
- मीन28 जुलाई, सुबह 10:21
- मेष30 जुलाई, रात 10:56
- वृषभ2 अगस्त, सुबह 10:52
- मिथुन4 अगस्त, शाम 7:53
- कर्क7 अगस्त, रात 1:03
- सिंह9 अगस्त, रात 3:05
- कन्या11 अगस्त, रात 3:43
- तुला13 अगस्त, सुबह 4:48
- वृश्चिक15 अगस्त, सुबह 7:45
- धनु17 अगस्त, दोपहर 1:06
- मकर19 अगस्त, रात 8:42
- कुम्भ22 अगस्त, सुबह 6:14
- मीन24 अगस्त, शाम 5:31
- मेष27 अगस्त, सुबह 6:07
- वृषभ29 अगस्त, शाम 6:38
- मिथुन1 सितंबर, सुबह 4:50
- कर्क3 सितंबर, सुबह 11:04
- सिंह5 सितंबर, दोपहर 1:23
- कन्या7 सितंबर, दोपहर 1:17
- तुला9 सितंबर, दोपहर 12:56
- वृश्चिक11 सितंबर, दोपहर 2:20
- धनु13 सितंबर, शाम 6:43
- मकर16 सितंबर, रात 2:15
- कुम्भ18 सितंबर, दोपहर 12:15
- मीन20 सितंबर, रात 11:53
- मेष23 सितंबर, दोपहर 12:30
- वृषभ26 सितंबर, रात 1:12
- मिथुन28 सितंबर, दोपहर 12:20
- कर्क30 सितंबर, रात 8:07
- सिंह2 अक्टूबर, रात 11:47
- कन्या5 अक्टूबर, रात 12:13
- तुला6 अक्टूबर, रात 11:19
- वृश्चिक8 अक्टूबर, रात 11:17
- धनु11 अक्टूबर, रात 1:59
- मकर13 अक्टूबर, सुबह 8:20
- कुम्भ15 अक्टूबर, शाम 6:03
- मीन18 अक्टूबर, सुबह 5:54
- मेष20 अक्टूबर, शाम 6:34
- वृषभ23 अक्टूबर, सुबह 7:04
- मिथुन25 अक्टूबर, शाम 6:21
- कर्क28 अक्टूबर, रात 2:10
- सिंह30 अक्टूबर, सुबह 7:33
- कन्या1 नवंबर, सुबह 9:35
- तुला3 नवंबर, सुबह 9:30
- वृश्चिक5 नवंबर, सुबह 9:10
- धनु7 नवंबर, सुबह 10:33
- मकर9 नवंबर, दोपहर 3:14
- कुम्भ11 नवंबर, रात 11:46
- मीन14 नवंबर, सुबह 11:17
- मेष17 नवंबर, रात 12:02
- वृषभ19 नवंबर, दोपहर 12:18
- मिथुन21 नवंबर, रात 11:04
- कर्क24 नवंबर, सुबह 7:45
- सिंह26 नवंबर, दोपहर 1:58
- कन्या28 नवंबर, शाम 5:39
- तुला30 नवंबर, शाम 7:18
- वृश्चिक2 दिसंबर, रात 8:01
- धनु4 दिसंबर, रात 9:22
- मकर7 दिसंबर, रात 12:59
- कुम्भ9 दिसंबर, सुबह 8:05
- मीन11 दिसंबर, शाम 6:43
- मेष14 दिसंबर, सुबह 7:20
- वृषभ16 दिसंबर, शाम 7:39
- मिथुन19 दिसंबर, सुबह 5:56
- कर्क21 दिसंबर, दोपहर 1:44
- सिंह23 दिसंबर, शाम 7:22
- कन्या25 दिसंबर, रात 11:26
- तुला28 दिसंबर, रात 2:24
- वृश्चिक30 दिसंबर, सुबह 4:46
यह भी देखें: चन्द्र (शब्दकोश) · गोचर 2002: सभी ग्रह · अपनी कुंडली पर गोचर
समझें
गोचर क्या है
गोचर का अर्थ है ग्रहों का चलना: आकाश में हर ग्रह राशि-चक्र में आगे बढ़ता है, और जब वह एक राशि की सीमा पार करता है तो उसे उस ग्रह का राशि परिवर्तन (संक्रमण) कहते हैं। यह पृष्ठ केवल वही बताता है कि कौन-सा ग्रह कब कहाँ है। शास्त्रीय पद्धति में गोचर को व्यक्ति की जन्म-राशि (चन्द्र राशि) से गिनकर पढ़ा जाता है; अपनी कुंडली पर आज का गोचर देखने के लिए गोचर उपकरण खोलें।
