पंचांग · गोचर · चन्द्र
2040 में चन्द्र का गोचर
चन्द्रमा लगभग हर सवा दो दिन में राशि बदलता है; 2040 में 160 बार। नीचे हर प्रवेश का समय है।
सभी समय शिकागो के स्थानीय समय (America/Chicago, CST/CDT) में।
2040 में चन्द्र किन राशियों में है
- सिंह3 जनवरी, रात 2:13
- कन्या5 जनवरी, सुबह 11:56
- तुला7 जनवरी, शाम 6:48
- वृश्चिक9 जनवरी, रात 10:25
- धनु11 जनवरी, रात 11:16
- मकर13 जनवरी, रात 10:46
- कुम्भ15 जनवरी, रात 10:53
- मीन18 जनवरी, रात 1:39
- मेष20 जनवरी, सुबह 8:27
- वृषभ22 जनवरी, शाम 7:11
- मिथुन25 जनवरी, सुबह 8:04
- कर्क27 जनवरी, रात 8:51
- सिंह30 जनवरी, सुबह 8:07
- कन्या1 फ़रवरी, शाम 5:29
- तुला4 फ़रवरी, रात 12:50
- वृश्चिक6 फ़रवरी, सुबह 5:54
- धनु8 फ़रवरी, सुबह 8:35
- मकर10 फ़रवरी, सुबह 9:28
- कुम्भ12 फ़रवरी, सुबह 9:56
- मीन14 फ़रवरी, सुबह 11:56
- मेष16 फ़रवरी, शाम 5:17
- वृषभ19 फ़रवरी, रात 2:46
- मिथुन21 फ़रवरी, दोपहर 3:12
- कर्क24 फ़रवरी, सुबह 4:02
- सिंह26 फ़रवरी, दोपहर 3:05
- कन्या28 फ़रवरी, रात 11:43
- तुला2 मार्च, सुबह 6:20
- वृश्चिक4 मार्च, सुबह 11:25
- धनु6 मार्च, दोपहर 3:07
- मकर8 मार्च, शाम 5:34
- कुम्भ10 मार्च, शाम 7:27
- मीन12 मार्च, रात 11:02
- मेष15 मार्च, रात 3:58
- वृषभ17 मार्च, दोपहर 12:27
- मिथुन20 मार्च, रात 12:09
- कर्क22 मार्च, दोपहर 12:59
- सिंह25 मार्च, रात 12:15
- कन्या27 मार्च, सुबह 8:37
- तुला29 मार्च, दोपहर 2:18
- वृश्चिक31 मार्च, शाम 6:17
- धनु2 अप्रैल, रात 9:27
- मकर5 अप्रैल, रात 12:22
- कुम्भ7 अप्रैल, रात 3:26
- मीन9 अप्रैल, सुबह 7:16
- मेष11 अप्रैल, दोपहर 12:53
- वृषभ13 अप्रैल, रात 9:12
- मिथुन16 अप्रैल, सुबह 8:23
- कर्क18 अप्रैल, रात 9:07
- सिंह21 अप्रैल, सुबह 8:56
- कन्या23 अप्रैल, शाम 5:47
- तुला25 अप्रैल, रात 11:15
- वृश्चिक28 अप्रैल, रात 2:12
- धनु30 अप्रैल, रात 3:59
- मकर2 मई, सुबह 5:55
- कुम्भ4 मई, सुबह 8:52
- मीन6 मई, दोपहर 1:27
- मेष8 मई, रात 8:03
- वृषभ11 मई, सुबह 4:56
- मिथुन13 मई, शाम 4:07
- कर्क16 मई, सुबह 4:47
- सिंह18 मई, शाम 5:07
- कन्या21 मई, रात 3:00
- तुला23 मई, सुबह 9:13
- वृश्चिक25 मई, दोपहर 12:03
- धनु27 मई, दोपहर 12:49
- मकर29 मई, दोपहर 1:12
- कुम्भ31 मई, दोपहर 2:49
- मीन2 जून, शाम 6:52
- मेष5 जून, रात 1:47
- वृषभ7 जून, सुबह 11:21
- मिथुन9 जून, रात 10:54
- कर्क12 जून, सुबह 11:35
- सिंह15 जून, रात 12:11
- कन्या17 जून, सुबह 11:03
- तुला19 जून, शाम 6:40
- वृश्चिक21 जून, रात 10:30
- धनु23 जून, रात 11:18
- मकर25 जून, रात 10:44
- कुम्भ27 जून, रात 10:47
- मीन30 जून, रात 1:19
- मेष2 जुलाई, सुबह 7:25
