पंचांग · गोचर · चन्द्र
2022 में चन्द्र का गोचर
चन्द्रमा लगभग हर सवा दो दिन में राशि बदलता है; 2022 में 161 बार। नीचे हर प्रवेश का समय है।
सभी समय ह्यूस्टन के स्थानीय समय (America/Chicago, CST/CDT) में।
2022 में चन्द्र किन राशियों में है
- धनु1 जनवरी, सुबह 7:47
- मकर3 जनवरी, सुबह 7:21
- कुम्भ5 जनवरी, सुबह 8:23
- मीन7 जनवरी, दोपहर 12:45
- मेष9 जनवरी, रात 9:19
- वृषभ12 जनवरी, सुबह 9:15
- मिथुन14 जनवरी, रात 10:20
- कर्क17 जनवरी, सुबह 10:32
- सिंह19 जनवरी, रात 8:54
- कन्या22 जनवरी, सुबह 5:18
- तुला24 जनवरी, सुबह 11:38
- वृश्चिक26 जनवरी, दोपहर 3:42
- धनु28 जनवरी, शाम 5:37
- मकर30 जनवरी, शाम 6:15
- कुम्भ1 फ़रवरी, शाम 7:14
- मीन3 फ़रवरी, रात 10:32
- मेष6 फ़रवरी, सुबह 5:39
- वृषभ8 फ़रवरी, शाम 4:39
- मिथुन11 फ़रवरी, सुबह 5:35
- कर्क13 फ़रवरी, शाम 5:48
- सिंह16 फ़रवरी, रात 3:43
- कन्या18 फ़रवरी, सुबह 11:16
- तुला20 फ़रवरी, शाम 5:01
- वृश्चिक22 फ़रवरी, रात 9:25
- धनु25 फ़रवरी, रात 12:37
- मकर27 फ़रवरी, रात 2:51
- कुम्भ1 मार्च, सुबह 5:01
- मीन3 मार्च, सुबह 8:33
- मेष5 मार्च, दोपहर 2:59
- वृषभ8 मार्च, रात 1:00
- मिथुन10 मार्च, दोपहर 1:32
- कर्क13 मार्च, रात 1:59
- सिंह15 मार्च, दोपहर 1:02
- कन्या17 मार्च, रात 8:02
- तुला20 मार्च, रात 12:40
- वृश्चिक22 मार्च, सुबह 4:03
- धनु24 मार्च, सुबह 6:59
- मकर26 मार्च, सुबह 9:58
- कुम्भ28 मार्च, दोपहर 1:24
- मीन30 मार्च, शाम 6:02
- मेष2 अप्रैल, रात 12:51
- वृषभ4 अप्रैल, सुबह 10:31
- मिथुन6 अप्रैल, रात 10:39
- कर्क9 अप्रैल, सुबह 11:20
- सिंह11 अप्रैल, रात 10:04
- कन्या14 अप्रैल, सुबह 5:24
- तुला16 अप्रैल, सुबह 9:31
- वृश्चिक18 अप्रैल, सुबह 11:38
- धनु20 अप्रैल, दोपहर 1:11
- मकर22 अप्रैल, दोपहर 3:22
- कुम्भ24 अप्रैल, शाम 6:59
- मीन27 अप्रैल, रात 12:30
- मेष29 अप्रैल, सुबह 8:12
- वृषभ1 मई, शाम 6:14
- मिथुन4 मई, सुबह 6:15
- कर्क6 मई, शाम 7:04
- सिंह9 मई, सुबह 6:37
- कन्या11 मई, दोपहर 3:02
- तुला13 मई, शाम 7:42
- वृश्चिक15 मई, रात 9:23
- धनु17 मई, रात 9:39
- मकर19 मई, रात 10:15
- कुम्भ22 मई, रात 12:42
- मीन24 मई, सुबह 5:57
- मेष26 मई, दोपहर 2:08
- वृषभ29 मई, रात 12:45
- मिथुन31 मई, दोपहर 12:59
- कर्क3 जून, रात 1:50
- सिंह5 जून, दोपहर 1:54
- कन्या7 जून, रात 11:33
- तुला10 जून, सुबह 5:36
- वृश्चिक12 जून, सुबह 8:03
- धनु14 जून, सुबह 8:02
- मकर16 जून, सुबह 7:25
- कुम्भ18 जून, सुबह 8:12
- मीन20 जून, दोपहर 12:05
- मेष22 जून, शाम 7:44
- वृषभ25 जून, सुबह 6:32
- मिथुन27 जून, शाम 7:03
- कर्क30 जून, सुबह 7:53
- सिंह2 जुलाई, रात 8:00
- कन्या5 जुलाई, सुबह 6:21
