पंचांग · गोचर · चन्द्र
2037 में चन्द्र का गोचर
चन्द्रमा लगभग हर सवा दो दिन में राशि बदलता है; 2037 में 161 बार। नीचे हर प्रवेश का समय है।
सभी समय लौटोका के स्थानीय समय (Pacific/Fiji, UTC+12) में।
2037 में चन्द्र किन राशियों में है
- मिथुन1 जनवरी, सुबह 9:24
- कर्क3 जनवरी, सुबह 10:40
- सिंह5 जनवरी, सुबह 11:15
- कन्या7 जनवरी, दोपहर 12:43
- तुला9 जनवरी, शाम 4:11
- वृश्चिक11 जनवरी, रात 10:08
- धनु14 जनवरी, सुबह 6:32
- मकर16 जनवरी, शाम 5:09
- कुम्भ19 जनवरी, सुबह 5:29
- मीन21 जनवरी, शाम 6:30
- मेष24 जनवरी, सुबह 6:24
- वृषभ26 जनवरी, दोपहर 3:18
- मिथुन28 जनवरी, रात 8:16
- कर्क30 जनवरी, रात 9:51
- सिंह1 फ़रवरी, रात 9:35
- कन्या3 फ़रवरी, रात 9:21
- तुला5 फ़रवरी, रात 11:00
- वृश्चिक8 फ़रवरी, रात 3:50
- धनु10 फ़रवरी, दोपहर 12:09
- मकर12 फ़रवरी, रात 11:15
- कुम्भ15 फ़रवरी, सुबह 11:52
- मीन18 फ़रवरी, रात 12:49
- मेष20 फ़रवरी, दोपहर 12:55
- वृषभ22 फ़रवरी, रात 10:54
- मिथुन25 फ़रवरी, सुबह 5:38
- कर्क27 फ़रवरी, सुबह 8:46
- सिंह1 मार्च, सुबह 9:06
- कन्या3 मार्च, सुबह 8:18
- तुला5 मार्च, सुबह 8:24
- वृश्चिक7 मार्च, सुबह 11:23
- धनु9 मार्च, शाम 6:24
- मकर12 मार्च, सुबह 5:10
- कुम्भ14 मार्च, शाम 5:58
- मीन17 मार्च, सुबह 6:53
- मेष19 मार्च, शाम 6:42
- वृषभ22 मार्च, सुबह 4:47
- मिथुन24 मार्च, दोपहर 12:32
- कर्क26 मार्च, शाम 5:25
- सिंह28 मार्च, शाम 7:24
- कन्या30 मार्च, शाम 7:27
- तुला1 अप्रैल, शाम 7:17
- वृश्चिक3 अप्रैल, रात 9:00
- धनु6 अप्रैल, रात 2:24
- मकर8 अप्रैल, दोपहर 12:00
- कुम्भ11 अप्रैल, रात 12:28
- मीन13 अप्रैल, दोपहर 1:23
- मेष16 अप्रैल, रात 12:54
- वृषभ18 अप्रैल, सुबह 10:26
- मिथुन20 अप्रैल, शाम 6:01
- कर्क22 अप्रैल, रात 11:37
- सिंह25 अप्रैल, रात 3:06
- कन्या27 अप्रैल, सुबह 4:45
- तुला29 अप्रैल, सुबह 5:34
- वृश्चिक1 मई, सुबह 7:18
- धनु3 मई, सुबह 11:47
- मकर5 मई, रात 8:08
- कुम्भ8 मई, सुबह 7:51
- मीन10 मई, रात 8:41
- मेष13 मई, सुबह 8:10
- वृषभ15 मई, शाम 5:12
- मिथुन17 मई, रात 11:56
- कर्क20 मई, सुबह 5:00
- सिंह22 मई, सुबह 8:47
- कन्या24 मई, सुबह 11:33
- तुला26 मई, दोपहर 1:47
- वृश्चिक28 मई, शाम 4:32
- धनु30 मई, रात 9:11
- मकर2 जून, सुबह 4:57
- कुम्भ4 जून, दोपहर 3:56
- मीन7 जून, सुबह 4:35
- मेष9 जून, शाम 4:21
- वृषभ12 जून, रात 1:25
- मिथुन14 जून, सुबह 7:33
- कर्क16 जून, सुबह 11:31
- सिंह18 जून, दोपहर 2:22
- कन्या20 जून, शाम 4:57
- तुला22 जून, शाम 7:54
- वृश्चिक24 जून, रात 11:47
- धनु27 जून, सुबह 5:21
- मकर29 जून, दोपहर 1:22
- कुम्भ2 जुलाई, रात 12:02
- मीन4 जुलाई, दोपहर 12:30
