पंचांग · गोचर · चन्द्र
2032 में चन्द्र का गोचर
चन्द्रमा लगभग हर सवा दो दिन में राशि बदलता है; 2032 में 161 बार। नीचे हर प्रवेश का समय है।
सभी समय लौटोका के स्थानीय समय (Pacific/Fiji, UTC+12) में।
2032 में चन्द्र किन राशियों में है
- सिंह2 जनवरी, सुबह 5:20
- कन्या4 जनवरी, शाम 5:31
- तुला7 जनवरी, रात 3:26
- वृश्चिक9 जनवरी, सुबह 9:35
- धनु11 जनवरी, सुबह 11:48
- मकर13 जनवरी, सुबह 11:26
- कुम्भ15 जनवरी, सुबह 10:36
- मीन17 जनवरी, सुबह 11:29
- मेष19 जनवरी, दोपहर 3:45
- वृषभ21 जनवरी, रात 11:47
- मिथुन24 जनवरी, सुबह 10:40
- कर्क26 जनवरी, रात 10:57
- सिंह29 जनवरी, सुबह 11:32
- कन्या31 जनवरी, रात 11:43
- तुला3 फ़रवरी, सुबह 10:24
- वृश्चिक5 फ़रवरी, शाम 6:10
- धनु7 फ़रवरी, रात 10:09
- मकर9 फ़रवरी, रात 10:49
- कुम्भ11 फ़रवरी, रात 9:53
- मीन13 फ़रवरी, रात 9:34
- मेष16 फ़रवरी, रात 12:02
- वृषभ18 फ़रवरी, सुबह 6:31
- मिथुन20 फ़रवरी, शाम 4:45
- कर्क23 फ़रवरी, सुबह 5:05
- सिंह25 फ़रवरी, शाम 5:43
- कन्या28 फ़रवरी, सुबह 5:34
- तुला1 मार्च, शाम 4:03
- वृश्चिक4 मार्च, रात 12:26
- धनु6 मार्च, सुबह 5:57
- मकर8 मार्च, सुबह 8:25
- कुम्भ10 मार्च, सुबह 8:44
- मीन12 मार्च, सुबह 8:40
- मेष14 मार्च, सुबह 10:15
- वृषभ16 मार्च, दोपहर 3:11
- मिथुन19 मार्च, रात 12:04
- कर्क21 मार्च, सुबह 11:52
- सिंह24 मार्च, रात 12:31
- कन्या26 मार्च, दोपहर 12:12
- तुला28 मार्च, रात 10:04
- वृश्चिक31 मार्च, सुबह 5:55
- धनु2 अप्रैल, सुबह 11:40
- मकर4 अप्रैल, दोपहर 3:19
- कुम्भ6 अप्रैल, शाम 5:16
- मीन8 अप्रैल, शाम 6:33
- मेष10 अप्रैल, रात 8:36
- वृषभ13 अप्रैल, रात 12:58
- मिथुन15 अप्रैल, सुबह 8:42
- कर्क17 अप्रैल, शाम 7:38
- सिंह20 अप्रैल, सुबह 8:08
- कन्या22 अप्रैल, शाम 7:56
- तुला25 अप्रैल, सुबह 5:29
- वृश्चिक27 अप्रैल, दोपहर 12:28
- धनु29 अप्रैल, शाम 5:19
- मकर1 मई, रात 8:44
- कुम्भ3 मई, रात 11:24
- मीन6 मई, रात 2:01
- मेष8 मई, सुबह 5:19
- वृषभ10 मई, सुबह 10:14
- मिथुन12 मई, शाम 5:40
- कर्क15 मई, रात 3:56
- सिंह17 मई, शाम 4:10
- कन्या20 मई, सुबह 4:19
- तुला22 मई, दोपहर 2:12
- वृश्चिक24 मई, रात 8:49
- धनु27 मई, रात 12:37
- मकर29 मई, रात 2:49
- कुम्भ31 मई, सुबह 4:48
- मीन2 जून, सुबह 7:38
- मेष4 जून, सुबह 11:53
- वृषभ6 जून, शाम 5:51
- मिथुन9 जून, रात 1:46
- कर्क11 जून, सुबह 11:55
- सिंह13 जून, रात 11:59
- कन्या16 जून, दोपहर 12:31
- तुला18 जून, रात 11:14
- वृश्चिक21 जून, सुबह 6:23
- धनु23 जून, सुबह 9:52
- मकर25 जून, सुबह 10:57
- कुम्भ27 जून, सुबह 11:31
- मीन29 जून, दोपहर 1:16
- मेष1 जुलाई, शाम 5:17
- वृषभ3 जुलाई, रात 11:48
