पंचांग · गोचर · चन्द्र
2011 में चन्द्र का गोचर
चन्द्रमा लगभग हर सवा दो दिन में राशि बदलता है; 2011 में 160 बार। नीचे हर प्रवेश का समय है।
2011 में चन्द्र किन राशियों में है
- धनु3 जनवरी, रात 2:08
- मकर5 जनवरी, सुबह 10:09
- कुम्भ7 जनवरी, रात 8:31
- मीन10 जनवरी, सुबह 8:45
- मेष12 जनवरी, रात 9:12
- वृषभ15 जनवरी, सुबह 7:37
- मिथुन17 जनवरी, दोपहर 2:28
- कर्क19 जनवरी, शाम 5:49
- सिंह21 जनवरी, शाम 6:57
- कन्या23 जनवरी, शाम 7:39
- तुला25 जनवरी, रात 9:32
- वृश्चिक28 जनवरी, रात 1:41
- धनु30 जनवरी, सुबह 8:21
- मकर1 फ़रवरी, शाम 5:15
- कुम्भ4 फ़रवरी, रात 3:58
- मीन6 फ़रवरी, शाम 4:08
- मेष9 फ़रवरी, सुबह 4:49
- वृषभ11 फ़रवरी, शाम 4:17
- मिथुन14 फ़रवरी, रात 12:33
- कर्क16 फ़रवरी, सुबह 4:45
- सिंह18 फ़रवरी, सुबह 5:37
- कन्या20 फ़रवरी, सुबह 5:01
- तुला22 फ़रवरी, सुबह 5:06
- वृश्चिक24 फ़रवरी, सुबह 7:44
- धनु26 फ़रवरी, दोपहर 1:49
- मकर28 फ़रवरी, रात 11:01
- कुम्भ3 मार्च, सुबह 10:17
- मीन5 मार्च, रात 10:36
- मेष8 मार्च, सुबह 11:17
- वृषभ10 मार्च, रात 11:15
- मिथुन13 मार्च, सुबह 8:54
- कर्क15 मार्च, दोपहर 2:46
- सिंह17 मार्च, शाम 4:46
- कन्या19 मार्च, शाम 4:12
- तुला21 मार्च, दोपहर 3:13
- वृश्चिक23 मार्च, शाम 4:06
- धनु25 मार्च, रात 8:30
- मकर28 मार्च, सुबह 4:50
- कुम्भ30 मार्च, शाम 4:05
- मीन2 अप्रैल, सुबह 4:38
- मेष4 अप्रैल, शाम 5:13
- वृषभ7 अप्रैल, सुबह 5:04
- मिथुन9 अप्रैल, दोपहर 3:13
- कर्क11 अप्रैल, रात 10:30
- सिंह14 अप्रैल, रात 2:14
- कन्या16 अप्रैल, रात 2:58
- तुला18 अप्रैल, रात 2:20
- वृश्चिक20 अप्रैल, रात 2:26
- धनु22 अप्रैल, सुबह 5:17
- मकर24 अप्रैल, दोपहर 12:04
- कुम्भ26 अप्रैल, रात 10:29
- मीन29 अप्रैल, सुबह 10:55
- मेष1 मई, रात 11:29
- वृषभ4 मई, सुबह 10:57
- मिथुन6 मई, रात 8:44
- कर्क9 मई, सुबह 4:18
- सिंह11 मई, सुबह 9:14
- कन्या13 मई, सुबह 11:37
- तुला15 मई, दोपहर 12:21
- वृश्चिक17 मई, दोपहर 1:00
- धनु19 मई, दोपहर 3:21
- मकर21 मई, रात 8:53
- कुम्भ24 मई, सुबह 6:05
- मीन26 मई, शाम 6:00
- मेष29 मई, सुबह 6:33
- वृषभ31 मई, शाम 5:50
- मिथुन3 जून, रात 2:58
- कर्क5 जून, सुबह 9:51
- सिंह7 जून, दोपहर 2:42
- कन्या9 जून, शाम 5:56
- तुला11 जून, रात 8:05
- वृश्चिक13 जून, रात 10:05
- धनु16 जून, रात 1:04
- मकर18 जून, सुबह 6:18
- कुम्भ20 जून, दोपहर 2:38
- मीन23 जून, रात 1:51
- मेष25 जून, दोपहर 2:21
- वृषभ28 जून, रात 1:50
- मिथुन30 जून, सुबह 10:43
- कर्क2 जुलाई, शाम 4:43
- सिंह4 जुलाई, रात 8:34
- कन्या6 जुलाई, रात 11:18
- तुला9 जुलाई, रात 1:53
