पंचांग · गोचर · चन्द्र
2034 में चन्द्र का गोचर
चन्द्रमा लगभग हर सवा दो दिन में राशि बदलता है; 2034 में 161 बार। नीचे हर प्रवेश का समय है।
सभी समय पोर्ट ऑफ़ स्पेन के स्थानीय समय (America/Port of Spain, AST) में।
2034 में चन्द्र किन राशियों में है
- वृषभ1 जनवरी, रात 3:13
- मिथुन3 जनवरी, सुबह 5:25
- कर्क5 जनवरी, सुबह 8:49
- सिंह7 जनवरी, दोपहर 2:58
- कन्या10 जनवरी, रात 12:44
- तुला12 जनवरी, दोपहर 1:13
- वृश्चिक15 जनवरी, रात 1:50
- धनु17 जनवरी, दोपहर 12:06
- मकर19 जनवरी, शाम 7:12
- कुम्भ21 जनवरी, रात 11:49
- मीन24 जनवरी, रात 3:11
- मेष26 जनवरी, सुबह 6:11
- वृषभ28 जनवरी, सुबह 9:17
- मिथुन30 जनवरी, दोपहर 12:49
- कर्क1 फ़रवरी, शाम 5:24
- सिंह3 फ़रवरी, रात 11:59
- कन्या6 फ़रवरी, सुबह 9:24
- तुला8 फ़रवरी, रात 9:26
- वृश्चिक11 फ़रवरी, सुबह 10:15
- धनु13 फ़रवरी, रात 9:15
- मकर16 फ़रवरी, सुबह 4:48
- कुम्भ18 फ़रवरी, सुबह 8:58
- मीन20 फ़रवरी, सुबह 11:03
- मेष22 फ़रवरी, दोपहर 12:33
- वृषभ24 फ़रवरी, दोपहर 2:44
- मिथुन26 फ़रवरी, शाम 6:21
- कर्क28 फ़रवरी, रात 11:49
- सिंह3 मार्च, सुबह 7:24
- कन्या5 मार्च, शाम 5:14
- तुला8 मार्च, सुबह 5:08
- वृश्चिक10 मार्च, शाम 6:00
- धनु13 मार्च, सुबह 5:49
- मकर15 मार्च, दोपहर 2:33
- कुम्भ17 मार्च, शाम 7:28
- मीन19 मार्च, रात 9:15
- मेष21 मार्च, रात 9:30
- वृषभ23 मार्च, रात 9:58
- मिथुन26 मार्च, रात 12:14
- कर्क28 मार्च, सुबह 5:17
- सिंह30 मार्च, दोपहर 1:17
- कन्या1 अप्रैल, रात 11:47
- तुला4 अप्रैल, सुबह 11:57
- वृश्चिक7 अप्रैल, रात 12:47
- धनु9 अप्रैल, दोपहर 12:59
- मकर11 अप्रैल, रात 10:55
- कुम्भ14 अप्रैल, सुबह 5:21
- मीन16 अप्रैल, सुबह 8:08
- मेष18 अप्रैल, सुबह 8:19
- वृषभ20 अप्रैल, सुबह 7:40
- मिथुन22 अप्रैल, सुबह 8:14
- कर्क24 अप्रैल, सुबह 11:43
- सिंह26 अप्रैल, शाम 7:00
- कन्या29 अप्रैल, सुबह 5:36
- तुला1 मई, शाम 6:04
- वृश्चिक4 मई, सुबह 6:54
- धनु6 मई, शाम 7:02
- मकर9 मई, सुबह 5:29
- कुम्भ11 मई, दोपहर 1:16
- मीन13 मई, शाम 5:42
- मेष15 मई, शाम 7:02
- वृषभ17 मई, शाम 6:34
- मिथुन19 मई, शाम 6:14
- कर्क21 मई, रात 8:10
- सिंह24 मई, रात 1:56
- कन्या26 मई, सुबह 11:45
- तुला29 मई, रात 12:10
- वृश्चिक31 मई, दोपहर 1:02
- धनु3 जून, रात 12:53
- मकर5 जून, सुबह 11:05
- कुम्भ7 जून, शाम 7:17
- मीन10 जून, रात 12:59
- मेष12 जून, रात 3:57
- वृषभ14 जून, सुबह 4:43
- मिथुन16 जून, सुबह 4:45
- कर्क18 जून, सुबह 6:03
- सिंह20 जून, सुबह 10:31
- कन्या22 जून, शाम 7:05
- तुला25 जून, सुबह 6:55
- वृश्चिक27 जून, शाम 7:45
- धनु30 जून, सुबह 7:25
- मकर2 जुलाई, शाम 5:04
