पंचांग · गोचर · चन्द्र
2020 में चन्द्र का गोचर
चन्द्रमा लगभग हर सवा दो दिन में राशि बदलता है; 2020 में 161 बार। नीचे हर प्रवेश का समय है।
सभी समय पर्थ के स्थानीय समय (Australia/Perth, AWST) में।
2020 में चन्द्र किन राशियों में है
- मीन2 जनवरी, रात 12:08
- मेष4 जनवरी, दोपहर 12:35
- वृषभ6 जनवरी, रात 11:06
- मिथुन9 जनवरी, सुबह 6:19
- कर्क11 जनवरी, सुबह 10:22
- सिंह13 जनवरी, दोपहर 12:25
- कन्या15 जनवरी, दोपहर 1:58
- तुला17 जनवरी, शाम 4:19
- वृश्चिक19 जनवरी, रात 8:17
- धनु22 जनवरी, रात 2:13
- मकर24 जनवरी, सुबह 10:09
- कुम्भ26 जनवरी, रात 8:09
- मीन29 जनवरी, सुबह 7:59
- मेष31 जनवरी, रात 8:39
- वृषभ3 फ़रवरी, सुबह 8:10
- मिथुन5 फ़रवरी, शाम 4:29
- कर्क7 फ़रवरी, रात 8:54
- सिंह9 फ़रवरी, रात 10:13
- कन्या11 फ़रवरी, रात 10:13
- तुला13 फ़रवरी, रात 10:52
- वृश्चिक16 फ़रवरी, रात 1:48
- धनु18 फ़रवरी, सुबह 7:43
- मकर20 फ़रवरी, शाम 4:22
- कुम्भ23 फ़रवरी, रात 2:59
- मीन25 फ़रवरी, दोपहर 2:57
- मेष28 फ़रवरी, रात 3:38
- वृषभ1 मार्च, दोपहर 3:48
- मिथुन4 मार्च, रात 1:33
- कर्क6 मार्च, सुबह 7:24
- सिंह8 मार्च, सुबह 9:22
- कन्या10 मार्च, सुबह 8:52
- तुला12 मार्च, सुबह 8:04
- वृश्चिक14 मार्च, सुबह 9:11
- धनु16 मार्च, दोपहर 1:42
- मकर18 मार्च, रात 9:55
- कुम्भ21 मार्च, सुबह 8:50
- मीन23 मार्च, रात 9:07
- मेष26 मार्च, सुबह 9:46
- वृषभ28 मार्च, रात 10:00
- मिथुन31 मार्च, सुबह 8:35
- कर्क2 अप्रैल, शाम 4:03
- सिंह4 अप्रैल, शाम 7:38
- कन्या6 अप्रैल, रात 8:02
- तुला8 अप्रैल, शाम 7:03
- वृश्चिक10 अप्रैल, शाम 6:56
- धनु12 अप्रैल, रात 9:42
- मकर15 अप्रैल, सुबह 4:27
- कुम्भ17 अप्रैल, दोपहर 2:47
- मीन20 अप्रैल, रात 3:07
- मेष22 अप्रैल, दोपहर 3:48
- वृषभ25 अप्रैल, रात 3:45
- मिथुन27 अप्रैल, दोपहर 2:16
- कर्क29 अप्रैल, रात 10:27
- सिंह2 मई, रात 3:34
- कन्या4 मई, सुबह 5:39
- तुला6 मई, सुबह 5:45
- वृश्चिक8 मई, सुबह 5:43
- धनु10 मई, सुबह 7:32
- मकर12 मई, दोपहर 12:46
- कुम्भ14 मई, रात 9:52
- मीन17 मई, सुबह 9:44
- मेष19 मई, रात 10:23
- वृषभ22 मई, सुबह 10:07
- मिथुन24 मई, रात 8:03
- कर्क27 मई, रात 3:54
- सिंह29 मई, सुबह 9:28
- कन्या31 मई, दोपहर 12:49
- तुला2 जून, दोपहर 2:29
- वृश्चिक4 जून, दोपहर 3:37
- धनु6 जून, शाम 5:42
- मकर8 जून, रात 10:15
- कुम्भ11 जून, सुबह 6:11
- मीन13 जून, शाम 5:16
- मेष16 जून, सुबह 5:47
- वृषभ18 जून, शाम 5:33
- मिथुन21 जून, रात 3:05
- कर्क23 जून, सुबह 10:04
- सिंह25 जून, दोपहर 2:56
- कन्या27 जून, शाम 6:20
- तुला29 जून, रात 8:56
- वृश्चिक1 जुलाई, रात 11:25
- धनु4 जुलाई, रात 2:37