- वृश्चिक11 जुलाई, सुबह 4:58
- धनु13 जुलाई, सुबह 9:08
- मकर15 जुलाई, दोपहर 2:59
- कुम्भ17 जुलाई, रात 11:11
- मीन20 जुलाई, सुबह 9:56
- मेष22 जुलाई, रात 10:22
- वृषभ25 जुलाई, सुबह 10:22
- मिथुन27 जुलाई, शाम 7:41
- कर्क30 जुलाई, रात 1:25
- सिंह1 अगस्त, सुबह 4:16
- कन्या3 अगस्त, सुबह 5:43
- तुला5 अगस्त, सुबह 7:23
- वृश्चिक7 अगस्त, सुबह 10:26
- धनु9 अगस्त, दोपहर 3:20
- मकर11 अगस्त, रात 10:08
- कुम्भ14 अगस्त, सुबह 6:50
- मीन16 अगस्त, शाम 5:34
- मेष19 अगस्त, सुबह 5:58
- वृषभ21 अगस्त, शाम 6:29
- मिथुन24 अगस्त, सुबह 4:49
- कर्क26 अगस्त, सुबह 11:16
- सिंह28 अगस्त, दोपहर 1:56
- कन्या30 अगस्त, दोपहर 2:21
- तुला1 सितंबर, दोपहर 2:32
- वृश्चिक3 सितंबर, शाम 4:19
- धनु5 सितंबर, रात 8:45
- मकर8 सितंबर, रात 3:55
- कुम्भ10 सितंबर, दोपहर 1:16
- मीन13 सितंबर, रात 12:21
- मेष15 सितंबर, दोपहर 12:46
- वृषभ18 सितंबर, रात 1:34
- मिथुन20 सितंबर, दोपहर 12:55
- कर्क22 सितंबर, रात 8:47
- सिंह25 सितंबर, रात 12:27
- कन्या27 सितंबर, रात 12:54
- तुला29 सितंबर, रात 12:06
- वृश्चिक1 अक्टूबर, रात 12:18
- धनु3 अक्टूबर, रात 3:11
- मकर5 अक्टूबर, सुबह 9:33
- कुम्भ7 अक्टूबर, शाम 6:59
- मीन10 अक्टूबर, सुबह 6:26
- मेष12 अक्टूबर, शाम 6:57
- वृषभ15 अक्टूबर, सुबह 7:42
- मिथुन17 अक्टूबर, शाम 7:28
- कर्क20 अक्टूबर, सुबह 4:38
- सिंह22 अक्टूबर, सुबह 10:00
- कन्या24 अक्टूबर, सुबह 11:43
- तुला26 अक्टूबर, सुबह 11:14
- वृश्चिक28 अक्टूबर, सुबह 10:38
- धनु30 अक्टूबर, सुबह 11:56
- मकर1 नवंबर, शाम 4:39
- कुम्भ4 नवंबर, रात 1:08
- मीन6 नवंबर, दोपहर 12:29
- मेष9 नवंबर, रात 1:08
- वृषभ11 नवंबर, दोपहर 1:41
- मिथुन14 नवंबर, रात 1:09
- कर्क16 नवंबर, सुबह 10:38
- सिंह18 नवंबर, शाम 5:17
- कन्या20 नवंबर, रात 8:49
- तुला22 नवंबर, रात 9:52
- वृश्चिक24 नवंबर, रात 9:51
- धनु26 नवंबर, रात 10:36
- मकर29 नवंबर, रात 1:52
- कुम्भ1 दिसंबर, सुबह 8:50
- मीन3 दिसंबर, शाम 7:22
- मेष6 दिसंबर, सुबह 7:56
- वृषभ8 दिसंबर, रात 8:27
- मिथुन11 दिसंबर, सुबह 7:25
- कर्क13 दिसंबर, शाम 4:14
- सिंह15 दिसंबर, रात 10:50
- कन्या18 दिसंबर, रात 3:21
- तुला20 दिसंबर, सुबह 6:05
- वृश्चिक22 दिसंबर, सुबह 7:42
- धनु24 दिसंबर, सुबह 9:16
- मकर26 दिसंबर, दोपहर 12:16
- कुम्भ28 दिसंबर, शाम 6:06
- मीन31 दिसंबर, रात 3:28
यह भी देखें: चन्द्र (शब्दकोश) · गोचर 2011: सभी ग्रह · अपनी कुंडली पर गोचर
समझें
गोचर क्या है
