पंचांग · गोचर · चन्द्र
2011 में चन्द्र का गोचर
चन्द्रमा लगभग हर सवा दो दिन में राशि बदलता है; 2011 में 161 बार। नीचे हर प्रवेश का समय है।
सभी समय लौटोका के स्थानीय समय (Pacific/Fiji, UTC+13/UTC+12) में।
2011 में चन्द्र किन राशियों में है
- वृश्चिक1 जनवरी, रात 3:43
- धनु3 जनवरी, सुबह 9:38
- मकर5 जनवरी, शाम 5:39
- कुम्भ8 जनवरी, सुबह 4:01
- मीन10 जनवरी, शाम 4:15
- मेष13 जनवरी, सुबह 4:42
- वृषभ15 जनवरी, दोपहर 3:07
- मिथुन17 जनवरी, रात 9:58
- कर्क20 जनवरी, रात 1:19
- सिंह22 जनवरी, रात 2:27
- कन्या24 जनवरी, रात 3:09
- तुला26 जनवरी, सुबह 5:02
- वृश्चिक28 जनवरी, सुबह 9:11
- धनु30 जनवरी, दोपहर 3:51
- मकर2 फ़रवरी, रात 12:45
- कुम्भ4 फ़रवरी, सुबह 11:28
- मीन6 फ़रवरी, रात 11:38
- मेष9 फ़रवरी, दोपहर 12:19
- वृषभ11 फ़रवरी, रात 11:47
- मिथुन14 फ़रवरी, सुबह 8:03
- कर्क16 फ़रवरी, दोपहर 12:15
- सिंह18 फ़रवरी, दोपहर 1:07
- कन्या20 फ़रवरी, दोपहर 12:31
- तुला22 फ़रवरी, दोपहर 12:36
- वृश्चिक24 फ़रवरी, दोपहर 3:14
- धनु26 फ़रवरी, रात 9:19
- मकर1 मार्च, सुबह 6:31
- कुम्भ3 मार्च, शाम 5:47
- मीन6 मार्च, सुबह 5:06
- मेष8 मार्च, शाम 5:47
- वृषभ11 मार्च, सुबह 5:45
- मिथुन13 मार्च, दोपहर 3:24
- कर्क15 मार्च, रात 9:16
- सिंह17 मार्च, रात 11:16
- कन्या19 मार्च, रात 10:42
- तुला21 मार्च, रात 9:43
- वृश्चिक23 मार्च, रात 10:36
- धनु26 मार्च, रात 3:00
- मकर28 मार्च, सुबह 11:20
- कुम्भ30 मार्च, रात 10:35
- मीन2 अप्रैल, सुबह 11:08
- मेष4 अप्रैल, रात 11:43
- वृषभ7 अप्रैल, सुबह 11:34
- मिथुन9 अप्रैल, रात 9:43
- कर्क12 अप्रैल, सुबह 5:00
- सिंह14 अप्रैल, सुबह 8:44
- कन्या16 अप्रैल, सुबह 9:28
- तुला18 अप्रैल, सुबह 8:50
- वृश्चिक20 अप्रैल, सुबह 8:56
- धनु22 अप्रैल, सुबह 11:47
- मकर24 अप्रैल, शाम 6:34
- कुम्भ27 अप्रैल, सुबह 4:59
- मीन29 अप्रैल, शाम 5:25
- मेष2 मई, सुबह 5:59
- वृषभ4 मई, शाम 5:27
- मिथुन7 मई, रात 3:14
- कर्क9 मई, सुबह 10:48
- सिंह11 मई, दोपहर 3:44
- कन्या13 मई, शाम 6:07
- तुला15 मई, शाम 6:51
- वृश्चिक17 मई, शाम 7:30
- धनु19 मई, रात 9:51
- मकर22 मई, रात 3:23
- कुम्भ24 मई, दोपहर 12:35
- मीन27 मई, रात 12:30
- मेष29 मई, दोपहर 1:03
- वृषभ1 जून, रात 12:20
- मिथुन3 जून, सुबह 9:28
- कर्क5 जून, शाम 4:21
- सिंह7 जून, रात 9:12
- कन्या10 जून, रात 12:26
- तुला12 जून, रात 2:35
- वृश्चिक14 जून, सुबह 4:35
- धनु16 जून, सुबह 7:34
- मकर18 जून, दोपहर 12:48
- कुम्भ20 जून, रात 9:08
- मीन23 जून, सुबह 8:21
- मेष25 जून, रात 8:51
- वृषभ28 जून, सुबह 8:20
- मिथुन30 जून, शाम 5:13
- कर्क2 जुलाई, रात 11:13
- सिंह5 जुलाई, रात 3:04
