पंचांग · गोचर · चन्द्र
2031 में चन्द्र का गोचर
चन्द्रमा लगभग हर सवा दो दिन में राशि बदलता है; 2031 में 160 बार। नीचे हर प्रवेश का समय है।
2031 में चन्द्र किन राशियों में है
- मेष1 जनवरी, रात 10:39
- वृषभ4 जनवरी, सुबह 10:22
- मिथुन6 जनवरी, रात 11:25
- कर्क9 जनवरी, सुबह 11:58
- सिंह11 जनवरी, रात 11:05
- कन्या14 जनवरी, सुबह 8:13
- तुला16 जनवरी, दोपहर 2:55
- वृश्चिक18 जनवरी, शाम 6:49
- धनु20 जनवरी, रात 8:11
- मकर22 जनवरी, रात 8:09
- कुम्भ24 जनवरी, रात 8:34
- मीन26 जनवरी, रात 11:29
- मेष29 जनवरी, सुबह 6:23
- वृषभ31 जनवरी, शाम 5:15
- मिथुन3 फ़रवरी, सुबह 6:12
- कर्क5 फ़रवरी, शाम 6:43
- सिंह8 फ़रवरी, सुबह 5:19
- कन्या10 फ़रवरी, दोपहर 1:49
- तुला12 फ़रवरी, रात 8:26
- वृश्चिक15 फ़रवरी, रात 1:17
- धनु17 फ़रवरी, सुबह 4:19
- मकर19 फ़रवरी, सुबह 5:53
- कुम्भ21 फ़रवरी, सुबह 7:08
- मीन23 फ़रवरी, सुबह 9:48
- मेष25 फ़रवरी, दोपहर 3:36
- वृषभ28 फ़रवरी, रात 1:18
- मिथुन2 मार्च, दोपहर 1:47
- कर्क5 मार्च, रात 2:25
- सिंह7 मार्च, दोपहर 12:57
- कन्या9 मार्च, रात 8:44
- तुला12 मार्च, रात 2:22
- वृश्चिक14 मार्च, सुबह 6:39
- धनु16 मार्च, सुबह 10:04
- मकर18 मार्च, दोपहर 12:53
- कुम्भ20 मार्च, दोपहर 3:35
- मीन22 मार्च, शाम 7:10
- मेष25 मार्च, रात 12:59
- वृषभ27 मार्च, सुबह 10:01
- मिथुन29 मार्च, रात 9:55
- कर्क1 अप्रैल, सुबह 10:40
- सिंह3 अप्रैल, रात 9:38
- कन्या6 अप्रैल, सुबह 5:25
- तुला8 अप्रैल, सुबह 10:15
- वृश्चिक10 अप्रैल, दोपहर 1:16
- धनु12 अप्रैल, दोपहर 3:39
- मकर14 अप्रैल, शाम 6:17
- कुम्भ16 अप्रैल, रात 9:43
- मीन19 अप्रैल, रात 2:28
- मेष21 अप्रैल, सुबह 9:08
- वृषभ23 अप्रैल, शाम 6:18
- मिथुन26 अप्रैल, सुबह 5:55
- कर्क28 अप्रैल, शाम 6:42
- सिंह1 मई, सुबह 6:22
- कन्या3 मई, दोपहर 2:57
- तुला5 मई, शाम 7:56
- वृश्चिक7 मई, रात 10:09
- धनु9 मई, रात 11:07
- मकर12 मई, रात 12:22
- कुम्भ14 मई, रात 3:07
- मीन16 मई, सुबह 8:07
- मेष18 मई, दोपहर 3:35
- वृषभ21 मई, रात 1:24
- मिथुन23 मई, दोपहर 1:09
- कर्क26 मई, रात 1:56
- सिंह28 मई, दोपहर 2:10
- कन्या30 मई, रात 11:56
- तुला2 जून, सुबह 6:01
- वृश्चिक4 जून, सुबह 8:34
- धनु6 जून, सुबह 8:50
- मकर8 जून, सुबह 8:37
- कुम्भ10 जून, सुबह 9:47
- मीन12 जून, दोपहर 1:46
- मेष14 जून, रात 9:07
- वृषभ17 जून, सुबह 7:23
- मिथुन19 जून, शाम 7:29
- कर्क22 जून, सुबह 8:18
- सिंह24 जून, रात 8:43
- कन्या27 जून, सुबह 7:23
- तुला29 जून, दोपहर 2:58
- वृश्चिक1 जुलाई, शाम 6:50
- धनु3 जुलाई, शाम 7:36
- मकर5 जुलाई, शाम 6:50
- कुम्भ7 जुलाई, शाम 6:37
