पंचांग · गोचर · चन्द्र
2037 में चन्द्र का गोचर
चन्द्रमा लगभग हर सवा दो दिन में राशि बदलता है; 2037 में 160 बार। नीचे हर प्रवेश का समय है।
सभी समय वैंकूवर के स्थानीय समय (America/Vancouver, PDT) में।
2037 में चन्द्र किन राशियों में है
- कर्क2 जनवरी, दोपहर 3:40
- सिंह4 जनवरी, शाम 4:15
- कन्या6 जनवरी, शाम 5:43
- तुला8 जनवरी, रात 9:11
- वृश्चिक11 जनवरी, रात 3:08
- धनु13 जनवरी, सुबह 11:32
- मकर15 जनवरी, रात 10:09
- कुम्भ18 जनवरी, सुबह 10:29
- मीन20 जनवरी, रात 11:30
- मेष23 जनवरी, सुबह 11:24
- वृषभ25 जनवरी, रात 8:18
- मिथुन28 जनवरी, रात 1:16
- कर्क30 जनवरी, रात 2:51
- सिंह1 फ़रवरी, रात 2:35
- कन्या3 फ़रवरी, रात 2:21
- तुला5 फ़रवरी, सुबह 4:00
- वृश्चिक7 फ़रवरी, सुबह 8:50
- धनु9 फ़रवरी, शाम 5:09
- मकर12 फ़रवरी, सुबह 4:15
- कुम्भ14 फ़रवरी, शाम 4:52
- मीन17 फ़रवरी, सुबह 5:49
- मेष19 फ़रवरी, शाम 5:55
- वृषभ22 फ़रवरी, रात 3:54
- मिथुन24 फ़रवरी, सुबह 10:38
- कर्क26 फ़रवरी, दोपहर 1:46
- सिंह28 फ़रवरी, दोपहर 2:06
- कन्या2 मार्च, दोपहर 1:18
- तुला4 मार्च, दोपहर 1:24
- वृश्चिक6 मार्च, शाम 4:23
- धनु8 मार्च, रात 11:24
- मकर11 मार्च, सुबह 10:10
- कुम्भ13 मार्च, रात 10:58
- मीन16 मार्च, सुबह 11:53
- मेष18 मार्च, रात 11:42
- वृषभ21 मार्च, सुबह 9:47
- मिथुन23 मार्च, शाम 5:32
- कर्क25 मार्च, रात 10:25
- सिंह28 मार्च, रात 12:24
- कन्या30 मार्च, रात 12:27
- तुला1 अप्रैल, रात 12:17
- वृश्चिक3 अप्रैल, रात 2:00
- धनु5 अप्रैल, सुबह 7:24
- मकर7 अप्रैल, शाम 5:00
- कुम्भ10 अप्रैल, सुबह 5:28
- मीन12 अप्रैल, शाम 6:23
- मेष15 अप्रैल, सुबह 5:54
- वृषभ17 अप्रैल, दोपहर 3:26
- मिथुन19 अप्रैल, रात 11:01
- कर्क22 अप्रैल, सुबह 4:37
- सिंह24 अप्रैल, सुबह 8:06
- कन्या26 अप्रैल, सुबह 9:45
- तुला28 अप्रैल, सुबह 10:34
- वृश्चिक30 अप्रैल, दोपहर 12:18
- धनु2 मई, शाम 4:47
- मकर5 मई, रात 1:08
- कुम्भ7 मई, दोपहर 12:51
- मीन10 मई, रात 1:41
- मेष12 मई, दोपहर 1:10
- वृषभ14 मई, रात 10:12
- मिथुन17 मई, सुबह 4:56
- कर्क19 मई, सुबह 10:00
- सिंह21 मई, दोपहर 1:47
- कन्या23 मई, शाम 4:33
- तुला25 मई, शाम 6:47
- वृश्चिक27 मई, रात 9:32
- धनु30 मई, रात 2:11
- मकर1 जून, सुबह 9:57
- कुम्भ3 जून, रात 8:56
- मीन6 जून, सुबह 9:35
- मेष8 जून, रात 9:21
- वृषभ11 जून, सुबह 6:25
- मिथुन13 जून, दोपहर 12:33
- कर्क15 जून, शाम 4:31
- सिंह17 जून, शाम 7:22
- कन्या19 जून, रात 9:57
- तुला22 जून, रात 12:54
- वृश्चिक24 जून, सुबह 4:47
- धनु26 जून, सुबह 10:21
- मकर28 जून, शाम 6:22
- कुम्भ1 जुलाई, सुबह 5:02
- मीन3 जुलाई, शाम 5:30
- मेष6 जुलाई, सुबह 5:42
