पंचांग · गोचर · चन्द्र
2031 में चन्द्र का गोचर
चन्द्रमा लगभग हर सवा दो दिन में राशि बदलता है; 2031 में 160 बार। नीचे हर प्रवेश का समय है।
सभी समय सिडनी के स्थानीय समय (Australia/Sydney, AEDT/AEST) में।
2031 में चन्द्र किन राशियों में है
- मेष2 जनवरी, सुबह 4:09
- वृषभ4 जनवरी, दोपहर 3:52
- मिथुन7 जनवरी, सुबह 4:55
- कर्क9 जनवरी, शाम 5:28
- सिंह12 जनवरी, सुबह 4:35
- कन्या14 जनवरी, दोपहर 1:43
- तुला16 जनवरी, रात 8:25
- वृश्चिक19 जनवरी, रात 12:19
- धनु21 जनवरी, रात 1:41
- मकर23 जनवरी, रात 1:39
- कुम्भ25 जनवरी, रात 2:04
- मीन27 जनवरी, सुबह 4:59
- मेष29 जनवरी, सुबह 11:53
- वृषभ31 जनवरी, रात 10:45
- मिथुन3 फ़रवरी, सुबह 11:42
- कर्क6 फ़रवरी, रात 12:13
- सिंह8 फ़रवरी, सुबह 10:49
- कन्या10 फ़रवरी, शाम 7:19
- तुला13 फ़रवरी, रात 1:56
- वृश्चिक15 फ़रवरी, सुबह 6:47
- धनु17 फ़रवरी, सुबह 9:49
- मकर19 फ़रवरी, सुबह 11:23
- कुम्भ21 फ़रवरी, दोपहर 12:38
- मीन23 फ़रवरी, दोपहर 3:18
- मेष25 फ़रवरी, रात 9:06
- वृषभ28 फ़रवरी, सुबह 6:48
- मिथुन2 मार्च, शाम 7:17
- कर्क5 मार्च, सुबह 7:55
- सिंह7 मार्च, शाम 6:27
- कन्या10 मार्च, रात 2:14
- तुला12 मार्च, सुबह 7:52
- वृश्चिक14 मार्च, दोपहर 12:09
- धनु16 मार्च, दोपहर 3:34
- मकर18 मार्च, शाम 6:23
- कुम्भ20 मार्च, रात 9:05
- मीन23 मार्च, रात 12:40
- मेष25 मार्च, सुबह 6:29
- वृषभ27 मार्च, दोपहर 3:31
- मिथुन30 मार्च, रात 3:25
- कर्क1 अप्रैल, शाम 4:10
- सिंह4 अप्रैल, रात 3:08
- कन्या6 अप्रैल, सुबह 9:55
- तुला8 अप्रैल, दोपहर 2:45
- वृश्चिक10 अप्रैल, शाम 5:46
- धनु12 अप्रैल, रात 8:09
- मकर14 अप्रैल, रात 10:47
- कुम्भ17 अप्रैल, रात 2:13
- मीन19 अप्रैल, सुबह 6:58
- मेष21 अप्रैल, दोपहर 1:38
- वृषभ23 अप्रैल, रात 10:48
- मिथुन26 अप्रैल, सुबह 10:25
- कर्क28 अप्रैल, रात 11:12
- सिंह1 मई, सुबह 10:52
- कन्या3 मई, शाम 7:27
- तुला6 मई, रात 12:26
- वृश्चिक8 मई, रात 2:39
- धनु10 मई, रात 3:37
- मकर12 मई, सुबह 4:52
- कुम्भ14 मई, सुबह 7:37
- मीन16 मई, दोपहर 12:37
- मेष18 मई, रात 8:05
- वृषभ21 मई, सुबह 5:54
- मिथुन23 मई, शाम 5:39
- कर्क26 मई, सुबह 6:26
- सिंह28 मई, शाम 6:40
- कन्या31 मई, सुबह 4:26
- तुला2 जून, सुबह 10:31
- वृश्चिक4 जून, दोपहर 1:04
- धनु6 जून, दोपहर 1:20
- मकर8 जून, दोपहर 1:07
- कुम्भ10 जून, दोपहर 2:17
- मीन12 जून, शाम 6:16
- मेष15 जून, रात 1:37
- वृषभ17 जून, सुबह 11:53
- मिथुन19 जून, रात 11:59
- कर्क22 जून, दोपहर 12:48
- सिंह25 जून, रात 1:13
- कन्या27 जून, सुबह 11:53
- तुला29 जून, शाम 7:28
- वृश्चिक1 जुलाई, रात 11:20
- धनु4 जुलाई, रात 12:06
