पंचांग · गोचर · चन्द्र
2021 में चन्द्र का गोचर
चन्द्रमा लगभग हर सवा दो दिन में राशि बदलता है; 2021 में 160 बार। नीचे हर प्रवेश का समय है।
सभी समय जनकपुर के स्थानीय समय (Asia/Kathmandu, UTC+5:45) में।
2021 में चन्द्र किन राशियों में है
- सिंह2 जनवरी, रात 8:31
- कन्या5 जनवरी, रात 1:19
- तुला7 जनवरी, सुबह 4:44
- वृश्चिक9 जनवरी, सुबह 7:12
- धनु11 जनवरी, सुबह 9:24
- मकर13 जनवरी, दोपहर 12:20
- कुम्भ15 जनवरी, शाम 5:20
- मीन18 जनवरी, रात 1:30
- मेष20 जनवरी, दोपहर 12:51
- वृषभ23 जनवरी, रात 1:39
- मिथुन25 जनवरी, दोपहर 1:17
- कर्क27 जनवरी, रात 9:58
- सिंह30 जनवरी, रात 3:36
- कन्या1 फ़रवरी, सुबह 7:13
- तुला3 फ़रवरी, सुबह 10:04
- वृश्चिक5 फ़रवरी, दोपहर 1:01
- धनु7 फ़रवरी, शाम 4:29
- मकर9 फ़रवरी, रात 8:45
- कुम्भ12 फ़रवरी, रात 2:25
- मीन14 फ़रवरी, सुबह 10:24
- मेष16 फ़रवरी, रात 9:11
- वृषभ19 फ़रवरी, सुबह 9:55
- मिथुन21 फ़रवरी, रात 10:10
- कर्क24 फ़रवरी, सुबह 7:25
- सिंह26 फ़रवरी, दोपहर 12:50
- कन्या28 फ़रवरी, दोपहर 3:22
- तुला2 मार्च, शाम 4:44
- वृश्चिक4 मार्च, शाम 6:35
- धनु6 मार्च, रात 9:53
- मकर9 मार्च, रात 2:53
- कुम्भ11 मार्च, सुबह 9:36
- मीन13 मार्च, शाम 6:11
- मेष16 मार्च, सुबह 4:58
- वृषभ18 मार्च, शाम 5:36
- मिथुन21 मार्च, सुबह 6:23
- कर्क23 मार्च, शाम 4:45
- सिंह25 मार्च, रात 11:03
- कन्या28 मार्च, रात 1:34
- तुला30 मार्च, रात 1:57
- वृश्चिक1 अप्रैल, रात 2:10
- धनु3 अप्रैल, रात 3:58
- मकर5 अप्रैल, सुबह 8:17
- कुम्भ7 अप्रैल, दोपहर 3:15
- मीन10 अप्रैल, रात 12:31
- मेष12 अप्रैल, सुबह 11:44
- वृषभ15 अप्रैल, रात 12:24
- मिथुन17 अप्रैल, दोपहर 1:24
- कर्क20 अप्रैल, रात 12:43
- सिंह22 अप्रैल, सुबह 8:30
- कन्या24 अप्रैल, दोपहर 12:10
- तुला26 अप्रैल, दोपहर 12:47
- वृश्चिक28 अप्रैल, दोपहर 12:10
- धनु30 अप्रैल, दोपहर 12:22
- मकर2 मई, दोपहर 3:00
- कुम्भ4 मई, रात 8:58
- मीन7 मई, सुबह 6:09
- मेष9 मई, शाम 5:43
- वृषभ12 मई, सुबह 6:33
- मिथुन14 मई, शाम 7:28
- कर्क17 मई, सुबह 7:07
- सिंह19 मई, शाम 4:03
- कन्या21 मई, रात 9:21
- तुला23 मई, रात 11:18
- वृश्चिक25 मई, रात 11:10
- धनु27 मई, रात 10:44
- मकर29 मई, रात 11:54
- कुम्भ1 जून, सुबह 4:13
- मीन3 जून, दोपहर 12:22
- मेष5 जून, रात 11:42
- वृषभ8 जून, दोपहर 12:38
- मिथुन11 जून, रात 1:24
- कर्क13 जून, दोपहर 12:47
- सिंह15 जून, रात 9:57
- कन्या18 जून, सुबह 4:22
- तुला20 जून, सुबह 7:57
- वृश्चिक22 जून, सुबह 9:14
- धनु24 जून, सुबह 9:25
- मकर26 जून, सुबह 10:10
- कुम्भ28 जून, दोपहर 1:14
- मीन30 जून, शाम 7:58
- मेष3 जुलाई, सुबह 6:28
