पंचांग · गोचर · चन्द्र
2010 में चन्द्र का गोचर
चन्द्रमा लगभग हर सवा दो दिन में राशि बदलता है; 2010 में 161 बार। नीचे हर प्रवेश का समय है।
सभी समय नैरोबी के स्थानीय समय (Africa/Nairobi, UTC+3) में।
2010 में चन्द्र किन राशियों में है
- कर्क1 जनवरी, रात 8:07
- सिंह3 जनवरी, रात 8:07
- कन्या5 जनवरी, रात 9:43
- तुला8 जनवरी, रात 2:07
- वृश्चिक10 जनवरी, सुबह 9:41
- धनु12 जनवरी, शाम 7:58
- मकर15 जनवरी, सुबह 8:06
- कुम्भ17 जनवरी, रात 9:04
- मीन20 जनवरी, सुबह 9:39
- मेष22 जनवरी, रात 8:17
- वृषभ25 जनवरी, रात 3:34
- मिथुन27 जनवरी, सुबह 7:06
- कर्क29 जनवरी, सुबह 7:39
- सिंह31 जनवरी, सुबह 6:54
- कन्या2 फ़रवरी, सुबह 6:50
- तुला4 फ़रवरी, सुबह 9:22
- वृश्चिक6 फ़रवरी, दोपहर 3:42
- धनु9 फ़रवरी, रात 1:45
- मकर11 फ़रवरी, दोपहर 2:10
- कुम्भ14 फ़रवरी, रात 3:12
- मीन16 फ़रवरी, दोपहर 3:34
- मेष19 फ़रवरी, रात 2:24
- वृषभ21 फ़रवरी, सुबह 10:50
- मिथुन23 फ़रवरी, शाम 4:11
- कर्क25 फ़रवरी, शाम 6:24
- सिंह27 फ़रवरी, शाम 6:23
- कन्या1 मार्च, शाम 5:53
- तुला3 मार्च, शाम 6:59
- वृश्चिक5 मार्च, रात 11:33
- धनु8 मार्च, सुबह 8:23
- मकर10 मार्च, रात 8:28
- कुम्भ13 मार्च, सुबह 9:34
- मीन15 मार्च, रात 9:42
- मेष18 मार्च, सुबह 8:02
- वृषभ20 मार्च, शाम 4:25
- मिथुन22 मार्च, रात 10:41
- कर्क25 मार्च, रात 2:33
- सिंह27 मार्च, सुबह 4:12
- कन्या29 मार्च, सुबह 4:39
- तुला31 मार्च, सुबह 5:38
- वृश्चिक2 अप्रैल, सुबह 9:07
- धनु4 अप्रैल, शाम 4:31
- मकर7 अप्रैल, रात 3:42
- कुम्भ9 अप्रैल, शाम 4:37
- मीन12 अप्रैल, सुबह 4:44
- मेष14 अप्रैल, दोपहर 2:36
- वृषभ16 अप्रैल, रात 10:13
- मिथुन19 अप्रैल, सुबह 4:03
- कर्क21 अप्रैल, सुबह 8:23
- सिंह23 अप्रैल, सुबह 11:20
- कन्या25 अप्रैल, दोपहर 1:18
- तुला27 अप्रैल, दोपहर 3:19
- वृश्चिक29 अप्रैल, शाम 6:56
- धनु2 मई, रात 1:36
- मकर4 मई, सुबह 11:51
- कुम्भ7 मई, रात 12:23
- मीन9 मई, दोपहर 12:40
- मेष11 मई, रात 10:34
- वृषभ14 मई, सुबह 5:35
- मिथुन16 मई, सुबह 10:22
- कर्क18 मई, दोपहर 1:53
- सिंह20 मई, शाम 4:48
- कन्या22 मई, शाम 7:37
- तुला24 मई, रात 10:54
- वृश्चिक27 मई, रात 3:29
- धनु29 मई, सुबह 10:24
- मकर31 मई, रात 8:14
- कुम्भ3 जून, सुबह 8:24
- मीन5 जून, रात 8:54
- मेष8 जून, सुबह 7:22
- वृषभ10 जून, दोपहर 2:32
- मिथुन12 जून, शाम 6:40
- कर्क14 जून, रात 8:56
- सिंह16 जून, रात 10:41
- कन्या19 जून, रात 1:00
- तुला21 जून, सुबह 4:40
- वृश्चिक23 जून, सुबह 10:12
- धनु25 जून, शाम 5:55
- मकर28 जून, रात 3:59
- कुम्भ30 जून, शाम 4:00
- मीन3 जुलाई, सुबह 4:41
- मेष5 जुलाई, दोपहर 3:58