- मकर6 जुलाई, सुबह 7:31
- कुम्भ8 जुलाई, दोपहर 3:01
- मीन11 जुलाई, रात 1:24
- मेष13 जुलाई, दोपहर 1:43
- वृषभ16 जुलाई, रात 1:48
- मिथुन18 जुलाई, सुबह 11:30
- कर्क20 जुलाई, शाम 5:58
- सिंह22 जुलाई, रात 9:45
- कन्या25 जुलाई, रात 12:06
- तुला27 जुलाई, रात 2:19
- वृश्चिक29 जुलाई, सुबह 5:18
- धनु31 जुलाई, सुबह 9:35
- मकर2 अगस्त, दोपहर 3:26
- कुम्भ4 अगस्त, रात 11:17
- मीन7 अगस्त, सुबह 9:27
- मेष9 अगस्त, रात 9:36
- वृषभ12 अगस्त, सुबह 10:06
- मिथुन14 अगस्त, रात 8:34
- कर्क17 अगस्त, रात 3:22
- सिंह19 अगस्त, सुबह 6:38
- कन्या21 अगस्त, सुबह 7:45
- तुला23 अगस्त, सुबह 8:36
- वृश्चिक25 अगस्त, सुबह 10:46
- धनु27 अगस्त, दोपहर 3:07
- मकर29 अगस्त, रात 9:42
- कुम्भ1 सितंबर, सुबह 6:18
- मीन3 सितंबर, शाम 4:44
- मेष6 सितंबर, सुबह 4:51
- वृषभ8 सितंबर, शाम 5:39
- मिथुन11 सितंबर, सुबह 5:07
- कर्क13 सितंबर, दोपहर 1:06
- सिंह15 सितंबर, शाम 4:55
- कन्या17 सितंबर, शाम 5:37
- तुला19 सितंबर, शाम 5:12
- वृश्चिक21 सितंबर, शाम 5:46
- धनु23 सितंबर, रात 8:55
- मकर26 सितंबर, रात 3:11
- कुम्भ28 सितंबर, दोपहर 12:11
- मीन30 सितंबर, रात 11:06
- मेष3 अक्टूबर, सुबह 11:20
- वृषभ6 अक्टूबर, रात 12:11
- मिथुन8 अक्टूबर, दोपहर 12:17
- कर्क10 अक्टूबर, रात 9:39
- सिंह13 अक्टूबर, रात 2:59
- कन्या15 अक्टूबर, सुबह 4:32
- तुला17 अक्टूबर, रात 3:54
- वृश्चिक19 अक्टूबर, रात 3:16
- धनु21 अक्टूबर, सुबह 4:42
- मकर23 अक्टूबर, सुबह 9:31
- कुम्भ25 अक्टूबर, शाम 5:56
- मीन28 अक्टूबर, सुबह 5:00
- मेष30 अक्टूबर, शाम 5:27
- वृषभ2 नवंबर, सुबह 6:11
- मिथुन4 नवंबर, शाम 6:13
- कर्क7 नवंबर, सुबह 4:18
- सिंह9 नवंबर, सुबह 11:12
- कन्या11 नवंबर, दोपहर 2:30
- तुला13 नवंबर, दोपहर 3:01
- वृश्चिक15 नवंबर, दोपहर 2:28
- धनु17 नवंबर, दोपहर 2:51
- मकर19 नवंबर, शाम 6:00
- कुम्भ22 नवंबर, रात 12:55
- मीन24 नवंबर, सुबह 11:22
- मेष26 नवंबर, रात 11:50
- वृषभ29 नवंबर, दोपहर 12:31
- मिथुन2 दिसंबर, रात 12:06
- कर्क4 दिसंबर, सुबह 9:52
- सिंह6 दिसंबर, शाम 5:16
- कन्या8 दिसंबर, रात 10:01
- तुला11 दिसंबर, रात 12:22
- वृश्चिक13 दिसंबर, रात 1:11
- धनु15 दिसंबर, रात 1:55
- मकर17 दिसंबर, सुबह 4:17
- कुम्भ19 दिसंबर, सुबह 9:46
- मीन21 दिसंबर, शाम 6:59
- मेष24 दिसंबर, सुबह 7:02
- वृषभ26 दिसंबर, शाम 7:48
- मिथुन29 दिसंबर, सुबह 7:09
- कर्क31 दिसंबर, शाम 4:08
यह भी देखें: चन्द्र (शब्दकोश) · गोचर 2020: सभी ग्रह · अपनी कुंडली पर गोचर
समझें
गोचर क्या है