- मीन9 जुलाई, रात 8:58
- मेष12 जुलाई, रात 3:10
- वृषभ14 जुलाई, दोपहर 1:06
- मिथुन17 जुलाई, रात 1:23
- कर्क19 जुलाई, दोपहर 2:16
- सिंह22 जुलाई, रात 2:32
- कन्या24 जुलाई, दोपहर 1:23
- तुला26 जुलाई, रात 9:59
- वृश्चिक29 जुलाई, रात 3:27
- धनु31 जुलाई, सुबह 5:40
- मकर2 अगस्त, सुबह 5:35
- कुम्भ4 अगस्त, सुबह 5:01
- मीन6 अगस्त, सुबह 6:08
- मेष8 अगस्त, सुबह 10:47
- वृषभ10 अगस्त, शाम 7:38
- मिथुन13 अगस्त, सुबह 7:35
- कर्क15 अगस्त, रात 8:27
- सिंह18 अगस्त, सुबह 8:30
- कन्या20 अगस्त, शाम 6:57
- तुला23 अगस्त, रात 3:34
- वृश्चिक25 अगस्त, सुबह 9:56
- धनु27 अगस्त, दोपहर 1:43
- मकर29 अगस्त, दोपहर 3:09
- कुम्भ31 अगस्त, दोपहर 3:26
- मीन2 सितंबर, शाम 4:24
- मेष4 सितंबर, रात 8:02
- वृषभ7 सितंबर, रात 3:34
- मिथुन9 सितंबर, दोपहर 2:42
- कर्क12 सितंबर, रात 3:25
- सिंह14 सितंबर, दोपहर 3:24
- कन्या17 सितंबर, रात 1:23
- तुला19 सितंबर, सुबह 9:16
- वृश्चिक21 सितंबर, दोपहर 3:18
- धनु23 सितंबर, शाम 7:39
- मकर25 सितंबर, रात 10:26
- कुम्भ28 सितंबर, रात 12:13
- मीन30 सितंबर, रात 2:09
- मेष2 अक्टूबर, सुबह 5:50
- वृषभ4 अक्टूबर, दोपहर 12:36
- मिथुन6 अक्टूबर, रात 10:49
- कर्क9 अक्टूबर, सुबह 11:13
- सिंह11 अक्टूबर, रात 11:23
- कन्या14 अक्टूबर, सुबह 9:22
- तुला16 अक्टूबर, शाम 4:35
- वृश्चिक18 अक्टूबर, रात 9:33
- धनु21 अक्टूबर, रात 1:06
- मकर23 अक्टूबर, रात 3:58
- कुम्भ25 अक्टूबर, सुबह 6:44
- मीन27 अक्टूबर, सुबह 10:01
- मेष29 अक्टूबर, दोपहर 2:41
- वृषभ31 अक्टूबर, रात 9:38
- मिथुन3 नवंबर, सुबह 7:21
- कर्क5 नवंबर, शाम 7:22
- सिंह8 नवंबर, सुबह 7:51
- कन्या10 नवंबर, शाम 6:29
- तुला13 नवंबर, रात 1:51
- वृश्चिक15 नवंबर, सुबह 6:04
- धनु17 नवंबर, सुबह 8:15
- मकर19 नवंबर, सुबह 9:50
- कुम्भ21 नवंबर, दोपहर 12:06
- मीन23 नवंबर, दोपहर 3:54
- मेष25 नवंबर, रात 9:38
- वृषभ28 नवंबर, सुबह 5:27
- मिथुन30 नवंबर, दोपहर 3:23
- कर्क3 दिसंबर, रात 3:12
- सिंह5 दिसंबर, दोपहर 3:51
- कन्या8 दिसंबर, रात 3:26
- तुला10 दिसंबर, सुबह 11:55
- वृश्चिक12 दिसंबर, शाम 4:33
- धनु14 दिसंबर, शाम 6:03
- मकर16 दिसंबर, शाम 6:07
- कुम्भ18 दिसंबर, शाम 6:43
- मीन20 दिसंबर, रात 9:28
- मेष23 दिसंबर, रात 3:10
- वृषभ25 दिसंबर, सुबह 11:41
- मिथुन27 दिसंबर, रात 10:15
- कर्क30 दिसंबर, सुबह 10:11
यह भी देखें: चन्द्र (शब्दकोश) · गोचर 2031: सभी ग्रह · अपनी कुंडली पर गोचर
समझें
गोचर क्या है
