पंचांग · गोचर · चन्द्र
2025 में चन्द्र का गोचर
चन्द्रमा लगभग हर सवा दो दिन में राशि बदलता है; 2025 में 160 बार। नीचे हर प्रवेश का समय है।
सभी समय वॉशिंगटन डी.सी. के स्थानीय समय (America/New York, EST/EDT) में।
2025 में चन्द्र किन राशियों में है
- कुम्भ3 जनवरी, रात 12:17
- मीन5 जनवरी, सुबह 4:04
- मेष7 जनवरी, सुबह 7:19
- वृषभ9 जनवरी, सुबह 10:16
- मिथुन11 जनवरी, दोपहर 1:24
- कर्क13 जनवरी, शाम 5:49
- सिंह16 जनवरी, रात 12:46
- कन्या18 जनवरी, सुबह 10:58
- तुला20 जनवरी, रात 11:33
- वृश्चिक23 जनवरी, दोपहर 12:02
- धनु25 जनवरी, रात 9:55
- मकर28 जनवरी, सुबह 4:21
- कुम्भ30 जनवरी, सुबह 8:04
- मीन1 फ़रवरी, सुबह 10:28
- मेष3 फ़रवरी, दोपहर 12:46
- वृषभ5 फ़रवरी, दोपहर 3:45
- मिथुन7 फ़रवरी, शाम 7:50
- कर्क10 फ़रवरी, रात 1:26
- सिंह12 फ़रवरी, सुबह 9:05
- कन्या14 फ़रवरी, शाम 7:14
- तुला17 फ़रवरी, सुबह 7:32
- वृश्चिक19 फ़रवरी, रात 8:19
- धनु22 फ़रवरी, सुबह 7:09
- मकर24 फ़रवरी, दोपहर 2:25
- कुम्भ26 फ़रवरी, शाम 6:06
- मीन28 फ़रवरी, शाम 7:27
- मेष2 मार्च, रात 8:08
- वृषभ4 मार्च, रात 9:42
- मिथुन7 मार्च, रात 1:14
- कर्क9 मार्च, सुबह 8:15
- सिंह11 मार्च, शाम 4:45
- कन्या14 मार्च, रात 3:25
- तुला16 मार्च, दोपहर 3:44
- वृश्चिक19 मार्च, सुबह 4:36
- धनु21 मार्च, शाम 4:15
- मकर24 मार्च, रात 12:54
- कुम्भ26 मार्च, सुबह 5:44
- मीन28 मार्च, सुबह 7:17
- मेष30 मार्च, सुबह 7:04
- वृषभ1 अप्रैल, सुबह 6:59
- मिथुन3 अप्रैल, सुबह 8:51
- कर्क5 अप्रैल, दोपहर 1:54
- सिंह7 अप्रैल, रात 10:24
- कन्या10 अप्रैल, सुबह 9:34
- तुला12 अप्रैल, रात 10:08
- वृश्चिक15 अप्रैल, सुबह 10:56
- धनु17 अप्रैल, रात 10:50
- मकर20 अप्रैल, सुबह 8:34
- कुम्भ22 अप्रैल, दोपहर 3:00
- मीन24 अप्रैल, शाम 5:55
- मेष26 अप्रैल, शाम 6:08
- वृषभ28 अप्रैल, शाम 5:23
- मिथुन30 अप्रैल, शाम 5:44
- कर्क2 मई, रात 9:06
- सिंह5 मई, सुबह 4:30
- कन्या7 मई, दोपहर 3:27
- तुला10 मई, सुबह 4:11
- वृश्चिक12 मई, शाम 4:57
- धनु15 मई, सुबह 4:37
- मकर17 मई, दोपहर 2:33
- कुम्भ19 मई, रात 10:05
- मीन22 मई, रात 2:38
- मेष24 मई, सुबह 4:18
- वृषभ26 मई, सुबह 4:10
- मिथुन28 मई, सुबह 4:06
- कर्क30 मई, सुबह 6:11
- सिंह1 जून, दोपहर 12:06
- कन्या3 जून, रात 10:04
- तुला6 जून, सुबह 10:36
- वृश्चिक8 जून, रात 11:20
- धनु11 जून, सुबह 10:40
- मकर13 जून, रात 8:07
- कुम्भ16 जून, रात 3:39
- मीन18 जून, सुबह 9:04
- मेष20 जून, दोपहर 12:14
- वृषभ22 जून, दोपहर 1:33
- मिथुन24 जून, दोपहर 2:15
- कर्क26 जून, शाम 4:09
- सिंह28 जून, रात 9:03
- कन्या1 जुलाई, सुबह 5:53
- तुला3 जुलाई, शाम 5:48