- वृषभ8 जुलाई, रात 12:04
- मिथुन10 जुलाई, सुबह 4:31
- कर्क12 जुलाई, सुबह 6:10
- सिंह14 जुलाई, सुबह 6:33
- कन्या16 जुलाई, सुबह 7:26
- तुला18 जुलाई, सुबह 10:13
- वृश्चिक20 जुलाई, दोपहर 3:45
- धनु23 जुलाई, रात 12:05
- मकर25 जुलाई, सुबह 10:41
- कुम्भ27 जुलाई, रात 10:51
- मीन30 जुलाई, सुबह 11:35
- मेष1 अगस्त, रात 11:29
- वृषभ4 अगस्त, सुबह 8:51
- मिथुन6 अगस्त, दोपहर 2:33
- कर्क8 अगस्त, शाम 4:41
- सिंह10 अगस्त, शाम 4:32
- कन्या12 अगस्त, शाम 4:04
- तुला14 अगस्त, शाम 5:15
- वृश्चिक16 अगस्त, रात 9:38
- धनु19 अगस्त, सुबह 5:41
- मकर21 अगस्त, शाम 4:37
- कुम्भ24 अगस्त, सुबह 5:02
- मीन26 अगस्त, शाम 5:43
- मेष29 अगस्त, सुबह 5:45
- वृषभ31 अगस्त, शाम 4:00
- मिथुन2 सितंबर, रात 11:14
- कर्क5 सितंबर, रात 2:50
- सिंह7 सितंबर, रात 3:24
- कन्या9 सितंबर, रात 2:33
- तुला11 सितंबर, रात 2:29
- वृश्चिक13 सितंबर, सुबह 5:14
- धनु15 सितंबर, दोपहर 12:03
- मकर17 सितंबर, रात 10:34
- कुम्भ20 सितंबर, सुबह 11:05
- मीन22 सितंबर, रात 11:44
- मेष25 सितंबर, सुबह 11:29
- वृषभ27 सितंबर, रात 9:45
- मिथुन30 सितंबर, सुबह 5:52
- कर्क2 अक्टूबर, सुबह 11:05
- सिंह4 अक्टूबर, दोपहर 1:16
- कन्या6 अक्टूबर, दोपहर 1:20
- तुला8 अक्टूबर, दोपहर 1:09
- वृश्चिक10 अक्टूबर, दोपहर 2:49
- धनु12 अक्टूबर, रात 8:07
- मकर15 अक्टूबर, सुबह 5:31
- कुम्भ17 अक्टूबर, शाम 5:42
- मीन20 अक्टूबर, सुबह 6:22
- मेष22 अक्टूबर, शाम 5:49
- वृषभ25 अक्टूबर, रात 3:29
- मिथुन27 अक्टूबर, सुबह 11:18
- कर्क29 अक्टूबर, शाम 5:08
- सिंह31 अक्टूबर, रात 8:47
- कन्या2 नवंबर, रात 10:31
- तुला4 नवंबर, रात 11:26
- वृश्चिक7 नवंबर, रात 1:14
- धनु9 नवंबर, सुबह 5:41
- मकर11 नवंबर, दोपहर 1:51
- कुम्भ14 नवंबर, रात 1:17
- मीन16 नवंबर, दोपहर 1:56
- मेष19 नवंबर, रात 1:26
- वृषभ21 नवंबर, सुबह 10:37
- मिथुन23 नवंबर, शाम 5:30
- कर्क25 नवंबर, रात 10:34
- सिंह28 नवंबर, रात 2:20
- कन्या30 नवंबर, सुबह 5:10
- तुला2 दिसंबर, सुबह 7:36
- वृश्चिक4 दिसंबर, सुबह 10:37
- धनु6 दिसंबर, दोपहर 3:24
- मकर8 दिसंबर, रात 11:00
- कुम्भ11 दिसंबर, सुबह 9:40
- मीन13 दिसंबर, रात 10:08
- मेष16 दिसंबर, सुबह 10:05
- वृषभ18 दिसंबर, शाम 7:31
- मिथुन21 दिसंबर, रात 1:50
- कर्क23 दिसंबर, सुबह 5:41
- सिंह25 दिसंबर, सुबह 8:11
- कन्या27 दिसंबर, सुबह 10:31
- तुला29 दिसंबर, दोपहर 1:30
- वृश्चिक31 दिसंबर, शाम 5:43
यह भी देखें: चन्द्र (शब्दकोश) · गोचर 2010: सभी ग्रह · अपनी कुंडली पर गोचर
समझें
गोचर क्या है
