पंचांग · गोचर · चन्द्र
2004 में चन्द्र का गोचर
चन्द्रमा लगभग हर सवा दो दिन में राशि बदलता है; 2004 में 160 बार। नीचे हर प्रवेश का समय है।
सभी समय काठमांडू के स्थानीय समय (Asia/Kathmandu, UTC+5:45) में।
2004 में चन्द्र किन राशियों में है
- वृषभ3 जनवरी, सुबह 11:18
- मिथुन6 जनवरी, रात 12:11
- कर्क8 जनवरी, सुबह 11:34
- सिंह10 जनवरी, रात 8:57
- कन्या13 जनवरी, सुबह 4:22
- तुला15 जनवरी, सुबह 9:43
- वृश्चिक17 जनवरी, दोपहर 12:54
- धनु19 जनवरी, दोपहर 2:15
- मकर21 जनवरी, दोपहर 2:57
- कुम्भ23 जनवरी, शाम 4:47
- मीन25 जनवरी, रात 9:37
- मेष28 जनवरी, सुबह 6:30
- वृषभ30 जनवरी, शाम 6:39
- मिथुन2 फ़रवरी, सुबह 7:34
- कर्क4 फ़रवरी, शाम 6:51
- सिंह7 फ़रवरी, रात 3:34
- कन्या9 फ़रवरी, सुबह 10:05
- तुला11 फ़रवरी, दोपहर 3:05
- वृश्चिक13 फ़रवरी, शाम 6:56
- धनु15 फ़रवरी, रात 9:45
- मकर17 फ़रवरी, रात 11:59
- कुम्भ20 फ़रवरी, रात 2:42
- मीन22 फ़रवरी, सुबह 7:25
- मेष24 फ़रवरी, दोपहर 3:26
- वृषभ27 फ़रवरी, रात 2:48
- मिथुन29 फ़रवरी, दोपहर 3:40
- कर्क3 मार्च, रात 3:17
- सिंह5 मार्च, सुबह 11:56
- कन्या7 मार्च, शाम 5:38
- तुला9 मार्च, रात 9:25
- वृश्चिक12 मार्च, रात 12:23
- धनु14 मार्च, रात 3:15
- मकर16 मार्च, सुबह 6:27
- कुम्भ18 मार्च, सुबह 10:27
- मीन20 मार्च, शाम 4:04
- मेष23 मार्च, रात 12:10
- वृषभ25 मार्च, सुबह 11:05
- मिथुन27 मार्च, रात 11:47
- कर्क30 मार्च, सुबह 11:57
- सिंह1 अप्रैल, रात 9:18
- कन्या4 अप्रैल, रात 3:05
- तुला6 अप्रैल, सुबह 6:02
- वृश्चिक8 अप्रैल, सुबह 7:34
- धनु10 अप्रैल, सुबह 9:08
- मकर12 अप्रैल, सुबह 11:48
- कुम्भ14 अप्रैल, शाम 4:15
- मीन16 अप्रैल, रात 10:48
- मेष19 अप्रैल, सुबह 7:38
- वृषभ21 अप्रैल, शाम 6:42
- मिथुन24 अप्रैल, सुबह 7:19
- कर्क26 अप्रैल, शाम 7:53
- सिंह29 अप्रैल, सुबह 6:18
- कन्या1 मई, दोपहर 1:08
- तुला3 मई, शाम 4:21
- वृश्चिक5 मई, शाम 5:07
- धनु7 मई, शाम 5:12
- मकर9 मई, शाम 6:17
- कुम्भ11 मई, रात 9:48
- मीन14 मई, सुबह 4:21
- मेष16 मई, दोपहर 1:45
- वृषभ19 मई, रात 1:17
- मिथुन21 मई, दोपहर 1:58
- कर्क24 मई, रात 2:40
- सिंह26 मई, दोपहर 1:55
- कन्या28 मई, रात 10:10
- तुला31 मई, रात 2:40
- वृश्चिक2 जून, रात 3:54
- धनु4 जून, रात 3:22
- मकर6 जून, रात 3:02
- कुम्भ8 जून, सुबह 4:52
- मीन10 जून, सुबह 10:15
- मेष12 जून, शाम 7:23
- वृषभ15 जून, सुबह 7:10
- मिथुन17 जून, रात 8:01
- कर्क20 जून, सुबह 8:38
- सिंह22 जून, रात 8:05
- कन्या25 जून, सुबह 5:20
- तुला27 जून, सुबह 11:25
- वृश्चिक29 जून, दोपहर 2:05
- धनु1 जुलाई, दोपहर 2:11
- मकर3 जुलाई, दोपहर 1:26
- कुम्भ5 जुलाई, दोपहर 1:59