- वृषभ5 जुलाई, शाम 7:14
- मिथुन8 जुलाई, सुबह 7:56
- कर्क10 जुलाई, शाम 6:52
- सिंह13 जुलाई, रात 3:29
- कन्या15 जुलाई, सुबह 9:54
- तुला17 जुलाई, दोपहर 2:22
- वृश्चिक19 जुलाई, शाम 5:08
- धनु21 जुलाई, शाम 6:44
- मकर23 जुलाई, रात 8:12
- कुम्भ25 जुलाई, रात 11:02
- मीन28 जुलाई, सुबह 4:48
- मेष30 जुलाई, दोपहर 2:17
- वृषभ2 अगस्त, रात 2:37
- मिथुन4 अगस्त, दोपहर 3:22
- कर्क7 अगस्त, रात 2:09
- सिंह9 अगस्त, सुबह 10:05
- कन्या11 अगस्त, दोपहर 3:38
- तुला13 अगस्त, शाम 7:43
- वृश्चिक15 अगस्त, रात 11:00
- धनु18 अगस्त, रात 1:50
- मकर20 अगस्त, सुबह 4:36
- कुम्भ22 अगस्त, सुबह 8:12
- मीन24 अगस्त, दोपहर 1:53
- मेष26 अगस्त, रात 10:44
- वृषभ29 अगस्त, सुबह 10:34
- मिथुन31 अगस्त, रात 11:26
- कर्क3 सितंबर, सुबह 10:34
- सिंह5 सितंबर, शाम 6:21
- कन्या7 सितंबर, रात 11:04
- तुला10 सितंबर, रात 1:59
- वृश्चिक12 सितंबर, सुबह 4:27
- धनु14 सितंबर, सुबह 7:19
- मकर16 सितंबर, सुबह 10:57
- कुम्भ18 सितंबर, दोपहर 3:40
- मीन20 सितंबर, रात 10:05
- मेष23 सितंबर, सुबह 6:58
- वृषभ25 सितंबर, शाम 6:31
- मिथुन28 सितंबर, सुबह 7:29
- कर्क30 सितंबर, शाम 7:19
- सिंह3 अक्टूबर, रात 3:49
- कन्या5 अक्टूबर, सुबह 8:32
- तुला7 अक्टूबर, सुबह 10:32
- वृश्चिक9 अक्टूबर, सुबह 11:34
- धनु11 अक्टूबर, दोपहर 1:10
- मकर13 अक्टूबर, शाम 4:20
- कुम्भ15 अक्टूबर, रात 9:30
- मीन18 अक्टूबर, सुबह 4:47
- मेष20 अक्टूबर, दोपहर 2:16
- वृषभ23 अक्टूबर, रात 1:53
- मिथुन25 अक्टूबर, दोपहर 2:51
- कर्क28 अक्टूबर, रात 3:20
- सिंह30 अक्टूबर, दोपहर 1:06
- कन्या1 नवंबर, शाम 6:54
- तुला3 नवंबर, रात 9:08
- वृश्चिक5 नवंबर, रात 9:19
- धनु7 नवंबर, रात 9:19
- मकर9 नवंबर, रात 10:51
- कुम्भ12 नवंबर, रात 3:06
- मीन14 नवंबर, सुबह 10:26
- मेष16 नवंबर, रात 8:29
- वृषभ19 नवंबर, सुबह 8:28
- मिथुन21 नवंबर, रात 9:25
- कर्क24 नवंबर, सुबह 10:04
- सिंह26 नवंबर, रात 8:51
- कन्या29 नवंबर, सुबह 4:18
- तुला1 दिसंबर, सुबह 8:00
- वृश्चिक3 दिसंबर, सुबह 8:41
- धनु5 दिसंबर, सुबह 8:02
- मकर7 दिसंबर, सुबह 7:59
- कुम्भ9 दिसंबर, सुबह 10:24
- मीन11 दिसंबर, शाम 4:31
- मेष14 दिसंबर, रात 2:20
- वृषभ16 दिसंबर, दोपहर 2:35
- मिथुन19 दिसंबर, रात 3:36
- कर्क21 दिसंबर, शाम 4:01
- सिंह24 दिसंबर, रात 2:56
- कन्या26 दिसंबर, सुबह 11:28
- तुला28 दिसंबर, शाम 4:58
- वृश्चिक30 दिसंबर, शाम 7:22
यह भी देखें: चन्द्र (शब्दकोश) · गोचर 2021: सभी ग्रह · अपनी कुंडली पर गोचर
समझें
गोचर क्या है
