पंचांग · गोचर · चन्द्र
2004 में चन्द्र का गोचर
चन्द्रमा लगभग हर सवा दो दिन में राशि बदलता है; 2004 में 161 बार। नीचे हर प्रवेश का समय है।
सभी समय एडिलेड के स्थानीय समय (Australia/Adelaide, ACDT/ACST) में।
2004 में चन्द्र किन राशियों में है
- मेष1 जनवरी, रात 3:19
- वृषभ3 जनवरी, शाम 4:03
- मिथुन6 जनवरी, सुबह 4:56
- कर्क8 जनवरी, शाम 4:19
- सिंह11 जनवरी, रात 1:42
- कन्या13 जनवरी, सुबह 9:07
- तुला15 जनवरी, दोपहर 2:28
- वृश्चिक17 जनवरी, शाम 5:39
- धनु19 जनवरी, शाम 7:00
- मकर21 जनवरी, शाम 7:42
- कुम्भ23 जनवरी, रात 9:32
- मीन26 जनवरी, रात 2:22
- मेष28 जनवरी, सुबह 11:15
- वृषभ30 जनवरी, रात 11:24
- मिथुन2 फ़रवरी, दोपहर 12:19
- कर्क4 फ़रवरी, रात 11:36
- सिंह7 फ़रवरी, सुबह 8:19
- कन्या9 फ़रवरी, दोपहर 2:50
- तुला11 फ़रवरी, शाम 7:50
- वृश्चिक13 फ़रवरी, रात 11:41
- धनु16 फ़रवरी, रात 2:30
- मकर18 फ़रवरी, सुबह 4:44
- कुम्भ20 फ़रवरी, सुबह 7:27
- मीन22 फ़रवरी, दोपहर 12:10
- मेष24 फ़रवरी, रात 8:11
- वृषभ27 फ़रवरी, सुबह 7:33
- मिथुन29 फ़रवरी, रात 8:25
- कर्क3 मार्च, सुबह 8:02
- सिंह5 मार्च, शाम 4:41
- कन्या7 मार्च, रात 10:23
- तुला10 मार्च, रात 2:10
- वृश्चिक12 मार्च, सुबह 5:08
- धनु14 मार्च, सुबह 8:00
- मकर16 मार्च, सुबह 11:12
- कुम्भ18 मार्च, दोपहर 3:12
- मीन20 मार्च, रात 8:49
- मेष23 मार्च, सुबह 4:55
- वृषभ25 मार्च, दोपहर 3:50
- मिथुन28 मार्च, रात 3:32
- कर्क30 मार्च, दोपहर 3:42
- सिंह2 अप्रैल, रात 1:03
- कन्या4 अप्रैल, सुबह 6:50
- तुला6 अप्रैल, सुबह 9:47
- वृश्चिक8 अप्रैल, सुबह 11:19
- धनु10 अप्रैल, दोपहर 12:53
- मकर12 अप्रैल, दोपहर 3:33
- कुम्भ14 अप्रैल, रात 8:00
- मीन17 अप्रैल, रात 2:33
- मेष19 अप्रैल, सुबह 11:23
- वृषभ21 अप्रैल, रात 10:27
- मिथुन24 अप्रैल, सुबह 11:04
- कर्क26 अप्रैल, रात 11:38
- सिंह29 अप्रैल, सुबह 10:03
- कन्या1 मई, शाम 4:53
- तुला3 मई, रात 8:06
- वृश्चिक5 मई, रात 8:52
- धनु7 मई, रात 8:57
- मकर9 मई, रात 10:02
- कुम्भ12 मई, रात 1:33
- मीन14 मई, सुबह 8:06
- मेष16 मई, शाम 5:30
- वृषभ19 मई, सुबह 5:02
- मिथुन21 मई, शाम 5:43
- कर्क24 मई, सुबह 6:25
- सिंह26 मई, शाम 5:40
- कन्या29 मई, रात 1:55
- तुला31 मई, सुबह 6:25
- वृश्चिक2 जून, सुबह 7:39
- धनु4 जून, सुबह 7:07
- मकर6 जून, सुबह 6:47
- कुम्भ8 जून, सुबह 8:37
- मीन10 जून, दोपहर 2:00
- मेष12 जून, रात 11:08
- वृषभ15 जून, सुबह 10:55
- मिथुन17 जून, रात 11:46
- कर्क20 जून, दोपहर 12:23
- सिंह22 जून, रात 11:50
- कन्या25 जून, सुबह 9:05
- तुला27 जून, दोपहर 3:10
- वृश्चिक29 जून, शाम 5:50
- धनु1 जुलाई, शाम 5:56
- मकर3 जुलाई, शाम 5:11