- वृषभ4 जुलाई, शाम 5:01
- मिथुन7 जुलाई, सुबह 4:55
- कर्क9 जुलाई, शाम 5:43
- सिंह12 जुलाई, सुबह 6:17
- कन्या14 जुलाई, शाम 5:35
- तुला17 जुलाई, रात 2:26
- वृश्चिक19 जुलाई, सुबह 7:52
- धनु21 जुलाई, सुबह 9:51
- मकर23 जुलाई, सुबह 9:30
- कुम्भ25 जुलाई, सुबह 8:45
- मीन27 जुलाई, सुबह 9:47
- मेष29 जुलाई, दोपहर 2:21
- वृषभ31 जुलाई, रात 11:03
- मिथुन3 अगस्त, सुबह 10:49
- कर्क5 अगस्त, रात 11:42
- सिंह8 अगस्त, दोपहर 12:06
- कन्या10 अगस्त, रात 11:13
- तुला13 अगस्त, सुबह 8:28
- वृश्चिक15 अगस्त, दोपहर 3:10
- धनु17 अगस्त, शाम 6:48
- मकर19 अगस्त, शाम 7:46
- कुम्भ21 अगस्त, शाम 7:27
- मीन23 अगस्त, शाम 7:52
- मेष25 अगस्त, रात 11:06
- वृषभ28 अगस्त, सुबह 6:25
- मिथुन30 अगस्त, शाम 5:27
- कर्क2 सितंबर, सुबह 6:12
- सिंह4 सितंबर, शाम 6:30
- कन्या7 सितंबर, सुबह 5:09
- तुला9 सितंबर, दोपहर 1:55
- वृश्चिक11 सितंबर, रात 8:47
- धनु14 सितंबर, रात 1:30
- मकर16 सितंबर, सुबह 4:03
- कुम्भ18 सितंबर, सुबह 5:07
- मीन20 सितंबर, सुबह 6:09
- मेष22 सितंबर, सुबह 9:01
- वृषभ24 सितंबर, दोपहर 3:13
- मिथुन27 सितंबर, रात 1:12
- कर्क29 सितंबर, दोपहर 1:35
- सिंह2 अक्टूबर, रात 1:56
- कन्या4 अक्टूबर, दोपहर 12:23
- तुला6 अक्टूबर, रात 8:25
- वृश्चिक9 अक्टूबर, रात 2:25
- धनु11 अक्टूबर, सुबह 6:52
- मकर13 अक्टूबर, सुबह 10:06
- कुम्भ15 अक्टूबर, दोपहर 12:33
- मीन17 अक्टूबर, दोपहर 2:59
- मेष19 अक्टूबर, शाम 6:34
- वृषभ22 अक्टूबर, रात 12:36
- मिथुन24 अक्टूबर, सुबह 9:48
- कर्क26 अक्टूबर, रात 9:39
- सिंह29 अक्टूबर, सुबह 10:10
- कन्या31 अक्टूबर, रात 9:00
- तुला3 नवंबर, सुबह 4:51
- वृश्चिक5 नवंबर, सुबह 8:54
- धनु7 नवंबर, दोपहर 12:05
- मकर9 नवंबर, दोपहर 2:32
- कुम्भ11 नवंबर, शाम 5:08
- मीन13 नवंबर, रात 8:35
- मेष16 नवंबर, रात 1:25
- वृषभ18 नवंबर, सुबह 8:11
- मिथुन20 नवंबर, शाम 5:20
- कर्क23 नवंबर, सुबह 4:48
- सिंह25 नवंबर, शाम 5:25
- कन्या28 नवंबर, सुबह 5:02
- तुला30 नवंबर, दोपहर 1:39
- वृश्चिक2 दिसंबर, शाम 6:39
- धनु4 दिसंबर, रात 8:48
- मकर6 दिसंबर, रात 9:41
- कुम्भ8 दिसंबर, रात 10:58
- मीन11 दिसंबर, रात 1:58
- मेष13 दिसंबर, सुबह 7:20
- वृषभ15 दिसंबर, दोपहर 3:04
- मिथुन18 दिसंबर, रात 12:50
- कर्क20 दिसंबर, दोपहर 12:20
- सिंह23 दिसंबर, रात 12:55
- कन्या25 दिसंबर, दोपहर 1:11
- तुला27 दिसंबर, रात 11:09
- वृश्चिक30 दिसंबर, सुबह 5:18
यह भी देखें: चन्द्र (शब्दकोश) · गोचर 2040: सभी ग्रह · अपनी कुंडली पर गोचर
समझें
गोचर क्या है
