पंचांग · गोचर · चन्द्र
2039 में चन्द्र का गोचर
चन्द्रमा लगभग हर सवा दो दिन में राशि बदलता है; 2039 में 160 बार। नीचे हर प्रवेश का समय है।
सभी समय पोर्ट ऑफ़ स्पेन के स्थानीय समय (America/Port of Spain, AST) में।
2039 में चन्द्र किन राशियों में है
- मेष3 जनवरी, सुबह 4:52
- वृषभ5 जनवरी, शाम 5:38
- मिथुन8 जनवरी, सुबह 5:50
- कर्क10 जनवरी, दोपहर 3:59
- सिंह12 जनवरी, रात 11:44
- कन्या15 जनवरी, सुबह 5:23
- तुला17 जनवरी, सुबह 9:24
- वृश्चिक19 जनवरी, दोपहर 12:10
- धनु21 जनवरी, दोपहर 2:15
- मकर23 जनवरी, शाम 4:33
- कुम्भ25 जनवरी, रात 8:22
- मीन28 जनवरी, रात 3:00
- मेष30 जनवरी, दोपहर 1:05
- वृषभ2 फ़रवरी, रात 1:35
- मिथुन4 फ़रवरी, दोपहर 2:03
- कर्क7 फ़रवरी, रात 12:09
- सिंह9 फ़रवरी, सुबह 7:07
- कन्या11 फ़रवरी, सुबह 11:37
- तुला13 फ़रवरी, दोपहर 2:49
- वृश्चिक15 फ़रवरी, शाम 5:44
- धनु17 फ़रवरी, रात 8:54
- मकर20 फ़रवरी, रात 12:37
- कुम्भ22 फ़रवरी, सुबह 5:24
- मीन24 फ़रवरी, दोपहर 12:08
- मेष26 फ़रवरी, रात 9:39
- वृषभ1 मार्च, सुबह 9:46
- मिथुन3 मार्च, रात 10:34
- कर्क6 मार्च, सुबह 9:19
- सिंह8 मार्च, शाम 4:23
- कन्या10 मार्च, रात 8:05
- तुला12 मार्च, रात 9:54
- वृश्चिक14 मार्च, रात 11:32
- धनु17 मार्च, रात 2:14
- मकर19 मार्च, सुबह 6:28
- कुम्भ21 मार्च, दोपहर 12:18
- मीन23 मार्च, शाम 7:52
- मेष26 मार्च, सुबह 5:35
- वृषभ28 मार्च, शाम 5:31
- मिथुन31 मार्च, सुबह 6:31
- कर्क2 अप्रैल, शाम 6:11
- सिंह5 अप्रैल, रात 2:15
- कन्या7 अप्रैल, सुबह 6:15
- तुला9 अप्रैल, सुबह 7:23
- वृश्चिक11 अप्रैल, सुबह 7:35
- धनु13 अप्रैल, सुबह 8:42
- मकर15 अप्रैल, सुबह 11:57
- कुम्भ17 अप्रैल, शाम 5:47
- मीन20 अप्रैल, रात 2:00
- मेष22 अप्रैल, दोपहर 12:19
- वृषभ25 अप्रैल, रात 12:23
- मिथुन27 अप्रैल, दोपहर 1:27
- कर्क30 अप्रैल, रात 1:45
- सिंह2 मई, सुबह 11:09
- कन्या4 मई, शाम 4:27
- तुला6 मई, शाम 6:09
- वृश्चिक8 मई, शाम 5:51
- धनु10 मई, शाम 5:34
- मकर12 मई, शाम 7:07
- कुम्भ14 मई, रात 11:41
- मीन17 मई, सुबह 7:33
- मेष19 मई, शाम 6:10
- वृषभ22 मई, सुबह 6:33
- मिथुन24 मई, शाम 7:36
- कर्क27 मई, सुबह 8:01
- सिंह29 मई, शाम 6:16
- कन्या1 जून, रात 1:06
- तुला3 जून, सुबह 4:17
- वृश्चिक5 जून, सुबह 4:45
- धनु7 जून, सुबह 4:10
- मकर9 जून, सुबह 4:28
- कुम्भ11 जून, सुबह 7:22
- मीन13 जून, दोपहर 1:56
- मेष16 जून, रात 12:05
- वृषभ18 जून, दोपहर 12:33
- मिथुन21 जून, रात 1:36
- कर्क23 जून, दोपहर 1:45
- सिंह26 जून, रात 12:02
- कन्या28 जून, सुबह 7:43
- तुला30 जून, दोपहर 12:26
- वृश्चिक2 जुलाई, दोपहर 2:28
- धनु4 जुलाई, दोपहर 2:49