- मेष7 जुलाई, रात 12:42
- वृषभ9 जुलाई, सुबह 10:28
- मिथुन11 जुलाई, शाम 4:46
- कर्क13 जुलाई, रात 8:04
- सिंह15 जुलाई, रात 9:39
- कन्या17 जुलाई, रात 10:59
- तुला20 जुलाई, रात 1:18
- वृश्चिक22 जुलाई, सुबह 5:28
- धनु24 जुलाई, सुबह 11:53
- मकर26 जुलाई, रात 8:36
- कुम्भ29 जुलाई, सुबह 7:29
- मीन31 जुलाई, शाम 7:53
- मेष3 अगस्त, सुबह 8:26
- वृषभ5 अगस्त, शाम 7:10
- मिथुन8 अगस्त, रात 2:32
- कर्क10 अगस्त, सुबह 6:11
- सिंह12 अगस्त, सुबह 7:09
- कन्या14 अगस्त, सुबह 7:06
- तुला16 अगस्त, सुबह 7:54
- वृश्चिक18 अगस्त, सुबह 11:06
- धनु20 अगस्त, शाम 5:25
- मकर23 अगस्त, रात 2:40
- कुम्भ25 अगस्त, दोपहर 2:00
- मीन28 अगस्त, रात 2:29
- मेष30 अगस्त, दोपहर 3:07
- वृषभ2 सितंबर, रात 2:37
- मिथुन4 सितंबर, सुबह 11:22
- कर्क6 सितंबर, शाम 4:23
- सिंह8 सितंबर, शाम 5:54
- कन्या10 सितंबर, शाम 5:21
- तुला12 सितंबर, शाम 4:48
- वृश्चिक14 सितंबर, शाम 6:20
- धनु16 सितंबर, रात 11:27
- मकर19 सितंबर, सुबह 8:22
- कुम्भ21 सितंबर, शाम 7:56
- मीन24 सितंबर, सुबह 8:35
- मेष26 सितंबर, रात 9:06
- वृषभ29 सितंबर, सुबह 8:42
- मिथुन1 अक्टूबर, शाम 6:23
- कर्क4 अक्टूबर, रात 1:00
- सिंह6 अक्टूबर, सुबह 4:06
- कन्या8 अक्टूबर, सुबह 4:21
- तुला10 अक्टूबर, रात 3:32
- वृश्चिक12 अक्टूबर, रात 3:50
- धनु14 अक्टूबर, सुबह 7:18
- मकर16 अक्टूबर, दोपहर 2:56
- कुम्भ19 अक्टूबर, रात 2:05
- मीन21 अक्टूबर, दोपहर 2:48
- मेष24 अक्टूबर, रात 3:12
- वृषभ26 अक्टूबर, दोपहर 2:24
- मिथुन29 अक्टूबर, रात 12:00
- कर्क31 अक्टूबर, सुबह 7:26
- सिंह2 नवंबर, दोपहर 12:09
- कन्या4 नवंबर, दोपहर 2:06
- तुला6 नवंबर, दोपहर 2:19
- वृश्चिक8 नवंबर, दोपहर 2:37
- धनु10 नवंबर, शाम 5:03
- मकर12 नवंबर, रात 11:13
- कुम्भ15 नवंबर, सुबह 9:18
- मीन17 नवंबर, रात 9:44
- मेष20 नवंबर, सुबह 10:10
- वृषभ22 नवंबर, रात 9:01
- मिथुन25 नवंबर, सुबह 5:52
- कर्क27 नवंबर, दोपहर 12:50
- सिंह29 नवंबर, शाम 5:58
- कन्या1 दिसंबर, रात 9:17
- तुला3 दिसंबर, रात 11:10
- वृश्चिक6 दिसंबर, रात 12:41
- धनु8 दिसंबर, रात 3:23
- मकर10 दिसंबर, सुबह 8:49
- कुम्भ12 दिसंबर, शाम 5:47
- मीन15 दिसंबर, सुबह 5:36
- मेष17 दिसंबर, शाम 6:08
- वृषभ20 दिसंबर, सुबह 5:08
- मिथुन22 दिसंबर, दोपहर 1:29
- कर्क24 दिसंबर, शाम 7:23
- सिंह26 दिसंबर, रात 11:33
- कन्या29 दिसंबर, रात 2:42
- तुला31 दिसंबर, सुबह 5:28
यह भी देखें: चन्द्र (शब्दकोश) · गोचर 2037: सभी ग्रह · अपनी कुंडली पर गोचर
समझें
गोचर क्या है
