पंचांग · गोचर · चन्द्र
2034 में चन्द्र का गोचर
चन्द्रमा लगभग हर सवा दो दिन में राशि बदलता है; 2034 में 161 बार। नीचे हर प्रवेश का समय है।
सभी समय जनकपुर के स्थानीय समय (Asia/Kathmandu, UTC+5:45) में।
2034 में चन्द्र किन राशियों में है
- वृषभ1 जनवरी, दोपहर 12:58
- मिथुन3 जनवरी, दोपहर 3:10
- कर्क5 जनवरी, शाम 6:34
- सिंह8 जनवरी, रात 12:43
- कन्या10 जनवरी, सुबह 10:29
- तुला12 जनवरी, रात 10:58
- वृश्चिक15 जनवरी, सुबह 11:35
- धनु17 जनवरी, रात 9:51
- मकर20 जनवरी, सुबह 4:57
- कुम्भ22 जनवरी, सुबह 9:34
- मीन24 जनवरी, दोपहर 12:56
- मेष26 जनवरी, दोपहर 3:56
- वृषभ28 जनवरी, शाम 7:02
- मिथुन30 जनवरी, रात 10:34
- कर्क2 फ़रवरी, रात 3:09
- सिंह4 फ़रवरी, सुबह 9:44
- कन्या6 फ़रवरी, शाम 7:09
- तुला9 फ़रवरी, सुबह 7:11
- वृश्चिक11 फ़रवरी, रात 8:00
- धनु14 फ़रवरी, सुबह 7:00
- मकर16 फ़रवरी, दोपहर 2:33
- कुम्भ18 फ़रवरी, शाम 6:43
- मीन20 फ़रवरी, रात 8:48
- मेष22 फ़रवरी, रात 10:18
- वृषभ25 फ़रवरी, रात 12:29
- मिथुन27 फ़रवरी, सुबह 4:06
- कर्क1 मार्च, सुबह 9:34
- सिंह3 मार्च, शाम 5:09
- कन्या6 मार्च, रात 2:59
- तुला8 मार्च, दोपहर 2:53
- वृश्चिक11 मार्च, रात 3:45
- धनु13 मार्च, दोपहर 3:34
- मकर16 मार्च, रात 12:18
- कुम्भ18 मार्च, सुबह 5:13
- मीन20 मार्च, सुबह 7:00
- मेष22 मार्च, सुबह 7:15
- वृषभ24 मार्च, सुबह 7:43
- मिथुन26 मार्च, सुबह 9:59
- कर्क28 मार्च, दोपहर 3:02
- सिंह30 मार्च, रात 11:02
- कन्या2 अप्रैल, सुबह 9:32
- तुला4 अप्रैल, रात 9:42
- वृश्चिक7 अप्रैल, सुबह 10:32
- धनु9 अप्रैल, रात 10:44
- मकर12 अप्रैल, सुबह 8:40
- कुम्भ14 अप्रैल, दोपहर 3:06
- मीन16 अप्रैल, शाम 5:53
- मेष18 अप्रैल, शाम 6:04
- वृषभ20 अप्रैल, शाम 5:25
- मिथुन22 अप्रैल, शाम 5:59
- कर्क24 अप्रैल, रात 9:28
- सिंह27 अप्रैल, सुबह 4:45
- कन्या29 अप्रैल, दोपहर 3:21
- तुला2 मई, रात 3:49
- वृश्चिक4 मई, शाम 4:39
- धनु7 मई, सुबह 4:47
- मकर9 मई, दोपहर 3:14
- कुम्भ11 मई, रात 11:01
- मीन14 मई, रात 3:27
- मेष16 मई, सुबह 4:47
- वृषभ18 मई, सुबह 4:19
- मिथुन20 मई, रात 3:59
- कर्क22 मई, सुबह 5:55
- सिंह24 मई, सुबह 11:41
- कन्या26 मई, रात 9:30
- तुला29 मई, सुबह 9:55
- वृश्चिक31 मई, रात 10:47
- धनु3 जून, सुबह 10:38
- मकर5 जून, रात 8:50
- कुम्भ8 जून, सुबह 5:02
- मीन10 जून, सुबह 10:44
- मेष12 जून, दोपहर 1:42
- वृषभ14 जून, दोपहर 2:28
- मिथुन16 जून, दोपहर 2:30
- कर्क18 जून, दोपहर 3:48
- सिंह20 जून, रात 8:16
- कन्या23 जून, सुबह 4:50
- तुला25 जून, शाम 4:40
- वृश्चिक28 जून, सुबह 5:30
- धनु30 जून, शाम 5:10
- मकर3 जुलाई, रात 2:49
- कुम्भ5 जुलाई, सुबह 10:30