- मकर6 जुलाई, दोपहर 3:00
- कुम्भ8 जुलाई, शाम 4:50
- मीन10 जुलाई, रात 9:56
- मेष13 जुलाई, सुबह 6:59
- वृषभ15 जुलाई, शाम 7:05
- मिथुन18 जुलाई, सुबह 8:06
- कर्क20 जुलाई, शाम 7:58
- सिंह23 जुलाई, सुबह 5:43
- कन्या25 जुलाई, दोपहर 1:11
- तुला27 जुलाई, शाम 6:32
- वृश्चिक29 जुलाई, रात 9:57
- धनु31 जुलाई, रात 11:50
- मकर3 अगस्त, रात 1:01
- कुम्भ5 अगस्त, रात 2:54
- मीन7 अगस्त, सुबह 7:11
- मेष9 अगस्त, दोपहर 3:05
- वृषभ12 अगस्त, रात 2:28
- मिथुन14 अगस्त, दोपहर 3:24
- कर्क17 अगस्त, रात 3:16
- सिंह19 अगस्त, दोपहर 12:30
- कन्या21 अगस्त, शाम 7:07
- तुला23 अगस्त, रात 11:55
- वृश्चिक26 अगस्त, रात 3:36
- धनु28 अगस्त, सुबह 6:34
- मकर30 अगस्त, सुबह 9:09
- कुम्भ1 सितंबर, दोपहर 12:03
- मीन3 सितंबर, शाम 4:31
- मेष5 सितंबर, रात 11:52
- वृषभ8 सितंबर, सुबह 10:34
- मिथुन10 सितंबर, रात 11:21
- कर्क13 सितंबर, सुबह 11:31
- सिंह15 सितंबर, रात 8:49
- कन्या18 सितंबर, रात 2:49
- तुला20 सितंबर, सुबह 6:30
- वृश्चिक22 सितंबर, सुबह 9:12
- धनु24 सितंबर, सुबह 11:57
- मकर26 सितंबर, दोपहर 3:13
- कुम्भ28 सितंबर, शाम 7:18
- मीन1 अक्टूबर, रात 12:43
- मेष3 अक्टूबर, सुबह 8:19
- वृषभ5 अक्टूबर, शाम 6:43
- मिथुन8 अक्टूबर, सुबह 7:19
- कर्क10 अक्टूबर, शाम 7:58
- सिंह13 अक्टूबर, सुबह 6:03
- कन्या15 अक्टूबर, दोपहर 12:19
- तुला17 अक्टूबर, दोपहर 3:22
- वृश्चिक19 अक्टूबर, शाम 4:45
- धनु21 अक्टूबर, शाम 6:07
- मकर23 अक्टूबर, रात 8:38
- कुम्भ26 अक्टूबर, रात 12:55
- मीन28 अक्टूबर, सुबह 7:12
- मेष30 अक्टूबर, दोपहर 3:36
- वृषभ2 नवंबर, रात 2:15
- मिथुन4 नवंबर, दोपहर 2:45
- कर्क7 नवंबर, रात 3:44
- सिंह9 नवंबर, दोपहर 2:53
- कन्या11 नवंबर, रात 10:23
- तुला14 नवंबर, रात 2:00
- वृश्चिक16 नवंबर, रात 2:52
- धनु18 नवंबर, रात 2:49
- मकर20 नवंबर, रात 3:37
- कुम्भ22 नवंबर, सुबह 6:41
- मीन24 नवंबर, दोपहर 12:43
- मेष26 नवंबर, रात 9:38
- वृषभ29 नवंबर, सुबह 8:49
- मिथुन1 दिसंबर, रात 9:26
- कर्क4 दिसंबर, सुबह 10:24
- सिंह6 दिसंबर, रात 10:13
- कन्या9 दिसंबर, सुबह 7:13
- तुला11 दिसंबर, दोपहर 12:27
- वृश्चिक13 दिसंबर, दोपहर 2:13
- धनु15 दिसंबर, दोपहर 1:53
- मकर17 दिसंबर, दोपहर 1:21
- कुम्भ19 दिसंबर, दोपहर 2:34
- मीन21 दिसंबर, शाम 7:05
- मेष24 दिसंबर, रात 3:25
- वृषभ26 दिसंबर, दोपहर 2:49
- मिथुन29 दिसंबर, रात 3:40
- कर्क31 दिसंबर, शाम 4:29
यह भी देखें: चन्द्र (शब्दकोश) · गोचर 2039: सभी ग्रह · अपनी कुंडली पर गोचर
समझें
गोचर क्या है
