पंचांग · गोचर · चन्द्र
2035 में चन्द्र का गोचर
चन्द्रमा लगभग हर सवा दो दिन में राशि बदलता है; 2035 में 160 बार। नीचे हर प्रवेश का समय है।
सभी समय काठमांडू के स्थानीय समय (Asia/Kathmandu, UTC+5:45) में।
2035 में चन्द्र किन राशियों में है
- तुला2 जनवरी, शाम 6:26
- वृश्चिक5 जनवरी, सुबह 6:54
- धनु7 जनवरी, शाम 7:31
- मकर10 जनवरी, सुबह 6:56
- कुम्भ12 जनवरी, शाम 4:42
- मीन15 जनवरी, रात 12:34
- मेष17 जनवरी, सुबह 6:05
- वृषभ19 जनवरी, सुबह 9:06
- मिथुन21 जनवरी, सुबह 10:11
- कर्क23 जनवरी, सुबह 10:46
- सिंह25 जनवरी, दोपहर 12:42
- कन्या27 जनवरी, शाम 5:41
- तुला30 जनवरी, रात 2:29
- वृश्चिक1 फ़रवरी, दोपहर 2:17
- धनु4 फ़रवरी, रात 2:54
- मकर6 फ़रवरी, दोपहर 2:15
- कुम्भ8 फ़रवरी, रात 11:23
- मीन11 फ़रवरी, सुबह 6:20
- मेष13 फ़रवरी, सुबह 11:27
- वृषभ15 फ़रवरी, दोपहर 3:04
- मिथुन17 फ़रवरी, शाम 5:35
- कर्क19 फ़रवरी, शाम 7:45
- सिंह21 फ़रवरी, रात 10:40
- कन्या24 फ़रवरी, रात 3:36
- तुला26 फ़रवरी, सुबह 11:33
- वृश्चिक28 फ़रवरी, रात 10:31
- धनु3 मार्च, सुबह 11:00
- मकर5 मार्च, रात 10:42
- कुम्भ8 मार्च, सुबह 7:50
- मीन10 मार्च, दोपहर 1:59
- मेष12 मार्च, शाम 5:52
- वृषभ14 मार्च, रात 8:34
- मिथुन16 मार्च, रात 11:04
- कर्क19 मार्च, रात 2:10
- सिंह21 मार्च, सुबह 6:24
- कन्या23 मार्च, दोपहर 12:17
- तुला25 मार्च, रात 8:21
- वृश्चिक28 मार्च, सुबह 6:51
- धनु30 मार्च, शाम 7:09
- मकर2 अप्रैल, सुबह 7:21
- कुम्भ4 अप्रैल, शाम 5:11
- मीन6 अप्रैल, रात 11:28
- मेष9 अप्रैल, रात 2:33
- वृषभ11 अप्रैल, रात 3:50
- मिथुन13 अप्रैल, सुबह 5:01
- कर्क15 अप्रैल, सुबह 7:33
- सिंह17 अप्रैल, दोपहर 12:10
- कन्या19 अप्रैल, शाम 6:59
- तुला22 अप्रैल, रात 3:48
- वृश्चिक24 अप्रैल, दोपहर 2:27
- धनु27 अप्रैल, रात 2:38
- मकर29 अप्रैल, दोपहर 3:12
- कुम्भ2 मई, रात 2:05
- मीन4 मई, सुबह 9:25
- मेष6 मई, दोपहर 12:48
- वृषभ8 मई, दोपहर 1:23
- मिथुन10 मई, दोपहर 1:08
- कर्क12 मई, दोपहर 2:06
- सिंह14 मई, शाम 5:45
- कन्या17 मई, रात 12:30
- तुला19 मई, सुबह 9:51
- वृश्चिक21 मई, रात 8:59
- धनु24 मई, सुबह 9:15
- मकर26 मई, रात 9:55
- कुम्भ29 मई, सुबह 9:33
- मीन31 मई, शाम 6:16
- मेष2 जून, रात 10:56
- वृषभ5 जून, रात 12:02
- मिथुन6 जून, रात 11:16
- कर्क8 जून, रात 10:53
- सिंह11 जून, रात 12:53
- कन्या13 जून, सुबह 6:28
- तुला15 जून, दोपहर 3:30
- वृश्चिक18 जून, रात 2:52
- धनु20 जून, दोपहर 3:18
- मकर23 जून, रात 3:53
- कुम्भ25 जून, दोपहर 3:40
- मीन28 जून, रात 1:17
- मेष30 जून, सुबह 7:29
- वृषभ2 जुलाई, सुबह 10:01
- मिथुन4 जुलाई, सुबह 9:59