- मिथुन6 जुलाई, सुबह 8:29
- कर्क8 जुलाई, शाम 7:00
- सिंह11 जुलाई, सुबह 7:04
- कन्या13 जुलाई, शाम 7:51
- तुला16 जुलाई, सुबह 7:29
- वृश्चिक18 जुलाई, दोपहर 3:52
- धनु20 जुलाई, रात 8:06
- मकर22 जुलाई, रात 9:00
- कुम्भ24 जुलाई, रात 8:28
- मीन26 जुलाई, रात 8:40
- मेष28 जुलाई, रात 11:20
- वृषभ31 जुलाई, सुबह 5:16
- मिथुन2 अगस्त, दोपहर 2:09
- कर्क5 अगस्त, रात 1:07
- सिंह7 अगस्त, दोपहर 1:22
- कन्या10 अगस्त, रात 2:11
- तुला12 अगस्त, दोपहर 2:20
- वृश्चिक14 अगस्त, रात 11:59
- धनु17 अगस्त, सुबह 5:44
- मकर19 अगस्त, सुबह 7:37
- कुम्भ21 अगस्त, सुबह 7:06
- मीन23 अगस्त, सुबह 6:19
- मेष25 अगस्त, सुबह 7:23
- वृषभ27 अगस्त, सुबह 11:49
- मिथुन29 अगस्त, शाम 7:57
- कर्क1 सितंबर, सुबह 6:55
- सिंह3 सितंबर, शाम 7:20
- कन्या6 सितंबर, सुबह 8:04
- तुला8 सितंबर, रात 8:08
- वृश्चिक11 सितंबर, सुबह 6:22
- धनु13 सितंबर, दोपहर 1:31
- मकर15 सितंबर, शाम 5:05
- कुम्भ17 सितंबर, शाम 5:47
- मीन19 सितंबर, शाम 5:14
- मेष21 सितंबर, शाम 5:29
- वृषभ23 सितंबर, रात 8:23
- मिथुन26 सितंबर, रात 3:03
- कर्क28 सितंबर, दोपहर 1:17
- सिंह1 अक्टूबर, रात 1:38
- कन्या3 अक्टूबर, दोपहर 2:19
- तुला6 अक्टूबर, रात 1:59
- वृश्चिक8 अक्टूबर, सुबह 11:52
- धनु10 अक्टूबर, शाम 7:25
- मकर13 अक्टूबर, रात 12:18
- कुम्भ15 अक्टूबर, रात 2:43
- मीन17 अक्टूबर, रात 3:33
- मेष19 अक्टूबर, सुबह 4:16
- वृषभ21 अक्टूबर, सुबह 6:33
- मिथुन23 अक्टूबर, सुबह 11:53
- कर्क25 अक्टूबर, रात 8:54
- सिंह28 अक्टूबर, सुबह 8:47
- कन्या30 अक्टूबर, रात 9:30
- तुला2 नवंबर, सुबह 8:58
- वृश्चिक4 नवंबर, शाम 6:07
- धनु7 नवंबर, रात 12:56
- मकर9 नवंबर, सुबह 5:48
- कुम्भ11 नवंबर, सुबह 9:12
- मीन13 नवंबर, सुबह 11:37
- मेष15 नवंबर, दोपहर 1:47
- वृषभ17 नवंबर, शाम 4:42
- मिथुन19 नवंबर, रात 9:39
- कर्क22 नवंबर, सुबह 5:40
- सिंह24 नवंबर, शाम 4:50
- कन्या27 नवंबर, सुबह 5:33
- तुला29 नवंबर, शाम 5:17
- वृश्चिक2 दिसंबर, रात 2:10
- धनु4 दिसंबर, सुबह 8:00
- मकर6 दिसंबर, सुबह 11:43
- कुम्भ8 दिसंबर, दोपहर 2:33
- मीन10 दिसंबर, शाम 5:25
- मेष12 दिसंबर, रात 8:49
- वृषभ15 दिसंबर, रात 1:05
- मिथुन17 दिसंबर, सुबह 6:43
- कर्क19 दिसंबर, दोपहर 2:35
- सिंह22 दिसंबर, रात 1:12
- कन्या24 दिसंबर, दोपहर 1:49
- तुला27 दिसंबर, रात 2:09
- वृश्चिक29 दिसंबर, सुबह 11:39
- धनु31 दिसंबर, शाम 5:19
यह भी देखें: चन्द्र (शब्दकोश) · गोचर 2032: सभी ग्रह · अपनी कुंडली पर गोचर
समझें
गोचर क्या है
