पंचांग · गोचर · चन्द्र
2018 में चन्द्र का गोचर
चन्द्रमा लगभग हर सवा दो दिन में राशि बदलता है; 2018 में 161 बार। नीचे हर प्रवेश का समय है।
सभी समय ब्रिस्बेन के स्थानीय समय (Australia/Brisbane, AEST) में।
2018 में चन्द्र किन राशियों में है
- मिथुन1 जनवरी, सुबह 8:54
- कर्क3 जनवरी, सुबह 8:01
- सिंह5 जनवरी, सुबह 8:23
- कन्या7 जनवरी, सुबह 11:42
- तुला9 जनवरी, शाम 6:49
- वृश्चिक12 जनवरी, सुबह 5:17
- धनु14 जनवरी, शाम 5:44
- मकर17 जनवरी, सुबह 6:37
- कुम्भ19 जनवरी, शाम 6:47
- मीन22 जनवरी, सुबह 5:14
- मेष24 जनवरी, दोपहर 1:03
- वृषभ26 जनवरी, शाम 5:41
- मिथुन28 जनवरी, शाम 7:25
- कर्क30 जनवरी, शाम 7:29
- सिंह1 फ़रवरी, शाम 7:35
- कन्या3 फ़रवरी, रात 9:35
- तुला6 फ़रवरी, रात 2:59
- वृश्चिक8 फ़रवरी, दोपहर 12:14
- धनु11 फ़रवरी, रात 12:22
- मकर13 फ़रवरी, दोपहर 1:18
- कुम्भ16 फ़रवरी, रात 1:09
- मीन18 फ़रवरी, सुबह 10:58
- मेष20 फ़रवरी, शाम 6:32
- वृषभ22 फ़रवरी, रात 11:53
- मिथुन25 फ़रवरी, रात 3:13
- कर्क27 फ़रवरी, सुबह 5:01
- सिंह1 मार्च, सुबह 6:14
- कन्या3 मार्च, सुबह 8:16
- तुला5 मार्च, दोपहर 12:41
- वृश्चिक7 मार्च, रात 8:37
- धनु10 मार्च, सुबह 7:56
- मकर12 मार्च, रात 8:49
- कुम्भ15 मार्च, सुबह 8:42
- मीन17 मार्च, शाम 6:01
- मेष20 मार्च, रात 12:38
- वृषभ22 मार्च, सुबह 5:18
- मिथुन24 मार्च, सुबह 8:50
- कर्क26 मार्च, सुबह 11:46
- सिंह28 मार्च, दोपहर 2:30
- कन्या30 मार्च, शाम 5:40
- तुला1 अप्रैल, रात 10:19
- वृश्चिक4 अप्रैल, सुबह 5:39
- धनु6 अप्रैल, शाम 4:12
- मकर9 अप्रैल, सुबह 4:52
- कुम्भ11 अप्रैल, शाम 5:06
- मीन14 अप्रैल, रात 2:33
- मेष16 अप्रैल, सुबह 8:34
- वृषभ18 अप्रैल, दोपहर 12:05
- मिथुन20 अप्रैल, दोपहर 2:32
- कर्क22 अप्रैल, शाम 5:08
- सिंह24 अप्रैल, रात 8:28
- कन्या27 अप्रैल, रात 12:47
- तुला29 अप्रैल, सुबह 6:26
- वृश्चिक1 मई, दोपहर 2:05
- धनु4 मई, रात 12:21
- मकर6 मई, दोपहर 12:49
- कुम्भ9 मई, रात 1:29
- मीन11 मई, सुबह 11:41
- मेष13 मई, शाम 6:01
- वृषभ15 मई, रात 8:58
- मिथुन17 मई, रात 10:10
- कर्क19 मई, रात 11:23
- सिंह22 मई, रात 1:54
- कन्या24 मई, सुबह 6:20
- तुला26 मई, दोपहर 12:44
- वृश्चिक28 मई, रात 9:09
- धनु31 मई, सुबह 7:42
- मकर2 जून, रात 8:07
- कुम्भ5 जून, सुबह 9:03
- मीन7 जून, रात 8:12
- मेष10 जून, रात 3:39
- वृषभ12 जून, सुबह 7:08
- मिथुन14 जून, सुबह 7:54
- कर्क16 जून, सुबह 7:51
- सिंह18 जून, सुबह 8:49
- कन्या20 जून, दोपहर 12:05
- तुला22 जून, शाम 6:13
- वृश्चिक25 जून, रात 3:03
- धनु27 जून, दोपहर 2:04
- मकर30 जून, रात 2:37
- कुम्भ2 जुलाई, दोपहर 3:37
- मीन5 जुलाई, रात 3:24
