पंचांग · गोचर · चन्द्र
2011 में चन्द्र का गोचर
चन्द्रमा लगभग हर सवा दो दिन में राशि बदलता है; 2011 में 160 बार। नीचे हर प्रवेश का समय है।
सभी समय सैन फ़र्नान्डो के स्थानीय समय (America/Port of Spain, AST) में।
2011 में चन्द्र किन राशियों में है
- धनु2 जनवरी, शाम 4:38
- मकर5 जनवरी, रात 12:39
- कुम्भ7 जनवरी, सुबह 11:01
- मीन9 जनवरी, रात 11:15
- मेष12 जनवरी, सुबह 11:42
- वृषभ14 जनवरी, रात 10:07
- मिथुन17 जनवरी, सुबह 4:58
- कर्क19 जनवरी, सुबह 8:19
- सिंह21 जनवरी, सुबह 9:27
- कन्या23 जनवरी, सुबह 10:09
- तुला25 जनवरी, दोपहर 12:02
- वृश्चिक27 जनवरी, शाम 4:11
- धनु29 जनवरी, रात 10:51
- मकर1 फ़रवरी, सुबह 7:45
- कुम्भ3 फ़रवरी, शाम 6:28
- मीन6 फ़रवरी, सुबह 6:38
- मेष8 फ़रवरी, शाम 7:19
- वृषभ11 फ़रवरी, सुबह 6:47
- मिथुन13 फ़रवरी, दोपहर 3:03
- कर्क15 फ़रवरी, शाम 7:15
- सिंह17 फ़रवरी, रात 8:07
- कन्या19 फ़रवरी, शाम 7:31
- तुला21 फ़रवरी, शाम 7:36
- वृश्चिक23 फ़रवरी, रात 10:14
- धनु26 फ़रवरी, सुबह 4:19
- मकर28 फ़रवरी, दोपहर 1:31
- कुम्भ3 मार्च, रात 12:47
- मीन5 मार्च, दोपहर 1:06
- मेष8 मार्च, रात 1:47
- वृषभ10 मार्च, दोपहर 1:45
- मिथुन12 मार्च, रात 11:24
- कर्क15 मार्च, सुबह 5:16
- सिंह17 मार्च, सुबह 7:16
- कन्या19 मार्च, सुबह 6:42
- तुला21 मार्च, सुबह 5:43
- वृश्चिक23 मार्च, सुबह 6:36
- धनु25 मार्च, सुबह 11:00
- मकर27 मार्च, शाम 7:20
- कुम्भ30 मार्च, सुबह 6:35
- मीन1 अप्रैल, शाम 7:08
- मेष4 अप्रैल, सुबह 7:43
- वृषभ6 अप्रैल, शाम 7:34
- मिथुन9 अप्रैल, सुबह 5:43
- कर्क11 अप्रैल, दोपहर 1:00
- सिंह13 अप्रैल, शाम 4:44
- कन्या15 अप्रैल, शाम 5:28
- तुला17 अप्रैल, शाम 4:50
- वृश्चिक19 अप्रैल, शाम 4:56
- धनु21 अप्रैल, शाम 7:47
- मकर24 अप्रैल, रात 2:34
- कुम्भ26 अप्रैल, दोपहर 12:59
- मीन29 अप्रैल, रात 1:25
- मेष1 मई, दोपहर 1:59
- वृषभ4 मई, रात 1:27
- मिथुन6 मई, सुबह 11:14
- कर्क8 मई, शाम 6:48
- सिंह10 मई, रात 11:44
- कन्या13 मई, रात 2:07
- तुला15 मई, रात 2:51
- वृश्चिक17 मई, रात 3:30
- धनु19 मई, सुबह 5:51
- मकर21 मई, सुबह 11:23
- कुम्भ23 मई, रात 8:35
- मीन26 मई, सुबह 8:30
- मेष28 मई, रात 9:03
- वृषभ31 मई, सुबह 8:20
- मिथुन2 जून, शाम 5:28
- कर्क5 जून, रात 12:21
- सिंह7 जून, सुबह 5:12
- कन्या9 जून, सुबह 8:26
- तुला11 जून, सुबह 10:35
- वृश्चिक13 जून, दोपहर 12:35
- धनु15 जून, दोपहर 3:34
- मकर17 जून, रात 8:48
- कुम्भ20 जून, सुबह 5:08
- मीन22 जून, शाम 4:21
- मेष25 जून, सुबह 4:51
- वृषभ27 जून, शाम 4:20
- मिथुन30 जून, रात 1:13
- कर्क2 जुलाई, सुबह 7:13
- सिंह4 जुलाई, सुबह 11:04