गोचर का अर्थ है ग्रहों का चलना: आकाश में हर ग्रह राशि-चक्र में आगे बढ़ता है, और जब वह एक राशि की सीमा पार करता है तो उसे उस ग्रह का राशि परिवर्तन (संक्रमण) कहते हैं। यह पृष्ठ केवल वही बताता है कि कौन-सा ग्रह कब कहाँ है। शास्त्रीय पद्धति में गोचर को व्यक्ति की जन्म-राशि (चन्द्र राशि) से गिनकर पढ़ा जाता है; अपनी कुंडली पर आज का गोचर देखने के लिए गोचर उपकरण खोलें।
वक्री और मार्गी
पृथ्वी से देखने पर मंगल, बुध, गुरु, शुक्र और शनि कभी-कभी कुछ समय के लिए पीछे की ओर चलते दिखते हैं। इसे वक्री गति कहते हैं; जिस क्षण ग्रह रुककर मुड़ता है वह स्तम्भन (स्टेशन) है, और फिर आगे बढ़ना मार्गी होना। यह पृथ्वी और ग्रह की कक्षाओं की सापेक्ष गति का दृश्य प्रभाव है। सूर्य और चन्द्रमा कभी वक्री नहीं होते; राहु-केतु (मध्यम) सदा पीछे चलते हैं।
अस्त (दहन)
जब कोई ग्रह सूर्य के बहुत पास होता है तो सूर्य की चमक में वह दिखाई नहीं देता; ग्रंथ इसे अस्त कहते हैं, और फिर दिखने लगना उदय। सूर्य सिद्धान्त हर ग्रह के लिए दूरी की सीमा देता है। यहाँ प्रयुक्त सीमाएँ: मंगल 17°, बुध 14° (वक्री में 12°), गुरु 11°, शुक्र 10° (वक्री में 8°), शनि 15°। पंचांग गुरु और शुक्र के अस्त-काल को विवाह जैसे संस्कारों के मुहूर्त में छोड़ते हैं।
निरयण राशियाँ
भारतीय पंचांग राशियों को तारों के सापेक्ष (निरयण) गिनते हैं। पश्चिमी (सायन) राशियाँ इनसे लगभग 24° आगे हैं, इसलिए वहाँ छपी तारीखें यहाँ से लगभग तीन सप्ताह पहले की होती हैं। यहाँ लाहिरी अयनांश प्रयुक्त है।
यह गणना कैसे हुई
NASA JPL के DE421 आँकड़ों से हर ग्रह की स्पष्ट भू-केन्द्रीय स्थिति, लाहिरी अयनांश घटाकर। राशि-सीमा पार करने, गति शून्य होने और सूर्य से दूरी सीमा के बराबर होने के क्षण द्विभाजन (bisection) से एक सेकंड से कम की शुद्धता तक निकाले गए हैं। अयनांश के छोटे अन्तर से धीमे ग्रहों (विशेषकर शनि) का समय दूसरे पंचांगों से कुछ घंटे अलग हो सकता है।
पंचांग में और
- आजआज के पाँच अंग, शुभ-अशुभ समय और चौघड़िया।
- मासिक कैलेंडरपूरे मास की तिथियाँ, नक्षत्र और पर्व।
- पर्व और व्रतवर्ष भर के पर्व, व्रत, एकादशी और पूर्णिमा।
- मुहूर्त खोजेंरोज़ के कामों के लिए शुभ समय, कारण सहित।
- चौघड़ियादिन-रात के आठ-आठ भाग, अभी कौन-सा चल रहा है।
- राहु कालआज का राहु काल, गुलिक और यमगण्ड।
- पंचकआने वाले महीनों के पंचक, और ग्रंथ इनके बारे में क्या कहते हैं।
- भद्राभद्रा (विष्टि करण) कब है और उसका वास कहाँ है।
- संक्रान्तिवर्ष की बारह संक्रान्तियाँ, समय और पुण्य काल सहित।
- ग्रहणवर्ष के सूर्य और चन्द्र ग्रहण, स्पर्श-मोक्ष के समय और सूतक।
- तिथि परिवर्तककिसी भी अंग्रेज़ी तारीख की हिन्दू तिथि।
- जन्म तिथिअपनी जन्म तिथि और अगले वर्षों की तारीखें।
- नामाक्षरनक्षत्र-पद के अनुसार नाम के आरम्भिक अक्षर।