गोचर का अर्थ है ग्रहों का चलना: आकाश में हर ग्रह राशि-चक्र में आगे बढ़ता है, और जब वह एक राशि की सीमा पार करता है तो उसे उस ग्रह का राशि परिवर्तन (संक्रमण) कहते हैं। यह पृष्ठ केवल वही बताता है कि कौन-सा ग्रह कब कहाँ है। शास्त्रीय पद्धति में गोचर को व्यक्ति की जन्म-राशि (चन्द्र राशि) से गिनकर पढ़ा जाता है; अपनी कुंडली पर आज का गोचर देखने के लिए गोचर उपकरण खोलें।
वक्री और मार्गी
पृथ्वी से देखने पर मंगल, बुध, गुरु, शुक्र और शनि कभी-कभी कुछ समय के लिए पीछे की ओर चलते दिखते हैं। इसे वक्री गति कहते हैं; जिस क्षण ग्रह रुककर मुड़ता है वह स्तम्भन (स्टेशन) है, और फिर आगे बढ़ना मार्गी होना। यह पृथ्वी और ग्रह की कक्षाओं की सापेक्ष गति का दृश्य प्रभाव है। सूर्य और चन्द्रमा कभी वक्री नहीं होते; राहु-केतु (मध्यम) सदा पीछे चलते हैं।
अस्त (दहन)
जब कोई ग्रह सूर्य के बहुत पास होता है तो सूर्य की चमक में वह दिखाई नहीं देता; ग्रंथ इसे अस्त कहते हैं, और फिर दिखने लगना उदय। सूर्य सिद्धान्त हर ग्रह के लिए दूरी की सीमा देता है। यहाँ प्रयुक्त सीमाएँ: मंगल 17°, बुध 14° (वक्री में 12°), गुरु 11°, शुक्र 10° (वक्री में 8°), शनि 15°। पंचांग गुरु और शुक्र के अस्त-काल को विवाह जैसे संस्कारों के मुहूर्त में छोड़ते हैं।
निरयण राशियाँ
भारतीय पंचांग राशियों को तारों के सापेक्ष (निरयण) गिनते हैं। पश्चिमी (सायन) राशियाँ इनसे लगभग 24° आगे हैं, इसलिए वहाँ छपी तारीखें यहाँ से लगभग तीन सप्ताह पहले की होती हैं। यहाँ लाहिरी अयनांश प्रयुक्त है।
यह गणना कैसे हुई
NASA JPL के DE421 आँकड़ों से हर ग्रह की स्पष्ट भू-केन्द्रीय स्थिति, लाहिरी अयनांश घटाकर। राशि-सीमा पार करने, गति शून्य होने और सूर्य से दूरी सीमा के बराबर होने के क्षण द्विभाजन (bisection) से एक सेकंड से कम की शुद्धता तक निकाले गए हैं। अयनांश के छोटे अन्तर से धीमे ग्रहों (विशेषकर शनि) का समय दूसरे पंचांगों से कुछ घंटे अलग हो सकता है।
पंचांग में और
- आजआज के पाँच अंग, शुभ-अशुभ समय और चौघड़िया।
- मासिक कैलेंडरपूरे मास की तिथियाँ, नक्षत्र और पर्व।
- पर्व और व्रतवर्ष भर के पर्व, व्रत, एकादशी और पूर्णिमा।
- मुहूर्त खोजेंरोज़ के कामों के लिए शुभ समय, कारण सहित।
- चौघड़ियादिन-रात के आठ-आठ भाग, अभी कौन-सा चल रहा है।
- राहु कालआज का राहु काल, गुलिक और यमगण्ड।
- पंचकआने वाले महीनों के पंचक, और ग्रंथ इनके बारे में क्या कहते हैं।
- भद्राभद्रा (विष्टि करण) कब है और उसका वास कहाँ है।
- संक्रान्तिवर्ष की बारह संक्रान्तियाँ, समय और पुण्य काल सहित।
- ग्रहणवर्ष के सूर्य और चन्द्र ग्रहण, स्पर्श-मोक्ष के समय और सूतक।
- तिथि परिवर्तककिसी भी अंग्रेज़ी तारीख की हिन्दू तिथि।
- जन्म तिथिअपनी जन्म तिथि और अगले वर्षों की तारीखें।
- नामाक्षरनक्षत्र-पद के अनुसार नाम के आरम्भिक अक्षर।