- मीन7 जुलाई, शाम 5:47
- मेष10 जुलाई, रात 1:46
- वृषभ12 जुलाई, दोपहर 1:11
- मिथुन15 जुलाई, रात 2:04
- कर्क17 जुलाई, दोपहर 2:34
- सिंह20 जुलाई, रात 1:41
- कन्या22 जुलाई, सुबह 11:01
- तुला24 जुलाई, शाम 6:03
- वृश्चिक26 जुलाई, रात 10:18
- धनु28 जुलाई, रात 11:53
- मकर30 जुलाई, रात 11:56
- कुम्भ2 अगस्त, रात 12:17
- मीन4 अगस्त, रात 3:00
- मेष6 अगस्त, सुबह 9:36
- वृषभ8 अगस्त, रात 8:05
- मिथुन11 अगस्त, सुबह 8:44
- कर्क13 अगस्त, रात 9:10
- सिंह16 अगस्त, सुबह 7:54
- कन्या18 अगस्त, शाम 4:38
- तुला20 अगस्त, रात 11:28
- वृश्चिक23 अगस्त, सुबह 4:24
- धनु25 अगस्त, सुबह 7:23
- मकर27 अगस्त, सुबह 8:55
- कुम्भ29 अगस्त, सुबह 10:11
- मीन31 अगस्त, दोपहर 12:54
- मेष2 सितंबर, शाम 6:39
- वृषभ5 सितंबर, सुबह 4:06
- मिथुन7 सितंबर, शाम 4:16
- कर्क10 सितंबर, सुबह 4:45
- सिंह12 सितंबर, दोपहर 3:26
- कन्या14 सितंबर, रात 11:33
- तुला17 सितंबर, सुबह 5:27
- वृश्चिक19 सितंबर, सुबह 9:46
- धनु21 सितंबर, दोपहर 1:02
- मकर23 सितंबर, दोपहर 3:40
- कुम्भ25 सितंबर, शाम 6:19
- मीन27 सितंबर, रात 9:59
- मेष30 सितंबर, रात 3:52
- वृषभ2 अक्टूबर, दोपहर 12:45
- मिथुन5 अक्टूबर, रात 12:22
- कर्क7 अक्टूबर, दोपहर 12:57
- सिंह10 अक्टूबर, रात 12:06
- कन्या12 अक्टूबर, सुबह 8:17
- तुला14 अक्टूबर, दोपहर 1:26
- वृश्चिक16 अक्टूबर, शाम 4:30
- धनु18 अक्टूबर, शाम 6:41
- मकर20 अक्टूबर, रात 9:04
- कुम्भ23 अक्टूबर, रात 12:24
- मीन25 अक्टूबर, सुबह 5:13
- मेष27 अक्टूबर, दोपहर 12:00
- वृषभ29 अक्टूबर, रात 9:04
- मिथुन1 नवंबर, सुबह 8:24
- कर्क3 नवंबर, रात 9:00
- सिंह6 नवंबर, सुबह 8:54
- कन्या8 नवंबर, शाम 6:00
- तुला10 नवंबर, रात 11:25
- वृश्चिक13 नवंबर, रात 1:44
- धनु15 नवंबर, रात 2:27
- मकर17 नवंबर, रात 3:19
- कुम्भ19 नवंबर, सुबह 5:50
- मीन21 नवंबर, सुबह 10:52
- मेष23 नवंबर, शाम 6:27
- वृषभ26 नवंबर, सुबह 4:14
- मिथुन28 नवंबर, दोपहर 3:42
- कर्क1 दिसंबर, सुबह 4:16
- सिंह3 दिसंबर, शाम 4:41
- कन्या6 दिसंबर, रात 3:05
- तुला8 दिसंबर, सुबह 9:52
- वृश्चिक10 दिसंबर, दोपहर 12:44
- धनु12 दिसंबर, दोपहर 12:51
- मकर14 दिसंबर, दोपहर 12:12
- कुम्भ16 दिसंबर, दोपहर 12:56
- मीन18 दिसंबर, शाम 4:41
- मेष21 दिसंबर, रात 12:01
- वृषभ23 दिसंबर, सुबह 10:14
- मिथुन25 दिसंबर, रात 10:08
- कर्क28 दिसंबर, सुबह 10:42
- सिंह30 दिसंबर, रात 11:09
यह भी देखें: चन्द्र (शब्दकोश) · गोचर 2004: सभी ग्रह · अपनी कुंडली पर गोचर
समझें
गोचर क्या है