गोचर का अर्थ है ग्रहों का चलना: आकाश में हर ग्रह राशि-चक्र में आगे बढ़ता है, और जब वह एक राशि की सीमा पार करता है तो उसे उस ग्रह का राशि परिवर्तन (संक्रमण) कहते हैं। यह पृष्ठ केवल वही बताता है कि कौन-सा ग्रह कब कहाँ है। शास्त्रीय पद्धति में गोचर को व्यक्ति की जन्म-राशि (चन्द्र राशि) से गिनकर पढ़ा जाता है; अपनी कुंडली पर आज का गोचर देखने के लिए गोचर उपकरण खोलें।
वक्री और मार्गी
पृथ्वी से देखने पर मंगल, बुध, गुरु, शुक्र और शनि कभी-कभी कुछ समय के लिए पीछे की ओर चलते दिखते हैं। इसे वक्री गति कहते हैं; जिस क्षण ग्रह रुककर मुड़ता है वह स्तम्भन (स्टेशन) है, और फिर आगे बढ़ना मार्गी होना। यह पृथ्वी और ग्रह की कक्षाओं की सापेक्ष गति का दृश्य प्रभाव है। सूर्य और चन्द्रमा कभी वक्री नहीं होते; राहु-केतु (मध्यम) सदा पीछे चलते हैं।
अस्त (दहन)
जब कोई ग्रह सूर्य के बहुत पास होता है तो सूर्य की चमक में वह दिखाई नहीं देता; ग्रंथ इसे अस्त कहते हैं, और फिर दिखने लगना उदय। सूर्य सिद्धान्त हर ग्रह के लिए दूरी की सीमा देता है। यहाँ प्रयुक्त सीमाएँ: मंगल 17°, बुध 14° (वक्री में 12°), गुरु 11°, शुक्र 10° (वक्री में 8°), शनि 15°। पंचांग गुरु और शुक्र के अस्त-काल को विवाह जैसे संस्कारों के मुहूर्त में छोड़ते हैं।
निरयण राशियाँ
भारतीय पंचांग राशियों को तारों के सापेक्ष (निरयण) गिनते हैं। पश्चिमी (सायन) राशियाँ इनसे लगभग 24° आगे हैं, इसलिए वहाँ छपी तारीखें यहाँ से लगभग तीन सप्ताह पहले की होती हैं। यहाँ लाहिरी अयनांश प्रयुक्त है।
यह गणना कैसे हुई
NASA JPL के DE421 आँकड़ों से हर ग्रह की स्पष्ट भू-केन्द्रीय स्थिति, लाहिरी अयनांश घटाकर। राशि-सीमा पार करने, गति शून्य होने और सूर्य से दूरी सीमा के बराबर होने के क्षण द्विभाजन (bisection) से एक सेकंड से कम की शुद्धता तक निकाले गए हैं। अयनांश के छोटे अन्तर से धीमे ग्रहों (विशेषकर शनि) का समय दूसरे पंचांगों से कुछ घंटे अलग हो सकता है।
पंचांग में और
- आजआज के पाँच अंग, शुभ-अशुभ समय और चौघड़िया।
- मासिक कैलेंडरपूरे मास की तिथियाँ, नक्षत्र और पर्व।
- पर्व और व्रतवर्ष भर के पर्व, व्रत, एकादशी और पूर्णिमा।
- मुहूर्त खोजेंरोज़ के कामों के लिए शुभ समय, कारण सहित।
- चौघड़ियादिन-रात के आठ-आठ भाग, अभी कौन-सा चल रहा है।
- राहु कालआज का राहु काल, गुलिक और यमगण्ड।
- पंचकआने वाले महीनों के पंचक, और ग्रंथ इनके बारे में क्या कहते हैं।
- भद्राभद्रा (विष्टि करण) कब है और उसका वास कहाँ है।
- संक्रान्तिवर्ष की बारह संक्रान्तियाँ, समय और पुण्य काल सहित।
- ग्रहणवर्ष के सूर्य और चन्द्र ग्रहण, स्पर्श-मोक्ष के समय और सूतक।
- तिथि परिवर्तककिसी भी अंग्रेज़ी तारीख की हिन्दू तिथि।
- जन्म तिथिअपनी जन्म तिथि और अगले वर्षों की तारीखें।
- नामाक्षरनक्षत्र-पद के अनुसार नाम के आरम्भिक अक्षर।