- मेष7 जुलाई, दोपहर 12:09
- वृषभ9 जुलाई, शाम 5:01
- मिथुन11 जुलाई, शाम 6:31
- कर्क13 जुलाई, शाम 6:12
- सिंह15 जुलाई, शाम 5:57
- कन्या17 जुलाई, शाम 7:36
- तुला20 जुलाई, रात 12:25
- वृश्चिक22 जुलाई, सुबह 8:46
- धनु24 जुलाई, शाम 7:58
- मकर27 जुलाई, सुबह 8:42
- कुम्भ29 जुलाई, रात 9:36
- मीन1 अगस्त, सुबह 9:24
- मेष3 अगस्त, शाम 6:54
- वृषभ6 अगस्त, रात 1:15
- मिथुन8 अगस्त, सुबह 4:19
- कर्क10 अगस्त, सुबह 4:55
- सिंह12 अगस्त, सुबह 4:34
- कन्या14 अगस्त, सुबह 5:09
- तुला16 अगस्त, सुबह 8:24
- वृश्चिक18 अगस्त, दोपहर 3:29
- धनु21 अगस्त, रात 2:10
- मकर23 अगस्त, दोपहर 2:56
- कुम्भ26 अगस्त, रात 3:44
- मीन28 अगस्त, दोपहर 3:09
- मेष31 अगस्त, रात 12:31
- वृषभ2 सितंबर, सुबह 7:31
- मिथुन4 सितंबर, दोपहर 12:02
- कर्क6 सितंबर, दोपहर 2:15
- सिंह8 सितंबर, दोपहर 2:59
- कन्या10 सितंबर, दोपहर 3:38
- तुला12 सितंबर, शाम 6:00
- वृश्चिक14 सितंबर, रात 11:44
- धनु17 सितंबर, सुबह 9:24
- मकर19 सितंबर, रात 9:52
- कुम्भ22 सितंबर, सुबह 10:40
- मीन24 सितंबर, रात 9:45
- मेष27 सितंबर, सुबह 6:24
- वृषभ29 सितंबर, दोपहर 12:56
- मिथुन1 अक्टूबर, शाम 5:48
- कर्क3 अक्टूबर, रात 9:15
- सिंह5 अक्टूबर, रात 11:32
- कन्या8 अक्टूबर, रात 1:21
- तुला10 अक्टूबर, रात 3:59
- वृश्चिक12 अक्टूबर, सुबह 9:03
- धनु14 अक्टूबर, शाम 5:44
- मकर17 अक्टूबर, सुबह 5:38
- कुम्भ19 अक्टूबर, शाम 6:31
- मीन22 अक्टूबर, सुबह 5:42
- मेष24 अक्टूबर, दोपहर 1:52
- वृषभ26 अक्टूबर, शाम 7:24
- मिथुन28 अक्टूबर, रात 11:21
- कर्क31 अक्टूबर, रात 2:39
- सिंह2 नवंबर, सुबह 5:46
- कन्या4 नवंबर, सुबह 8:56
- तुला6 नवंबर, दोपहर 12:43
- वृश्चिक8 नवंबर, शाम 6:11
- धनु11 नवंबर, रात 2:29
- मकर13 नवंबर, दोपहर 1:50
- कुम्भ16 नवंबर, रात 2:47
- मीन18 नवंबर, दोपहर 2:33
- मेष20 नवंबर, रात 11:03
- वृषभ23 नवंबर, सुबह 4:05
- मिथुन25 नवंबर, सुबह 6:49
- कर्क27 नवंबर, सुबह 8:46
- सिंह29 नवंबर, सुबह 11:08
- कन्या1 दिसंबर, दोपहर 2:34
- तुला3 दिसंबर, शाम 7:22
- वृश्चिक6 दिसंबर, रात 1:52
- धनु8 दिसंबर, सुबह 10:36
- मकर10 दिसंबर, रात 9:48
- कुम्भ13 दिसंबर, सुबह 10:41
- मीन15 दिसंबर, रात 11:09
- मेष18 दिसंबर, सुबह 8:46
- वृषभ20 दिसंबर, दोपहर 2:28
- मिथुन22 दिसंबर, शाम 4:51
- कर्क24 दिसंबर, शाम 5:29
- सिंह26 दिसंबर, शाम 6:09
- कन्या28 दिसंबर, रात 8:17
- तुला31 दिसंबर, रात 12:47
यह भी देखें: चन्द्र (शब्दकोश) · गोचर 2018: सभी ग्रह · अपनी कुंडली पर गोचर
समझें
गोचर क्या है
