पंचांग · गोचर · चन्द्र
2033 में चन्द्र का गोचर
चन्द्रमा लगभग हर सवा दो दिन में राशि बदलता है; 2033 में 160 बार। नीचे हर प्रवेश का समय है।
सभी समय डरबन के स्थानीय समय (Africa/Johannesburg, UTC+2) में।
2033 में चन्द्र किन राशियों में है
- मकर2 जनवरी, सुबह 9:57
- कुम्भ4 जनवरी, सुबह 11:17
- मीन6 जनवरी, दोपहर 1:00
- मेष8 जनवरी, शाम 4:13
- वृषभ10 जनवरी, रात 9:13
- मिथुन13 जनवरी, रात 3:56
- कर्क15 जनवरी, दोपहर 12:27
- सिंह17 जनवरी, रात 11:03
- कन्या20 जनवरी, सुबह 11:32
- तुला23 जनवरी, रात 12:23
- वृश्चिक25 जनवरी, सुबह 11:03
- धनु27 जनवरी, शाम 5:42
- मकर29 जनवरी, रात 8:25
- कुम्भ31 जनवरी, रात 8:45
- मीन2 फ़रवरी, रात 8:49
- मेष4 फ़रवरी, रात 10:26
- वृषभ7 फ़रवरी, रात 2:39
- मिथुन9 फ़रवरी, सुबह 9:36
- कर्क11 फ़रवरी, शाम 6:50
- सिंह14 फ़रवरी, सुबह 5:54
- कन्या16 फ़रवरी, शाम 6:24
- तुला19 फ़रवरी, सुबह 7:23
- वृश्चिक21 फ़रवरी, शाम 6:58
- धनु24 फ़रवरी, रात 3:10
- मकर26 फ़रवरी, सुबह 7:12
- कुम्भ28 फ़रवरी, सुबह 7:56
- मीन2 मार्च, सुबह 7:15
- मेष4 मार्च, सुबह 7:14
- वृषभ6 मार्च, सुबह 9:39
- मिथुन8 मार्च, दोपहर 3:26
- कर्क11 मार्च, रात 12:31
- सिंह13 मार्च, सुबह 11:57
- कन्या16 मार्च, रात 12:38
- तुला18 मार्च, दोपहर 1:30
- वृश्चिक21 मार्च, रात 1:17
- धनु23 मार्च, सुबह 10:32
- मकर25 मार्च, शाम 4:16
- कुम्भ27 मार्च, शाम 6:33
- मीन29 मार्च, शाम 6:32
- मेष31 मार्च, शाम 6:03
- वृषभ2 अप्रैल, शाम 7:02
- मिथुन4 अप्रैल, रात 11:05
- कर्क7 अप्रैल, सुबह 6:56
- सिंह9 अप्रैल, शाम 6:04
- कन्या12 अप्रैल, सुबह 6:52
- तुला14 अप्रैल, शाम 7:36
- वृश्चिक17 अप्रैल, सुबह 7:01
- धनु19 अप्रैल, शाम 4:19
- मकर21 अप्रैल, रात 10:59
- कुम्भ24 अप्रैल, रात 2:54
- मीन26 अप्रैल, सुबह 4:29
- मेष28 अप्रैल, सुबह 4:52
- वृषभ30 अप्रैल, सुबह 5:38
- मिथुन2 मई, सुबह 8:31
- कर्क4 मई, दोपहर 2:54
- सिंह7 मई, रात 1:04
- कन्या9 मई, दोपहर 1:40
- तुला12 मई, रात 2:23
- वृश्चिक14 मई, दोपहर 1:24
- धनु16 मई, रात 10:02
- मकर19 मई, सुबह 4:27
- कुम्भ21 मई, सुबह 8:59
- मीन23 मई, सुबह 11:57
- मेष25 मई, दोपहर 1:50
- वृषभ27 मई, दोपहर 3:33
- मिथुन29 मई, शाम 6:25
- कर्क31 मई, रात 11:58
- सिंह3 जून, सुबह 9:06
- कन्या5 जून, रात 9:12
- तुला8 जून, सुबह 9:59
- वृश्चिक10 जून, रात 8:58
- धनु13 जून, सुबह 5:00
- मकर15 जून, सुबह 10:29
- कुम्भ17 जून, दोपहर 2:23
- मीन19 जून, शाम 5:34
- मेष21 जून, रात 8:28
- वृषभ23 जून, रात 11:29
- मिथुन26 जून, रात 3:16
- कर्क28 जून, सुबह 8:57
- सिंह30 जून, शाम 5:34
- कन्या3 जुलाई, सुबह 5:11
- तुला5 जुलाई, शाम 6:03
