पंचांग · गोचर · चन्द्र
2042 में चन्द्र का गोचर
चन्द्रमा लगभग हर सवा दो दिन में राशि बदलता है; 2042 में 160 बार। नीचे हर प्रवेश का समय है।
2042 में चन्द्र किन राशियों में है
- वृषभ2 जनवरी, शाम 4:34
- मिथुन4 जनवरी, रात 10:22
- कर्क7 जनवरी, सुबह 5:57
- सिंह9 जनवरी, दोपहर 3:54
- कन्या12 जनवरी, सुबह 4:07
- तुला14 जनवरी, शाम 4:57
- वृश्चिक17 जनवरी, रात 3:45
- धनु19 जनवरी, सुबह 10:40
- मकर21 जनवरी, दोपहर 1:50
- कुम्भ23 जनवरी, दोपहर 2:48
- मीन25 जनवरी, दोपहर 3:33
- मेष27 जनवरी, शाम 5:41
- वृषभ29 जनवरी, रात 10:00
- मिथुन1 फ़रवरी, सुबह 4:30
- कर्क3 फ़रवरी, दोपहर 12:58
- सिंह5 फ़रवरी, रात 11:19
- कन्या8 फ़रवरी, सुबह 11:28
- तुला11 फ़रवरी, रात 12:29
- वृश्चिक13 फ़रवरी, दोपहर 12:15
- धनु15 फ़रवरी, रात 8:34
- मकर18 फ़रवरी, रात 12:38
- कुम्भ20 फ़रवरी, रात 1:27
- मीन22 फ़रवरी, रात 1:01
- मेष24 फ़रवरी, रात 1:23
- वृषभ26 फ़रवरी, सुबह 4:09
- मिथुन28 फ़रवरी, सुबह 10:00
- कर्क2 मार्च, शाम 6:44
- सिंह5 मार्च, सुबह 5:38
- कन्या7 मार्च, शाम 5:59
- तुला10 मार्च, सुबह 6:57
- वृश्चिक12 मार्च, शाम 7:09
- धनु15 मार्च, सुबह 4:44
- मकर17 मार्च, सुबह 10:28
- कुम्भ19 मार्च, दोपहर 12:29
- मीन21 मार्च, दोपहर 12:13
- मेष23 मार्च, सुबह 11:37
- वृषभ25 मार्च, दोपहर 12:39
- मिथुन27 मार्च, शाम 4:49
- कर्क30 मार्च, रात 12:38
- सिंह1 अप्रैल, सुबह 11:31
- कन्या4 अप्रैल, रात 12:06
- तुला6 अप्रैल, दोपहर 1:00
- वृश्चिक9 अप्रैल, रात 1:01
- धनु11 अप्रैल, सुबह 11:01
- मकर13 अप्रैल, शाम 6:03
- कुम्भ15 अप्रैल, रात 9:48
- मीन17 अप्रैल, रात 10:54
- मेष19 अप्रैल, रात 10:43
- वृषभ21 अप्रैल, रात 11:03
- मिथुन24 अप्रैल, रात 1:43
- कर्क26 अप्रैल, सुबह 7:59
- सिंह28 अप्रैल, शाम 6:01
- कन्या1 मई, सुबह 6:30
- तुला3 मई, शाम 7:24
- वृश्चिक6 मई, सुबह 7:02
- धनु8 मई, शाम 4:35
- मकर10 मई, रात 11:49
- कुम्भ13 मई, सुबह 4:41
- मीन15 मई, सुबह 7:24
- मेष17 मई, सुबह 8:37
- वृषभ19 मई, सुबह 9:33
- मिथुन21 मई, सुबह 11:45
- कर्क23 मई, शाम 4:50
- सिंह26 मई, रात 1:41
- कन्या28 मई, दोपहर 1:39
- तुला31 मई, रात 2:32
- वृश्चिक2 जून, दोपहर 2:00
- धनु4 जून, रात 10:55
- मकर7 जून, सुबह 5:25
- कुम्भ9 जून, सुबह 10:07
- मीन11 जून, दोपहर 1:35
- मेष13 जून, शाम 4:11
- वृषभ15 जून, शाम 6:26
- मिथुन17 जून, रात 9:19
- कर्क20 जून, रात 2:10
- सिंह22 जून, सुबह 10:12
- कन्या24 जून, रात 9:30
- तुला27 जून, सुबह 10:21
- वृश्चिक29 जून, रात 10:02
- धनु2 जुलाई, सुबह 6:44
- मकर4 जुलाई, दोपहर 12:23
- कुम्भ6 जुलाई, शाम 4:03
- मीन8 जुलाई, शाम 6:58