- वृषभ8 जुलाई, दोपहर 3:28
- मिथुन10 जुलाई, रात 9:46
- कर्क13 जुलाई, रात 1:04
- सिंह15 जुलाई, रात 2:39
- कन्या17 जुलाई, रात 3:59
- तुला19 जुलाई, सुबह 6:18
- वृश्चिक21 जुलाई, सुबह 10:28
- धनु23 जुलाई, शाम 4:53
- मकर26 जुलाई, रात 1:36
- कुम्भ28 जुलाई, दोपहर 12:29
- मीन31 जुलाई, रात 12:53
- मेष2 अगस्त, दोपहर 1:26
- वृषभ5 अगस्त, रात 12:10
- मिथुन7 अगस्त, सुबह 7:32
- कर्क9 अगस्त, सुबह 11:11
- सिंह11 अगस्त, दोपहर 12:09
- कन्या13 अगस्त, दोपहर 12:06
- तुला15 अगस्त, दोपहर 12:54
- वृश्चिक17 अगस्त, शाम 4:06
- धनु19 अगस्त, रात 10:25
- मकर22 अगस्त, सुबह 7:40
- कुम्भ24 अगस्त, शाम 7:00
- मीन27 अगस्त, सुबह 7:29
- मेष29 अगस्त, रात 8:07
- वृषभ1 सितंबर, सुबह 7:37
- मिथुन3 सितंबर, शाम 4:22
- कर्क5 सितंबर, रात 9:23
- सिंह7 सितंबर, रात 10:54
- कन्या9 सितंबर, रात 10:21
- तुला11 सितंबर, रात 9:48
- वृश्चिक13 सितंबर, रात 11:20
- धनु16 सितंबर, सुबह 4:27
- मकर18 सितंबर, दोपहर 1:22
- कुम्भ21 सितंबर, रात 12:56
- मीन23 सितंबर, दोपहर 1:35
- मेष26 सितंबर, रात 2:06
- वृषभ28 सितंबर, दोपहर 1:42
- मिथुन30 सितंबर, रात 11:23
- कर्क3 अक्टूबर, सुबह 6:00
- सिंह5 अक्टूबर, सुबह 9:06
- कन्या7 अक्टूबर, सुबह 9:21
- तुला9 अक्टूबर, सुबह 8:32
- वृश्चिक11 अक्टूबर, सुबह 8:50
- धनु13 अक्टूबर, दोपहर 12:18
- मकर15 अक्टूबर, शाम 7:56
- कुम्भ18 अक्टूबर, सुबह 7:05
- मीन20 अक्टूबर, शाम 7:48
- मेष23 अक्टूबर, सुबह 8:12
- वृषभ25 अक्टूबर, शाम 7:24
- मिथुन28 अक्टूबर, सुबह 5:00
- कर्क30 अक्टूबर, दोपहर 12:26
- सिंह1 नवंबर, शाम 5:09
- कन्या3 नवंबर, शाम 7:06
- तुला5 नवंबर, शाम 7:19
- वृश्चिक7 नवंबर, शाम 7:37
- धनु9 नवंबर, रात 10:03
- मकर12 नवंबर, सुबह 4:13
- कुम्भ14 नवंबर, दोपहर 2:18
- मीन17 नवंबर, रात 2:44
- मेष19 नवंबर, दोपहर 3:10
- वृषभ22 नवंबर, रात 2:01
- मिथुन24 नवंबर, सुबह 10:52
- कर्क26 नवंबर, शाम 5:50
- सिंह28 नवंबर, रात 10:58
- कन्या1 दिसंबर, रात 2:17
- तुला3 दिसंबर, सुबह 4:10
- वृश्चिक5 दिसंबर, सुबह 5:41
- धनु7 दिसंबर, सुबह 8:23
- मकर9 दिसंबर, दोपहर 1:49
- कुम्भ11 दिसंबर, रात 10:47
- मीन14 दिसंबर, सुबह 10:36
- मेष16 दिसंबर, रात 11:08
- वृषभ19 दिसंबर, सुबह 10:08
- मिथुन21 दिसंबर, शाम 6:29
- कर्क24 दिसंबर, रात 12:23
- सिंह26 दिसंबर, सुबह 4:33
- कन्या28 दिसंबर, सुबह 7:42
- तुला30 दिसंबर, सुबह 10:28
यह भी देखें: चन्द्र (शब्दकोश) · गोचर 2037: सभी ग्रह · अपनी कुंडली पर गोचर
समझें
गोचर क्या है
