पंचांग · गोचर · चन्द्र
2027 में चन्द्र का गोचर
चन्द्रमा लगभग हर सवा दो दिन में राशि बदलता है; 2027 में 160 बार। नीचे हर प्रवेश का समय है।
सभी समय वैंकूवर के स्थानीय समय (America/Vancouver, PDT) में।
2027 में चन्द्र किन राशियों में है
- वृश्चिक3 जनवरी, रात 2:29
- धनु5 जनवरी, दोपहर 2:36
- मकर8 जनवरी, रात 3:28
- कुम्भ10 जनवरी, शाम 4:04
- मीन13 जनवरी, रात 3:09
- मेष15 जनवरी, सुबह 11:20
- वृषभ17 जनवरी, दोपहर 3:51
- मिथुन19 जनवरी, शाम 5:07
- कर्क21 जनवरी, शाम 4:39
- सिंह23 जनवरी, शाम 4:22
- कन्या25 जनवरी, शाम 6:14
- तुला27 जनवरी, रात 11:37
- वृश्चिक30 जनवरी, सुबह 8:51
- धनु1 फ़रवरी, रात 8:50
- मकर4 फ़रवरी, सुबह 9:47
- कुम्भ6 फ़रवरी, रात 10:05
- मीन9 फ़रवरी, सुबह 8:46
- मेष11 फ़रवरी, शाम 5:11
- वृषभ13 फ़रवरी, रात 10:57
- मिथुन16 फ़रवरी, रात 2:04
- कर्क18 फ़रवरी, रात 3:12
- सिंह20 फ़रवरी, रात 3:37
- कन्या22 फ़रवरी, सुबह 4:59
- तुला24 फ़रवरी, सुबह 8:59
- वृश्चिक26 फ़रवरी, शाम 4:43
- धनु1 मार्च, रात 3:56
- मकर3 मार्च, शाम 4:50
- कुम्भ6 मार्च, सुबह 5:03
- मीन8 मार्च, दोपहर 3:09
- मेष10 मार्च, रात 10:49
- वृषभ13 मार्च, सुबह 4:24
- मिथुन15 मार्च, सुबह 8:20
- कर्क17 मार्च, सुबह 11:02
- सिंह19 मार्च, दोपहर 1:01
- कन्या21 मार्च, दोपहर 3:14
- तुला23 मार्च, शाम 7:02
- वृश्चिक26 मार्च, रात 1:47
- धनु28 मार्च, दोपहर 12:01
- मकर31 मार्च, रात 12:36
- कुम्भ2 अप्रैल, दोपहर 1:02
- मीन4 अप्रैल, रात 11:01
- मेष7 अप्रैल, सुबह 5:55
- वृषभ9 अप्रैल, सुबह 10:26
- मिथुन11 अप्रैल, दोपहर 1:43
- कर्क13 अप्रैल, शाम 4:41
- सिंह15 अप्रैल, शाम 7:47
- कन्या17 अप्रैल, रात 11:21
- तुला20 अप्रैल, सुबह 4:00
- वृश्चिक22 अप्रैल, सुबह 10:46
- धनु24 अप्रैल, रात 8:26
- मकर27 अप्रैल, सुबह 8:40
- कुम्भ29 अप्रैल, रात 9:23
- मीन2 मई, सुबह 7:52
- मेष4 मई, दोपहर 2:44
- वृषभ6 मई, शाम 6:25
- मिथुन8 मई, रात 8:25
- कर्क10 मई, रात 10:19
- सिंह13 मई, रात 1:10
- कन्या15 मई, सुबह 5:21
- तुला17 मई, सुबह 11:02
- वृश्चिक19 मई, शाम 6:32
- धनु22 मई, सुबह 4:19
- मकर24 मई, शाम 4:22
- कुम्भ27 मई, सुबह 5:18
- मीन29 मई, शाम 4:38
- मेष1 जून, रात 12:19
- वृषभ3 जून, सुबह 4:07
- मिथुन5 जून, सुबह 5:20
- कर्क7 जून, सुबह 5:49
- सिंह9 जून, सुबह 7:17
- कन्या11 जून, सुबह 10:47
- तुला13 जून, शाम 4:40
- वृश्चिक16 जून, रात 12:50
- धनु18 जून, सुबह 11:09
- मकर20 जून, रात 11:18
- कुम्भ23 जून, दोपहर 12:20
- मीन26 जून, रात 12:21
- मेष28 जून, सुबह 9:17
- वृषभ30 जून, दोपहर 2:11
- मिथुन2 जुलाई, दोपहर 3:43
- कर्क4 जुलाई, दोपहर 3:31
- सिंह6 जुलाई, दोपहर 3:32