- कन्या6 जुलाई, दोपहर 1:48
- तुला8 जुलाई, शाम 4:23
- वृश्चिक10 जुलाई, शाम 7:28
- धनु12 जुलाई, रात 11:38
- मकर15 जुलाई, सुबह 5:29
- कुम्भ17 जुलाई, दोपहर 1:41
- मीन20 जुलाई, रात 12:26
- मेष22 जुलाई, दोपहर 12:52
- वृषभ25 जुलाई, रात 12:52
- मिथुन27 जुलाई, सुबह 10:11
- कर्क29 जुलाई, दोपहर 3:55
- सिंह31 जुलाई, शाम 6:46
- कन्या2 अगस्त, रात 8:13
- तुला4 अगस्त, रात 9:53
- वृश्चिक7 अगस्त, रात 12:56
- धनु9 अगस्त, सुबह 5:50
- मकर11 अगस्त, दोपहर 12:38
- कुम्भ13 अगस्त, रात 9:20
- मीन16 अगस्त, सुबह 8:04
- मेष18 अगस्त, रात 8:28
- वृषभ21 अगस्त, सुबह 8:59
- मिथुन23 अगस्त, शाम 7:19
- कर्क26 अगस्त, रात 1:46
- सिंह28 अगस्त, सुबह 4:26
- कन्या30 अगस्त, सुबह 4:51
- तुला1 सितंबर, सुबह 5:02
- वृश्चिक3 सितंबर, सुबह 6:49
- धनु5 सितंबर, सुबह 11:15
- मकर7 सितंबर, शाम 6:25
- कुम्भ10 सितंबर, रात 3:46
- मीन12 सितंबर, दोपहर 2:51
- मेष15 सितंबर, रात 3:16
- वृषभ17 सितंबर, शाम 4:04
- मिथुन20 सितंबर, रात 3:25
- कर्क22 सितंबर, सुबह 11:17
- सिंह24 सितंबर, दोपहर 2:57
- कन्या26 सितंबर, दोपहर 3:24
- तुला28 सितंबर, दोपहर 2:36
- वृश्चिक30 सितंबर, दोपहर 2:48
- धनु2 अक्टूबर, शाम 5:41
- मकर5 अक्टूबर, रात 12:03
- कुम्भ7 अक्टूबर, सुबह 9:29
- मीन9 अक्टूबर, रात 8:56
- मेष12 अक्टूबर, सुबह 9:27
- वृषभ14 अक्टूबर, रात 10:12
- मिथुन17 अक्टूबर, सुबह 9:58
- कर्क19 अक्टूबर, शाम 7:08
- सिंह22 अक्टूबर, रात 12:30
- कन्या24 अक्टूबर, रात 2:13
- तुला26 अक्टूबर, रात 1:44
- वृश्चिक28 अक्टूबर, रात 1:08
- धनु30 अक्टूबर, रात 2:26
- मकर1 नवंबर, सुबह 7:09
- कुम्भ3 नवंबर, दोपहर 3:38
- मीन6 नवंबर, रात 2:59
- मेष8 नवंबर, दोपहर 3:38
- वृषभ11 नवंबर, सुबह 4:11
- मिथुन13 नवंबर, दोपहर 3:39
- कर्क16 नवंबर, रात 1:08
- सिंह18 नवंबर, सुबह 7:47
- कन्या20 नवंबर, सुबह 11:19
- तुला22 नवंबर, दोपहर 12:22
- वृश्चिक24 नवंबर, दोपहर 12:21
- धनु26 नवंबर, दोपहर 1:06
- मकर28 नवंबर, शाम 4:22
- कुम्भ30 नवंबर, रात 11:20
- मीन3 दिसंबर, सुबह 9:52
- मेष5 दिसंबर, रात 10:26
- वृषभ8 दिसंबर, सुबह 10:57
- मिथुन10 दिसंबर, रात 9:55
- कर्क13 दिसंबर, सुबह 6:44
- सिंह15 दिसंबर, दोपहर 1:20
- कन्या17 दिसंबर, शाम 5:51
- तुला19 दिसंबर, रात 8:35
- वृश्चिक21 दिसंबर, रात 10:12
- धनु23 दिसंबर, रात 11:46
- मकर26 दिसंबर, रात 2:46
- कुम्भ28 दिसंबर, सुबह 8:36
- मीन30 दिसंबर, शाम 5:58
यह भी देखें: चन्द्र (शब्दकोश) · गोचर 2011: सभी ग्रह · अपनी कुंडली पर गोचर
समझें
गोचर क्या है