- तुला7 जुलाई, दोपहर 1:51
- वृश्चिक9 जुलाई, शाम 5:51
- धनु11 जुलाई, शाम 6:45
- मकर13 जुलाई, शाम 6:02
- कुम्भ15 जुलाई, शाम 5:46
- मीन17 जुलाई, रात 8:04
- मेष20 जुलाई, रात 2:20
- वृषभ22 जुलाई, दोपहर 12:31
- मिथुन25 जुलाई, रात 1:02
- कर्क27 जुलाई, दोपहर 1:51
- सिंह30 जुलाई, रात 1:42
- कन्या1 अगस्त, सुबह 11:59
- तुला3 अगस्त, रात 8:09
- वृश्चिक6 अगस्त, रात 1:36
- धनु8 अगस्त, सुबह 4:07
- मकर10 अगस्त, सुबह 4:28
- कुम्भ12 अगस्त, सुबह 4:19
- मीन14 अगस्त, सुबह 5:45
- मेष16 अगस्त, सुबह 10:36
- वृषभ18 अगस्त, शाम 7:36
- मिथुन21 अगस्त, सुबह 7:39
- कर्क23 अगस्त, रात 8:26
- सिंह26 अगस्त, सुबह 8:02
- कन्या28 अगस्त, शाम 5:45
- तुला31 अगस्त, रात 1:33
- वृश्चिक2 सितंबर, सुबह 7:25
- धनु4 सितंबर, सुबह 11:12
- मकर6 सितंबर, दोपहर 1:08
- कुम्भ8 सितंबर, दोपहर 2:09
- मीन10 सितंबर, दोपहर 3:52
- मेष12 सितंबर, रात 8:05
- वृषभ15 सितंबर, रात 3:58
- मिथुन17 सितंबर, दोपहर 3:13
- कर्क20 सितंबर, रात 3:53
- सिंह22 सितंबर, दोपहर 3:33
- कन्या25 सितंबर, रात 12:51
- तुला27 सितंबर, सुबह 7:47
- वृश्चिक29 सितंबर, दोपहर 12:54
- धनु1 अक्टूबर, शाम 4:41
- मकर3 अक्टूबर, शाम 7:31
- कुम्भ5 अक्टूबर, रात 9:57
- मीन8 अक्टूबर, रात 12:53
- मेष10 अक्टूबर, सुबह 5:31
- वृषभ12 अक्टूबर, दोपहर 12:59
- मिथुन14 अक्टूबर, रात 11:31
- कर्क17 अक्टूबर, सुबह 11:58
- सिंह20 अक्टूबर, रात 12:00
- कन्या22 अक्टूबर, सुबह 9:34
- तुला24 अक्टूबर, शाम 4:02
- वृश्चिक26 अक्टूबर, रात 8:00
- धनु28 अक्टूबर, रात 10:35
- मकर31 अक्टूबर, रात 12:53
- कुम्भ2 नवंबर, रात 3:46
- मीन4 नवंबर, सुबह 7:49
- मेष6 नवंबर, दोपहर 12:33
- वृषभ8 नवंबर, रात 8:28
- मिथुन11 नवंबर, सुबह 6:47
- कर्क13 नवंबर, शाम 7:00
- सिंह16 नवंबर, सुबह 7:28
- कन्या18 नवंबर, शाम 5:58
- तुला21 नवंबर, रात 1:00
- वृश्चिक23 नवंबर, सुबह 4:33
- धनु25 नवंबर, सुबह 5:50
- मकर27 नवंबर, सुबह 6:34
- कुम्भ29 नवंबर, सुबह 8:21
- मीन1 दिसंबर, दोपहर 12:17
- मेष3 दिसंबर, शाम 6:46
- वृषभ6 दिसंबर, रात 3:32
- मिथुन8 दिसंबर, दोपहर 2:13
- कर्क11 दिसंबर, रात 2:21
- सिंह13 दिसंबर, दोपहर 3:02
- कन्या16 दिसंबर, रात 2:33
- तुला18 दिसंबर, सुबह 11:00
- वृश्चिक20 दिसंबर, दोपहर 3:27
- धनु22 दिसंबर, शाम 4:32
- मकर24 दिसंबर, शाम 4:00
- कुम्भ26 दिसंबर, शाम 4:00
- मीन28 दिसंबर, शाम 6:25
- मेष31 दिसंबर, रात 12:16
यह भी देखें: चन्द्र (शब्दकोश) · गोचर 2022: सभी ग्रह · अपनी कुंडली पर गोचर
समझें
गोचर क्या है