गोचर का अर्थ है ग्रहों का चलना: आकाश में हर ग्रह राशि-चक्र में आगे बढ़ता है, और जब वह एक राशि की सीमा पार करता है तो उसे उस ग्रह का राशि परिवर्तन (संक्रमण) कहते हैं। यह पृष्ठ केवल वही बताता है कि कौन-सा ग्रह कब कहाँ है। शास्त्रीय पद्धति में गोचर को व्यक्ति की जन्म-राशि (चन्द्र राशि) से गिनकर पढ़ा जाता है; अपनी कुंडली पर आज का गोचर देखने के लिए गोचर उपकरण खोलें।
वक्री और मार्गी
पृथ्वी से देखने पर मंगल, बुध, गुरु, शुक्र और शनि कभी-कभी कुछ समय के लिए पीछे की ओर चलते दिखते हैं। इसे वक्री गति कहते हैं; जिस क्षण ग्रह रुककर मुड़ता है वह स्तम्भन (स्टेशन) है, और फिर आगे बढ़ना मार्गी होना। यह पृथ्वी और ग्रह की कक्षाओं की सापेक्ष गति का दृश्य प्रभाव है। सूर्य और चन्द्रमा कभी वक्री नहीं होते; राहु-केतु (मध्यम) सदा पीछे चलते हैं।
अस्त (दहन)
जब कोई ग्रह सूर्य के बहुत पास होता है तो सूर्य की चमक में वह दिखाई नहीं देता; ग्रंथ इसे अस्त कहते हैं, और फिर दिखने लगना उदय। सूर्य सिद्धान्त हर ग्रह के लिए दूरी की सीमा देता है। यहाँ प्रयुक्त सीमाएँ: मंगल 17°, बुध 14° (वक्री में 12°), गुरु 11°, शुक्र 10° (वक्री में 8°), शनि 15°। पंचांग गुरु और शुक्र के अस्त-काल को विवाह जैसे संस्कारों के मुहूर्त में छोड़ते हैं।
निरयण राशियाँ
भारतीय पंचांग राशियों को तारों के सापेक्ष (निरयण) गिनते हैं। पश्चिमी (सायन) राशियाँ इनसे लगभग 24° आगे हैं, इसलिए वहाँ छपी तारीखें यहाँ से लगभग तीन सप्ताह पहले की होती हैं। यहाँ लाहिरी अयनांश प्रयुक्त है।
यह गणना कैसे हुई
NASA JPL के DE421 आँकड़ों से हर ग्रह की स्पष्ट भू-केन्द्रीय स्थिति, लाहिरी अयनांश घटाकर। राशि-सीमा पार करने, गति शून्य होने और सूर्य से दूरी सीमा के बराबर होने के क्षण द्विभाजन (bisection) से एक सेकंड से कम की शुद्धता तक निकाले गए हैं। अयनांश के छोटे अन्तर से धीमे ग्रहों (विशेषकर शनि) का समय दूसरे पंचांगों से कुछ घंटे अलग हो सकता है।
पंचांग में और
- आजआज के पाँच अंग, शुभ-अशुभ समय और चौघड़िया।
- मासिक कैलेंडरपूरे मास की तिथियाँ, नक्षत्र और पर्व।
- पर्व और व्रतवर्ष भर के पर्व, व्रत, एकादशी और पूर्णिमा।
- मुहूर्त खोजेंरोज़ के कामों के लिए शुभ समय, कारण सहित।
- चौघड़ियादिन-रात के आठ-आठ भाग, अभी कौन-सा चल रहा है।
- राहु कालआज का राहु काल, गुलिक और यमगण्ड।
- पंचकआने वाले महीनों के पंचक, और ग्रंथ इनके बारे में क्या कहते हैं।
- भद्राभद्रा (विष्टि करण) कब है और उसका वास कहाँ है।
- संक्रान्तिवर्ष की बारह संक्रान्तियाँ, समय और पुण्य काल सहित।
- ग्रहणवर्ष के सूर्य और चन्द्र ग्रहण, स्पर्श-मोक्ष के समय और सूतक।
- तिथि परिवर्तककिसी भी अंग्रेज़ी तारीख की हिन्दू तिथि।
- जन्म तिथिअपनी जन्म तिथि और अगले वर्षों की तारीखें।
- नामाक्षरनक्षत्र-पद के अनुसार नाम के आरम्भिक अक्षर।