- कुम्भ5 जुलाई, शाम 5:44
- मीन7 जुलाई, रात 9:32
- मेष10 जुलाई, सुबह 5:31
- वृषभ12 जुलाई, शाम 4:56
- मिथुन15 जुलाई, सुबह 5:49
- कर्क17 जुलाई, शाम 6:19
- सिंह20 जुलाई, सुबह 5:26
- कन्या22 जुलाई, दोपहर 2:46
- तुला24 जुलाई, रात 9:48
- वृश्चिक27 जुलाई, रात 2:03
- धनु29 जुलाई, रात 3:38
- मकर31 जुलाई, रात 3:41
- कुम्भ2 अगस्त, सुबह 4:02
- मीन4 अगस्त, सुबह 6:45
- मेष6 अगस्त, दोपहर 1:21
- वृषभ8 अगस्त, रात 11:50
- मिथुन11 अगस्त, दोपहर 12:29
- कर्क14 अगस्त, रात 12:55
- सिंह16 अगस्त, सुबह 11:39
- कन्या18 अगस्त, रात 8:23
- तुला21 अगस्त, रात 3:13
- वृश्चिक23 अगस्त, सुबह 8:09
- धनु25 अगस्त, सुबह 11:08
- मकर27 अगस्त, दोपहर 12:40
- कुम्भ29 अगस्त, दोपहर 1:56
- मीन31 अगस्त, शाम 4:39
- मेष2 सितंबर, रात 10:24
- वृषभ5 सितंबर, सुबह 7:51
- मिथुन7 सितंबर, रात 8:01
- कर्क10 सितंबर, सुबह 8:30
- सिंह12 सितंबर, शाम 7:11
- कन्या15 सितंबर, रात 3:18
- तुला17 सितंबर, सुबह 9:12
- वृश्चिक19 सितंबर, दोपहर 1:31
- धनु21 सितंबर, शाम 4:47
- मकर23 सितंबर, शाम 7:25
- कुम्भ25 सितंबर, रात 10:04
- मीन28 सितंबर, रात 1:44
- मेष30 सितंबर, सुबह 7:37
- वृषभ2 अक्टूबर, शाम 4:30
- मिथुन5 अक्टूबर, सुबह 4:07
- कर्क7 अक्टूबर, शाम 4:42
- सिंह10 अक्टूबर, रात 3:51
- कन्या12 अक्टूबर, दोपहर 12:02
- तुला14 अक्टूबर, शाम 5:11
- वृश्चिक16 अक्टूबर, रात 8:15
- धनु18 अक्टूबर, रात 10:26
- मकर21 अक्टूबर, रात 12:49
- कुम्भ23 अक्टूबर, सुबह 4:09
- मीन25 अक्टूबर, सुबह 8:58
- मेष27 अक्टूबर, दोपहर 3:45
- वृषभ30 अक्टूबर, रात 12:49
- मिथुन1 नवंबर, दोपहर 1:09
- कर्क4 नवंबर, रात 1:45
- सिंह6 नवंबर, दोपहर 1:39
- कन्या8 नवंबर, रात 10:45
- तुला11 नवंबर, सुबह 4:10
- वृश्चिक13 नवंबर, सुबह 6:29
- धनु15 नवंबर, सुबह 7:12
- मकर17 नवंबर, सुबह 8:04
- कुम्भ19 नवंबर, सुबह 10:35
- मीन21 नवंबर, दोपहर 3:37
- मेष23 नवंबर, रात 11:12
- वृषभ26 नवंबर, सुबह 8:59
- मिथुन28 नवंबर, रात 8:27
- कर्क1 दिसंबर, सुबह 9:01
- सिंह3 दिसंबर, रात 9:26
- कन्या6 दिसंबर, सुबह 7:50
- तुला8 दिसंबर, दोपहर 2:37
- वृश्चिक10 दिसंबर, शाम 5:29
- धनु12 दिसंबर, शाम 5:36
- मकर14 दिसंबर, शाम 4:57
- कुम्भ16 दिसंबर, शाम 5:41
- मीन18 दिसंबर, रात 9:26
- मेष21 दिसंबर, सुबह 4:46
- वृषभ23 दिसंबर, दोपहर 2:59
- मिथुन26 दिसंबर, रात 2:53
- कर्क28 दिसंबर, दोपहर 3:27
- सिंह31 दिसंबर, रात 3:54
यह भी देखें: चन्द्र (शब्दकोश) · गोचर 2004: सभी ग्रह · अपनी कुंडली पर गोचर
समझें
गोचर क्या है