- वृश्चिक8 जुलाई, सुबह 5:26
- धनु10 जुलाई, दोपहर 1:30
- मकर12 जुलाई, शाम 6:17
- कुम्भ14 जुलाई, रात 9:01
- मीन16 जुलाई, रात 11:11
- मेष19 जुलाई, रात 1:51
- वृषभ21 जुलाई, सुबह 5:27
- मिथुन23 जुलाई, सुबह 10:17
- कर्क25 जुलाई, शाम 4:46
- सिंह28 जुलाई, रात 1:35
- कन्या30 जुलाई, दोपहर 12:58
- तुला2 अगस्त, रात 1:55
- वृश्चिक4 अगस्त, दोपहर 1:59
- धनु6 अगस्त, रात 10:50
- मकर9 अगस्त, रात 3:46
- कुम्भ11 अगस्त, सुबह 5:48
- मीन13 अगस्त, सुबह 6:38
- मेष15 अगस्त, सुबह 7:57
- वृषभ17 अगस्त, सुबह 10:52
- मिथुन19 अगस्त, दोपहर 3:53
- कर्क21 अगस्त, रात 11:06
- सिंह24 अगस्त, सुबह 8:32
- कन्या26 अगस्त, रात 8:05
- तुला29 अगस्त, सुबह 9:04
- वृश्चिक31 अगस्त, रात 9:42
- धनु3 सितंबर, सुबह 7:44
- मकर5 सितंबर, दोपहर 1:49
- कुम्भ7 सितंबर, शाम 4:13
- मीन9 सितंबर, शाम 4:25
- मेष11 सितंबर, शाम 4:18
- वृषभ13 सितंबर, शाम 5:36
- मिथुन15 सितंबर, रात 9:34
- कर्क18 सितंबर, सुबह 4:39
- सिंह20 सितंबर, दोपहर 2:31
- कन्या23 सितंबर, रात 2:27
- तुला25 सितंबर, दोपहर 3:26
- वृश्चिक28 सितंबर, सुबह 4:14
- धनु30 सितंबर, दोपहर 3:11
- मकर2 अक्टूबर, रात 10:50
- कुम्भ5 अक्टूबर, रात 2:41
- मीन7 अक्टूबर, रात 3:30
- मेष9 अक्टूबर, रात 2:54
- वृषभ11 अक्टूबर, रात 2:47
- मिथुन13 अक्टूबर, सुबह 5:01
- कर्क15 अक्टूबर, सुबह 10:49
- सिंह17 अक्टूबर, रात 8:20
- कन्या20 अक्टूबर, सुबह 8:27
- तुला22 अक्टूबर, रात 9:31
- वृश्चिक25 अक्टूबर, सुबह 10:06
- धनु27 अक्टूबर, रात 9:09
- मकर30 अक्टूबर, सुबह 5:48
- कुम्भ1 नवंबर, सुबह 11:23
- मीन3 नवंबर, दोपहर 1:53
- मेष5 नवंबर, दोपहर 2:09
- वृषभ7 नवंबर, दोपहर 1:47
- मिथुन9 नवंबर, दोपहर 2:44
- कर्क11 नवंबर, शाम 6:51
- सिंह14 नवंबर, रात 3:07
- कन्या16 नवंबर, दोपहर 2:51
- तुला19 नवंबर, रात 3:57
- वृश्चिक21 नवंबर, शाम 4:18
- धनु24 नवंबर, रात 2:50
- मकर26 नवंबर, सुबह 11:19
- कुम्भ28 नवंबर, शाम 5:42
- मीन30 नवंबर, रात 9:50
- मेष2 दिसंबर, रात 11:52
- वृषभ5 दिसंबर, रात 12:37
- मिथुन7 दिसंबर, रात 1:35
- कर्क9 दिसंबर, सुबह 4:41
- सिंह11 दिसंबर, सुबह 11:31
- कन्या13 दिसंबर, रात 10:16
- तुला16 दिसंबर, सुबह 11:12
- वृश्चिक18 दिसंबर, रात 11:35
- धनु21 दिसंबर, सुबह 9:41
- मकर23 दिसंबर, शाम 5:18
- कुम्भ25 दिसंबर, रात 11:04
- मीन28 दिसंबर, रात 3:31
- मेष30 दिसंबर, सुबह 6:50
यह भी देखें: चन्द्र (शब्दकोश) · गोचर 2033: सभी ग्रह · अपनी कुंडली पर गोचर
समझें
गोचर क्या है