वक्री और मार्गी
पृथ्वी से देखने पर मंगल, बुध, गुरु, शुक्र और शनि कभी-कभी कुछ समय के लिए पीछे की ओर चलते दिखते हैं। इसे वक्री गति कहते हैं; जिस क्षण ग्रह रुककर मुड़ता है वह स्तम्भन (स्टेशन) है, और फिर आगे बढ़ना मार्गी होना। यह पृथ्वी और ग्रह की कक्षाओं की सापेक्ष गति का दृश्य प्रभाव है। सूर्य और चन्द्रमा कभी वक्री नहीं होते; राहु-केतु (मध्यम) सदा पीछे चलते हैं।
अस्त (दहन)
जब कोई ग्रह सूर्य के बहुत पास होता है तो सूर्य की चमक में वह दिखाई नहीं देता; ग्रंथ इसे अस्त कहते हैं, और फिर दिखने लगना उदय। सूर्य सिद्धान्त हर ग्रह के लिए दूरी की सीमा देता है। यहाँ प्रयुक्त सीमाएँ: मंगल 17°, बुध 14° (वक्री में 12°), गुरु 11°, शुक्र 10° (वक्री में 8°), शनि 15°। पंचांग गुरु और शुक्र के अस्त-काल को विवाह जैसे संस्कारों के मुहूर्त में छोड़ते हैं।
निरयण राशियाँ
भारतीय पंचांग राशियों को तारों के सापेक्ष (निरयण) गिनते हैं। पश्चिमी (सायन) राशियाँ इनसे लगभग 24° आगे हैं, इसलिए वहाँ छपी तारीखें यहाँ से लगभग तीन सप्ताह पहले की होती हैं। यहाँ लाहिरी अयनांश प्रयुक्त है।
यह गणना कैसे हुई
NASA JPL के DE421 आँकड़ों से हर ग्रह की स्पष्ट भू-केन्द्रीय स्थिति, लाहिरी अयनांश घटाकर। राशि-सीमा पार करने, गति शून्य होने और सूर्य से दूरी सीमा के बराबर होने के क्षण द्विभाजन (bisection) से एक सेकंड से कम की शुद्धता तक निकाले गए हैं। अयनांश के छोटे अन्तर से धीमे ग्रहों (विशेषकर शनि) का समय दूसरे पंचांगों से कुछ घंटे अलग हो सकता है।
पंचांग में और
- आजआज के पाँच अंग, शुभ-अशुभ समय और चौघड़िया।
- मासिक कैलेंडरपूरे मास की तिथियाँ, नक्षत्र और पर्व।
- पर्व और व्रतवर्ष भर के पर्व, व्रत, एकादशी और पूर्णिमा।
- मुहूर्त खोजेंरोज़ के कामों के लिए शुभ समय, कारण सहित।
- चौघड़ियादिन-रात के आठ-आठ भाग, अभी कौन-सा चल रहा है।
- राहु कालआज का राहु काल, गुलिक और यमगण्ड।
- पंचकआने वाले महीनों के पंचक, और ग्रंथ इनके बारे में क्या कहते हैं।
- भद्राभद्रा (विष्टि करण) कब है और उसका वास कहाँ है।
- संक्रान्तिवर्ष की बारह संक्रान्तियाँ, समय और पुण्य काल सहित।
- ग्रहणवर्ष के सूर्य और चन्द्र ग्रहण, स्पर्श-मोक्ष के समय और सूतक।
- तिथि परिवर्तककिसी भी अंग्रेज़ी तारीख की हिन्दू तिथि।
- जन्म तिथिअपनी जन्म तिथि और अगले वर्षों की तारीखें।
- नामाक्षरनक्षत्र-पद के अनुसार नाम के आरम्भिक अक्षर।
