पंचांग · गोचर · चन्द्र
2004 में चन्द्र का गोचर
चन्द्रमा लगभग हर सवा दो दिन में राशि बदलता है; 2004 में 160 बार। नीचे हर प्रवेश का समय है।
सभी समय सैन फ़्रांसिस्को के स्थानीय समय (America/Los Angeles, PST/PDT) में।
2004 में चन्द्र किन राशियों में है
- वृषभ2 जनवरी, रात 9:33
- मिथुन5 जनवरी, सुबह 10:26
- कर्क7 जनवरी, रात 9:49
- सिंह10 जनवरी, सुबह 7:12
- कन्या12 जनवरी, दोपहर 2:37
- तुला14 जनवरी, शाम 7:58
- वृश्चिक16 जनवरी, रात 11:09
- धनु19 जनवरी, रात 12:30
- मकर21 जनवरी, रात 1:12
- कुम्भ23 जनवरी, रात 3:02
- मीन25 जनवरी, सुबह 7:52
- मेष27 जनवरी, शाम 4:45
- वृषभ30 जनवरी, सुबह 4:54
- मिथुन1 फ़रवरी, शाम 5:49
- कर्क4 फ़रवरी, सुबह 5:06
- सिंह6 फ़रवरी, दोपहर 1:49
- कन्या8 फ़रवरी, रात 8:20
- तुला11 फ़रवरी, रात 1:20
- वृश्चिक13 फ़रवरी, सुबह 5:11
- धनु15 फ़रवरी, सुबह 8:00
- मकर17 फ़रवरी, सुबह 10:14
- कुम्भ19 फ़रवरी, दोपहर 12:57
- मीन21 फ़रवरी, शाम 5:40
- मेष24 फ़रवरी, रात 1:41
- वृषभ26 फ़रवरी, दोपहर 1:03
- मिथुन29 फ़रवरी, रात 1:55
- कर्क2 मार्च, दोपहर 1:32
- सिंह4 मार्च, रात 10:11
- कन्या7 मार्च, रात 3:53
- तुला9 मार्च, सुबह 7:40
- वृश्चिक11 मार्च, सुबह 10:38
- धनु13 मार्च, दोपहर 1:30
- मकर15 मार्च, शाम 4:42
- कुम्भ17 मार्च, रात 8:42
- मीन20 मार्च, रात 2:19
- मेष22 मार्च, सुबह 10:25
- वृषभ24 मार्च, रात 9:20
- मिथुन27 मार्च, सुबह 10:02
- कर्क29 मार्च, रात 10:12
- सिंह1 अप्रैल, सुबह 7:33
- कन्या3 अप्रैल, दोपहर 1:20
- तुला5 अप्रैल, शाम 5:17
- वृश्चिक7 अप्रैल, शाम 6:49
- धनु9 अप्रैल, रात 8:23
- मकर11 अप्रैल, रात 11:03
- कुम्भ14 अप्रैल, रात 3:30
- मीन16 अप्रैल, सुबह 10:03
- मेष18 अप्रैल, शाम 6:53
- वृषभ21 अप्रैल, सुबह 5:57
- मिथुन23 अप्रैल, शाम 6:34
- कर्क26 अप्रैल, सुबह 7:08
- सिंह28 अप्रैल, शाम 5:33
- कन्या1 मई, रात 12:23
- तुला3 मई, रात 3:36
- वृश्चिक5 मई, सुबह 4:22
- धनु7 मई, सुबह 4:27
- मकर9 मई, सुबह 5:32
- कुम्भ11 मई, सुबह 9:03
- मीन13 मई, दोपहर 3:36
- मेष16 मई, रात 1:00
- वृषभ18 मई, दोपहर 12:32
- मिथुन21 मई, रात 1:13
- कर्क23 मई, दोपहर 1:55
- सिंह26 मई, रात 1:10
- कन्या28 मई, सुबह 9:25
- तुला30 मई, दोपहर 1:55
- वृश्चिक1 जून, दोपहर 3:09
- धनु3 जून, दोपहर 2:37
- मकर5 जून, दोपहर 2:17
- कुम्भ7 जून, शाम 4:07
- मीन9 जून, रात 9:30
- मेष12 जून, सुबह 6:38
- वृषभ14 जून, शाम 6:25
- मिथुन17 जून, सुबह 7:16
- कर्क19 जून, शाम 7:53
- सिंह22 जून, सुबह 7:20
- कन्या24 जून, शाम 4:35
- तुला26 जून, रात 10:40
- वृश्चिक29 जून, रात 1:20
- धनु1 जुलाई, रात 1:26
- मकर3 जुलाई, रात 12:41