गोचर का अर्थ है ग्रहों का चलना: आकाश में हर ग्रह राशि-चक्र में आगे बढ़ता है, और जब वह एक राशि की सीमा पार करता है तो उसे उस ग्रह का राशि परिवर्तन (संक्रमण) कहते हैं। यह पृष्ठ केवल वही बताता है कि कौन-सा ग्रह कब कहाँ है। शास्त्रीय पद्धति में गोचर को व्यक्ति की जन्म-राशि (चन्द्र राशि) से गिनकर पढ़ा जाता है; अपनी कुंडली पर आज का गोचर देखने के लिए गोचर उपकरण खोलें।
वक्री और मार्गी
पृथ्वी से देखने पर मंगल, बुध, गुरु, शुक्र और शनि कभी-कभी कुछ समय के लिए पीछे की ओर चलते दिखते हैं। इसे वक्री गति कहते हैं; जिस क्षण ग्रह रुककर मुड़ता है वह स्तम्भन (स्टेशन) है, और फिर आगे बढ़ना मार्गी होना। यह पृथ्वी और ग्रह की कक्षाओं की सापेक्ष गति का दृश्य प्रभाव है। सूर्य और चन्द्रमा कभी वक्री नहीं होते; राहु-केतु (मध्यम) सदा पीछे चलते हैं।
अस्त (दहन)
जब कोई ग्रह सूर्य के बहुत पास होता है तो सूर्य की चमक में वह दिखाई नहीं देता; ग्रंथ इसे अस्त कहते हैं, और फिर दिखने लगना उदय। सूर्य सिद्धान्त हर ग्रह के लिए दूरी की सीमा देता है। यहाँ प्रयुक्त सीमाएँ: मंगल 17°, बुध 14° (वक्री में 12°), गुरु 11°, शुक्र 10° (वक्री में 8°), शनि 15°। पंचांग गुरु और शुक्र के अस्त-काल को विवाह जैसे संस्कारों के मुहूर्त में छोड़ते हैं।
निरयण राशियाँ
भारतीय पंचांग राशियों को तारों के सापेक्ष (निरयण) गिनते हैं। पश्चिमी (सायन) राशियाँ इनसे लगभग 24° आगे हैं, इसलिए वहाँ छपी तारीखें यहाँ से लगभग तीन सप्ताह पहले की होती हैं। यहाँ लाहिरी अयनांश प्रयुक्त है।
यह गणना कैसे हुई
NASA JPL के DE421 आँकड़ों से हर ग्रह की स्पष्ट भू-केन्द्रीय स्थिति, लाहिरी अयनांश घटाकर। राशि-सीमा पार करने, गति शून्य होने और सूर्य से दूरी सीमा के बराबर होने के क्षण द्विभाजन (bisection) से एक सेकंड से कम की शुद्धता तक निकाले गए हैं। अयनांश के छोटे अन्तर से धीमे ग्रहों (विशेषकर शनि) का समय दूसरे पंचांगों से कुछ घंटे अलग हो सकता है।
पंचांग में और
- आजआज के पाँच अंग, शुभ-अशुभ समय और चौघड़िया।
- मासिक कैलेंडरपूरे मास की तिथियाँ, नक्षत्र और पर्व।
- पर्व और व्रतवर्ष भर के पर्व, व्रत, एकादशी और पूर्णिमा।
- मुहूर्त खोजेंरोज़ के कामों के लिए शुभ समय, कारण सहित।
- चौघड़ियादिन-रात के आठ-आठ भाग, अभी कौन-सा चल रहा है।
- राहु कालआज का राहु काल, गुलिक और यमगण्ड।
- पंचकआने वाले महीनों के पंचक, और ग्रंथ इनके बारे में क्या कहते हैं।
- भद्राभद्रा (विष्टि करण) कब है और उसका वास कहाँ है।
- संक्रान्तिवर्ष की बारह संक्रान्तियाँ, समय और पुण्य काल सहित।
- ग्रहणवर्ष के सूर्य और चन्द्र ग्रहण, स्पर्श-मोक्ष के समय और सूतक।
- तिथि परिवर्तककिसी भी अंग्रेज़ी तारीख की हिन्दू तिथि।
- जन्म तिथिअपनी जन्म तिथि और अगले वर्षों की तारीखें।
- नामाक्षरनक्षत्र-पद के अनुसार नाम के आरम्भिक अक्षर।