- कर्क6 जुलाई, सुबह 9:18
- सिंह8 जुलाई, सुबह 10:06
- कन्या10 जुलाई, दोपहर 2:05
- तुला12 जुलाई, रात 9:56
- वृश्चिक15 जुलाई, सुबह 8:55
- धनु17 जुलाई, रात 9:25
- मकर20 जुलाई, सुबह 9:53
- कुम्भ22 जुलाई, रात 9:20
- मीन25 जुलाई, सुबह 6:58
- मेष27 जुलाई, दोपहर 2:00
- वृषभ29 जुलाई, शाम 6:03
- मिथुन31 जुलाई, शाम 7:32
- कर्क2 अगस्त, शाम 7:44
- सिंह4 अगस्त, रात 8:26
- कन्या6 अगस्त, रात 11:24
- तुला9 अगस्त, सुबह 5:53
- वृश्चिक11 अगस्त, दोपहर 3:56
- धनु14 अगस्त, सुबह 4:11
- मकर16 अगस्त, शाम 4:38
- कुम्भ19 अगस्त, रात 3:43
- मीन21 अगस्त, दोपहर 12:42
- मेष23 अगस्त, शाम 7:27
- वृषभ26 अगस्त, रात 12:05
- मिथुन28 अगस्त, रात 2:54
- कर्क30 अगस्त, सुबह 4:37
- सिंह1 सितंबर, सुबह 6:17
- कन्या3 सितंबर, सुबह 9:18
- तुला5 सितंबर, दोपहर 2:59
- वृश्चिक8 सितंबर, रात 12:02
- धनु10 सितंबर, सुबह 11:48
- मकर13 सितंबर, रात 12:21
- कुम्भ15 सितंबर, सुबह 11:24
- मीन17 सितंबर, शाम 7:48
- मेष20 सितंबर, रात 1:34
- वृषभ22 सितंबर, सुबह 5:31
- मिथुन24 सितंबर, सुबह 8:30
- कर्क26 सितंबर, सुबह 11:14
- सिंह28 सितंबर, दोपहर 2:17
- कन्या30 सितंबर, शाम 6:18
- तुला3 अक्टूबर, रात 12:09
- वृश्चिक5 अक्टूबर, सुबह 8:39
- धनु7 अक्टूबर, शाम 7:55
- मकर10 अक्टूबर, सुबह 8:35
- कुम्भ12 अक्टूबर, रात 8:09
- मीन15 अक्टूबर, सुबह 4:39
- मेष17 अक्टूबर, सुबह 9:42
- वृषभ19 अक्टूबर, दोपहर 12:23
- मिथुन21 अक्टूबर, दोपहर 2:14
- कर्क23 अक्टूबर, शाम 4:36
- सिंह25 अक्टूबर, रात 8:15
- कन्या28 अक्टूबर, रात 1:22
- तुला30 अक्टूबर, सुबह 8:07
- वृश्चिक1 नवंबर, शाम 4:50
- धनु4 नवंबर, रात 3:52
- मकर6 नवंबर, शाम 4:34
- कुम्भ9 नवंबर, सुबह 4:54
- मीन11 नवंबर, दोपहर 2:22
- मेष13 नवंबर, शाम 7:45
- वृषभ15 नवंबर, रात 9:44
- मिथुन17 नवंबर, रात 10:09
- कर्क19 नवंबर, रात 10:59
- सिंह22 नवंबर, रात 1:42
- कन्या24 नवंबर, सुबह 6:54
- तुला26 नवंबर, दोपहर 2:24
- वृश्चिक28 नवंबर, रात 11:50
- धनु1 दिसंबर, सुबह 11:03
- मकर3 दिसंबर, रात 11:43
- कुम्भ6 दिसंबर, दोपहर 12:35
- मीन8 दिसंबर, रात 11:20
- मेष11 दिसंबर, सुबह 6:07
- वृषभ13 दिसंबर, सुबह 8:45
- मिथुन15 दिसंबर, सुबह 8:41
- कर्क17 दिसंबर, सुबह 8:04
- सिंह19 दिसंबर, सुबह 8:58
- कन्या21 दिसंबर, दोपहर 12:47
- तुला23 दिसंबर, शाम 7:54
- वृश्चिक26 दिसंबर, सुबह 5:43
- धनु28 दिसंबर, शाम 5:22
- मकर31 दिसंबर, सुबह 6:05
यह भी देखें: चन्द्र (शब्दकोश) · गोचर 2035: सभी ग्रह · अपनी कुंडली पर गोचर
समझें
गोचर क्या है