- वृश्चिक6 जुलाई, सुबह 6:30
- धनु8 जुलाई, शाम 5:44
- मकर11 जुलाई, रात 2:38
- कुम्भ13 जुलाई, सुबह 9:23
- मीन15 जुलाई, दोपहर 2:27
- मेष17 जुलाई, शाम 6:08
- वृषभ19 जुलाई, रात 8:41
- मिथुन21 जुलाई, रात 10:44
- कर्क24 जुलाई, रात 1:28
- सिंह26 जुलाई, सुबह 6:21
- कन्या28 जुलाई, दोपहर 2:29
- तुला31 जुलाई, रात 1:44
- वृश्चिक2 अगस्त, दोपहर 2:22
- धनु5 अगस्त, रात 1:52
- मकर7 अगस्त, सुबह 10:40
- कुम्भ9 अगस्त, शाम 4:40
- मीन11 अगस्त, रात 8:39
- मेष13 अगस्त, रात 11:35
- वृषभ16 अगस्त, रात 2:13
- मिथुन18 अगस्त, सुबह 5:09
- कर्क20 अगस्त, सुबह 9:04
- सिंह22 अगस्त, दोपहर 2:46
- कन्या24 अगस्त, रात 10:58
- तुला27 अगस्त, सुबह 9:50
- वृश्चिक29 अगस्त, रात 10:22
- धनु1 सितंबर, सुबह 10:24
- मकर3 सितंबर, शाम 7:50
- कुम्भ6 सितंबर, रात 1:51
- मीन8 सितंबर, सुबह 4:58
- मेष10 सितंबर, सुबह 6:32
- वृषभ12 सितंबर, सुबह 8:00
- मिथुन14 सितंबर, सुबह 10:33
- कर्क16 सितंबर, दोपहर 2:58
- सिंह18 सितंबर, रात 9:35
- कन्या21 सितंबर, सुबह 6:27
- तुला23 सितंबर, शाम 5:25
- वृश्चिक26 सितंबर, सुबह 5:53
- धनु28 सितंबर, शाम 6:24
- मकर1 अक्टूबर, सुबह 4:56
- कुम्भ3 अक्टूबर, सुबह 11:57
- मीन5 अक्टूबर, दोपहर 3:15
- मेष7 अक्टूबर, दोपहर 3:57
- वृषभ9 अक्टूबर, दोपहर 3:53
- मिथुन11 अक्टूबर, शाम 4:54
- कर्क13 अक्टूबर, रात 8:28
- सिंह16 अक्टूबर, रात 3:11
- कन्या18 अक्टूबर, दोपहर 12:41
- तुला21 अक्टूबर, रात 12:05
- वृश्चिक23 अक्टूबर, दोपहर 12:35
- धनु26 अक्टूबर, रात 1:16
- मकर28 अक्टूबर, दोपहर 12:44
- कुम्भ30 अक्टूबर, रात 9:18
- मीन2 नवंबर, रात 1:56
- मेष4 नवंबर, रात 2:04
- वृषभ6 नवंबर, रात 1:16
- मिथुन8 नवंबर, रात 12:44
- कर्क10 नवंबर, रात 2:32
- सिंह12 नवंबर, सुबह 8:05
- कन्या14 नवंबर, शाम 5:21
- तुला17 नवंबर, सुबह 5:04
- वृश्चिक19 नवंबर, शाम 5:43
- धनु22 नवंबर, सुबह 6:16
- मकर24 नवंबर, शाम 5:56
- कुम्भ27 नवंबर, रात 3:36
- मीन29 नवंबर, सुबह 10:03
- मेष1 दिसंबर, दोपहर 12:48
- वृषभ3 दिसंबर, दोपहर 12:44
- मिथुन5 दिसंबर, सुबह 11:45
- कर्क7 दिसंबर, दोपहर 12:08
- सिंह9 दिसंबर, दोपहर 3:52
- कन्या11 दिसंबर, रात 11:50
- तुला14 दिसंबर, सुबह 11:11
- वृश्चिक16 दिसंबर, रात 11:55
- धनु19 दिसंबर, दोपहर 12:20
- मकर21 दिसंबर, रात 11:36
- कुम्भ24 दिसंबर, सुबह 9:15
- मीन26 दिसंबर, शाम 4:40
- मेष28 दिसंबर, रात 9:10
- वृषभ30 दिसंबर, रात 10:52
यह भी देखें: चन्द्र (शब्दकोश) · गोचर 2025: सभी ग्रह · अपनी कुंडली पर गोचर
समझें
गोचर क्या है
