पंचांग · गोचर · चन्द्र
2005 में चन्द्र का गोचर
चन्द्रमा लगभग हर सवा दो दिन में राशि बदलता है; 2005 में 160 बार। नीचे हर प्रवेश का समय है।
सभी समय अबू धाबी के स्थानीय समय (Asia/Dubai, GST) में।
2005 में चन्द्र किन राशियों में है
- कन्या2 जनवरी, सुबह 8:37
- तुला4 जनवरी, शाम 5:01
- वृश्चिक6 जनवरी, रात 9:33
- धनु8 जनवरी, रात 10:33
- मकर10 जनवरी, रात 9:37
- कुम्भ12 जनवरी, रात 8:59
- मीन14 जनवरी, रात 10:53
- मेष17 जनवरी, सुबह 4:42
- वृषभ19 जनवरी, दोपहर 2:22
- मिथुन22 जनवरी, रात 2:24
- कर्क24 जनवरी, दोपहर 3:05
- सिंह27 जनवरी, रात 3:18
- कन्या29 जनवरी, दोपहर 2:26
- तुला31 जनवरी, रात 11:36
- वृश्चिक3 फ़रवरी, सुबह 5:47
- धनु5 फ़रवरी, सुबह 8:36
- मकर7 फ़रवरी, सुबह 8:50
- कुम्भ9 फ़रवरी, सुबह 8:16
- मीन11 फ़रवरी, सुबह 9:06
- मेष13 फ़रवरी, दोपहर 1:14
- वृषभ15 फ़रवरी, रात 9:27
- मिथुन18 फ़रवरी, सुबह 8:56
- कर्क20 फ़रवरी, रात 9:38
- सिंह23 फ़रवरी, सुबह 9:44
- कन्या25 फ़रवरी, रात 8:19
- तुला28 फ़रवरी, सुबह 5:05
- वृश्चिक2 मार्च, सुबह 11:43
- धनु4 मार्च, दोपहर 3:54
- मकर6 मार्च, शाम 5:53
- कुम्भ8 मार्च, शाम 6:40
- मीन10 मार्च, शाम 7:52
- मेष12 मार्च, रात 11:16
- वृषभ15 मार्च, सुबह 6:09
- मिथुन17 मार्च, शाम 4:35
- कर्क20 मार्च, सुबह 5:00
- सिंह22 मार्च, शाम 5:11
- कन्या25 मार्च, रात 3:28
- तुला27 मार्च, सुबह 11:25
- वृश्चिक29 मार्च, शाम 5:15
- धनु31 मार्च, रात 9:24
- मकर3 अप्रैल, रात 12:18
- कुम्भ5 अप्रैल, रात 2:34
- मीन7 अप्रैल, सुबह 5:06
- मेष9 अप्रैल, सुबह 9:02
- वृषभ11 अप्रैल, दोपहर 3:30
- मिथुन14 अप्रैल, रात 1:03
- कर्क16 अप्रैल, दोपहर 1:01
- सिंह19 अप्रैल, रात 1:23
- कन्या21 अप्रैल, सुबह 11:56
- तुला23 अप्रैल, शाम 7:31
- वृश्चिक26 अप्रैल, रात 12:19
- धनु28 अप्रैल, रात 3:19
- मकर30 अप्रैल, सुबह 5:41
- कुम्भ2 मई, सुबह 8:21
- मीन4 मई, सुबह 11:59
- मेष6 मई, शाम 5:03
- वृषभ9 मई, रात 12:03
- मिथुन11 मई, सुबह 9:26
- कर्क13 मई, रात 9:02
- सिंह16 मई, सुबह 9:35
- कन्या18 मई, रात 8:51
- तुला21 मई, सुबह 4:55
- वृश्चिक23 मई, सुबह 9:22
- धनु25 मई, सुबह 11:15
- मकर27 मई, दोपहर 12:12
- कुम्भ29 मई, दोपहर 1:53
- मीन31 मई, शाम 5:25
- मेष2 जून, रात 11:11
- वृषभ5 जून, सुबह 7:02
- मिथुन7 जून, शाम 4:50
- कर्क10 जून, सुबह 4:25
- सिंह12 जून, शाम 5:05
- कन्या15 जून, सुबह 5:06
- तुला17 जून, दोपहर 2:18
- वृश्चिक19 जून, शाम 7:27
- धनु21 जून, रात 9:06
- मकर23 जून, रात 8:57
- कुम्भ25 जून, रात 9:05
- मीन27 जून, रात 11:19
- मेष30 जून, सुबह 4:35
- वृषभ2 जुलाई, दोपहर 12:46
- मिथुन4 जुलाई, रात 11:07