गोचर का अर्थ है ग्रहों का चलना: आकाश में हर ग्रह राशि-चक्र में आगे बढ़ता है, और जब वह एक राशि की सीमा पार करता है तो उसे उस ग्रह का राशि परिवर्तन (संक्रमण) कहते हैं। यह पृष्ठ केवल वही बताता है कि कौन-सा ग्रह कब कहाँ है। शास्त्रीय पद्धति में गोचर को व्यक्ति की जन्म-राशि (चन्द्र राशि) से गिनकर पढ़ा जाता है; अपनी कुंडली पर आज का गोचर देखने के लिए गोचर उपकरण खोलें।
वक्री और मार्गी
पृथ्वी से देखने पर मंगल, बुध, गुरु, शुक्र और शनि कभी-कभी कुछ समय के लिए पीछे की ओर चलते दिखते हैं। इसे वक्री गति कहते हैं; जिस क्षण ग्रह रुककर मुड़ता है वह स्तम्भन (स्टेशन) है, और फिर आगे बढ़ना मार्गी होना। यह पृथ्वी और ग्रह की कक्षाओं की सापेक्ष गति का दृश्य प्रभाव है। सूर्य और चन्द्रमा कभी वक्री नहीं होते; राहु-केतु (मध्यम) सदा पीछे चलते हैं।
अस्त (दहन)
जब कोई ग्रह सूर्य के बहुत पास होता है तो सूर्य की चमक में वह दिखाई नहीं देता; ग्रंथ इसे अस्त कहते हैं, और फिर दिखने लगना उदय। सूर्य सिद्धान्त हर ग्रह के लिए दूरी की सीमा देता है। यहाँ प्रयुक्त सीमाएँ: मंगल 17°, बुध 14° (वक्री में 12°), गुरु 11°, शुक्र 10° (वक्री में 8°), शनि 15°। पंचांग गुरु और शुक्र के अस्त-काल को विवाह जैसे संस्कारों के मुहूर्त में छोड़ते हैं।
निरयण राशियाँ
भारतीय पंचांग राशियों को तारों के सापेक्ष (निरयण) गिनते हैं। पश्चिमी (सायन) राशियाँ इनसे लगभग 24° आगे हैं, इसलिए वहाँ छपी तारीखें यहाँ से लगभग तीन सप्ताह पहले की होती हैं। यहाँ लाहिरी अयनांश प्रयुक्त है।
यह गणना कैसे हुई
NASA JPL के DE421 आँकड़ों से हर ग्रह की स्पष्ट भू-केन्द्रीय स्थिति, लाहिरी अयनांश घटाकर। राशि-सीमा पार करने, गति शून्य होने और सूर्य से दूरी सीमा के बराबर होने के क्षण द्विभाजन (bisection) से एक सेकंड से कम की शुद्धता तक निकाले गए हैं। अयनांश के छोटे अन्तर से धीमे ग्रहों (विशेषकर शनि) का समय दूसरे पंचांगों से कुछ घंटे अलग हो सकता है।
पंचांग में और
- आजआज के पाँच अंग, शुभ-अशुभ समय और चौघड़िया।
- मासिक कैलेंडरपूरे मास की तिथियाँ, नक्षत्र और पर्व।
- पर्व और व्रतवर्ष भर के पर्व, व्रत, एकादशी और पूर्णिमा।
- मुहूर्त खोजेंरोज़ के कामों के लिए शुभ समय, कारण सहित।
- चौघड़ियादिन-रात के आठ-आठ भाग, अभी कौन-सा चल रहा है।
- राहु कालआज का राहु काल, गुलिक और यमगण्ड।
- पंचकआने वाले महीनों के पंचक, और ग्रंथ इनके बारे में क्या कहते हैं।
- भद्राभद्रा (विष्टि करण) कब है और उसका वास कहाँ है।
- संक्रान्तिवर्ष की बारह संक्रान्तियाँ, समय और पुण्य काल सहित।
- ग्रहणवर्ष के सूर्य और चन्द्र ग्रहण, स्पर्श-मोक्ष के समय और सूतक।
- तिथि परिवर्तककिसी भी अंग्रेज़ी तारीख की हिन्दू तिथि।
- जन्म तिथिअपनी जन्म तिथि और अगले वर्षों की तारीखें।
- नामाक्षरनक्षत्र-पद के अनुसार नाम के आरम्भिक अक्षर।