गोचर का अर्थ है ग्रहों का चलना: आकाश में हर ग्रह राशि-चक्र में आगे बढ़ता है, और जब वह एक राशि की सीमा पार करता है तो उसे उस ग्रह का राशि परिवर्तन (संक्रमण) कहते हैं। यह पृष्ठ केवल वही बताता है कि कौन-सा ग्रह कब कहाँ है। शास्त्रीय पद्धति में गोचर को व्यक्ति की जन्म-राशि (चन्द्र राशि) से गिनकर पढ़ा जाता है; अपनी कुंडली पर आज का गोचर देखने के लिए गोचर उपकरण खोलें।
वक्री और मार्गी
पृथ्वी से देखने पर मंगल, बुध, गुरु, शुक्र और शनि कभी-कभी कुछ समय के लिए पीछे की ओर चलते दिखते हैं। इसे वक्री गति कहते हैं; जिस क्षण ग्रह रुककर मुड़ता है वह स्तम्भन (स्टेशन) है, और फिर आगे बढ़ना मार्गी होना। यह पृथ्वी और ग्रह की कक्षाओं की सापेक्ष गति का दृश्य प्रभाव है। सूर्य और चन्द्रमा कभी वक्री नहीं होते; राहु-केतु (मध्यम) सदा पीछे चलते हैं।
अस्त (दहन)
जब कोई ग्रह सूर्य के बहुत पास होता है तो सूर्य की चमक में वह दिखाई नहीं देता; ग्रंथ इसे अस्त कहते हैं, और फिर दिखने लगना उदय। सूर्य सिद्धान्त हर ग्रह के लिए दूरी की सीमा देता है। यहाँ प्रयुक्त सीमाएँ: मंगल 17°, बुध 14° (वक्री में 12°), गुरु 11°, शुक्र 10° (वक्री में 8°), शनि 15°। पंचांग गुरु और शुक्र के अस्त-काल को विवाह जैसे संस्कारों के मुहूर्त में छोड़ते हैं।
निरयण राशियाँ
भारतीय पंचांग राशियों को तारों के सापेक्ष (निरयण) गिनते हैं। पश्चिमी (सायन) राशियाँ इनसे लगभग 24° आगे हैं, इसलिए वहाँ छपी तारीखें यहाँ से लगभग तीन सप्ताह पहले की होती हैं। यहाँ लाहिरी अयनांश प्रयुक्त है।
यह गणना कैसे हुई
NASA JPL के DE421 आँकड़ों से हर ग्रह की स्पष्ट भू-केन्द्रीय स्थिति, लाहिरी अयनांश घटाकर। राशि-सीमा पार करने, गति शून्य होने और सूर्य से दूरी सीमा के बराबर होने के क्षण द्विभाजन (bisection) से एक सेकंड से कम की शुद्धता तक निकाले गए हैं। अयनांश के छोटे अन्तर से धीमे ग्रहों (विशेषकर शनि) का समय दूसरे पंचांगों से कुछ घंटे अलग हो सकता है।
पंचांग में और
- आजआज के पाँच अंग, शुभ-अशुभ समय और चौघड़िया।
- मासिक कैलेंडरपूरे मास की तिथियाँ, नक्षत्र और पर्व।
- पर्व और व्रतवर्ष भर के पर्व, व्रत, एकादशी और पूर्णिमा।
- मुहूर्त खोजेंरोज़ के कामों के लिए शुभ समय, कारण सहित।
- चौघड़ियादिन-रात के आठ-आठ भाग, अभी कौन-सा चल रहा है।
- राहु कालआज का राहु काल, गुलिक और यमगण्ड।
- पंचकआने वाले महीनों के पंचक, और ग्रंथ इनके बारे में क्या कहते हैं।
- भद्राभद्रा (विष्टि करण) कब है और उसका वास कहाँ है।
- संक्रान्तिवर्ष की बारह संक्रान्तियाँ, समय और पुण्य काल सहित।
- ग्रहणवर्ष के सूर्य और चन्द्र ग्रहण, स्पर्श-मोक्ष के समय और सूतक।
- तिथि परिवर्तककिसी भी अंग्रेज़ी तारीख की हिन्दू तिथि।
- जन्म तिथिअपनी जन्म तिथि और अगले वर्षों की तारीखें।
- नामाक्षरनक्षत्र-पद के अनुसार नाम के आरम्भिक अक्षर।
