पंचांग · गोचर · चन्द्र
2016 में चन्द्र का गोचर
चन्द्रमा लगभग हर सवा दो दिन में राशि बदलता है; 2016 में 161 बार। नीचे हर प्रवेश का समय है।
सभी समय जनकपुर के स्थानीय समय (Asia/Kathmandu, UTC+5:45) में।
2016 में चन्द्र किन राशियों में है
- कन्या1 जनवरी, रात 12:27
- तुला3 जनवरी, दोपहर 1:21
- वृश्चिक6 जनवरी, रात 1:11
- धनु8 जनवरी, सुबह 10:01
- मकर10 जनवरी, दोपहर 3:47
- कुम्भ12 जनवरी, शाम 7:32
- मीन14 जनवरी, रात 10:30
- मेष17 जनवरी, रात 1:27
- वृषभ19 जनवरी, सुबह 4:45
- मिथुन21 जनवरी, सुबह 8:48
- कर्क23 जनवरी, दोपहर 2:17
- सिंह25 जनवरी, रात 10:08
- कन्या28 जनवरी, सुबह 8:51
- तुला30 जनवरी, रात 9:33
- वृश्चिक2 फ़रवरी, सुबह 9:55
- धनु4 फ़रवरी, शाम 7:32
- मकर7 फ़रवरी, रात 1:28
- कुम्भ9 फ़रवरी, सुबह 4:26
- मीन11 फ़रवरी, सुबह 5:55
- मेष13 फ़रवरी, सुबह 7:27
- वृषभ15 फ़रवरी, सुबह 10:07
- मिथुन17 फ़रवरी, दोपहर 2:33
- कर्क19 फ़रवरी, रात 9:01
- सिंह22 फ़रवरी, सुबह 5:42
- कन्या24 फ़रवरी, शाम 4:35
- तुला27 फ़रवरी, सुबह 5:08
- वृश्चिक29 फ़रवरी, शाम 5:52
- धनु3 मार्च, सुबह 4:34
- मकर5 मार्च, सुबह 11:42
- कुम्भ7 मार्च, दोपहर 3:05
- मीन9 मार्च, दोपहर 3:55
- मेष11 मार्च, दोपहर 3:56
- वृषभ13 मार्च, शाम 4:54
- मिथुन15 मार्च, रात 8:12
- कर्क18 मार्च, रात 2:34
- सिंह20 मार्च, सुबह 11:49
- कन्या22 मार्च, रात 11:14
- तुला25 मार्च, सुबह 11:52
- वृश्चिक28 मार्च, रात 12:38
- धनु30 मार्च, दोपहर 12:03
- मकर1 अप्रैल, रात 8:38
- कुम्भ4 अप्रैल, रात 1:30
- मीन6 अप्रैल, रात 3:01
- मेष8 अप्रैल, रात 2:36
- वृषभ10 अप्रैल, रात 2:09
- मिथुन12 अप्रैल, रात 3:42
- कर्क14 अप्रैल, सुबह 8:42
- सिंह16 अप्रैल, शाम 5:31
- कन्या19 अप्रैल, सुबह 5:11
- तुला21 अप्रैल, शाम 6:01
- वृश्चिक24 अप्रैल, सुबह 6:39
- धनु26 अप्रैल, शाम 6:08
- मकर29 अप्रैल, रात 3:31
- कुम्भ1 मई, सुबह 9:57
- मीन3 मई, दोपहर 1:05
- मेष5 मई, दोपहर 1:32
- वृषभ7 मई, दोपहर 12:55
- मिथुन9 मई, दोपहर 1:18
- कर्क11 मई, शाम 4:40
- सिंह14 मई, रात 12:10
- कन्या16 मई, सुबह 11:20
- तुला19 मई, रात 12:13
- वृश्चिक21 मई, दोपहर 12:45
- धनु23 मई, रात 11:51
- मकर26 मई, सुबह 9:08
- कुम्भ28 मई, शाम 4:15
- मीन30 मई, रात 8:50
- मेष1 जून, रात 10:53
- वृषभ3 जून, रात 11:17
- मिथुन5 जून, रात 11:42
- कर्क8 जून, रात 2:10
- सिंह10 जून, सुबह 8:20
- कन्या12 जून, शाम 6:28
- तुला15 जून, सुबह 7:02
- वृश्चिक17 जून, शाम 7:33
- धनु20 जून, सुबह 6:19
- मकर22 जून, दोपहर 2:57
- कुम्भ24 जून, रात 9:40
- मीन27 जून, रात 2:38
- मेष29 जून, सुबह 5:52
- वृषभ1 जुलाई, सुबह 7:44
- मिथुन3 जुलाई, सुबह 9:14