- मकर5 जुलाई, रात 11:20
- कुम्भ7 जुलाई, रात 11:07
- मीन10 जुलाई, रात 1:28
- मेष12 जुलाई, सुबह 7:40
- वृषभ14 जुलाई, शाम 5:36
- मिथुन17 जुलाई, सुबह 5:53
- कर्क19 जुलाई, शाम 6:46
- सिंह22 जुलाई, सुबह 7:02
- कन्या24 जुलाई, शाम 5:53
- तुला27 जुलाई, रात 2:29
- वृश्चिक29 जुलाई, सुबह 7:57
- धनु31 जुलाई, सुबह 10:10
- मकर2 अगस्त, सुबह 10:05
- कुम्भ4 अगस्त, सुबह 9:31
- मीन6 अगस्त, सुबह 10:38
- मेष8 अगस्त, दोपहर 3:17
- वृषभ11 अगस्त, रात 12:08
- मिथुन13 अगस्त, दोपहर 12:05
- कर्क16 अगस्त, रात 12:57
- सिंह18 अगस्त, दोपहर 1:00
- कन्या20 अगस्त, रात 11:27
- तुला23 अगस्त, सुबह 8:04
- वृश्चिक25 अगस्त, दोपहर 2:26
- धनु27 अगस्त, शाम 6:13
- मकर29 अगस्त, शाम 7:39
- कुम्भ31 अगस्त, शाम 7:56
- मीन2 सितंबर, रात 8:54
- मेष5 सितंबर, रात 12:32
- वृषभ7 सितंबर, सुबह 8:04
- मिथुन9 सितंबर, शाम 7:12
- कर्क12 सितंबर, सुबह 7:55
- सिंह14 सितंबर, शाम 7:54
- कन्या17 सितंबर, सुबह 5:53
- तुला19 सितंबर, दोपहर 1:46
- वृश्चिक21 सितंबर, शाम 7:48
- धनु24 सितंबर, रात 12:09
- मकर26 सितंबर, रात 2:56
- कुम्भ28 सितंबर, सुबह 4:43
- मीन30 सितंबर, सुबह 6:39
- मेष2 अक्टूबर, सुबह 10:20
- वृषभ4 अक्टूबर, शाम 5:06
- मिथुन7 अक्टूबर, सुबह 4:19
- कर्क9 अक्टूबर, शाम 4:43
- सिंह12 अक्टूबर, सुबह 4:53
- कन्या14 अक्टूबर, दोपहर 2:52
- तुला16 अक्टूबर, रात 10:05
- वृश्चिक19 अक्टूबर, रात 3:03
- धनु21 अक्टूबर, सुबह 6:36
- मकर23 अक्टूबर, सुबह 9:28
- कुम्भ25 अक्टूबर, दोपहर 12:14
- मीन27 अक्टूबर, दोपहर 3:31
- मेष29 अक्टूबर, रात 8:11
- वृषभ1 नवंबर, रात 3:08
- मिथुन3 नवंबर, दोपहर 12:51
- कर्क6 नवंबर, रात 12:52
- सिंह8 नवंबर, दोपहर 1:21
- कन्या10 नवंबर, रात 11:59
- तुला13 नवंबर, सुबह 7:21
- वृश्चिक15 नवंबर, सुबह 11:34
- धनु17 नवंबर, दोपहर 1:45
- मकर19 नवंबर, दोपहर 3:20
- कुम्भ21 नवंबर, शाम 5:36
- मीन23 नवंबर, रात 9:24
- मेष26 नवंबर, रात 3:08
- वृषभ28 नवंबर, सुबह 10:57
- मिथुन30 नवंबर, रात 8:53
- कर्क3 दिसंबर, सुबह 8:42
- सिंह5 दिसंबर, रात 9:21
- कन्या8 दिसंबर, सुबह 8:56
- तुला10 दिसंबर, शाम 5:25
- वृश्चिक12 दिसंबर, रात 10:03
- धनु14 दिसंबर, रात 11:33
- मकर16 दिसंबर, रात 11:37
- कुम्भ19 दिसंबर, रात 12:13
- मीन21 दिसंबर, रात 2:58
- मेष23 दिसंबर, सुबह 8:40
- वृषभ25 दिसंबर, शाम 5:11
- मिथुन28 दिसंबर, रात 3:45
- कर्क30 दिसंबर, दोपहर 3:41
यह भी देखें: चन्द्र (शब्दकोश) · गोचर 2031: सभी ग्रह · अपनी कुंडली पर गोचर
समझें
गोचर क्या है