- कर्क7 जुलाई, सुबह 10:56
- सिंह9 जुलाई, रात 11:39
- कन्या12 जुलाई, दोपहर 12:06
- तुला14 जुलाई, रात 10:27
- वृश्चिक17 जुलाई, सुबह 5:03
- धनु19 जुलाई, सुबह 7:36
- मकर21 जुलाई, सुबह 7:23
- कुम्भ23 जुलाई, सुबह 6:32
- मीन25 जुलाई, सुबह 7:11
- मेष27 जुलाई, सुबह 10:58
- वृषभ29 जुलाई, शाम 6:25
- मिथुन1 अगस्त, सुबह 4:48
- कर्क3 अगस्त, शाम 4:54
- सिंह6 अगस्त, सुबह 5:36
- कन्या8 अगस्त, शाम 6:03
- तुला11 अगस्त, सुबह 4:58
- वृश्चिक13 अगस्त, दोपहर 12:55
- धनु15 अगस्त, शाम 5:05
- मकर17 अगस्त, शाम 6:00
- कुम्भ19 अगस्त, शाम 5:18
- मीन21 अगस्त, शाम 5:06
- मेष23 अगस्त, शाम 7:21
- वृषभ26 अगस्त, रात 1:19
- मिथुन28 अगस्त, सुबह 10:56
- कर्क30 अगस्त, रात 10:57
- सिंह2 सितंबर, सुबह 11:41
- कन्या4 सितंबर, रात 11:50
- तुला7 सितंबर, सुबह 10:32
- वृश्चिक9 सितंबर, शाम 6:58
- धनु12 सितंबर, रात 12:29
- मकर14 सितंबर, रात 3:05
- कुम्भ16 सितंबर, रात 3:41
- मीन18 सितंबर, रात 3:51
- मेष20 सितंबर, सुबह 5:26
- वृषभ22 सितंबर, सुबह 10:01
- मिथुन24 सितंबर, शाम 6:21
- कर्क27 सितंबर, सुबह 5:47
- सिंह29 सितंबर, शाम 6:29
- कन्या2 अक्टूबर, सुबह 6:28
- तुला4 अक्टूबर, शाम 4:34
- वृश्चिक7 अक्टूबर, रात 12:26
- धनु9 अक्टूबर, सुबह 6:07
- मकर11 अक्टूबर, सुबह 9:50
- कुम्भ13 अक्टूबर, दोपहर 12:02
- मीन15 अक्टूबर, दोपहर 1:36
- मेष17 अक्टूबर, दोपहर 3:44
- वृषभ19 अक्टूबर, शाम 7:50
- मिथुन22 अक्टूबर, रात 3:05
- कर्क24 अक्टूबर, दोपहर 1:39
- सिंह27 अक्टूबर, रात 2:12
- कन्या29 अक्टूबर, दोपहर 2:20
- तुला1 नवंबर, रात 12:08
- वृश्चिक3 नवंबर, सुबह 7:06
- धनु5 नवंबर, सुबह 11:48
- मकर7 नवंबर, दोपहर 3:12
- कुम्भ9 नवंबर, शाम 6:05
- मीन11 नवंबर, रात 9:01
- मेष14 नवंबर, रात 12:30
- वृषभ16 नवंबर, सुबह 5:15
- मिथुन18 नवंबर, दोपहर 12:14
- कर्क20 नवंबर, रात 10:07
- सिंह23 नवंबर, सुबह 10:23
- कन्या25 नवंबर, रात 10:55
- तुला28 नवंबर, सुबह 9:11
- वृश्चिक30 नवंबर, दोपहर 3:53
- धनु2 दिसंबर, शाम 7:30
- मकर4 दिसंबर, रात 9:32
- कुम्भ6 दिसंबर, रात 11:31
- मीन9 दिसंबर, रात 2:33
- मेष11 दिसंबर, सुबह 6:59
- वृषभ13 दिसंबर, दोपहर 12:53
- मिथुन15 दिसंबर, रात 8:31
- कर्क18 दिसंबर, सुबह 6:19
- सिंह20 दिसंबर, शाम 6:20
- कन्या23 दिसंबर, सुबह 7:14
- तुला25 दिसंबर, शाम 6:30
- वृश्चिक28 दिसंबर, रात 2:01
- धनु30 दिसंबर, सुबह 5:32
यह भी देखें: चन्द्र (शब्दकोश) · गोचर 2005: सभी ग्रह · अपनी कुंडली पर गोचर
समझें
गोचर क्या है