- मीन7 जुलाई, शाम 4:20
- मेष9 जुलाई, रात 8:18
- वृषभ11 जुलाई, रात 10:33
- मिथुन13 जुलाई, रात 11:51
- कर्क16 जुलाई, रात 1:40
- सिंह18 जुलाई, सुबह 5:44
- कन्या20 जुलाई, दोपहर 1:19
- तुला23 जुलाई, रात 12:20
- वृश्चिक25 जुलाई, दोपहर 12:59
- धनु28 जुलाई, रात 12:46
- मकर30 जुलाई, सुबह 10:08
- कुम्भ1 अगस्त, शाम 5:00
- मीन3 अगस्त, रात 9:59
- मेष6 अगस्त, रात 1:42
- वृषभ8 अगस्त, सुबह 4:35
- मिथुन10 अगस्त, सुबह 7:07
- कर्क12 अगस्त, सुबह 10:08
- सिंह14 अगस्त, दोपहर 2:46
- कन्या16 अगस्त, रात 10:07
- तुला19 अगस्त, सुबह 8:33
- वृश्चिक21 अगस्त, रात 8:58
- धनु24 अगस्त, सुबह 9:05
- मकर26 अगस्त, शाम 6:48
- कुम्भ29 अगस्त, रात 1:22
- मीन31 अगस्त, सुबह 5:19
- मेष2 सितंबर, सुबह 7:49
- वृषभ4 सितंबर, सुबह 9:59
- मिथुन6 सितंबर, दोपहर 12:43
- कर्क8 सितंबर, शाम 4:39
- सिंह10 सितंबर, रात 10:20
- कन्या13 सितंबर, सुबह 6:14
- तुला15 सितंबर, शाम 4:34
- वृश्चिक18 सितंबर, सुबह 4:49
- धनु20 सितंबर, शाम 5:20
- मकर23 सितंबर, रात 3:57
- कुम्भ25 सितंबर, सुबह 11:08
- मीन27 सितंबर, दोपहर 2:50
- मेष29 सितंबर, शाम 4:12
- वृषभ1 अक्टूबर, शाम 4:52
- मिथुन3 अक्टूबर, शाम 6:25
- कर्क5 अक्टूबर, रात 10:05
- सिंह8 अक्टूबर, सुबह 4:19
- कन्या10 अक्टूबर, दोपहर 1:01
- तुला12 अक्टूबर, रात 11:46
- वृश्चिक15 अक्टूबर, सुबह 11:59
- धनु18 अक्टूबर, रात 12:43
- मकर20 अक्टूबर, दोपहर 12:18
- कुम्भ22 अक्टूबर, रात 8:52
- मीन25 अक्टूबर, रात 1:31
- मेष27 अक्टूबर, रात 2:47
- वृषभ29 अक्टूबर, रात 2:19
- मिथुन31 अक्टूबर, रात 2:11
- कर्क2 नवंबर, सुबह 4:19
- सिंह4 नवंबर, सुबह 9:51
- कन्या6 नवंबर, शाम 6:45
- तुला9 नवंबर, सुबह 5:59
- वृश्चिक11 नवंबर, शाम 6:23
- धनु14 नवंबर, सुबह 7:05
- मकर16 नवंबर, शाम 7:06
- कुम्भ19 नवंबर, सुबह 5:00
- मीन21 नवंबर, सुबह 11:23
- मेष23 नवंबर, दोपहर 1:54
- वृषभ25 नवंबर, दोपहर 1:37
- मिथुन27 नवंबर, दोपहर 12:33
- कर्क29 नवंबर, दोपहर 12:58
- सिंह1 दिसंबर, शाम 4:46
- कन्या4 दिसंबर, रात 12:41
- तुला6 दिसंबर, सुबह 11:51
- वृश्चिक9 दिसंबर, रात 12:28
- धनु11 दिसंबर, दोपहर 1:04
- मकर14 दिसंबर, रात 12:52
- कुम्भ16 दिसंबर, सुबह 11:10
- मीन18 दिसंबर, शाम 6:56
- मेष20 दिसंबर, रात 11:21
- वृषभ23 दिसंबर, रात 12:34
- मिथुन25 दिसंबर, रात 12:01
- कर्क26 दिसंबर, रात 11:47
- सिंह29 दिसंबर, रात 2:02
- कन्या31 दिसंबर, सुबह 8:15
यह भी देखें: चन्द्र (शब्दकोश) · गोचर 2034: सभी ग्रह · अपनी कुंडली पर गोचर
समझें
गोचर क्या है
