पंचांग · गोचर · चन्द्र
2038 में चन्द्र का गोचर
चन्द्रमा लगभग हर सवा दो दिन में राशि बदलता है; 2038 में 161 बार। नीचे हर प्रवेश का समय है।
सभी समय लेस्टर के स्थानीय समय (Europe/London, GMT/BST) में।
2038 में चन्द्र किन राशियों में है
- वृश्चिक1 जनवरी, रात 8:26
- धनु4 जनवरी, रात 12:23
- मकर6 जनवरी, सुबह 6:14
- कुम्भ8 जनवरी, दोपहर 2:45
- मीन11 जनवरी, रात 1:57
- मेष13 जनवरी, दोपहर 2:31
- वृषभ16 जनवरी, रात 2:07
- मिथुन18 जनवरी, सुबह 10:52
- कर्क20 जनवरी, शाम 4:16
- सिंह22 जनवरी, शाम 7:08
- कन्या24 जनवरी, रात 8:52
- तुला26 जनवरी, रात 10:51
- वृश्चिक29 जनवरी, रात 2:05
- धनु31 जनवरी, सुबह 7:04
- मकर2 फ़रवरी, दोपहर 1:59
- कुम्भ4 फ़रवरी, रात 10:57
- मीन7 फ़रवरी, सुबह 9:58
- मेष9 फ़रवरी, रात 10:27
- वृषभ12 फ़रवरी, सुबह 10:44
- मिथुन14 फ़रवरी, रात 8:36
- कर्क17 फ़रवरी, रात 2:41
- सिंह19 फ़रवरी, सुबह 5:11
- कन्या21 फ़रवरी, सुबह 5:37
- तुला23 फ़रवरी, सुबह 5:53
- वृश्चिक25 फ़रवरी, सुबह 7:49
- धनु27 फ़रवरी, दोपहर 12:28
- मकर1 मार्च, शाम 7:57
- कुम्भ4 मार्च, सुबह 5:40
- मीन6 मार्च, शाम 5:01
- मेष9 मार्च, सुबह 5:28
- वृषभ11 मार्च, शाम 6:04
- मिथुन14 मार्च, सुबह 5:05
- कर्क16 मार्च, दोपहर 12:40
- सिंह18 मार्च, शाम 4:08
- कन्या20 मार्च, शाम 4:26
- तुला22 मार्च, दोपहर 3:33
- वृश्चिक24 मार्च, दोपहर 3:43
- धनु26 मार्च, शाम 6:46
- मकर29 मार्च, रात 2:30
- कुम्भ31 मार्च, दोपहर 12:22
- मीन3 अप्रैल, रात 12:07
- मेष5 अप्रैल, दोपहर 12:41
- वृषभ8 अप्रैल, रात 1:15
- मिथुन10 अप्रैल, दोपहर 12:47
- कर्क12 अप्रैल, रात 9:43
- सिंह15 अप्रैल, रात 2:52
- कन्या17 अप्रैल, सुबह 4:21
- तुला19 अप्रैल, रात 3:38
- वृश्चिक21 अप्रैल, रात 2:54
- धनु23 अप्रैल, सुबह 4:18
- मकर25 अप्रैल, सुबह 9:23
- कुम्भ27 अप्रैल, शाम 6:21
- मीन30 अप्रैल, सुबह 6:02
- मेष2 मई, शाम 6:42
- वृषभ5 मई, सुबह 7:07
- मिथुन7 मई, शाम 6:27
- कर्क10 मई, रात 3:49
- सिंह12 मई, सुबह 10:17
- कन्या14 मई, दोपहर 1:28
- तुला16 मई, दोपहर 2:04
- वृश्चिक18 मई, दोपहर 1:45
- धनु20 मई, दोपहर 2:31
- मकर22 मई, शाम 6:11
- कुम्भ25 मई, रात 1:42
- मीन27 मई, दोपहर 12:37
- मेष30 मई, रात 1:11
- वृषभ1 जून, दोपहर 1:31
- मिथुन4 जून, रात 12:24
- कर्क6 जून, सुबह 9:18
- सिंह8 जून, दोपहर 3:57
- कन्या10 जून, रात 8:12
- तुला12 जून, रात 10:23
- वृश्चिक14 जून, रात 11:25
- धनु17 जून, रात 12:45
- मकर19 जून, सुबह 4:00
- कुम्भ21 जून, सुबह 10:25
- मीन23 जून, रात 8:17
- मेष26 जून, सुबह 8:29
- वृषभ28 जून, रात 8:50
- मिथुन1 जुलाई, सुबह 7:30
- कर्क3 जुलाई, दोपहर 3:42
- सिंह5 जुलाई, रात 9:34