- कन्या8 जुलाई, शाम 5:28
- तुला10 जुलाई, रात 10:22
- वृश्चिक13 जुलाई, सुबह 6:27
- धनु15 जुलाई, शाम 5:09
- मकर18 जुलाई, सुबह 5:33
- कुम्भ20 जुलाई, शाम 6:33
- मीन23 जुलाई, सुबह 6:48
- मेष25 जुलाई, शाम 4:43
- वृषभ27 जुलाई, रात 11:08
- मिथुन30 जुलाई, रात 1:59
- कर्क1 अगस्त, रात 2:17
- सिंह3 अगस्त, रात 1:46
- कन्या5 अगस्त, रात 2:19
- तुला7 अगस्त, सुबह 5:36
- वृश्चिक9 अगस्त, दोपहर 12:36
- धनु11 अगस्त, रात 11:03
- मकर14 अगस्त, सुबह 11:36
- कुम्भ17 अगस्त, रात 12:33
- मीन19 अगस्त, दोपहर 12:34
- मेष21 अगस्त, रात 10:40
- वृषभ24 अगस्त, सुबह 6:08
- मिथुन26 अगस्त, सुबह 10:36
- कर्क28 अगस्त, दोपहर 12:22
- सिंह30 अगस्त, दोपहर 12:32
- कन्या1 सितंबर, दोपहर 12:42
- तुला3 सितंबर, दोपहर 2:45
- वृश्चिक5 सितंबर, रात 8:16
- धनु8 सितंबर, सुबह 5:46
- मकर10 सितंबर, शाम 6:06
- कुम्भ13 सितंबर, सुबह 7:03
- मीन15 सितंबर, शाम 6:42
- मेष18 सितंबर, सुबह 4:17
- वृषभ20 सितंबर, सुबह 11:41
- मिथुन22 सितंबर, शाम 5:01
- कर्क24 सितंबर, रात 8:21
- सिंह26 सितंबर, रात 10:02
- कन्या28 सितंबर, रात 11:03
- तुला1 अक्टूबर, रात 12:55
- वृश्चिक3 अक्टूबर, सुबह 5:26
- धनु5 अक्टूबर, दोपहर 1:44
- मकर8 अक्टूबर, रात 1:28
- कुम्भ10 अक्टूबर, दोपहर 2:25
- मीन13 अक्टूबर, रात 2:00
- मेष15 अक्टूबर, सुबह 10:58
- वृषभ17 अक्टूबर, शाम 5:31
- मिथुन19 अक्टूबर, रात 10:23
- कर्क22 अक्टूबर, रात 2:12
- सिंह24 अक्टूबर, सुबह 5:11
- कन्या26 अक्टूबर, सुबह 7:39
- तुला28 अक्टूबर, सुबह 10:28
- वृश्चिक30 अक्टूबर, दोपहर 3:00
- धनु1 नवंबर, रात 10:35
- मकर4 नवंबर, सुबह 9:36
- कुम्भ6 नवंबर, रात 10:29
- मीन9 नवंबर, सुबह 10:26
- मेष11 नवंबर, शाम 7:24
- वृषभ14 नवंबर, रात 1:12
- मिथुन16 नवंबर, सुबह 4:52
- कर्क18 नवंबर, सुबह 7:42
- सिंह20 नवंबर, सुबह 10:36
- कन्या22 नवंबर, दोपहर 1:57
- तुला24 नवंबर, शाम 6:02
- वृश्चिक26 नवंबर, रात 11:30
- धनु29 नवंबर, सुबह 7:16
- मकर1 दिसंबर, शाम 5:53
- कुम्भ4 दिसंबर, सुबह 6:36
- मीन6 दिसंबर, शाम 7:08
- मेष9 दिसंबर, सुबह 4:56
- वृषभ11 दिसंबर, सुबह 10:56
- मिथुन13 दिसंबर, दोपहर 1:51
- कर्क15 दिसंबर, दोपहर 3:14
- सिंह17 दिसंबर, शाम 4:40
- कन्या19 दिसंबर, शाम 7:18
- तुला21 दिसंबर, रात 11:43
- वृश्चिक24 दिसंबर, सुबह 6:09
- धनु26 दिसंबर, दोपहर 2:44
- मकर29 दिसंबर, रात 1:32
- कुम्भ31 दिसंबर, दोपहर 2:09
यह भी देखें: चन्द्र (शब्दकोश) · गोचर 2027: सभी ग्रह · अपनी कुंडली पर गोचर
समझें
गोचर क्या है