गोचर का अर्थ है ग्रहों का चलना: आकाश में हर ग्रह राशि-चक्र में आगे बढ़ता है, और जब वह एक राशि की सीमा पार करता है तो उसे उस ग्रह का राशि परिवर्तन (संक्रमण) कहते हैं। यह पृष्ठ केवल वही बताता है कि कौन-सा ग्रह कब कहाँ है। शास्त्रीय पद्धति में गोचर को व्यक्ति की जन्म-राशि (चन्द्र राशि) से गिनकर पढ़ा जाता है; अपनी कुंडली पर आज का गोचर देखने के लिए गोचर उपकरण खोलें।
वक्री और मार्गी
पृथ्वी से देखने पर मंगल, बुध, गुरु, शुक्र और शनि कभी-कभी कुछ समय के लिए पीछे की ओर चलते दिखते हैं। इसे वक्री गति कहते हैं; जिस क्षण ग्रह रुककर मुड़ता है वह स्तम्भन (स्टेशन) है, और फिर आगे बढ़ना मार्गी होना। यह पृथ्वी और ग्रह की कक्षाओं की सापेक्ष गति का दृश्य प्रभाव है। सूर्य और चन्द्रमा कभी वक्री नहीं होते; राहु-केतु (मध्यम) सदा पीछे चलते हैं।
अस्त (दहन)
जब कोई ग्रह सूर्य के बहुत पास होता है तो सूर्य की चमक में वह दिखाई नहीं देता; ग्रंथ इसे अस्त कहते हैं, और फिर दिखने लगना उदय। सूर्य सिद्धान्त हर ग्रह के लिए दूरी की सीमा देता है। यहाँ प्रयुक्त सीमाएँ: मंगल 17°, बुध 14° (वक्री में 12°), गुरु 11°, शुक्र 10° (वक्री में 8°), शनि 15°। पंचांग गुरु और शुक्र के अस्त-काल को विवाह जैसे संस्कारों के मुहूर्त में छोड़ते हैं।
निरयण राशियाँ
भारतीय पंचांग राशियों को तारों के सापेक्ष (निरयण) गिनते हैं। पश्चिमी (सायन) राशियाँ इनसे लगभग 24° आगे हैं, इसलिए वहाँ छपी तारीखें यहाँ से लगभग तीन सप्ताह पहले की होती हैं। यहाँ लाहिरी अयनांश प्रयुक्त है।
यह गणना कैसे हुई
NASA JPL के DE421 आँकड़ों से हर ग्रह की स्पष्ट भू-केन्द्रीय स्थिति, लाहिरी अयनांश घटाकर। राशि-सीमा पार करने, गति शून्य होने और सूर्य से दूरी सीमा के बराबर होने के क्षण द्विभाजन (bisection) से एक सेकंड से कम की शुद्धता तक निकाले गए हैं। अयनांश के छोटे अन्तर से धीमे ग्रहों (विशेषकर शनि) का समय दूसरे पंचांगों से कुछ घंटे अलग हो सकता है।
पंचांग में और
- आजआज के पाँच अंग, शुभ-अशुभ समय और चौघड़िया।
- मासिक कैलेंडरपूरे मास की तिथियाँ, नक्षत्र और पर्व।
- पर्व और व्रतवर्ष भर के पर्व, व्रत, एकादशी और पूर्णिमा।
- मुहूर्त खोजेंरोज़ के कामों के लिए शुभ समय, कारण सहित।
- चौघड़ियादिन-रात के आठ-आठ भाग, अभी कौन-सा चल रहा है।
- राहु कालआज का राहु काल, गुलिक और यमगण्ड।
- पंचकआने वाले महीनों के पंचक, और ग्रंथ इनके बारे में क्या कहते हैं।
- भद्राभद्रा (विष्टि करण) कब है और उसका वास कहाँ है।
- संक्रान्तिवर्ष की बारह संक्रान्तियाँ, समय और पुण्य काल सहित।
- ग्रहणवर्ष के सूर्य और चन्द्र ग्रहण, स्पर्श-मोक्ष के समय और सूतक।
- तिथि परिवर्तककिसी भी अंग्रेज़ी तारीख की हिन्दू तिथि।
- जन्म तिथिअपनी जन्म तिथि और अगले वर्षों की तारीखें।
- नामाक्षरनक्षत्र-पद के अनुसार नाम के आरम्भिक अक्षर।