गोचर का अर्थ है ग्रहों का चलना: आकाश में हर ग्रह राशि-चक्र में आगे बढ़ता है, और जब वह एक राशि की सीमा पार करता है तो उसे उस ग्रह का राशि परिवर्तन (संक्रमण) कहते हैं। यह पृष्ठ केवल वही बताता है कि कौन-सा ग्रह कब कहाँ है। शास्त्रीय पद्धति में गोचर को व्यक्ति की जन्म-राशि (चन्द्र राशि) से गिनकर पढ़ा जाता है; अपनी कुंडली पर आज का गोचर देखने के लिए गोचर उपकरण खोलें।
वक्री और मार्गी
पृथ्वी से देखने पर मंगल, बुध, गुरु, शुक्र और शनि कभी-कभी कुछ समय के लिए पीछे की ओर चलते दिखते हैं। इसे वक्री गति कहते हैं; जिस क्षण ग्रह रुककर मुड़ता है वह स्तम्भन (स्टेशन) है, और फिर आगे बढ़ना मार्गी होना। यह पृथ्वी और ग्रह की कक्षाओं की सापेक्ष गति का दृश्य प्रभाव है। सूर्य और चन्द्रमा कभी वक्री नहीं होते; राहु-केतु (मध्यम) सदा पीछे चलते हैं।
अस्त (दहन)
जब कोई ग्रह सूर्य के बहुत पास होता है तो सूर्य की चमक में वह दिखाई नहीं देता; ग्रंथ इसे अस्त कहते हैं, और फिर दिखने लगना उदय। सूर्य सिद्धान्त हर ग्रह के लिए दूरी की सीमा देता है। यहाँ प्रयुक्त सीमाएँ: मंगल 17°, बुध 14° (वक्री में 12°), गुरु 11°, शुक्र 10° (वक्री में 8°), शनि 15°। पंचांग गुरु और शुक्र के अस्त-काल को विवाह जैसे संस्कारों के मुहूर्त में छोड़ते हैं।
निरयण राशियाँ
भारतीय पंचांग राशियों को तारों के सापेक्ष (निरयण) गिनते हैं। पश्चिमी (सायन) राशियाँ इनसे लगभग 24° आगे हैं, इसलिए वहाँ छपी तारीखें यहाँ से लगभग तीन सप्ताह पहले की होती हैं। यहाँ लाहिरी अयनांश प्रयुक्त है।
यह गणना कैसे हुई
NASA JPL के DE421 आँकड़ों से हर ग्रह की स्पष्ट भू-केन्द्रीय स्थिति, लाहिरी अयनांश घटाकर। राशि-सीमा पार करने, गति शून्य होने और सूर्य से दूरी सीमा के बराबर होने के क्षण द्विभाजन (bisection) से एक सेकंड से कम की शुद्धता तक निकाले गए हैं। अयनांश के छोटे अन्तर से धीमे ग्रहों (विशेषकर शनि) का समय दूसरे पंचांगों से कुछ घंटे अलग हो सकता है।
पंचांग में और
- आजआज के पाँच अंग, शुभ-अशुभ समय और चौघड़िया।
- मासिक कैलेंडरपूरे मास की तिथियाँ, नक्षत्र और पर्व।
- पर्व और व्रतवर्ष भर के पर्व, व्रत, एकादशी और पूर्णिमा।
- मुहूर्त खोजेंरोज़ के कामों के लिए शुभ समय, कारण सहित।
- चौघड़ियादिन-रात के आठ-आठ भाग, अभी कौन-सा चल रहा है।
- राहु कालआज का राहु काल, गुलिक और यमगण्ड।
- पंचकआने वाले महीनों के पंचक, और ग्रंथ इनके बारे में क्या कहते हैं।
- भद्राभद्रा (विष्टि करण) कब है और उसका वास कहाँ है।
- संक्रान्तिवर्ष की बारह संक्रान्तियाँ, समय और पुण्य काल सहित।
- ग्रहणवर्ष के सूर्य और चन्द्र ग्रहण, स्पर्श-मोक्ष के समय और सूतक।
- तिथि परिवर्तककिसी भी अंग्रेज़ी तारीख की हिन्दू तिथि।
- जन्म तिथिअपनी जन्म तिथि और अगले वर्षों की तारीखें।
- नामाक्षरनक्षत्र-पद के अनुसार नाम के आरम्भिक अक्षर।