गोचर का अर्थ है ग्रहों का चलना: आकाश में हर ग्रह राशि-चक्र में आगे बढ़ता है, और जब वह एक राशि की सीमा पार करता है तो उसे उस ग्रह का राशि परिवर्तन (संक्रमण) कहते हैं। यह पृष्ठ केवल वही बताता है कि कौन-सा ग्रह कब कहाँ है। शास्त्रीय पद्धति में गोचर को व्यक्ति की जन्म-राशि (चन्द्र राशि) से गिनकर पढ़ा जाता है; अपनी कुंडली पर आज का गोचर देखने के लिए गोचर उपकरण खोलें।
वक्री और मार्गी
पृथ्वी से देखने पर मंगल, बुध, गुरु, शुक्र और शनि कभी-कभी कुछ समय के लिए पीछे की ओर चलते दिखते हैं। इसे वक्री गति कहते हैं; जिस क्षण ग्रह रुककर मुड़ता है वह स्तम्भन (स्टेशन) है, और फिर आगे बढ़ना मार्गी होना। यह पृथ्वी और ग्रह की कक्षाओं की सापेक्ष गति का दृश्य प्रभाव है। सूर्य और चन्द्रमा कभी वक्री नहीं होते; राहु-केतु (मध्यम) सदा पीछे चलते हैं।
अस्त (दहन)
जब कोई ग्रह सूर्य के बहुत पास होता है तो सूर्य की चमक में वह दिखाई नहीं देता; ग्रंथ इसे अस्त कहते हैं, और फिर दिखने लगना उदय। सूर्य सिद्धान्त हर ग्रह के लिए दूरी की सीमा देता है। यहाँ प्रयुक्त सीमाएँ: मंगल 17°, बुध 14° (वक्री में 12°), गुरु 11°, शुक्र 10° (वक्री में 8°), शनि 15°। पंचांग गुरु और शुक्र के अस्त-काल को विवाह जैसे संस्कारों के मुहूर्त में छोड़ते हैं।
निरयण राशियाँ
भारतीय पंचांग राशियों को तारों के सापेक्ष (निरयण) गिनते हैं। पश्चिमी (सायन) राशियाँ इनसे लगभग 24° आगे हैं, इसलिए वहाँ छपी तारीखें यहाँ से लगभग तीन सप्ताह पहले की होती हैं। यहाँ लाहिरी अयनांश प्रयुक्त है।
यह गणना कैसे हुई
NASA JPL के DE421 आँकड़ों से हर ग्रह की स्पष्ट भू-केन्द्रीय स्थिति, लाहिरी अयनांश घटाकर। राशि-सीमा पार करने, गति शून्य होने और सूर्य से दूरी सीमा के बराबर होने के क्षण द्विभाजन (bisection) से एक सेकंड से कम की शुद्धता तक निकाले गए हैं। अयनांश के छोटे अन्तर से धीमे ग्रहों (विशेषकर शनि) का समय दूसरे पंचांगों से कुछ घंटे अलग हो सकता है।
पंचांग में और
- आजआज के पाँच अंग, शुभ-अशुभ समय और चौघड़िया।
- मासिक कैलेंडरपूरे मास की तिथियाँ, नक्षत्र और पर्व।
- पर्व और व्रतवर्ष भर के पर्व, व्रत, एकादशी और पूर्णिमा।
- मुहूर्त खोजेंरोज़ के कामों के लिए शुभ समय, कारण सहित।
- चौघड़ियादिन-रात के आठ-आठ भाग, अभी कौन-सा चल रहा है।
- राहु कालआज का राहु काल, गुलिक और यमगण्ड।
- पंचकआने वाले महीनों के पंचक, और ग्रंथ इनके बारे में क्या कहते हैं।
- भद्राभद्रा (विष्टि करण) कब है और उसका वास कहाँ है।
- संक्रान्तिवर्ष की बारह संक्रान्तियाँ, समय और पुण्य काल सहित।
- ग्रहणवर्ष के सूर्य और चन्द्र ग्रहण, स्पर्श-मोक्ष के समय और सूतक।
- तिथि परिवर्तककिसी भी अंग्रेज़ी तारीख की हिन्दू तिथि।
- जन्म तिथिअपनी जन्म तिथि और अगले वर्षों की तारीखें।
- नामाक्षरनक्षत्र-पद के अनुसार नाम के आरम्भिक अक्षर।