गोचर का अर्थ है ग्रहों का चलना: आकाश में हर ग्रह राशि-चक्र में आगे बढ़ता है, और जब वह एक राशि की सीमा पार करता है तो उसे उस ग्रह का राशि परिवर्तन (संक्रमण) कहते हैं। यह पृष्ठ केवल वही बताता है कि कौन-सा ग्रह कब कहाँ है। शास्त्रीय पद्धति में गोचर को व्यक्ति की जन्म-राशि (चन्द्र राशि) से गिनकर पढ़ा जाता है; अपनी कुंडली पर आज का गोचर देखने के लिए गोचर उपकरण खोलें।
वक्री और मार्गी
पृथ्वी से देखने पर मंगल, बुध, गुरु, शुक्र और शनि कभी-कभी कुछ समय के लिए पीछे की ओर चलते दिखते हैं। इसे वक्री गति कहते हैं; जिस क्षण ग्रह रुककर मुड़ता है वह स्तम्भन (स्टेशन) है, और फिर आगे बढ़ना मार्गी होना। यह पृथ्वी और ग्रह की कक्षाओं की सापेक्ष गति का दृश्य प्रभाव है। सूर्य और चन्द्रमा कभी वक्री नहीं होते; राहु-केतु (मध्यम) सदा पीछे चलते हैं।
अस्त (दहन)
जब कोई ग्रह सूर्य के बहुत पास होता है तो सूर्य की चमक में वह दिखाई नहीं देता; ग्रंथ इसे अस्त कहते हैं, और फिर दिखने लगना उदय। सूर्य सिद्धान्त हर ग्रह के लिए दूरी की सीमा देता है। यहाँ प्रयुक्त सीमाएँ: मंगल 17°, बुध 14° (वक्री में 12°), गुरु 11°, शुक्र 10° (वक्री में 8°), शनि 15°। पंचांग गुरु और शुक्र के अस्त-काल को विवाह जैसे संस्कारों के मुहूर्त में छोड़ते हैं।
निरयण राशियाँ
भारतीय पंचांग राशियों को तारों के सापेक्ष (निरयण) गिनते हैं। पश्चिमी (सायन) राशियाँ इनसे लगभग 24° आगे हैं, इसलिए वहाँ छपी तारीखें यहाँ से लगभग तीन सप्ताह पहले की होती हैं। यहाँ लाहिरी अयनांश प्रयुक्त है।
यह गणना कैसे हुई
NASA JPL के DE421 आँकड़ों से हर ग्रह की स्पष्ट भू-केन्द्रीय स्थिति, लाहिरी अयनांश घटाकर। राशि-सीमा पार करने, गति शून्य होने और सूर्य से दूरी सीमा के बराबर होने के क्षण द्विभाजन (bisection) से एक सेकंड से कम की शुद्धता तक निकाले गए हैं। अयनांश के छोटे अन्तर से धीमे ग्रहों (विशेषकर शनि) का समय दूसरे पंचांगों से कुछ घंटे अलग हो सकता है।
पंचांग में और
- आजआज के पाँच अंग, शुभ-अशुभ समय और चौघड़िया।
- मासिक कैलेंडरपूरे मास की तिथियाँ, नक्षत्र और पर्व।
- पर्व और व्रतवर्ष भर के पर्व, व्रत, एकादशी और पूर्णिमा।
- मुहूर्त खोजेंरोज़ के कामों के लिए शुभ समय, कारण सहित।
- चौघड़ियादिन-रात के आठ-आठ भाग, अभी कौन-सा चल रहा है।
- राहु कालआज का राहु काल, गुलिक और यमगण्ड।
- पंचकआने वाले महीनों के पंचक, और ग्रंथ इनके बारे में क्या कहते हैं।
- भद्राभद्रा (विष्टि करण) कब है और उसका वास कहाँ है।
- संक्रान्तिवर्ष की बारह संक्रान्तियाँ, समय और पुण्य काल सहित।
- ग्रहणवर्ष के सूर्य और चन्द्र ग्रहण, स्पर्श-मोक्ष के समय और सूतक।
- तिथि परिवर्तककिसी भी अंग्रेज़ी तारीख की हिन्दू तिथि।
- जन्म तिथिअपनी जन्म तिथि और अगले वर्षों की तारीखें।
- नामाक्षरनक्षत्र-पद के अनुसार नाम के आरम्भिक अक्षर।