गोचर का अर्थ है ग्रहों का चलना: आकाश में हर ग्रह राशि-चक्र में आगे बढ़ता है, और जब वह एक राशि की सीमा पार करता है तो उसे उस ग्रह का राशि परिवर्तन (संक्रमण) कहते हैं। यह पृष्ठ केवल वही बताता है कि कौन-सा ग्रह कब कहाँ है। शास्त्रीय पद्धति में गोचर को व्यक्ति की जन्म-राशि (चन्द्र राशि) से गिनकर पढ़ा जाता है; अपनी कुंडली पर आज का गोचर देखने के लिए गोचर उपकरण खोलें।
वक्री और मार्गी
पृथ्वी से देखने पर मंगल, बुध, गुरु, शुक्र और शनि कभी-कभी कुछ समय के लिए पीछे की ओर चलते दिखते हैं। इसे वक्री गति कहते हैं; जिस क्षण ग्रह रुककर मुड़ता है वह स्तम्भन (स्टेशन) है, और फिर आगे बढ़ना मार्गी होना। यह पृथ्वी और ग्रह की कक्षाओं की सापेक्ष गति का दृश्य प्रभाव है। सूर्य और चन्द्रमा कभी वक्री नहीं होते; राहु-केतु (मध्यम) सदा पीछे चलते हैं।
अस्त (दहन)
जब कोई ग्रह सूर्य के बहुत पास होता है तो सूर्य की चमक में वह दिखाई नहीं देता; ग्रंथ इसे अस्त कहते हैं, और फिर दिखने लगना उदय। सूर्य सिद्धान्त हर ग्रह के लिए दूरी की सीमा देता है। यहाँ प्रयुक्त सीमाएँ: मंगल 17°, बुध 14° (वक्री में 12°), गुरु 11°, शुक्र 10° (वक्री में 8°), शनि 15°। पंचांग गुरु और शुक्र के अस्त-काल को विवाह जैसे संस्कारों के मुहूर्त में छोड़ते हैं।
निरयण राशियाँ
भारतीय पंचांग राशियों को तारों के सापेक्ष (निरयण) गिनते हैं। पश्चिमी (सायन) राशियाँ इनसे लगभग 24° आगे हैं, इसलिए वहाँ छपी तारीखें यहाँ से लगभग तीन सप्ताह पहले की होती हैं। यहाँ लाहिरी अयनांश प्रयुक्त है।
यह गणना कैसे हुई
NASA JPL के DE421 आँकड़ों से हर ग्रह की स्पष्ट भू-केन्द्रीय स्थिति, लाहिरी अयनांश घटाकर। राशि-सीमा पार करने, गति शून्य होने और सूर्य से दूरी सीमा के बराबर होने के क्षण द्विभाजन (bisection) से एक सेकंड से कम की शुद्धता तक निकाले गए हैं। अयनांश के छोटे अन्तर से धीमे ग्रहों (विशेषकर शनि) का समय दूसरे पंचांगों से कुछ घंटे अलग हो सकता है।
पंचांग में और
- आजआज के पाँच अंग, शुभ-अशुभ समय और चौघड़िया।
- मासिक कैलेंडरपूरे मास की तिथियाँ, नक्षत्र और पर्व।
- पर्व और व्रतवर्ष भर के पर्व, व्रत, एकादशी और पूर्णिमा।
- मुहूर्त खोजेंरोज़ के कामों के लिए शुभ समय, कारण सहित।
- चौघड़ियादिन-रात के आठ-आठ भाग, अभी कौन-सा चल रहा है।
- राहु कालआज का राहु काल, गुलिक और यमगण्ड।
- पंचकआने वाले महीनों के पंचक, और ग्रंथ इनके बारे में क्या कहते हैं।
- भद्राभद्रा (विष्टि करण) कब है और उसका वास कहाँ है।
- संक्रान्तिवर्ष की बारह संक्रान्तियाँ, समय और पुण्य काल सहित।
- ग्रहणवर्ष के सूर्य और चन्द्र ग्रहण, स्पर्श-मोक्ष के समय और सूतक।
- तिथि परिवर्तककिसी भी अंग्रेज़ी तारीख की हिन्दू तिथि।
- जन्म तिथिअपनी जन्म तिथि और अगले वर्षों की तारीखें।
- नामाक्षरनक्षत्र-पद के अनुसार नाम के आरम्भिक अक्षर।