गोचर का अर्थ है ग्रहों का चलना: आकाश में हर ग्रह राशि-चक्र में आगे बढ़ता है, और जब वह एक राशि की सीमा पार करता है तो उसे उस ग्रह का राशि परिवर्तन (संक्रमण) कहते हैं। यह पृष्ठ केवल वही बताता है कि कौन-सा ग्रह कब कहाँ है। शास्त्रीय पद्धति में गोचर को व्यक्ति की जन्म-राशि (चन्द्र राशि) से गिनकर पढ़ा जाता है; अपनी कुंडली पर आज का गोचर देखने के लिए गोचर उपकरण खोलें।
वक्री और मार्गी
पृथ्वी से देखने पर मंगल, बुध, गुरु, शुक्र और शनि कभी-कभी कुछ समय के लिए पीछे की ओर चलते दिखते हैं। इसे वक्री गति कहते हैं; जिस क्षण ग्रह रुककर मुड़ता है वह स्तम्भन (स्टेशन) है, और फिर आगे बढ़ना मार्गी होना। यह पृथ्वी और ग्रह की कक्षाओं की सापेक्ष गति का दृश्य प्रभाव है। सूर्य और चन्द्रमा कभी वक्री नहीं होते; राहु-केतु (मध्यम) सदा पीछे चलते हैं।
अस्त (दहन)
जब कोई ग्रह सूर्य के बहुत पास होता है तो सूर्य की चमक में वह दिखाई नहीं देता; ग्रंथ इसे अस्त कहते हैं, और फिर दिखने लगना उदय। सूर्य सिद्धान्त हर ग्रह के लिए दूरी की सीमा देता है। यहाँ प्रयुक्त सीमाएँ: मंगल 17°, बुध 14° (वक्री में 12°), गुरु 11°, शुक्र 10° (वक्री में 8°), शनि 15°। पंचांग गुरु और शुक्र के अस्त-काल को विवाह जैसे संस्कारों के मुहूर्त में छोड़ते हैं।
निरयण राशियाँ
भारतीय पंचांग राशियों को तारों के सापेक्ष (निरयण) गिनते हैं। पश्चिमी (सायन) राशियाँ इनसे लगभग 24° आगे हैं, इसलिए वहाँ छपी तारीखें यहाँ से लगभग तीन सप्ताह पहले की होती हैं। यहाँ लाहिरी अयनांश प्रयुक्त है।
यह गणना कैसे हुई
NASA JPL के DE421 आँकड़ों से हर ग्रह की स्पष्ट भू-केन्द्रीय स्थिति, लाहिरी अयनांश घटाकर। राशि-सीमा पार करने, गति शून्य होने और सूर्य से दूरी सीमा के बराबर होने के क्षण द्विभाजन (bisection) से एक सेकंड से कम की शुद्धता तक निकाले गए हैं। अयनांश के छोटे अन्तर से धीमे ग्रहों (विशेषकर शनि) का समय दूसरे पंचांगों से कुछ घंटे अलग हो सकता है।
पंचांग में और
- आजआज के पाँच अंग, शुभ-अशुभ समय और चौघड़िया।
- मासिक कैलेंडरपूरे मास की तिथियाँ, नक्षत्र और पर्व।
- पर्व और व्रतवर्ष भर के पर्व, व्रत, एकादशी और पूर्णिमा।
- मुहूर्त खोजेंरोज़ के कामों के लिए शुभ समय, कारण सहित।
- चौघड़ियादिन-रात के आठ-आठ भाग, अभी कौन-सा चल रहा है।
- राहु कालआज का राहु काल, गुलिक और यमगण्ड।
- पंचकआने वाले महीनों के पंचक, और ग्रंथ इनके बारे में क्या कहते हैं।
- भद्राभद्रा (विष्टि करण) कब है और उसका वास कहाँ है।
- संक्रान्तिवर्ष की बारह संक्रान्तियाँ, समय और पुण्य काल सहित।
- ग्रहणवर्ष के सूर्य और चन्द्र ग्रहण, स्पर्श-मोक्ष के समय और सूतक।
- तिथि परिवर्तककिसी भी अंग्रेज़ी तारीख की हिन्दू तिथि।
- जन्म तिथिअपनी जन्म तिथि और अगले वर्षों की तारीखें।
- नामाक्षरनक्षत्र-पद के अनुसार नाम के आरम्भिक अक्षर।