गोचर का अर्थ है ग्रहों का चलना: आकाश में हर ग्रह राशि-चक्र में आगे बढ़ता है, और जब वह एक राशि की सीमा पार करता है तो उसे उस ग्रह का राशि परिवर्तन (संक्रमण) कहते हैं। यह पृष्ठ केवल वही बताता है कि कौन-सा ग्रह कब कहाँ है। शास्त्रीय पद्धति में गोचर को व्यक्ति की जन्म-राशि (चन्द्र राशि) से गिनकर पढ़ा जाता है; अपनी कुंडली पर आज का गोचर देखने के लिए गोचर उपकरण खोलें।
वक्री और मार्गी
पृथ्वी से देखने पर मंगल, बुध, गुरु, शुक्र और शनि कभी-कभी कुछ समय के लिए पीछे की ओर चलते दिखते हैं। इसे वक्री गति कहते हैं; जिस क्षण ग्रह रुककर मुड़ता है वह स्तम्भन (स्टेशन) है, और फिर आगे बढ़ना मार्गी होना। यह पृथ्वी और ग्रह की कक्षाओं की सापेक्ष गति का दृश्य प्रभाव है। सूर्य और चन्द्रमा कभी वक्री नहीं होते; राहु-केतु (मध्यम) सदा पीछे चलते हैं।
अस्त (दहन)
जब कोई ग्रह सूर्य के बहुत पास होता है तो सूर्य की चमक में वह दिखाई नहीं देता; ग्रंथ इसे अस्त कहते हैं, और फिर दिखने लगना उदय। सूर्य सिद्धान्त हर ग्रह के लिए दूरी की सीमा देता है। यहाँ प्रयुक्त सीमाएँ: मंगल 17°, बुध 14° (वक्री में 12°), गुरु 11°, शुक्र 10° (वक्री में 8°), शनि 15°। पंचांग गुरु और शुक्र के अस्त-काल को विवाह जैसे संस्कारों के मुहूर्त में छोड़ते हैं।
निरयण राशियाँ
भारतीय पंचांग राशियों को तारों के सापेक्ष (निरयण) गिनते हैं। पश्चिमी (सायन) राशियाँ इनसे लगभग 24° आगे हैं, इसलिए वहाँ छपी तारीखें यहाँ से लगभग तीन सप्ताह पहले की होती हैं। यहाँ लाहिरी अयनांश प्रयुक्त है।
यह गणना कैसे हुई
NASA JPL के DE421 आँकड़ों से हर ग्रह की स्पष्ट भू-केन्द्रीय स्थिति, लाहिरी अयनांश घटाकर। राशि-सीमा पार करने, गति शून्य होने और सूर्य से दूरी सीमा के बराबर होने के क्षण द्विभाजन (bisection) से एक सेकंड से कम की शुद्धता तक निकाले गए हैं। अयनांश के छोटे अन्तर से धीमे ग्रहों (विशेषकर शनि) का समय दूसरे पंचांगों से कुछ घंटे अलग हो सकता है।
पंचांग में और
- आजआज के पाँच अंग, शुभ-अशुभ समय और चौघड़िया।
- मासिक कैलेंडरपूरे मास की तिथियाँ, नक्षत्र और पर्व।
- पर्व और व्रतवर्ष भर के पर्व, व्रत, एकादशी और पूर्णिमा।
- मुहूर्त खोजेंरोज़ के कामों के लिए शुभ समय, कारण सहित।
- चौघड़ियादिन-रात के आठ-आठ भाग, अभी कौन-सा चल रहा है।
- राहु कालआज का राहु काल, गुलिक और यमगण्ड।
- पंचकआने वाले महीनों के पंचक, और ग्रंथ इनके बारे में क्या कहते हैं।
- भद्राभद्रा (विष्टि करण) कब है और उसका वास कहाँ है।
- संक्रान्तिवर्ष की बारह संक्रान्तियाँ, समय और पुण्य काल सहित।
- ग्रहणवर्ष के सूर्य और चन्द्र ग्रहण, स्पर्श-मोक्ष के समय और सूतक।
- तिथि परिवर्तककिसी भी अंग्रेज़ी तारीख की हिन्दू तिथि।
- जन्म तिथिअपनी जन्म तिथि और अगले वर्षों की तारीखें।
- नामाक्षरनक्षत्र-पद के अनुसार नाम के आरम्भिक अक्षर।