- कन्या8 जुलाई, रात 1:38
- तुला10 जुलाई, सुबह 4:31
- वृश्चिक12 जुलाई, सुबह 6:52
- धनु14 जुलाई, सुबह 9:30
- मकर16 जुलाई, दोपहर 1:22
- कुम्भ18 जुलाई, शाम 7:32
- मीन21 जुलाई, सुबह 4:41
- मेष23 जुलाई, शाम 4:23
- वृषभ26 जुलाई, सुबह 4:53
- मिथुन28 जुलाई, दोपहर 3:49
- कर्क30 जुलाई, रात 11:44
- सिंह2 अगस्त, सुबह 4:40
- कन्या4 अगस्त, सुबह 7:37
- तुला6 अगस्त, सुबह 9:54
- वृश्चिक8 अगस्त, दोपहर 12:33
- धनु10 अगस्त, शाम 4:10
- मकर12 अगस्त, रात 9:09
- कुम्भ15 अगस्त, रात 3:54
- मीन17 अगस्त, दोपहर 12:57
- मेष20 अगस्त, रात 12:20
- वृषभ22 अगस्त, दोपहर 12:58
- मिथुन25 अगस्त, रात 12:35
- कर्क27 अगस्त, सुबह 9:02
- सिंह29 अगस्त, दोपहर 1:43
- कन्या31 अगस्त, दोपहर 3:38
- तुला2 सितंबर, शाम 4:32
- वृश्चिक4 सितंबर, शाम 6:09
- धनु6 सितंबर, रात 9:36
- मकर9 सितंबर, रात 3:12
- कुम्भ11 सितंबर, सुबह 10:49
- मीन13 सितंबर, रात 8:20
- मेष16 सितंबर, सुबह 7:43
- वृषभ18 सितंबर, रात 8:26
- मिथुन21 सितंबर, सुबह 8:46
- कर्क23 सितंबर, शाम 6:24
- सिंह25 सितंबर, रात 11:54
- कन्या28 सितंबर, रात 1:43
- तुला30 सितंबर, रात 1:34
- वृश्चिक2 अक्टूबर, रात 1:37
- धनु4 अक्टूबर, रात 3:39
- मकर6 अक्टूबर, सुबह 8:40
- कुम्भ8 अक्टूबर, शाम 4:33
- मीन11 अक्टूबर, रात 2:38
- मेष13 अक्टूबर, दोपहर 2:18
- वृषभ16 अक्टूबर, रात 3:00
- मिथुन18 अक्टूबर, दोपहर 3:41
- कर्क21 अक्टूबर, रात 2:28
- सिंह23 अक्टूबर, सुबह 9:33
- कन्या25 अक्टूबर, दोपहर 12:30
- तुला27 अक्टूबर, दोपहर 12:30
- वृश्चिक29 अक्टूबर, सुबह 11:37
- धनु31 अक्टूबर, सुबह 11:01
- मकर2 नवंबर, दोपहर 2:22
- कुम्भ4 नवंबर, रात 9:21
- मीन7 नवंबर, सुबह 7:25
- मेष9 नवंबर, शाम 7:23
- वृषभ12 नवंबर, सुबह 8:07
- मिथुन14 नवंबर, रात 8:39
- कर्क17 नवंबर, सुबह 7:49
- सिंह19 नवंबर, शाम 4:13
- कन्या21 नवंबर, रात 8:58
- तुला23 नवंबर, रात 10:25
- वृश्चिक25 नवंबर, रात 10:00
- धनु27 नवंबर, रात 9:41
- मकर29 नवंबर, रात 11:28
- कुम्भ2 दिसंबर, सुबह 4:45
- मीन4 दिसंबर, दोपहर 1:50
- मेष7 दिसंबर, रात 1:40
- वृषभ9 दिसंबर, दोपहर 2:29
- मिथुन12 दिसंबर, रात 2:44
- कर्क14 दिसंबर, दोपहर 1:27
- सिंह16 दिसंबर, रात 10:01
- कन्या19 दिसंबर, रात 3:57
- तुला21 दिसंबर, सुबह 7:13
- वृश्चिक23 दिसंबर, सुबह 8:25
- धनु25 दिसंबर, सुबह 8:52
- मकर27 दिसंबर, सुबह 10:14
- कुम्भ29 दिसंबर, दोपहर 2:11
- मीन31 दिसंबर, रात 9:48
यह भी देखें: चन्द्र (शब्दकोश) · गोचर 2038: सभी ग्रह · अपनी कुंडली पर गोचर
समझें
गोचर क्या है
