पंचांग · गोचर · चन्द्र
2010 में चन्द्र का गोचर
चन्द्रमा लगभग हर सवा दो दिन में राशि बदलता है; 2010 में 160 बार। नीचे हर प्रवेश का समय है।
सभी समय एडिलेड के स्थानीय समय (Australia/Adelaide, ACDT/ACST) में।
2010 में चन्द्र किन राशियों में है
- कर्क2 जनवरी, रात 3:37
- सिंह4 जनवरी, रात 3:37
- कन्या6 जनवरी, सुबह 5:13
- तुला8 जनवरी, सुबह 9:37
- वृश्चिक10 जनवरी, शाम 5:11
- धनु13 जनवरी, रात 3:28
- मकर15 जनवरी, दोपहर 3:36
- कुम्भ18 जनवरी, सुबह 4:34
- मीन20 जनवरी, शाम 5:09
- मेष23 जनवरी, रात 3:47
- वृषभ25 जनवरी, सुबह 11:04
- मिथुन27 जनवरी, दोपहर 2:36
- कर्क29 जनवरी, दोपहर 3:09
- सिंह31 जनवरी, दोपहर 2:24
- कन्या2 फ़रवरी, दोपहर 2:20
- तुला4 फ़रवरी, शाम 4:52
- वृश्चिक6 फ़रवरी, रात 11:12
- धनु9 फ़रवरी, सुबह 9:15
- मकर11 फ़रवरी, रात 9:40
- कुम्भ14 फ़रवरी, सुबह 10:42
- मीन16 फ़रवरी, रात 11:04
- मेष19 फ़रवरी, सुबह 9:54
- वृषभ21 फ़रवरी, शाम 6:20
- मिथुन23 फ़रवरी, रात 11:41
- कर्क26 फ़रवरी, रात 1:54
- सिंह28 फ़रवरी, रात 1:53
- कन्या2 मार्च, रात 1:23
- तुला4 मार्च, रात 2:29
- वृश्चिक6 मार्च, सुबह 7:03
- धनु8 मार्च, दोपहर 3:53
- मकर11 मार्च, रात 3:58
- कुम्भ13 मार्च, शाम 5:04
- मीन16 मार्च, सुबह 5:12
- मेष18 मार्च, दोपहर 3:32
- वृषभ20 मार्च, रात 11:55
- मिथुन23 मार्च, सुबह 6:11
- कर्क25 मार्च, सुबह 10:03
- सिंह27 मार्च, सुबह 11:42
- कन्या29 मार्च, दोपहर 12:09
- तुला31 मार्च, दोपहर 1:08
- वृश्चिक2 अप्रैल, शाम 4:37
- धनु4 अप्रैल, रात 11:01
- मकर7 अप्रैल, सुबह 10:12
- कुम्भ9 अप्रैल, रात 11:07
- मीन12 अप्रैल, सुबह 11:14
- मेष14 अप्रैल, रात 9:06
- वृषभ17 अप्रैल, सुबह 4:43
- मिथुन19 अप्रैल, सुबह 10:33
- कर्क21 अप्रैल, दोपहर 2:53
- सिंह23 अप्रैल, शाम 5:50
- कन्या25 अप्रैल, शाम 7:48
- तुला27 अप्रैल, रात 9:49
- वृश्चिक30 अप्रैल, रात 1:26
- धनु2 मई, सुबह 8:06
- मकर4 मई, शाम 6:21
- कुम्भ7 मई, सुबह 6:53
- मीन9 मई, शाम 7:10
- मेष12 मई, सुबह 5:04
- वृषभ14 मई, दोपहर 12:05
- मिथुन16 मई, शाम 4:52
- कर्क18 मई, रात 8:23
- सिंह20 मई, रात 11:18
- कन्या23 मई, रात 2:07
- तुला25 मई, सुबह 5:24
- वृश्चिक27 मई, सुबह 9:59
- धनु29 मई, शाम 4:54
- मकर1 जून, रात 2:44
- कुम्भ3 जून, दोपहर 2:54
- मीन6 जून, रात 3:24
- मेष8 जून, दोपहर 1:52
- वृषभ10 जून, रात 9:02
- मिथुन13 जून, रात 1:10
- कर्क15 जून, रात 3:26
- सिंह17 जून, सुबह 5:11
- कन्या19 जून, सुबह 7:30
- तुला21 जून, सुबह 11:10
- वृश्चिक23 जून, शाम 4:42
- धनु26 जून, रात 12:25
- मकर28 जून, सुबह 10:29
- कुम्भ30 जून, रात 10:30
- मीन3 जुलाई, सुबह 11:11