गोचर का अर्थ है ग्रहों का चलना: आकाश में हर ग्रह राशि-चक्र में आगे बढ़ता है, और जब वह एक राशि की सीमा पार करता है तो उसे उस ग्रह का राशि परिवर्तन (संक्रमण) कहते हैं। यह पृष्ठ केवल वही बताता है कि कौन-सा ग्रह कब कहाँ है। शास्त्रीय पद्धति में गोचर को व्यक्ति की जन्म-राशि (चन्द्र राशि) से गिनकर पढ़ा जाता है; अपनी कुंडली पर आज का गोचर देखने के लिए गोचर उपकरण खोलें।
वक्री और मार्गी
पृथ्वी से देखने पर मंगल, बुध, गुरु, शुक्र और शनि कभी-कभी कुछ समय के लिए पीछे की ओर चलते दिखते हैं। इसे वक्री गति कहते हैं; जिस क्षण ग्रह रुककर मुड़ता है वह स्तम्भन (स्टेशन) है, और फिर आगे बढ़ना मार्गी होना। यह पृथ्वी और ग्रह की कक्षाओं की सापेक्ष गति का दृश्य प्रभाव है। सूर्य और चन्द्रमा कभी वक्री नहीं होते; राहु-केतु (मध्यम) सदा पीछे चलते हैं।
अस्त (दहन)
जब कोई ग्रह सूर्य के बहुत पास होता है तो सूर्य की चमक में वह दिखाई नहीं देता; ग्रंथ इसे अस्त कहते हैं, और फिर दिखने लगना उदय। सूर्य सिद्धान्त हर ग्रह के लिए दूरी की सीमा देता है। यहाँ प्रयुक्त सीमाएँ: मंगल 17°, बुध 14° (वक्री में 12°), गुरु 11°, शुक्र 10° (वक्री में 8°), शनि 15°। पंचांग गुरु और शुक्र के अस्त-काल को विवाह जैसे संस्कारों के मुहूर्त में छोड़ते हैं।
निरयण राशियाँ
भारतीय पंचांग राशियों को तारों के सापेक्ष (निरयण) गिनते हैं। पश्चिमी (सायन) राशियाँ इनसे लगभग 24° आगे हैं, इसलिए वहाँ छपी तारीखें यहाँ से लगभग तीन सप्ताह पहले की होती हैं। यहाँ लाहिरी अयनांश प्रयुक्त है।
यह गणना कैसे हुई
NASA JPL के DE421 आँकड़ों से हर ग्रह की स्पष्ट भू-केन्द्रीय स्थिति, लाहिरी अयनांश घटाकर। राशि-सीमा पार करने, गति शून्य होने और सूर्य से दूरी सीमा के बराबर होने के क्षण द्विभाजन (bisection) से एक सेकंड से कम की शुद्धता तक निकाले गए हैं। अयनांश के छोटे अन्तर से धीमे ग्रहों (विशेषकर शनि) का समय दूसरे पंचांगों से कुछ घंटे अलग हो सकता है।
पंचांग में और
- आजआज के पाँच अंग, शुभ-अशुभ समय और चौघड़िया।
- मासिक कैलेंडरपूरे मास की तिथियाँ, नक्षत्र और पर्व।
- पर्व और व्रतवर्ष भर के पर्व, व्रत, एकादशी और पूर्णिमा।
- मुहूर्त खोजेंरोज़ के कामों के लिए शुभ समय, कारण सहित।
- चौघड़ियादिन-रात के आठ-आठ भाग, अभी कौन-सा चल रहा है।
- राहु कालआज का राहु काल, गुलिक और यमगण्ड।
- पंचकआने वाले महीनों के पंचक, और ग्रंथ इनके बारे में क्या कहते हैं।
- भद्राभद्रा (विष्टि करण) कब है और उसका वास कहाँ है।
- संक्रान्तिवर्ष की बारह संक्रान्तियाँ, समय और पुण्य काल सहित।
- ग्रहणवर्ष के सूर्य और चन्द्र ग्रहण, स्पर्श-मोक्ष के समय और सूतक।
- तिथि परिवर्तककिसी भी अंग्रेज़ी तारीख की हिन्दू तिथि।
- जन्म तिथिअपनी जन्म तिथि और अगले वर्षों की तारीखें।
- नामाक्षरनक्षत्र-पद के अनुसार नाम के आरम्भिक अक्षर।