- कन्या7 जुलाई, सुबह 5:48
- तुला9 जुलाई, सुबह 8:23
- वृश्चिक11 जुलाई, सुबह 11:28
- धनु13 जुलाई, दोपहर 3:38
- मकर15 जुलाई, रात 9:29
- कुम्भ18 जुलाई, सुबह 5:41
- मीन20 जुलाई, शाम 4:26
- मेष23 जुलाई, सुबह 4:52
- वृषभ25 जुलाई, शाम 4:52
- मिथुन28 जुलाई, रात 2:11
- कर्क30 जुलाई, सुबह 7:55
- सिंह1 अगस्त, सुबह 10:46
- कन्या3 अगस्त, दोपहर 12:13
- तुला5 अगस्त, दोपहर 1:53
- वृश्चिक7 अगस्त, शाम 4:56
- धनु9 अगस्त, रात 9:50
- मकर12 अगस्त, सुबह 4:38
- कुम्भ14 अगस्त, दोपहर 1:20
- मीन17 अगस्त, रात 12:04
- मेष19 अगस्त, दोपहर 12:28
- वृषभ22 अगस्त, रात 12:59
- मिथुन24 अगस्त, सुबह 11:19
- कर्क26 अगस्त, शाम 5:46
- सिंह28 अगस्त, रात 8:26
- कन्या30 अगस्त, रात 8:51
- तुला1 सितंबर, रात 9:02
- वृश्चिक3 सितंबर, रात 10:49
- धनु6 सितंबर, रात 3:15
- मकर8 सितंबर, सुबह 10:25
- कुम्भ10 सितंबर, शाम 7:46
- मीन13 सितंबर, सुबह 6:51
- मेष15 सितंबर, शाम 7:16
- वृषभ18 सितंबर, सुबह 8:04
- मिथुन20 सितंबर, शाम 7:25
- कर्क23 सितंबर, रात 3:17
- सिंह25 सितंबर, सुबह 6:57
- कन्या27 सितंबर, सुबह 7:24
- तुला29 सितंबर, सुबह 6:36
- वृश्चिक1 अक्टूबर, सुबह 6:48
- धनु3 अक्टूबर, सुबह 9:41
- मकर5 अक्टूबर, शाम 4:03
- कुम्भ8 अक्टूबर, रात 1:29
- मीन10 अक्टूबर, दोपहर 12:56
- मेष13 अक्टूबर, रात 1:27
- वृषभ15 अक्टूबर, दोपहर 2:12
- मिथुन18 अक्टूबर, रात 1:58
- कर्क20 अक्टूबर, सुबह 11:08
- सिंह22 अक्टूबर, शाम 4:30
- कन्या24 अक्टूबर, शाम 7:13
- तुला26 अक्टूबर, शाम 6:44
- वृश्चिक28 अक्टूबर, शाम 6:08
- धनु30 अक्टूबर, शाम 7:26
- मकर2 नवंबर, रात 12:09
- कुम्भ4 नवंबर, सुबह 8:38
- मीन6 नवंबर, शाम 7:59
- मेष9 नवंबर, सुबह 8:38
- वृषभ11 नवंबर, रात 9:11
- मिथुन14 नवंबर, सुबह 8:39
- कर्क16 नवंबर, शाम 6:08
- सिंह19 नवंबर, रात 12:47
- कन्या21 नवंबर, सुबह 4:19
- तुला23 नवंबर, सुबह 5:22
- वृश्चिक25 नवंबर, सुबह 5:21
- धनु27 नवंबर, सुबह 6:06
- मकर29 नवंबर, सुबह 9:22
- कुम्भ1 दिसंबर, शाम 4:20
- मीन4 दिसंबर, रात 2:52
- मेष6 दिसंबर, दोपहर 3:26
- वृषभ9 दिसंबर, रात 3:57
- मिथुन11 दिसंबर, दोपहर 2:55
- कर्क13 दिसंबर, रात 11:44
- सिंह16 दिसंबर, सुबह 6:20
- कन्या18 दिसंबर, सुबह 10:51
- तुला20 दिसंबर, दोपहर 1:35
- वृश्चिक22 दिसंबर, दोपहर 3:12
- धनु24 दिसंबर, शाम 4:46
- मकर26 दिसंबर, शाम 7:46
- कुम्भ29 दिसंबर, रात 1:36
- मीन31 दिसंबर, सुबह 10:58
यह भी देखें: चन्द्र (शब्दकोश) · गोचर 2011: सभी ग्रह · अपनी कुंडली पर गोचर
समझें
गोचर क्या है