गोचर का अर्थ है ग्रहों का चलना: आकाश में हर ग्रह राशि-चक्र में आगे बढ़ता है, और जब वह एक राशि की सीमा पार करता है तो उसे उस ग्रह का राशि परिवर्तन (संक्रमण) कहते हैं। यह पृष्ठ केवल वही बताता है कि कौन-सा ग्रह कब कहाँ है। शास्त्रीय पद्धति में गोचर को व्यक्ति की जन्म-राशि (चन्द्र राशि) से गिनकर पढ़ा जाता है; अपनी कुंडली पर आज का गोचर देखने के लिए गोचर उपकरण खोलें।
वक्री और मार्गी
पृथ्वी से देखने पर मंगल, बुध, गुरु, शुक्र और शनि कभी-कभी कुछ समय के लिए पीछे की ओर चलते दिखते हैं। इसे वक्री गति कहते हैं; जिस क्षण ग्रह रुककर मुड़ता है वह स्तम्भन (स्टेशन) है, और फिर आगे बढ़ना मार्गी होना। यह पृथ्वी और ग्रह की कक्षाओं की सापेक्ष गति का दृश्य प्रभाव है। सूर्य और चन्द्रमा कभी वक्री नहीं होते; राहु-केतु (मध्यम) सदा पीछे चलते हैं।
अस्त (दहन)
जब कोई ग्रह सूर्य के बहुत पास होता है तो सूर्य की चमक में वह दिखाई नहीं देता; ग्रंथ इसे अस्त कहते हैं, और फिर दिखने लगना उदय। सूर्य सिद्धान्त हर ग्रह के लिए दूरी की सीमा देता है। यहाँ प्रयुक्त सीमाएँ: मंगल 17°, बुध 14° (वक्री में 12°), गुरु 11°, शुक्र 10° (वक्री में 8°), शनि 15°। पंचांग गुरु और शुक्र के अस्त-काल को विवाह जैसे संस्कारों के मुहूर्त में छोड़ते हैं।
निरयण राशियाँ
भारतीय पंचांग राशियों को तारों के सापेक्ष (निरयण) गिनते हैं। पश्चिमी (सायन) राशियाँ इनसे लगभग 24° आगे हैं, इसलिए वहाँ छपी तारीखें यहाँ से लगभग तीन सप्ताह पहले की होती हैं। यहाँ लाहिरी अयनांश प्रयुक्त है।
यह गणना कैसे हुई
NASA JPL के DE421 आँकड़ों से हर ग्रह की स्पष्ट भू-केन्द्रीय स्थिति, लाहिरी अयनांश घटाकर। राशि-सीमा पार करने, गति शून्य होने और सूर्य से दूरी सीमा के बराबर होने के क्षण द्विभाजन (bisection) से एक सेकंड से कम की शुद्धता तक निकाले गए हैं। अयनांश के छोटे अन्तर से धीमे ग्रहों (विशेषकर शनि) का समय दूसरे पंचांगों से कुछ घंटे अलग हो सकता है।
पंचांग में और
- आजआज के पाँच अंग, शुभ-अशुभ समय और चौघड़िया।
- मासिक कैलेंडरपूरे मास की तिथियाँ, नक्षत्र और पर्व।
- पर्व और व्रतवर्ष भर के पर्व, व्रत, एकादशी और पूर्णिमा।
- मुहूर्त खोजेंरोज़ के कामों के लिए शुभ समय, कारण सहित।
- चौघड़ियादिन-रात के आठ-आठ भाग, अभी कौन-सा चल रहा है।
- राहु कालआज का राहु काल, गुलिक और यमगण्ड।
- पंचकआने वाले महीनों के पंचक, और ग्रंथ इनके बारे में क्या कहते हैं।
- भद्राभद्रा (विष्टि करण) कब है और उसका वास कहाँ है।
- संक्रान्तिवर्ष की बारह संक्रान्तियाँ, समय और पुण्य काल सहित।
- ग्रहणवर्ष के सूर्य और चन्द्र ग्रहण, स्पर्श-मोक्ष के समय और सूतक।
- तिथि परिवर्तककिसी भी अंग्रेज़ी तारीख की हिन्दू तिथि।
- जन्म तिथिअपनी जन्म तिथि और अगले वर्षों की तारीखें।
- नामाक्षरनक्षत्र-पद के अनुसार नाम के आरम्भिक अक्षर।
