पंचांग · गोचर · चन्द्र
2030 में चन्द्र का गोचर
चन्द्रमा लगभग हर सवा दो दिन में राशि बदलता है; 2030 में 160 बार। नीचे हर प्रवेश का समय है।
सभी समय सैन फ़र्नान्डो के स्थानीय समय (America/Port of Spain, AST) में।
2030 में चन्द्र किन राशियों में है
- धनु2 जनवरी, दोपहर 2:27
- मकर4 जनवरी, शाम 4:31
- कुम्भ6 जनवरी, रात 8:53
- मीन9 जनवरी, सुबह 4:42
- मेष11 जनवरी, दोपहर 3:53
- वृषभ14 जनवरी, सुबह 4:40
- मिथुन16 जनवरी, शाम 4:35
- कर्क19 जनवरी, रात 1:58
- सिंह21 जनवरी, सुबह 8:39
- कन्या23 जनवरी, दोपहर 1:19
- तुला25 जनवरी, शाम 4:51
- वृश्चिक27 जनवरी, शाम 7:49
- धनु29 जनवरी, रात 10:40
- मकर1 फ़रवरी, रात 1:57
- कुम्भ3 फ़रवरी, सुबह 6:39
- मीन5 फ़रवरी, दोपहर 1:53
- मेष8 फ़रवरी, रात 12:16
- वृषभ10 फ़रवरी, दोपहर 12:52
- मिथुन13 फ़रवरी, रात 1:13
- कर्क15 फ़रवरी, सुबह 10:51
- सिंह17 फ़रवरी, शाम 4:58
- कन्या19 फ़रवरी, रात 8:25
- तुला21 फ़रवरी, रात 10:42
- वृश्चिक24 फ़रवरी, रात 1:09
- धनु26 फ़रवरी, सुबह 4:30
- मकर28 फ़रवरी, सुबह 8:58
- कुम्भ2 मार्च, दोपहर 2:44
- मीन4 मार्च, रात 10:24
- मेष7 मार्च, सुबह 8:32
- वृषभ9 मार्च, रात 8:54
- मिथुन12 मार्च, सुबह 9:42
- कर्क14 मार्च, रात 8:14
- सिंह17 मार्च, रात 2:51
- कन्या19 मार्च, सुबह 5:51
- तुला21 मार्च, सुबह 6:51
- वृश्चिक23 मार्च, सुबह 7:44
- धनु25 मार्च, सुबह 10:01
- मकर27 मार्च, दोपहर 2:23
- कुम्भ29 मार्च, रात 8:52
- मीन1 अप्रैल, सुबह 5:21
- मेष3 अप्रैल, दोपहर 3:51
- वृषभ6 अप्रैल, सुबह 4:11
- मिथुन8 अप्रैल, शाम 5:13
- कर्क11 अप्रैल, सुबह 4:45
- सिंह13 अप्रैल, दोपहर 12:39
- कन्या15 अप्रैल, शाम 4:24
- तुला17 अप्रैल, शाम 5:09
- वृश्चिक19 अप्रैल, शाम 4:50
- धनु21 अप्रैल, शाम 5:25
- मकर23 अप्रैल, रात 8:22
- कुम्भ26 अप्रैल, रात 2:19
- मीन28 अप्रैल, सुबह 11:06
- मेष30 अप्रैल, रात 10:07
- वृषभ3 मई, सुबह 10:38
- मिथुन5 मई, रात 11:41
- कर्क8 मई, सुबह 11:44
- सिंह10 मई, रात 8:56
- कन्या13 मई, रात 2:13
- तुला15 मई, रात 3:58
- वृश्चिक17 मई, रात 3:38
- धनु19 मई, रात 3:09
- मकर21 मई, सुबह 4:26
- कुम्भ23 मई, सुबह 8:51
- मीन25 मई, शाम 4:53
- मेष28 मई, रात 3:56
- वृषभ30 मई, शाम 4:39
- मिथुन2 जून, सुबह 5:38
- कर्क4 जून, शाम 5:36
- सिंह7 जून, रात 3:23
- कन्या9 जून, सुबह 10:04
- तुला11 जून, दोपहर 1:27
- वृश्चिक13 जून, दोपहर 2:16
- धनु15 जून, दोपहर 1:59
- मकर17 जून, दोपहर 2:23
- कुम्भ19 जून, शाम 5:17
- मीन21 जून, रात 11:53
- मेष24 जून, सुबह 10:14
- वृषभ26 जून, रात 10:53
- मिथुन29 जून, सुबह 11:48
- कर्क1 जुलाई, रात 11:24
- सिंह4 जुलाई, सुबह 8:54