गोचर का अर्थ है ग्रहों का चलना: आकाश में हर ग्रह राशि-चक्र में आगे बढ़ता है, और जब वह एक राशि की सीमा पार करता है तो उसे उस ग्रह का राशि परिवर्तन (संक्रमण) कहते हैं। यह पृष्ठ केवल वही बताता है कि कौन-सा ग्रह कब कहाँ है। शास्त्रीय पद्धति में गोचर को व्यक्ति की जन्म-राशि (चन्द्र राशि) से गिनकर पढ़ा जाता है; अपनी कुंडली पर आज का गोचर देखने के लिए गोचर उपकरण खोलें।
वक्री और मार्गी
पृथ्वी से देखने पर मंगल, बुध, गुरु, शुक्र और शनि कभी-कभी कुछ समय के लिए पीछे की ओर चलते दिखते हैं। इसे वक्री गति कहते हैं; जिस क्षण ग्रह रुककर मुड़ता है वह स्तम्भन (स्टेशन) है, और फिर आगे बढ़ना मार्गी होना। यह पृथ्वी और ग्रह की कक्षाओं की सापेक्ष गति का दृश्य प्रभाव है। सूर्य और चन्द्रमा कभी वक्री नहीं होते; राहु-केतु (मध्यम) सदा पीछे चलते हैं।
अस्त (दहन)
जब कोई ग्रह सूर्य के बहुत पास होता है तो सूर्य की चमक में वह दिखाई नहीं देता; ग्रंथ इसे अस्त कहते हैं, और फिर दिखने लगना उदय। सूर्य सिद्धान्त हर ग्रह के लिए दूरी की सीमा देता है। यहाँ प्रयुक्त सीमाएँ: मंगल 17°, बुध 14° (वक्री में 12°), गुरु 11°, शुक्र 10° (वक्री में 8°), शनि 15°। पंचांग गुरु और शुक्र के अस्त-काल को विवाह जैसे संस्कारों के मुहूर्त में छोड़ते हैं।
निरयण राशियाँ
भारतीय पंचांग राशियों को तारों के सापेक्ष (निरयण) गिनते हैं। पश्चिमी (सायन) राशियाँ इनसे लगभग 24° आगे हैं, इसलिए वहाँ छपी तारीखें यहाँ से लगभग तीन सप्ताह पहले की होती हैं। यहाँ लाहिरी अयनांश प्रयुक्त है।
यह गणना कैसे हुई
NASA JPL के DE421 आँकड़ों से हर ग्रह की स्पष्ट भू-केन्द्रीय स्थिति, लाहिरी अयनांश घटाकर। राशि-सीमा पार करने, गति शून्य होने और सूर्य से दूरी सीमा के बराबर होने के क्षण द्विभाजन (bisection) से एक सेकंड से कम की शुद्धता तक निकाले गए हैं। अयनांश के छोटे अन्तर से धीमे ग्रहों (विशेषकर शनि) का समय दूसरे पंचांगों से कुछ घंटे अलग हो सकता है।
पंचांग में और
- आजआज के पाँच अंग, शुभ-अशुभ समय और चौघड़िया।
- मासिक कैलेंडरपूरे मास की तिथियाँ, नक्षत्र और पर्व।
- पर्व और व्रतवर्ष भर के पर्व, व्रत, एकादशी और पूर्णिमा।
- मुहूर्त खोजेंरोज़ के कामों के लिए शुभ समय, कारण सहित।
- चौघड़ियादिन-रात के आठ-आठ भाग, अभी कौन-सा चल रहा है।
- राहु कालआज का राहु काल, गुलिक और यमगण्ड।
- पंचकआने वाले महीनों के पंचक, और ग्रंथ इनके बारे में क्या कहते हैं।
- भद्राभद्रा (विष्टि करण) कब है और उसका वास कहाँ है।
- संक्रान्तिवर्ष की बारह संक्रान्तियाँ, समय और पुण्य काल सहित।
- ग्रहणवर्ष के सूर्य और चन्द्र ग्रहण, स्पर्श-मोक्ष के समय और सूतक।
- तिथि परिवर्तककिसी भी अंग्रेज़ी तारीख की हिन्दू तिथि।
- जन्म तिथिअपनी जन्म तिथि और अगले वर्षों की तारीखें।
- नामाक्षरनक्षत्र-पद के अनुसार नाम के आरम्भिक अक्षर।