गोचर का अर्थ है ग्रहों का चलना: आकाश में हर ग्रह राशि-चक्र में आगे बढ़ता है, और जब वह एक राशि की सीमा पार करता है तो उसे उस ग्रह का राशि परिवर्तन (संक्रमण) कहते हैं। यह पृष्ठ केवल वही बताता है कि कौन-सा ग्रह कब कहाँ है। शास्त्रीय पद्धति में गोचर को व्यक्ति की जन्म-राशि (चन्द्र राशि) से गिनकर पढ़ा जाता है; अपनी कुंडली पर आज का गोचर देखने के लिए गोचर उपकरण खोलें।
वक्री और मार्गी
पृथ्वी से देखने पर मंगल, बुध, गुरु, शुक्र और शनि कभी-कभी कुछ समय के लिए पीछे की ओर चलते दिखते हैं। इसे वक्री गति कहते हैं; जिस क्षण ग्रह रुककर मुड़ता है वह स्तम्भन (स्टेशन) है, और फिर आगे बढ़ना मार्गी होना। यह पृथ्वी और ग्रह की कक्षाओं की सापेक्ष गति का दृश्य प्रभाव है। सूर्य और चन्द्रमा कभी वक्री नहीं होते; राहु-केतु (मध्यम) सदा पीछे चलते हैं।
अस्त (दहन)
जब कोई ग्रह सूर्य के बहुत पास होता है तो सूर्य की चमक में वह दिखाई नहीं देता; ग्रंथ इसे अस्त कहते हैं, और फिर दिखने लगना उदय। सूर्य सिद्धान्त हर ग्रह के लिए दूरी की सीमा देता है। यहाँ प्रयुक्त सीमाएँ: मंगल 17°, बुध 14° (वक्री में 12°), गुरु 11°, शुक्र 10° (वक्री में 8°), शनि 15°। पंचांग गुरु और शुक्र के अस्त-काल को विवाह जैसे संस्कारों के मुहूर्त में छोड़ते हैं।
निरयण राशियाँ
भारतीय पंचांग राशियों को तारों के सापेक्ष (निरयण) गिनते हैं। पश्चिमी (सायन) राशियाँ इनसे लगभग 24° आगे हैं, इसलिए वहाँ छपी तारीखें यहाँ से लगभग तीन सप्ताह पहले की होती हैं। यहाँ लाहिरी अयनांश प्रयुक्त है।
यह गणना कैसे हुई
NASA JPL के DE421 आँकड़ों से हर ग्रह की स्पष्ट भू-केन्द्रीय स्थिति, लाहिरी अयनांश घटाकर। राशि-सीमा पार करने, गति शून्य होने और सूर्य से दूरी सीमा के बराबर होने के क्षण द्विभाजन (bisection) से एक सेकंड से कम की शुद्धता तक निकाले गए हैं। अयनांश के छोटे अन्तर से धीमे ग्रहों (विशेषकर शनि) का समय दूसरे पंचांगों से कुछ घंटे अलग हो सकता है।
पंचांग में और
- आजआज के पाँच अंग, शुभ-अशुभ समय और चौघड़िया।
- मासिक कैलेंडरपूरे मास की तिथियाँ, नक्षत्र और पर्व।
- पर्व और व्रतवर्ष भर के पर्व, व्रत, एकादशी और पूर्णिमा।
- मुहूर्त खोजेंरोज़ के कामों के लिए शुभ समय, कारण सहित।
- चौघड़ियादिन-रात के आठ-आठ भाग, अभी कौन-सा चल रहा है।
- राहु कालआज का राहु काल, गुलिक और यमगण्ड।
- पंचकआने वाले महीनों के पंचक, और ग्रंथ इनके बारे में क्या कहते हैं।
- भद्राभद्रा (विष्टि करण) कब है और उसका वास कहाँ है।
- संक्रान्तिवर्ष की बारह संक्रान्तियाँ, समय और पुण्य काल सहित।
- ग्रहणवर्ष के सूर्य और चन्द्र ग्रहण, स्पर्श-मोक्ष के समय और सूतक।
- तिथि परिवर्तककिसी भी अंग्रेज़ी तारीख की हिन्दू तिथि।
- जन्म तिथिअपनी जन्म तिथि और अगले वर्षों की तारीखें।
- नामाक्षरनक्षत्र-पद के अनुसार नाम के आरम्भिक अक्षर।