- कुम्भ5 जुलाई, रात 12:45
- मीन7 जुलाई, सुबह 6:35
- मेष9 जुलाई, सुबह 10:33
- वृषभ11 जुलाई, दोपहर 12:48
- मिथुन13 जुलाई, दोपहर 2:06
- कर्क15 जुलाई, दोपहर 3:55
- सिंह17 जुलाई, शाम 7:59
- कन्या20 जुलाई, रात 3:34
- तुला22 जुलाई, दोपहर 2:35
- वृश्चिक25 जुलाई, रात 3:14
- धनु27 जुलाई, दोपहर 3:01
- मकर30 जुलाई, रात 12:23
- कुम्भ1 अगस्त, सुबह 7:15
- मीन3 अगस्त, दोपहर 12:14
- मेष5 अगस्त, दोपहर 3:57
- वृषभ7 अगस्त, शाम 6:50
- मिथुन9 अगस्त, रात 9:22
- कर्क12 अगस्त, रात 12:23
- सिंह14 अगस्त, सुबह 5:01
- कन्या16 अगस्त, दोपहर 12:22
- तुला18 अगस्त, रात 10:48
- वृश्चिक21 अगस्त, सुबह 11:13
- धनु23 अगस्त, रात 11:20
- मकर26 अगस्त, सुबह 9:03
- कुम्भ28 अगस्त, दोपहर 3:37
- मीन30 अगस्त, शाम 7:34
- मेष1 सितंबर, रात 10:04
- वृषभ4 सितंबर, रात 12:14
- मिथुन6 सितंबर, रात 2:58
- कर्क8 सितंबर, सुबह 6:54
- सिंह10 सितंबर, दोपहर 12:35
- कन्या12 सितंबर, रात 8:29
- तुला15 सितंबर, सुबह 6:49
- वृश्चिक17 सितंबर, शाम 7:04
- धनु20 सितंबर, सुबह 7:35
- मकर22 सितंबर, शाम 6:12
- कुम्भ25 सितंबर, रात 1:23
- मीन27 सितंबर, सुबह 5:05
- मेष29 सितंबर, सुबह 6:27
- वृषभ1 अक्टूबर, सुबह 7:07
- मिथुन3 अक्टूबर, सुबह 8:40
- कर्क5 अक्टूबर, दोपहर 12:20
- सिंह7 अक्टूबर, शाम 6:34
- कन्या10 अक्टूबर, रात 3:16
- तुला12 अक्टूबर, दोपहर 2:01
- वृश्चिक15 अक्टूबर, रात 2:14
- धनु17 अक्टूबर, दोपहर 2:58
- मकर20 अक्टूबर, रात 2:33
- कुम्भ22 अक्टूबर, सुबह 11:07
- मीन24 अक्टूबर, दोपहर 3:46
- मेष26 अक्टूबर, शाम 5:02
- वृषभ28 अक्टूबर, शाम 4:34
- मिथुन30 अक्टूबर, शाम 4:26
- कर्क1 नवंबर, शाम 6:34
- सिंह4 नवंबर, रात 12:06
- कन्या6 नवंबर, सुबह 9:00
- तुला8 नवंबर, रात 8:14
- वृश्चिक11 नवंबर, सुबह 8:38
- धनु13 नवंबर, रात 9:20
- मकर16 नवंबर, सुबह 9:21
- कुम्भ18 नवंबर, शाम 7:15
- मीन21 नवंबर, रात 1:38
- मेष23 नवंबर, सुबह 4:09
- वृषभ25 नवंबर, रात 3:52
- मिथुन27 नवंबर, रात 2:48
- कर्क29 नवंबर, रात 3:13
- सिंह1 दिसंबर, सुबह 7:01
- कन्या3 दिसंबर, दोपहर 2:56
- तुला6 दिसंबर, रात 2:06
- वृश्चिक8 दिसंबर, दोपहर 2:43
- धनु11 दिसंबर, रात 3:19
- मकर13 दिसंबर, दोपहर 3:07
- कुम्भ16 दिसंबर, रात 1:25
- मीन18 दिसंबर, सुबह 9:11
- मेष20 दिसंबर, दोपहर 1:36
- वृषभ22 दिसंबर, दोपहर 2:49
- मिथुन24 दिसंबर, दोपहर 2:16
- कर्क26 दिसंबर, दोपहर 2:02
- सिंह28 दिसंबर, शाम 4:17
- कन्या30 दिसंबर, रात 10:30
यह भी देखें: चन्द्र (शब्दकोश) · गोचर 2034: सभी ग्रह · अपनी कुंडली पर गोचर
समझें
गोचर क्या है