- मेष5 जुलाई, रात 10:28
- वृषभ8 जुलाई, सुबह 6:34
- मिथुन10 जुलाई, सुबह 11:01
- कर्क12 जुलाई, दोपहर 12:40
- सिंह14 जुलाई, दोपहर 1:03
- कन्या16 जुलाई, दोपहर 1:56
- तुला18 जुलाई, शाम 4:43
- वृश्चिक20 जुलाई, रात 10:15
- धनु23 जुलाई, सुबह 6:35
- मकर25 जुलाई, शाम 5:11
- कुम्भ28 जुलाई, सुबह 5:21
- मीन30 जुलाई, शाम 6:05
- मेष2 अगस्त, सुबह 5:59
- वृषभ4 अगस्त, दोपहर 3:21
- मिथुन6 अगस्त, रात 9:03
- कर्क8 अगस्त, रात 11:11
- सिंह10 अगस्त, रात 11:02
- कन्या12 अगस्त, रात 10:34
- तुला14 अगस्त, रात 11:45
- वृश्चिक17 अगस्त, सुबह 4:08
- धनु19 अगस्त, दोपहर 12:11
- मकर21 अगस्त, रात 11:07
- कुम्भ24 अगस्त, सुबह 11:32
- मीन27 अगस्त, रात 12:13
- मेष29 अगस्त, दोपहर 12:15
- वृषभ31 अगस्त, रात 10:30
- मिथुन3 सितंबर, सुबह 5:44
- कर्क5 सितंबर, सुबह 9:20
- सिंह7 सितंबर, सुबह 9:54
- कन्या9 सितंबर, सुबह 9:03
- तुला11 सितंबर, सुबह 8:59
- वृश्चिक13 सितंबर, सुबह 11:44
- धनु15 सितंबर, शाम 6:33
- मकर18 सितंबर, सुबह 5:04
- कुम्भ20 सितंबर, शाम 5:35
- मीन23 सितंबर, सुबह 6:14
- मेष25 सितंबर, शाम 5:59
- वृषभ28 सितंबर, सुबह 4:15
- मिथुन30 सितंबर, दोपहर 12:22
- कर्क2 अक्टूबर, शाम 5:35
- सिंह4 अक्टूबर, रात 8:46
- कन्या6 अक्टूबर, रात 8:50
- तुला8 अक्टूबर, रात 8:39
- वृश्चिक10 अक्टूबर, रात 10:19
- धनु13 अक्टूबर, रात 3:37
- मकर15 अक्टूबर, दोपहर 1:01
- कुम्भ18 अक्टूबर, रात 1:12
- मीन20 अक्टूबर, दोपहर 1:52
- मेष23 अक्टूबर, रात 1:19
- वृषभ25 अक्टूबर, सुबह 10:59
- मिथुन27 अक्टूबर, शाम 6:48
- कर्क30 अक्टूबर, रात 12:38
- सिंह1 नवंबर, सुबह 4:17
- कन्या3 नवंबर, सुबह 6:01
- तुला5 नवंबर, सुबह 6:56
- वृश्चिक7 नवंबर, सुबह 8:44
- धनु9 नवंबर, दोपहर 1:11
- मकर11 नवंबर, रात 9:21
- कुम्भ14 नवंबर, सुबह 8:47
- मीन16 नवंबर, रात 9:26
- मेष19 नवंबर, सुबह 8:56
- वृषभ21 नवंबर, शाम 6:07
- मिथुन24 नवंबर, रात 1:00
- कर्क26 नवंबर, सुबह 6:04
- सिंह28 नवंबर, सुबह 9:50
- कन्या30 नवंबर, दोपहर 12:40
- तुला2 दिसंबर, दोपहर 3:06
- वृश्चिक4 दिसंबर, शाम 6:07
- धनु6 दिसंबर, रात 10:54
- मकर9 दिसंबर, सुबह 6:30
- कुम्भ11 दिसंबर, शाम 5:10
- मीन14 दिसंबर, सुबह 5:38
- मेष16 दिसंबर, शाम 5:35
- वृषभ19 दिसंबर, रात 3:01
- मिथुन21 दिसंबर, सुबह 9:20
- कर्क23 दिसंबर, दोपहर 1:11
- सिंह25 दिसंबर, दोपहर 3:41
- कन्या27 दिसंबर, शाम 6:01
- तुला29 दिसंबर, रात 9:00
यह भी देखें: चन्द्र (शब्दकोश) · गोचर 2010: सभी ग्रह · अपनी कुंडली पर गोचर
समझें
गोचर क्या है