- कन्या6 जुलाई, शाम 4:02
- तुला8 जुलाई, रात 8:42
- वृश्चिक10 जुलाई, रात 11:08
- धनु13 जुलाई, रात 12:04
- मकर15 जुलाई, रात 12:49
- कुम्भ17 जुलाई, रात 3:03
- मीन19 जुलाई, सुबह 8:24
- मेष21 जुलाई, शाम 5:37
- वृषभ24 जुलाई, सुबह 5:51
- मिथुन26 जुलाई, शाम 6:45
- कर्क29 जुलाई, सुबह 6:05
- सिंह31 जुलाई, दोपहर 2:56
- कन्या2 अगस्त, रात 9:29
- तुला5 अगस्त, रात 2:17
- वृश्चिक7 अगस्त, सुबह 5:43
- धनु9 अगस्त, सुबह 8:08
- मकर11 अगस्त, सुबह 10:06
- कुम्भ13 अगस्त, दोपहर 12:47
- मीन15 अगस्त, शाम 5:41
- मेष18 अगस्त, रात 2:00
- वृषभ20 अगस्त, दोपहर 1:36
- मिथुन23 अगस्त, रात 2:29
- कर्क25 अगस्त, दोपहर 1:58
- सिंह27 अगस्त, रात 10:26
- कन्या30 अगस्त, सुबह 4:04
- तुला1 सितंबर, सुबह 7:56
- वृश्चिक3 सितंबर, सुबह 11:05
- धनु5 सितंबर, दोपहर 2:06
- मकर7 सितंबर, शाम 5:17
- कुम्भ9 सितंबर, रात 9:07
- मीन12 सितंबर, रात 2:32
- मेष14 सितंबर, सुबह 10:36
- वृषभ16 सितंबर, रात 9:42
- मिथुन19 सितंबर, सुबह 10:34
- कर्क21 सितंबर, रात 10:34
- सिंह24 सितंबर, सुबह 7:24
- कन्या26 सितंबर, दोपहर 12:40
- तुला28 सितंबर, दोपहर 3:27
- वृश्चिक30 सितंबर, शाम 5:18
- धनु2 अक्टूबर, शाम 7:31
- मकर4 अक्टूबर, रात 10:50
- कुम्भ7 अक्टूबर, रात 3:33
- मीन9 अक्टूबर, सुबह 9:56
- मेष11 अक्टूबर, शाम 6:30
- वृषभ14 अक्टूबर, सुबह 5:31
- मिथुन16 अक्टूबर, शाम 6:19
- कर्क19 अक्टूबर, सुबह 6:54
- सिंह21 अक्टूबर, शाम 4:48
- कन्या23 अक्टूबर, रात 10:45
- तुला26 अक्टूबर, रात 1:17
- वृश्चिक28 अक्टूबर, रात 1:57
- धनु30 अक्टूबर, रात 2:35
- मकर1 नवंबर, सुबह 4:38
- कुम्भ3 नवंबर, सुबह 8:59
- मीन5 नवंबर, दोपहर 3:52
- मेष8 नवंबर, रात 1:10
- वृषभ10 नवंबर, दोपहर 12:32
- मिथुन13 नवंबर, रात 1:19
- कर्क15 नवंबर, दोपहर 2:11
- सिंह18 नवंबर, रात 1:11
- कन्या20 नवंबर, सुबह 8:39
- तुला22 नवंबर, दोपहर 12:13
- वृश्चिक24 नवंबर, दोपहर 12:53
- धनु26 नवंबर, दोपहर 12:23
- मकर28 नवंबर, दोपहर 12:41
- कुम्भ30 नवंबर, दोपहर 3:24
- मीन2 दिसंबर, रात 9:32
- मेष5 दिसंबर, सुबह 6:58
- वृषभ7 दिसंबर, शाम 6:46
- मिथुन10 दिसंबर, सुबह 7:39
- कर्क12 दिसंबर, रात 8:25
- सिंह15 दिसंबर, सुबह 7:51
- कन्या17 दिसंबर, शाम 4:42
- तुला19 दिसंबर, रात 10:05
- वृश्चिक22 दिसंबर, रात 12:06
- धनु23 दिसंबर, रात 11:54
- मकर25 दिसंबर, रात 11:17
- कुम्भ28 दिसंबर, रात 12:17
- मीन30 दिसंबर, सुबह 4:40
यह भी देखें: चन्द्र (शब्दकोश) · गोचर 2030: सभी ग्रह · अपनी कुंडली पर गोचर
समझें
गोचर क्या है