गोचर का अर्थ है ग्रहों का चलना: आकाश में हर ग्रह राशि-चक्र में आगे बढ़ता है, और जब वह एक राशि की सीमा पार करता है तो उसे उस ग्रह का राशि परिवर्तन (संक्रमण) कहते हैं। यह पृष्ठ केवल वही बताता है कि कौन-सा ग्रह कब कहाँ है। शास्त्रीय पद्धति में गोचर को व्यक्ति की जन्म-राशि (चन्द्र राशि) से गिनकर पढ़ा जाता है; अपनी कुंडली पर आज का गोचर देखने के लिए गोचर उपकरण खोलें।
वक्री और मार्गी
पृथ्वी से देखने पर मंगल, बुध, गुरु, शुक्र और शनि कभी-कभी कुछ समय के लिए पीछे की ओर चलते दिखते हैं। इसे वक्री गति कहते हैं; जिस क्षण ग्रह रुककर मुड़ता है वह स्तम्भन (स्टेशन) है, और फिर आगे बढ़ना मार्गी होना। यह पृथ्वी और ग्रह की कक्षाओं की सापेक्ष गति का दृश्य प्रभाव है। सूर्य और चन्द्रमा कभी वक्री नहीं होते; राहु-केतु (मध्यम) सदा पीछे चलते हैं।
अस्त (दहन)
जब कोई ग्रह सूर्य के बहुत पास होता है तो सूर्य की चमक में वह दिखाई नहीं देता; ग्रंथ इसे अस्त कहते हैं, और फिर दिखने लगना उदय। सूर्य सिद्धान्त हर ग्रह के लिए दूरी की सीमा देता है। यहाँ प्रयुक्त सीमाएँ: मंगल 17°, बुध 14° (वक्री में 12°), गुरु 11°, शुक्र 10° (वक्री में 8°), शनि 15°। पंचांग गुरु और शुक्र के अस्त-काल को विवाह जैसे संस्कारों के मुहूर्त में छोड़ते हैं।
निरयण राशियाँ
भारतीय पंचांग राशियों को तारों के सापेक्ष (निरयण) गिनते हैं। पश्चिमी (सायन) राशियाँ इनसे लगभग 24° आगे हैं, इसलिए वहाँ छपी तारीखें यहाँ से लगभग तीन सप्ताह पहले की होती हैं। यहाँ लाहिरी अयनांश प्रयुक्त है।
यह गणना कैसे हुई
NASA JPL के DE421 आँकड़ों से हर ग्रह की स्पष्ट भू-केन्द्रीय स्थिति, लाहिरी अयनांश घटाकर। राशि-सीमा पार करने, गति शून्य होने और सूर्य से दूरी सीमा के बराबर होने के क्षण द्विभाजन (bisection) से एक सेकंड से कम की शुद्धता तक निकाले गए हैं। अयनांश के छोटे अन्तर से धीमे ग्रहों (विशेषकर शनि) का समय दूसरे पंचांगों से कुछ घंटे अलग हो सकता है।
पंचांग में और
- आजआज के पाँच अंग, शुभ-अशुभ समय और चौघड़िया।
- मासिक कैलेंडरपूरे मास की तिथियाँ, नक्षत्र और पर्व।
- पर्व और व्रतवर्ष भर के पर्व, व्रत, एकादशी और पूर्णिमा।
- मुहूर्त खोजेंरोज़ के कामों के लिए शुभ समय, कारण सहित।
- चौघड़ियादिन-रात के आठ-आठ भाग, अभी कौन-सा चल रहा है।
- राहु कालआज का राहु काल, गुलिक और यमगण्ड।
- पंचकआने वाले महीनों के पंचक, और ग्रंथ इनके बारे में क्या कहते हैं।
- भद्राभद्रा (विष्टि करण) कब है और उसका वास कहाँ है।
- संक्रान्तिवर्ष की बारह संक्रान्तियाँ, समय और पुण्य काल सहित।
- ग्रहणवर्ष के सूर्य और चन्द्र ग्रहण, स्पर्श-मोक्ष के समय और सूतक।
- तिथि परिवर्तककिसी भी अंग्रेज़ी तारीख की हिन्दू तिथि।
- जन्म तिथिअपनी जन्म तिथि और अगले वर्षों की तारीखें।
- नामाक्षरनक्षत्र-पद के अनुसार नाम के आरम्भिक अक्षर।