गोचर का अर्थ है ग्रहों का चलना: आकाश में हर ग्रह राशि-चक्र में आगे बढ़ता है, और जब वह एक राशि की सीमा पार करता है तो उसे उस ग्रह का राशि परिवर्तन (संक्रमण) कहते हैं। यह पृष्ठ केवल वही बताता है कि कौन-सा ग्रह कब कहाँ है। शास्त्रीय पद्धति में गोचर को व्यक्ति की जन्म-राशि (चन्द्र राशि) से गिनकर पढ़ा जाता है; अपनी कुंडली पर आज का गोचर देखने के लिए गोचर उपकरण खोलें।
वक्री और मार्गी
पृथ्वी से देखने पर मंगल, बुध, गुरु, शुक्र और शनि कभी-कभी कुछ समय के लिए पीछे की ओर चलते दिखते हैं। इसे वक्री गति कहते हैं; जिस क्षण ग्रह रुककर मुड़ता है वह स्तम्भन (स्टेशन) है, और फिर आगे बढ़ना मार्गी होना। यह पृथ्वी और ग्रह की कक्षाओं की सापेक्ष गति का दृश्य प्रभाव है। सूर्य और चन्द्रमा कभी वक्री नहीं होते; राहु-केतु (मध्यम) सदा पीछे चलते हैं।
अस्त (दहन)
जब कोई ग्रह सूर्य के बहुत पास होता है तो सूर्य की चमक में वह दिखाई नहीं देता; ग्रंथ इसे अस्त कहते हैं, और फिर दिखने लगना उदय। सूर्य सिद्धान्त हर ग्रह के लिए दूरी की सीमा देता है। यहाँ प्रयुक्त सीमाएँ: मंगल 17°, बुध 14° (वक्री में 12°), गुरु 11°, शुक्र 10° (वक्री में 8°), शनि 15°। पंचांग गुरु और शुक्र के अस्त-काल को विवाह जैसे संस्कारों के मुहूर्त में छोड़ते हैं।
निरयण राशियाँ
भारतीय पंचांग राशियों को तारों के सापेक्ष (निरयण) गिनते हैं। पश्चिमी (सायन) राशियाँ इनसे लगभग 24° आगे हैं, इसलिए वहाँ छपी तारीखें यहाँ से लगभग तीन सप्ताह पहले की होती हैं। यहाँ लाहिरी अयनांश प्रयुक्त है।
यह गणना कैसे हुई
NASA JPL के DE421 आँकड़ों से हर ग्रह की स्पष्ट भू-केन्द्रीय स्थिति, लाहिरी अयनांश घटाकर। राशि-सीमा पार करने, गति शून्य होने और सूर्य से दूरी सीमा के बराबर होने के क्षण द्विभाजन (bisection) से एक सेकंड से कम की शुद्धता तक निकाले गए हैं। अयनांश के छोटे अन्तर से धीमे ग्रहों (विशेषकर शनि) का समय दूसरे पंचांगों से कुछ घंटे अलग हो सकता है।
पंचांग में और
- आजआज के पाँच अंग, शुभ-अशुभ समय और चौघड़िया।
- मासिक कैलेंडरपूरे मास की तिथियाँ, नक्षत्र और पर्व।
- पर्व और व्रतवर्ष भर के पर्व, व्रत, एकादशी और पूर्णिमा।
- मुहूर्त खोजेंरोज़ के कामों के लिए शुभ समय, कारण सहित।
- चौघड़ियादिन-रात के आठ-आठ भाग, अभी कौन-सा चल रहा है।
- राहु कालआज का राहु काल, गुलिक और यमगण्ड।
- पंचकआने वाले महीनों के पंचक, और ग्रंथ इनके बारे में क्या कहते हैं।
- भद्राभद्रा (विष्टि करण) कब है और उसका वास कहाँ है।
- संक्रान्तिवर्ष की बारह संक्रान्तियाँ, समय और पुण्य काल सहित।
- ग्रहणवर्ष के सूर्य और चन्द्र ग्रहण, स्पर्श-मोक्ष के समय और सूतक।
- तिथि परिवर्तककिसी भी अंग्रेज़ी तारीख की हिन्दू तिथि।
- जन्म तिथिअपनी जन्म तिथि और अगले वर्षों की तारीखें।
- नामाक्षरनक्षत्र-पद के अनुसार नाम के आरम्भिक अक्षर।