गोचर का अर्थ है ग्रहों का चलना: आकाश में हर ग्रह राशि-चक्र में आगे बढ़ता है, और जब वह एक राशि की सीमा पार करता है तो उसे उस ग्रह का राशि परिवर्तन (संक्रमण) कहते हैं। यह पृष्ठ केवल वही बताता है कि कौन-सा ग्रह कब कहाँ है। शास्त्रीय पद्धति में गोचर को व्यक्ति की जन्म-राशि (चन्द्र राशि) से गिनकर पढ़ा जाता है; अपनी कुंडली पर आज का गोचर देखने के लिए गोचर उपकरण खोलें।
वक्री और मार्गी
पृथ्वी से देखने पर मंगल, बुध, गुरु, शुक्र और शनि कभी-कभी कुछ समय के लिए पीछे की ओर चलते दिखते हैं। इसे वक्री गति कहते हैं; जिस क्षण ग्रह रुककर मुड़ता है वह स्तम्भन (स्टेशन) है, और फिर आगे बढ़ना मार्गी होना। यह पृथ्वी और ग्रह की कक्षाओं की सापेक्ष गति का दृश्य प्रभाव है। सूर्य और चन्द्रमा कभी वक्री नहीं होते; राहु-केतु (मध्यम) सदा पीछे चलते हैं।
अस्त (दहन)
जब कोई ग्रह सूर्य के बहुत पास होता है तो सूर्य की चमक में वह दिखाई नहीं देता; ग्रंथ इसे अस्त कहते हैं, और फिर दिखने लगना उदय। सूर्य सिद्धान्त हर ग्रह के लिए दूरी की सीमा देता है। यहाँ प्रयुक्त सीमाएँ: मंगल 17°, बुध 14° (वक्री में 12°), गुरु 11°, शुक्र 10° (वक्री में 8°), शनि 15°। पंचांग गुरु और शुक्र के अस्त-काल को विवाह जैसे संस्कारों के मुहूर्त में छोड़ते हैं।
निरयण राशियाँ
भारतीय पंचांग राशियों को तारों के सापेक्ष (निरयण) गिनते हैं। पश्चिमी (सायन) राशियाँ इनसे लगभग 24° आगे हैं, इसलिए वहाँ छपी तारीखें यहाँ से लगभग तीन सप्ताह पहले की होती हैं। यहाँ लाहिरी अयनांश प्रयुक्त है।
यह गणना कैसे हुई
NASA JPL के DE421 आँकड़ों से हर ग्रह की स्पष्ट भू-केन्द्रीय स्थिति, लाहिरी अयनांश घटाकर। राशि-सीमा पार करने, गति शून्य होने और सूर्य से दूरी सीमा के बराबर होने के क्षण द्विभाजन (bisection) से एक सेकंड से कम की शुद्धता तक निकाले गए हैं। अयनांश के छोटे अन्तर से धीमे ग्रहों (विशेषकर शनि) का समय दूसरे पंचांगों से कुछ घंटे अलग हो सकता है।
पंचांग में और
- आजआज के पाँच अंग, शुभ-अशुभ समय और चौघड़िया।
- मासिक कैलेंडरपूरे मास की तिथियाँ, नक्षत्र और पर्व।
- पर्व और व्रतवर्ष भर के पर्व, व्रत, एकादशी और पूर्णिमा।
- मुहूर्त खोजेंरोज़ के कामों के लिए शुभ समय, कारण सहित।
- चौघड़ियादिन-रात के आठ-आठ भाग, अभी कौन-सा चल रहा है।
- राहु कालआज का राहु काल, गुलिक और यमगण्ड।
- पंचकआने वाले महीनों के पंचक, और ग्रंथ इनके बारे में क्या कहते हैं।
- भद्राभद्रा (विष्टि करण) कब है और उसका वास कहाँ है।
- संक्रान्तिवर्ष की बारह संक्रान्तियाँ, समय और पुण्य काल सहित।
- ग्रहणवर्ष के सूर्य और चन्द्र ग्रहण, स्पर्श-मोक्ष के समय और सूतक।
- तिथि परिवर्तककिसी भी अंग्रेज़ी तारीख की हिन्दू तिथि।
- जन्म तिथिअपनी जन्म तिथि और अगले वर्षों की तारीखें।
- नामाक्षरनक्षत्र-पद के अनुसार नाम के आरम्भिक अक्षर।