गोचर का अर्थ है ग्रहों का चलना: आकाश में हर ग्रह राशि-चक्र में आगे बढ़ता है, और जब वह एक राशि की सीमा पार करता है तो उसे उस ग्रह का राशि परिवर्तन (संक्रमण) कहते हैं। यह पृष्ठ केवल वही बताता है कि कौन-सा ग्रह कब कहाँ है। शास्त्रीय पद्धति में गोचर को व्यक्ति की जन्म-राशि (चन्द्र राशि) से गिनकर पढ़ा जाता है; अपनी कुंडली पर आज का गोचर देखने के लिए गोचर उपकरण खोलें।
वक्री और मार्गी
पृथ्वी से देखने पर मंगल, बुध, गुरु, शुक्र और शनि कभी-कभी कुछ समय के लिए पीछे की ओर चलते दिखते हैं। इसे वक्री गति कहते हैं; जिस क्षण ग्रह रुककर मुड़ता है वह स्तम्भन (स्टेशन) है, और फिर आगे बढ़ना मार्गी होना। यह पृथ्वी और ग्रह की कक्षाओं की सापेक्ष गति का दृश्य प्रभाव है। सूर्य और चन्द्रमा कभी वक्री नहीं होते; राहु-केतु (मध्यम) सदा पीछे चलते हैं।
अस्त (दहन)
जब कोई ग्रह सूर्य के बहुत पास होता है तो सूर्य की चमक में वह दिखाई नहीं देता; ग्रंथ इसे अस्त कहते हैं, और फिर दिखने लगना उदय। सूर्य सिद्धान्त हर ग्रह के लिए दूरी की सीमा देता है। यहाँ प्रयुक्त सीमाएँ: मंगल 17°, बुध 14° (वक्री में 12°), गुरु 11°, शुक्र 10° (वक्री में 8°), शनि 15°। पंचांग गुरु और शुक्र के अस्त-काल को विवाह जैसे संस्कारों के मुहूर्त में छोड़ते हैं।
निरयण राशियाँ
भारतीय पंचांग राशियों को तारों के सापेक्ष (निरयण) गिनते हैं। पश्चिमी (सायन) राशियाँ इनसे लगभग 24° आगे हैं, इसलिए वहाँ छपी तारीखें यहाँ से लगभग तीन सप्ताह पहले की होती हैं। यहाँ लाहिरी अयनांश प्रयुक्त है।
यह गणना कैसे हुई
NASA JPL के DE421 आँकड़ों से हर ग्रह की स्पष्ट भू-केन्द्रीय स्थिति, लाहिरी अयनांश घटाकर। राशि-सीमा पार करने, गति शून्य होने और सूर्य से दूरी सीमा के बराबर होने के क्षण द्विभाजन (bisection) से एक सेकंड से कम की शुद्धता तक निकाले गए हैं। अयनांश के छोटे अन्तर से धीमे ग्रहों (विशेषकर शनि) का समय दूसरे पंचांगों से कुछ घंटे अलग हो सकता है।
पंचांग में और
- आजआज के पाँच अंग, शुभ-अशुभ समय और चौघड़िया।
- मासिक कैलेंडरपूरे मास की तिथियाँ, नक्षत्र और पर्व।
- पर्व और व्रतवर्ष भर के पर्व, व्रत, एकादशी और पूर्णिमा।
- मुहूर्त खोजेंरोज़ के कामों के लिए शुभ समय, कारण सहित।
- चौघड़ियादिन-रात के आठ-आठ भाग, अभी कौन-सा चल रहा है।
- राहु कालआज का राहु काल, गुलिक और यमगण्ड।
- पंचकआने वाले महीनों के पंचक, और ग्रंथ इनके बारे में क्या कहते हैं।
- भद्राभद्रा (विष्टि करण) कब है और उसका वास कहाँ है।
- संक्रान्तिवर्ष की बारह संक्रान्तियाँ, समय और पुण्य काल सहित।
- ग्रहणवर्ष के सूर्य और चन्द्र ग्रहण, स्पर्श-मोक्ष के समय और सूतक।
- तिथि परिवर्तककिसी भी अंग्रेज़ी तारीख की हिन्दू तिथि।
- जन्म तिथिअपनी जन्म तिथि और अगले वर्षों की तारीखें।
- नामाक्षरनक्षत्र-पद के अनुसार नाम के आरम्भिक अक्षर।