- कुम्भ5 जुलाई, रात 1:14
- मीन7 जुलाई, सुबह 5:02
- मेष9 जुलाई, दोपहर 1:01
- वृषभ12 जुलाई, रात 12:26
- मिथुन14 जुलाई, दोपहर 1:19
- कर्क17 जुलाई, रात 1:49
- सिंह19 जुलाई, दोपहर 12:56
- कन्या21 जुलाई, रात 10:16
- तुला24 जुलाई, सुबह 5:18
- वृश्चिक26 जुलाई, सुबह 9:33
- धनु28 जुलाई, सुबह 11:08
- मकर30 जुलाई, सुबह 11:11
- कुम्भ1 अगस्त, सुबह 11:32
- मीन3 अगस्त, दोपहर 2:15
- मेष5 अगस्त, रात 8:51
- वृषभ8 अगस्त, सुबह 7:20
- मिथुन10 अगस्त, शाम 7:59
- कर्क13 अगस्त, सुबह 8:25
- सिंह15 अगस्त, शाम 7:09
- कन्या18 अगस्त, रात 3:53
- तुला20 अगस्त, सुबह 10:43
- वृश्चिक22 अगस्त, दोपहर 3:39
- धनु24 अगस्त, शाम 6:38
- मकर26 अगस्त, रात 8:10
- कुम्भ28 अगस्त, रात 9:26
- मीन31 अगस्त, रात 12:09
- मेष2 सितंबर, सुबह 5:54
- वृषभ4 सितंबर, दोपहर 3:21
- मिथुन7 सितंबर, रात 3:31
- कर्क9 सितंबर, शाम 4:00
- सिंह12 सितंबर, रात 2:41
- कन्या14 सितंबर, सुबह 10:48
- तुला16 सितंबर, शाम 4:42
- वृश्चिक18 सितंबर, रात 9:01
- धनु21 सितंबर, रात 12:17
- मकर23 सितंबर, रात 2:55
- कुम्भ25 सितंबर, सुबह 5:34
- मीन27 सितंबर, सुबह 9:14
- मेष29 सितंबर, दोपहर 3:07
- वृषभ2 अक्टूबर, रात 12:00
- मिथुन4 अक्टूबर, सुबह 11:37
- कर्क7 अक्टूबर, रात 12:12
- सिंह9 अक्टूबर, सुबह 11:21
- कन्या11 अक्टूबर, शाम 7:32
- तुला14 अक्टूबर, रात 12:41
- वृश्चिक16 अक्टूबर, रात 3:45
- धनु18 अक्टूबर, सुबह 5:56
- मकर20 अक्टूबर, सुबह 8:19
- कुम्भ22 अक्टूबर, सुबह 11:39
- मीन24 अक्टूबर, शाम 4:28
- मेष26 अक्टूबर, रात 11:15
- वृषभ29 अक्टूबर, सुबह 8:19
- मिथुन31 अक्टूबर, शाम 6:39
- कर्क3 नवंबर, सुबह 7:15
- सिंह5 नवंबर, शाम 7:09
- कन्या8 नवंबर, सुबह 4:15
- तुला10 नवंबर, सुबह 9:40
- वृश्चिक12 नवंबर, सुबह 11:59
- धनु14 नवंबर, दोपहर 12:42
- मकर16 नवंबर, दोपहर 1:34
- कुम्भ18 नवंबर, शाम 4:05
- मीन20 नवंबर, रात 9:07
- मेष23 नवंबर, सुबह 4:42
- वृषभ25 नवंबर, दोपहर 2:29
- मिथुन28 नवंबर, रात 1:57
- कर्क30 नवंबर, दोपहर 2:31
- सिंह3 दिसंबर, रात 2:56
- कन्या5 दिसंबर, दोपहर 1:20
- तुला7 दिसंबर, रात 8:07
- वृश्चिक9 दिसंबर, रात 10:59
- धनु11 दिसंबर, रात 11:06
- मकर13 दिसंबर, रात 10:27
- कुम्भ15 दिसंबर, रात 11:11
- मीन18 दिसंबर, रात 2:56
- मेष20 दिसंबर, सुबह 10:16
- वृषभ22 दिसंबर, रात 8:29
- मिथुन25 दिसंबर, सुबह 8:23
- कर्क27 दिसंबर, रात 8:57
- सिंह30 दिसंबर, सुबह 9:24
यह भी देखें: चन्द्र (शब्दकोश) · गोचर 2004: सभी ग्रह · अपनी कुंडली पर गोचर
समझें
गोचर क्या है