गोचर का अर्थ है ग्रहों का चलना: आकाश में हर ग्रह राशि-चक्र में आगे बढ़ता है, और जब वह एक राशि की सीमा पार करता है तो उसे उस ग्रह का राशि परिवर्तन (संक्रमण) कहते हैं। यह पृष्ठ केवल वही बताता है कि कौन-सा ग्रह कब कहाँ है। शास्त्रीय पद्धति में गोचर को व्यक्ति की जन्म-राशि (चन्द्र राशि) से गिनकर पढ़ा जाता है; अपनी कुंडली पर आज का गोचर देखने के लिए गोचर उपकरण खोलें।
वक्री और मार्गी
पृथ्वी से देखने पर मंगल, बुध, गुरु, शुक्र और शनि कभी-कभी कुछ समय के लिए पीछे की ओर चलते दिखते हैं। इसे वक्री गति कहते हैं; जिस क्षण ग्रह रुककर मुड़ता है वह स्तम्भन (स्टेशन) है, और फिर आगे बढ़ना मार्गी होना। यह पृथ्वी और ग्रह की कक्षाओं की सापेक्ष गति का दृश्य प्रभाव है। सूर्य और चन्द्रमा कभी वक्री नहीं होते; राहु-केतु (मध्यम) सदा पीछे चलते हैं।
अस्त (दहन)
जब कोई ग्रह सूर्य के बहुत पास होता है तो सूर्य की चमक में वह दिखाई नहीं देता; ग्रंथ इसे अस्त कहते हैं, और फिर दिखने लगना उदय। सूर्य सिद्धान्त हर ग्रह के लिए दूरी की सीमा देता है। यहाँ प्रयुक्त सीमाएँ: मंगल 17°, बुध 14° (वक्री में 12°), गुरु 11°, शुक्र 10° (वक्री में 8°), शनि 15°। पंचांग गुरु और शुक्र के अस्त-काल को विवाह जैसे संस्कारों के मुहूर्त में छोड़ते हैं।
निरयण राशियाँ
भारतीय पंचांग राशियों को तारों के सापेक्ष (निरयण) गिनते हैं। पश्चिमी (सायन) राशियाँ इनसे लगभग 24° आगे हैं, इसलिए वहाँ छपी तारीखें यहाँ से लगभग तीन सप्ताह पहले की होती हैं। यहाँ लाहिरी अयनांश प्रयुक्त है।
यह गणना कैसे हुई
NASA JPL के DE421 आँकड़ों से हर ग्रह की स्पष्ट भू-केन्द्रीय स्थिति, लाहिरी अयनांश घटाकर। राशि-सीमा पार करने, गति शून्य होने और सूर्य से दूरी सीमा के बराबर होने के क्षण द्विभाजन (bisection) से एक सेकंड से कम की शुद्धता तक निकाले गए हैं। अयनांश के छोटे अन्तर से धीमे ग्रहों (विशेषकर शनि) का समय दूसरे पंचांगों से कुछ घंटे अलग हो सकता है।
पंचांग में और
- आजआज के पाँच अंग, शुभ-अशुभ समय और चौघड़िया।
- मासिक कैलेंडरपूरे मास की तिथियाँ, नक्षत्र और पर्व।
- पर्व और व्रतवर्ष भर के पर्व, व्रत, एकादशी और पूर्णिमा।
- मुहूर्त खोजेंरोज़ के कामों के लिए शुभ समय, कारण सहित।
- चौघड़ियादिन-रात के आठ-आठ भाग, अभी कौन-सा चल रहा है।
- राहु कालआज का राहु काल, गुलिक और यमगण्ड।
- पंचकआने वाले महीनों के पंचक, और ग्रंथ इनके बारे में क्या कहते हैं।
- भद्राभद्रा (विष्टि करण) कब है और उसका वास कहाँ है।
- संक्रान्तिवर्ष की बारह संक्रान्तियाँ, समय और पुण्य काल सहित।
- ग्रहणवर्ष के सूर्य और चन्द्र ग्रहण, स्पर्श-मोक्ष के समय और सूतक।
- तिथि परिवर्तककिसी भी अंग्रेज़ी तारीख की हिन्दू तिथि।
- जन्म तिथिअपनी जन्म तिथि और अगले वर्षों की तारीखें।
- नामाक्षरनक्षत्र-पद के अनुसार नाम के आरम्भिक अक्षर।