गोचर का अर्थ है ग्रहों का चलना: आकाश में हर ग्रह राशि-चक्र में आगे बढ़ता है, और जब वह एक राशि की सीमा पार करता है तो उसे उस ग्रह का राशि परिवर्तन (संक्रमण) कहते हैं। यह पृष्ठ केवल वही बताता है कि कौन-सा ग्रह कब कहाँ है। शास्त्रीय पद्धति में गोचर को व्यक्ति की जन्म-राशि (चन्द्र राशि) से गिनकर पढ़ा जाता है; अपनी कुंडली पर आज का गोचर देखने के लिए गोचर उपकरण खोलें।
वक्री और मार्गी
पृथ्वी से देखने पर मंगल, बुध, गुरु, शुक्र और शनि कभी-कभी कुछ समय के लिए पीछे की ओर चलते दिखते हैं। इसे वक्री गति कहते हैं; जिस क्षण ग्रह रुककर मुड़ता है वह स्तम्भन (स्टेशन) है, और फिर आगे बढ़ना मार्गी होना। यह पृथ्वी और ग्रह की कक्षाओं की सापेक्ष गति का दृश्य प्रभाव है। सूर्य और चन्द्रमा कभी वक्री नहीं होते; राहु-केतु (मध्यम) सदा पीछे चलते हैं।
अस्त (दहन)
जब कोई ग्रह सूर्य के बहुत पास होता है तो सूर्य की चमक में वह दिखाई नहीं देता; ग्रंथ इसे अस्त कहते हैं, और फिर दिखने लगना उदय। सूर्य सिद्धान्त हर ग्रह के लिए दूरी की सीमा देता है। यहाँ प्रयुक्त सीमाएँ: मंगल 17°, बुध 14° (वक्री में 12°), गुरु 11°, शुक्र 10° (वक्री में 8°), शनि 15°। पंचांग गुरु और शुक्र के अस्त-काल को विवाह जैसे संस्कारों के मुहूर्त में छोड़ते हैं।
निरयण राशियाँ
भारतीय पंचांग राशियों को तारों के सापेक्ष (निरयण) गिनते हैं। पश्चिमी (सायन) राशियाँ इनसे लगभग 24° आगे हैं, इसलिए वहाँ छपी तारीखें यहाँ से लगभग तीन सप्ताह पहले की होती हैं। यहाँ लाहिरी अयनांश प्रयुक्त है।
यह गणना कैसे हुई
NASA JPL के DE421 आँकड़ों से हर ग्रह की स्पष्ट भू-केन्द्रीय स्थिति, लाहिरी अयनांश घटाकर। राशि-सीमा पार करने, गति शून्य होने और सूर्य से दूरी सीमा के बराबर होने के क्षण द्विभाजन (bisection) से एक सेकंड से कम की शुद्धता तक निकाले गए हैं। अयनांश के छोटे अन्तर से धीमे ग्रहों (विशेषकर शनि) का समय दूसरे पंचांगों से कुछ घंटे अलग हो सकता है।
पंचांग में और
- आजआज के पाँच अंग, शुभ-अशुभ समय और चौघड़िया।
- मासिक कैलेंडरपूरे मास की तिथियाँ, नक्षत्र और पर्व।
- पर्व और व्रतवर्ष भर के पर्व, व्रत, एकादशी और पूर्णिमा।
- मुहूर्त खोजेंरोज़ के कामों के लिए शुभ समय, कारण सहित।
- चौघड़ियादिन-रात के आठ-आठ भाग, अभी कौन-सा चल रहा है।
- राहु कालआज का राहु काल, गुलिक और यमगण्ड।
- पंचकआने वाले महीनों के पंचक, और ग्रंथ इनके बारे में क्या कहते हैं।
- भद्राभद्रा (विष्टि करण) कब है और उसका वास कहाँ है।
- संक्रान्तिवर्ष की बारह संक्रान्तियाँ, समय और पुण्य काल सहित।
- ग्रहणवर्ष के सूर्य और चन्द्र ग्रहण, स्पर्श-मोक्ष के समय और सूतक।
- तिथि परिवर्तककिसी भी अंग्रेज़ी तारीख की हिन्दू तिथि।
- जन्म तिथिअपनी जन्म तिथि और अगले वर्षों की तारीखें।
- नामाक्षरनक्षत्र-पद के अनुसार नाम के आरम्भिक अक्षर।