गोचर का अर्थ है ग्रहों का चलना: आकाश में हर ग्रह राशि-चक्र में आगे बढ़ता है, और जब वह एक राशि की सीमा पार करता है तो उसे उस ग्रह का राशि परिवर्तन (संक्रमण) कहते हैं। यह पृष्ठ केवल वही बताता है कि कौन-सा ग्रह कब कहाँ है। शास्त्रीय पद्धति में गोचर को व्यक्ति की जन्म-राशि (चन्द्र राशि) से गिनकर पढ़ा जाता है; अपनी कुंडली पर आज का गोचर देखने के लिए गोचर उपकरण खोलें।
वक्री और मार्गी
पृथ्वी से देखने पर मंगल, बुध, गुरु, शुक्र और शनि कभी-कभी कुछ समय के लिए पीछे की ओर चलते दिखते हैं। इसे वक्री गति कहते हैं; जिस क्षण ग्रह रुककर मुड़ता है वह स्तम्भन (स्टेशन) है, और फिर आगे बढ़ना मार्गी होना। यह पृथ्वी और ग्रह की कक्षाओं की सापेक्ष गति का दृश्य प्रभाव है। सूर्य और चन्द्रमा कभी वक्री नहीं होते; राहु-केतु (मध्यम) सदा पीछे चलते हैं।
अस्त (दहन)
जब कोई ग्रह सूर्य के बहुत पास होता है तो सूर्य की चमक में वह दिखाई नहीं देता; ग्रंथ इसे अस्त कहते हैं, और फिर दिखने लगना उदय। सूर्य सिद्धान्त हर ग्रह के लिए दूरी की सीमा देता है। यहाँ प्रयुक्त सीमाएँ: मंगल 17°, बुध 14° (वक्री में 12°), गुरु 11°, शुक्र 10° (वक्री में 8°), शनि 15°। पंचांग गुरु और शुक्र के अस्त-काल को विवाह जैसे संस्कारों के मुहूर्त में छोड़ते हैं।
निरयण राशियाँ
भारतीय पंचांग राशियों को तारों के सापेक्ष (निरयण) गिनते हैं। पश्चिमी (सायन) राशियाँ इनसे लगभग 24° आगे हैं, इसलिए वहाँ छपी तारीखें यहाँ से लगभग तीन सप्ताह पहले की होती हैं। यहाँ लाहिरी अयनांश प्रयुक्त है।
यह गणना कैसे हुई
NASA JPL के DE421 आँकड़ों से हर ग्रह की स्पष्ट भू-केन्द्रीय स्थिति, लाहिरी अयनांश घटाकर। राशि-सीमा पार करने, गति शून्य होने और सूर्य से दूरी सीमा के बराबर होने के क्षण द्विभाजन (bisection) से एक सेकंड से कम की शुद्धता तक निकाले गए हैं। अयनांश के छोटे अन्तर से धीमे ग्रहों (विशेषकर शनि) का समय दूसरे पंचांगों से कुछ घंटे अलग हो सकता है।
पंचांग में और
- आजआज के पाँच अंग, शुभ-अशुभ समय और चौघड़िया।
- मासिक कैलेंडरपूरे मास की तिथियाँ, नक्षत्र और पर्व।
- पर्व और व्रतवर्ष भर के पर्व, व्रत, एकादशी और पूर्णिमा।
- मुहूर्त खोजेंरोज़ के कामों के लिए शुभ समय, कारण सहित।
- चौघड़ियादिन-रात के आठ-आठ भाग, अभी कौन-सा चल रहा है।
- राहु कालआज का राहु काल, गुलिक और यमगण्ड।
- पंचकआने वाले महीनों के पंचक, और ग्रंथ इनके बारे में क्या कहते हैं।
- भद्राभद्रा (विष्टि करण) कब है और उसका वास कहाँ है।
- संक्रान्तिवर्ष की बारह संक्रान्तियाँ, समय और पुण्य काल सहित।
- ग्रहणवर्ष के सूर्य और चन्द्र ग्रहण, स्पर्श-मोक्ष के समय और सूतक।
- तिथि परिवर्तककिसी भी अंग्रेज़ी तारीख की हिन्दू तिथि।
- जन्म तिथिअपनी जन्म तिथि और अगले वर्षों की तारीखें।
- नामाक्षरनक्षत्र-पद के अनुसार नाम के आरम्भिक अक्षर।