गोचर का अर्थ है ग्रहों का चलना: आकाश में हर ग्रह राशि-चक्र में आगे बढ़ता है, और जब वह एक राशि की सीमा पार करता है तो उसे उस ग्रह का राशि परिवर्तन (संक्रमण) कहते हैं। यह पृष्ठ केवल वही बताता है कि कौन-सा ग्रह कब कहाँ है। शास्त्रीय पद्धति में गोचर को व्यक्ति की जन्म-राशि (चन्द्र राशि) से गिनकर पढ़ा जाता है; अपनी कुंडली पर आज का गोचर देखने के लिए गोचर उपकरण खोलें।
वक्री और मार्गी
पृथ्वी से देखने पर मंगल, बुध, गुरु, शुक्र और शनि कभी-कभी कुछ समय के लिए पीछे की ओर चलते दिखते हैं। इसे वक्री गति कहते हैं; जिस क्षण ग्रह रुककर मुड़ता है वह स्तम्भन (स्टेशन) है, और फिर आगे बढ़ना मार्गी होना। यह पृथ्वी और ग्रह की कक्षाओं की सापेक्ष गति का दृश्य प्रभाव है। सूर्य और चन्द्रमा कभी वक्री नहीं होते; राहु-केतु (मध्यम) सदा पीछे चलते हैं।
अस्त (दहन)
जब कोई ग्रह सूर्य के बहुत पास होता है तो सूर्य की चमक में वह दिखाई नहीं देता; ग्रंथ इसे अस्त कहते हैं, और फिर दिखने लगना उदय। सूर्य सिद्धान्त हर ग्रह के लिए दूरी की सीमा देता है। यहाँ प्रयुक्त सीमाएँ: मंगल 17°, बुध 14° (वक्री में 12°), गुरु 11°, शुक्र 10° (वक्री में 8°), शनि 15°। पंचांग गुरु और शुक्र के अस्त-काल को विवाह जैसे संस्कारों के मुहूर्त में छोड़ते हैं।
निरयण राशियाँ
भारतीय पंचांग राशियों को तारों के सापेक्ष (निरयण) गिनते हैं। पश्चिमी (सायन) राशियाँ इनसे लगभग 24° आगे हैं, इसलिए वहाँ छपी तारीखें यहाँ से लगभग तीन सप्ताह पहले की होती हैं। यहाँ लाहिरी अयनांश प्रयुक्त है।
यह गणना कैसे हुई
NASA JPL के DE421 आँकड़ों से हर ग्रह की स्पष्ट भू-केन्द्रीय स्थिति, लाहिरी अयनांश घटाकर। राशि-सीमा पार करने, गति शून्य होने और सूर्य से दूरी सीमा के बराबर होने के क्षण द्विभाजन (bisection) से एक सेकंड से कम की शुद्धता तक निकाले गए हैं। अयनांश के छोटे अन्तर से धीमे ग्रहों (विशेषकर शनि) का समय दूसरे पंचांगों से कुछ घंटे अलग हो सकता है।
पंचांग में और
- आजआज के पाँच अंग, शुभ-अशुभ समय और चौघड़िया।
- मासिक कैलेंडरपूरे मास की तिथियाँ, नक्षत्र और पर्व।
- पर्व और व्रतवर्ष भर के पर्व, व्रत, एकादशी और पूर्णिमा।
- मुहूर्त खोजेंरोज़ के कामों के लिए शुभ समय, कारण सहित।
- चौघड़ियादिन-रात के आठ-आठ भाग, अभी कौन-सा चल रहा है।
- राहु कालआज का राहु काल, गुलिक और यमगण्ड।
- पंचकआने वाले महीनों के पंचक, और ग्रंथ इनके बारे में क्या कहते हैं।
- भद्राभद्रा (विष्टि करण) कब है और उसका वास कहाँ है।
- संक्रान्तिवर्ष की बारह संक्रान्तियाँ, समय और पुण्य काल सहित।
- ग्रहणवर्ष के सूर्य और चन्द्र ग्रहण, स्पर्श-मोक्ष के समय और सूतक।
- तिथि परिवर्तककिसी भी अंग्रेज़ी तारीख की हिन्दू तिथि।
- जन्म तिथिअपनी जन्म तिथि और अगले वर्षों की तारीखें।
- नामाक्षरनक्षत्र-पद के अनुसार नाम के आरम्भिक अक्षर।