- कर्क5 जुलाई, सुबह 11:55
- सिंह7 जुलाई, शाम 5:26
- कन्या10 जुलाई, रात 2:37
- तुला12 जुलाई, दोपहर 2:38
- वृश्चिक15 जुलाई, रात 3:11
- धनु17 जुलाई, दोपहर 2:00
- मकर19 जुलाई, रात 10:09
- कुम्भ22 जुलाई, रात 3:56
- मीन24 जुलाई, सुबह 8:08
- मेष26 जुलाई, सुबह 11:21
- वृषभ28 जुलाई, दोपहर 2:02
- मिथुन30 जुलाई, शाम 4:48
- कर्क1 अगस्त, रात 8:32
- सिंह4 अगस्त, रात 2:21
- कन्या6 अगस्त, सुबह 11:08
- तुला8 अगस्त, रात 10:40
- वृश्चिक11 अगस्त, सुबह 11:16
- धनु13 अगस्त, रात 10:34
- मकर16 अगस्त, सुबह 6:54
- कुम्भ18 अगस्त, दोपहर 12:07
- मीन20 अगस्त, दोपहर 3:08
- मेष22 अगस्त, शाम 5:12
- वृषभ24 अगस्त, शाम 7:25
- मिथुन26 अगस्त, रात 10:35
- कर्क29 अगस्त, रात 3:19
- सिंह31 अगस्त, सुबह 10:03
- कन्या2 सितंबर, शाम 7:08
- तुला5 सितंबर, सुबह 6:29
- वृश्चिक7 सितंबर, शाम 7:07
- धनु10 सितंबर, सुबह 7:06
- मकर12 सितंबर, शाम 4:21
- कुम्भ14 सितंबर, रात 9:58
- मीन17 सितंबर, रात 12:25
- मेष19 सितंबर, रात 1:09
- वृषभ21 सितंबर, रात 1:53
- मिथुन23 सितंबर, सुबह 4:07
- कर्क25 सितंबर, सुबह 8:50
- सिंह27 सितंबर, शाम 4:14
- कन्या30 सितंबर, रात 2:00
- तुला2 अक्टूबर, दोपहर 1:33
- वृश्चिक5 अक्टूबर, रात 2:12
- धनु7 अक्टूबर, दोपहर 2:40
- मकर10 अक्टूबर, रात 1:09
- कुम्भ12 अक्टूबर, सुबह 8:06
- मीन14 अक्टूबर, सुबह 11:11
- मेष16 अक्टूबर, सुबह 11:28
- वृषभ18 अक्टूबर, सुबह 10:50
- मिथुन20 अक्टूबर, सुबह 11:21
- कर्क22 अक्टूबर, दोपहर 2:45
- सिंह24 अक्टूबर, रात 9:46
- कन्या27 अक्टूबर, सुबह 7:53
- तुला29 अक्टूबर, शाम 7:50
- वृश्चिक1 नवंबर, सुबह 8:30
- धनु3 नवंबर, रात 9:00
- मकर6 नवंबर, सुबह 8:16
- कुम्भ8 नवंबर, शाम 4:47
- मीन10 नवंबर, रात 9:32
- मेष12 नवंबर, रात 10:45
- वृषभ14 नवंबर, रात 9:54
- मिथुन16 नवंबर, रात 9:10
- कर्क18 नवंबर, रात 10:47
- सिंह21 नवंबर, सुबह 4:16
- कन्या23 नवंबर, दोपहर 1:45
- तुला26 नवंबर, रात 1:48
- वृश्चिक28 नवंबर, दोपहर 2:34
- धनु1 दिसंबर, रात 2:51
- मकर3 दिसंबर, दोपहर 2:01
- कुम्भ5 दिसंबर, रात 11:17
- मीन8 दिसंबर, सुबह 5:41
- मेष10 दिसंबर, सुबह 8:43
- वृषभ12 दिसंबर, सुबह 9:05
- मिथुन14 दिसंबर, सुबह 8:28
- कर्क16 दिसंबर, सुबह 9:05
- सिंह18 दिसंबर, दोपहर 12:54
- कन्या20 दिसंबर, रात 8:55
- तुला23 दिसंबर, सुबह 8:21
- वृश्चिक25 दिसंबर, रात 9:07
- धनु28 दिसंबर, सुबह 9:16
- मकर30 दिसंबर, शाम 7:53
यह भी देखें: चन्द्र (शब्दकोश) · गोचर 2016: सभी ग्रह · अपनी कुंडली पर गोचर
समझें
गोचर क्या है