गोचर का अर्थ है ग्रहों का चलना: आकाश में हर ग्रह राशि-चक्र में आगे बढ़ता है, और जब वह एक राशि की सीमा पार करता है तो उसे उस ग्रह का राशि परिवर्तन (संक्रमण) कहते हैं। यह पृष्ठ केवल वही बताता है कि कौन-सा ग्रह कब कहाँ है। शास्त्रीय पद्धति में गोचर को व्यक्ति की जन्म-राशि (चन्द्र राशि) से गिनकर पढ़ा जाता है; अपनी कुंडली पर आज का गोचर देखने के लिए गोचर उपकरण खोलें।
वक्री और मार्गी
पृथ्वी से देखने पर मंगल, बुध, गुरु, शुक्र और शनि कभी-कभी कुछ समय के लिए पीछे की ओर चलते दिखते हैं। इसे वक्री गति कहते हैं; जिस क्षण ग्रह रुककर मुड़ता है वह स्तम्भन (स्टेशन) है, और फिर आगे बढ़ना मार्गी होना। यह पृथ्वी और ग्रह की कक्षाओं की सापेक्ष गति का दृश्य प्रभाव है। सूर्य और चन्द्रमा कभी वक्री नहीं होते; राहु-केतु (मध्यम) सदा पीछे चलते हैं।
अस्त (दहन)
जब कोई ग्रह सूर्य के बहुत पास होता है तो सूर्य की चमक में वह दिखाई नहीं देता; ग्रंथ इसे अस्त कहते हैं, और फिर दिखने लगना उदय। सूर्य सिद्धान्त हर ग्रह के लिए दूरी की सीमा देता है। यहाँ प्रयुक्त सीमाएँ: मंगल 17°, बुध 14° (वक्री में 12°), गुरु 11°, शुक्र 10° (वक्री में 8°), शनि 15°। पंचांग गुरु और शुक्र के अस्त-काल को विवाह जैसे संस्कारों के मुहूर्त में छोड़ते हैं।
निरयण राशियाँ
भारतीय पंचांग राशियों को तारों के सापेक्ष (निरयण) गिनते हैं। पश्चिमी (सायन) राशियाँ इनसे लगभग 24° आगे हैं, इसलिए वहाँ छपी तारीखें यहाँ से लगभग तीन सप्ताह पहले की होती हैं। यहाँ लाहिरी अयनांश प्रयुक्त है।
यह गणना कैसे हुई
NASA JPL के DE421 आँकड़ों से हर ग्रह की स्पष्ट भू-केन्द्रीय स्थिति, लाहिरी अयनांश घटाकर। राशि-सीमा पार करने, गति शून्य होने और सूर्य से दूरी सीमा के बराबर होने के क्षण द्विभाजन (bisection) से एक सेकंड से कम की शुद्धता तक निकाले गए हैं। अयनांश के छोटे अन्तर से धीमे ग्रहों (विशेषकर शनि) का समय दूसरे पंचांगों से कुछ घंटे अलग हो सकता है।
पंचांग में और
- आजआज के पाँच अंग, शुभ-अशुभ समय और चौघड़िया।
- मासिक कैलेंडरपूरे मास की तिथियाँ, नक्षत्र और पर्व।
- पर्व और व्रतवर्ष भर के पर्व, व्रत, एकादशी और पूर्णिमा।
- मुहूर्त खोजेंरोज़ के कामों के लिए शुभ समय, कारण सहित।
- चौघड़ियादिन-रात के आठ-आठ भाग, अभी कौन-सा चल रहा है।
- राहु कालआज का राहु काल, गुलिक और यमगण्ड।
- पंचकआने वाले महीनों के पंचक, और ग्रंथ इनके बारे में क्या कहते हैं।
- भद्राभद्रा (विष्टि करण) कब है और उसका वास कहाँ है।
- संक्रान्तिवर्ष की बारह संक्रान्तियाँ, समय और पुण्य काल सहित।
- ग्रहणवर्ष के सूर्य और चन्द्र ग्रहण, स्पर्श-मोक्ष के समय और सूतक।
- तिथि परिवर्तककिसी भी अंग्रेज़ी तारीख की हिन्दू तिथि।
- जन्म तिथिअपनी जन्म तिथि और अगले वर्षों की तारीखें।
- नामाक्षरनक्षत्र-पद के अनुसार नाम के आरम्भिक अक्षर।