गोचर का अर्थ है ग्रहों का चलना: आकाश में हर ग्रह राशि-चक्र में आगे बढ़ता है, और जब वह एक राशि की सीमा पार करता है तो उसे उस ग्रह का राशि परिवर्तन (संक्रमण) कहते हैं। यह पृष्ठ केवल वही बताता है कि कौन-सा ग्रह कब कहाँ है। शास्त्रीय पद्धति में गोचर को व्यक्ति की जन्म-राशि (चन्द्र राशि) से गिनकर पढ़ा जाता है; अपनी कुंडली पर आज का गोचर देखने के लिए गोचर उपकरण खोलें।
वक्री और मार्गी
पृथ्वी से देखने पर मंगल, बुध, गुरु, शुक्र और शनि कभी-कभी कुछ समय के लिए पीछे की ओर चलते दिखते हैं। इसे वक्री गति कहते हैं; जिस क्षण ग्रह रुककर मुड़ता है वह स्तम्भन (स्टेशन) है, और फिर आगे बढ़ना मार्गी होना। यह पृथ्वी और ग्रह की कक्षाओं की सापेक्ष गति का दृश्य प्रभाव है। सूर्य और चन्द्रमा कभी वक्री नहीं होते; राहु-केतु (मध्यम) सदा पीछे चलते हैं।
अस्त (दहन)
जब कोई ग्रह सूर्य के बहुत पास होता है तो सूर्य की चमक में वह दिखाई नहीं देता; ग्रंथ इसे अस्त कहते हैं, और फिर दिखने लगना उदय। सूर्य सिद्धान्त हर ग्रह के लिए दूरी की सीमा देता है। यहाँ प्रयुक्त सीमाएँ: मंगल 17°, बुध 14° (वक्री में 12°), गुरु 11°, शुक्र 10° (वक्री में 8°), शनि 15°। पंचांग गुरु और शुक्र के अस्त-काल को विवाह जैसे संस्कारों के मुहूर्त में छोड़ते हैं।
निरयण राशियाँ
भारतीय पंचांग राशियों को तारों के सापेक्ष (निरयण) गिनते हैं। पश्चिमी (सायन) राशियाँ इनसे लगभग 24° आगे हैं, इसलिए वहाँ छपी तारीखें यहाँ से लगभग तीन सप्ताह पहले की होती हैं। यहाँ लाहिरी अयनांश प्रयुक्त है।
यह गणना कैसे हुई
NASA JPL के DE421 आँकड़ों से हर ग्रह की स्पष्ट भू-केन्द्रीय स्थिति, लाहिरी अयनांश घटाकर। राशि-सीमा पार करने, गति शून्य होने और सूर्य से दूरी सीमा के बराबर होने के क्षण द्विभाजन (bisection) से एक सेकंड से कम की शुद्धता तक निकाले गए हैं। अयनांश के छोटे अन्तर से धीमे ग्रहों (विशेषकर शनि) का समय दूसरे पंचांगों से कुछ घंटे अलग हो सकता है।
पंचांग में और
- आजआज के पाँच अंग, शुभ-अशुभ समय और चौघड़िया।
- मासिक कैलेंडरपूरे मास की तिथियाँ, नक्षत्र और पर्व।
- पर्व और व्रतवर्ष भर के पर्व, व्रत, एकादशी और पूर्णिमा।
- मुहूर्त खोजेंरोज़ के कामों के लिए शुभ समय, कारण सहित।
- चौघड़ियादिन-रात के आठ-आठ भाग, अभी कौन-सा चल रहा है।
- राहु कालआज का राहु काल, गुलिक और यमगण्ड।
- पंचकआने वाले महीनों के पंचक, और ग्रंथ इनके बारे में क्या कहते हैं।
- भद्राभद्रा (विष्टि करण) कब है और उसका वास कहाँ है।
- संक्रान्तिवर्ष की बारह संक्रान्तियाँ, समय और पुण्य काल सहित।
- ग्रहणवर्ष के सूर्य और चन्द्र ग्रहण, स्पर्श-मोक्ष के समय और सूतक।
- तिथि परिवर्तककिसी भी अंग्रेज़ी तारीख की हिन्दू तिथि।
- जन्म तिथिअपनी जन्म तिथि और अगले वर्षों की तारीखें।
- नामाक्षरनक्षत्र-पद के अनुसार नाम के आरम्भिक अक्षर।