गोचर का अर्थ है ग्रहों का चलना: आकाश में हर ग्रह राशि-चक्र में आगे बढ़ता है, और जब वह एक राशि की सीमा पार करता है तो उसे उस ग्रह का राशि परिवर्तन (संक्रमण) कहते हैं। यह पृष्ठ केवल वही बताता है कि कौन-सा ग्रह कब कहाँ है। शास्त्रीय पद्धति में गोचर को व्यक्ति की जन्म-राशि (चन्द्र राशि) से गिनकर पढ़ा जाता है; अपनी कुंडली पर आज का गोचर देखने के लिए गोचर उपकरण खोलें।
वक्री और मार्गी
पृथ्वी से देखने पर मंगल, बुध, गुरु, शुक्र और शनि कभी-कभी कुछ समय के लिए पीछे की ओर चलते दिखते हैं। इसे वक्री गति कहते हैं; जिस क्षण ग्रह रुककर मुड़ता है वह स्तम्भन (स्टेशन) है, और फिर आगे बढ़ना मार्गी होना। यह पृथ्वी और ग्रह की कक्षाओं की सापेक्ष गति का दृश्य प्रभाव है। सूर्य और चन्द्रमा कभी वक्री नहीं होते; राहु-केतु (मध्यम) सदा पीछे चलते हैं।
अस्त (दहन)
जब कोई ग्रह सूर्य के बहुत पास होता है तो सूर्य की चमक में वह दिखाई नहीं देता; ग्रंथ इसे अस्त कहते हैं, और फिर दिखने लगना उदय। सूर्य सिद्धान्त हर ग्रह के लिए दूरी की सीमा देता है। यहाँ प्रयुक्त सीमाएँ: मंगल 17°, बुध 14° (वक्री में 12°), गुरु 11°, शुक्र 10° (वक्री में 8°), शनि 15°। पंचांग गुरु और शुक्र के अस्त-काल को विवाह जैसे संस्कारों के मुहूर्त में छोड़ते हैं।
निरयण राशियाँ
भारतीय पंचांग राशियों को तारों के सापेक्ष (निरयण) गिनते हैं। पश्चिमी (सायन) राशियाँ इनसे लगभग 24° आगे हैं, इसलिए वहाँ छपी तारीखें यहाँ से लगभग तीन सप्ताह पहले की होती हैं। यहाँ लाहिरी अयनांश प्रयुक्त है।
यह गणना कैसे हुई
NASA JPL के DE421 आँकड़ों से हर ग्रह की स्पष्ट भू-केन्द्रीय स्थिति, लाहिरी अयनांश घटाकर। राशि-सीमा पार करने, गति शून्य होने और सूर्य से दूरी सीमा के बराबर होने के क्षण द्विभाजन (bisection) से एक सेकंड से कम की शुद्धता तक निकाले गए हैं। अयनांश के छोटे अन्तर से धीमे ग्रहों (विशेषकर शनि) का समय दूसरे पंचांगों से कुछ घंटे अलग हो सकता है।
पंचांग में और
- आजआज के पाँच अंग, शुभ-अशुभ समय और चौघड़िया।
- मासिक कैलेंडरपूरे मास की तिथियाँ, नक्षत्र और पर्व।
- पर्व और व्रतवर्ष भर के पर्व, व्रत, एकादशी और पूर्णिमा।
- मुहूर्त खोजेंरोज़ के कामों के लिए शुभ समय, कारण सहित।
- चौघड़ियादिन-रात के आठ-आठ भाग, अभी कौन-सा चल रहा है।
- राहु कालआज का राहु काल, गुलिक और यमगण्ड।
- पंचकआने वाले महीनों के पंचक, और ग्रंथ इनके बारे में क्या कहते हैं।
- भद्राभद्रा (विष्टि करण) कब है और उसका वास कहाँ है।
- संक्रान्तिवर्ष की बारह संक्रान्तियाँ, समय और पुण्य काल सहित।
- ग्रहणवर्ष के सूर्य और चन्द्र ग्रहण, स्पर्श-मोक्ष के समय और सूतक।
- तिथि परिवर्तककिसी भी अंग्रेज़ी तारीख की हिन्दू तिथि।
- जन्म तिथिअपनी जन्म तिथि और अगले वर्षों की तारीखें।
- नामाक्षरनक्षत्र-पद के अनुसार नाम के आरम्भिक अक्षर।