- मेष10 जुलाई, रात 9:52
- वृषभ13 जुलाई, रात 1:09
- मिथुन15 जुलाई, सुबह 5:10
- कर्क17 जुलाई, सुबह 10:41
- सिंह19 जुलाई, शाम 6:39
- कन्या22 जुलाई, सुबह 5:32
- तुला24 जुलाई, शाम 6:20
- वृश्चिक27 जुलाई, सुबह 6:32
- धनु29 जुलाई, दोपहर 3:42
- मकर31 जुलाई, रात 9:10
- कुम्भ2 अगस्त, रात 11:53
- मीन5 अगस्त, रात 1:30
- मेष7 अगस्त, रात 3:26
- वृषभ9 अगस्त, सुबह 6:33
- मिथुन11 अगस्त, सुबह 11:14
- कर्क13 अगस्त, शाम 5:40
- सिंह16 अगस्त, रात 2:12
- कन्या18 अगस्त, दोपहर 1:07
- तुला21 अगस्त, रात 1:53
- वृश्चिक23 अगस्त, दोपहर 2:36
- धनु26 अगस्त, रात 12:48
- मकर28 अगस्त, सुबह 7:02
- कुम्भ30 अगस्त, सुबह 9:42
- मीन1 सितंबर, सुबह 10:20
- मेष3 सितंबर, सुबह 10:45
- वृषभ5 सितंबर, दोपहर 12:33
- मिथुन7 सितंबर, शाम 4:39
- कर्क9 सितंबर, रात 11:22
- सिंह12 सितंबर, सुबह 8:34
- कन्या14 सितंबर, शाम 7:52
- तुला17 सितंबर, सुबह 8:39
- वृश्चिक19 सितंबर, रात 9:38
- धनु22 सितंबर, सुबह 8:51
- मकर24 सितंबर, शाम 4:33
- कुम्भ26 सितंबर, रात 8:18
- मीन28 सितंबर, रात 9:04
- मेष30 सितंबर, रात 8:34
- वृषभ2 अक्टूबर, रात 8:44
- मिथुन4 अक्टूबर, रात 11:14
- कर्क7 अक्टूबर, सुबह 5:04
- सिंह9 अक्टूबर, दोपहर 2:15
- कन्या12 अक्टूबर, रात 1:56
- तुला14 अक्टूबर, दोपहर 2:51
- वृश्चिक17 अक्टूबर, रात 3:45
- धनु19 अक्टूबर, दोपहर 3:21
- मकर22 अक्टूबर, रात 12:19
- कुम्भ24 अक्टूबर, सुबह 5:49
- मीन26 अक्टूबर, सुबह 7:58
- मेष28 अक्टूबर, सुबह 7:51
- वृषभ30 अक्टूबर, सुबह 7:16
- मिथुन1 नवंबर, सुबह 8:10
- कर्क3 नवंबर, दोपहर 12:18
- सिंह5 नवंबर, रात 8:28
- कन्या8 नवंबर, सुबह 7:59
- तुला10 नवंबर, रात 9:01
- वृश्चिक13 नवंबर, सुबह 9:44
- धनु15 नवंबर, रात 9:00
- मकर18 नवंबर, सुबह 6:16
- कुम्भ20 नवंबर, दोपहर 1:01
- मीन22 नवंबर, शाम 5:00
- मेष24 नवंबर, शाम 6:28
- वृषभ26 नवंबर, शाम 6:32
- मिथुन28 नवंबर, शाम 6:56
- कर्क30 नवंबर, रात 9:40
- सिंह3 दिसंबर, सुबह 4:16
- कन्या5 दिसंबर, दोपहर 2:53
- तुला8 दिसंबर, रात 3:47
- वृश्चिक10 दिसंबर, शाम 4:27
- धनु13 दिसंबर, रात 3:14
- मकर15 दिसंबर, सुबह 11:50
- कुम्भ17 दिसंबर, शाम 6:30
- मीन19 दिसंबर, रात 11:25
- मेष22 दिसंबर, रात 2:34
- वृषभ24 दिसंबर, सुबह 4:16
- मिथुन26 दिसंबर, सुबह 5:33
- कर्क28 दिसंबर, सुबह 8:05
- सिंह30 दिसंबर, दोपहर 1:36
यह भी देखें: चन्द्र (शब्दकोश) · गोचर 2042: सभी ग्रह · अपनी कुंडली पर गोचर
समझें
गोचर क्या है
गोचर का अर्थ है ग्रहों का चलना: आकाश में हर ग्रह राशि-चक्र में आगे बढ़ता है, और जब वह एक राशि की सीमा पार करता है तो उसे उस ग्रह का राशि परिवर्तन (संक्रमण) कहते हैं। यह पृष्ठ केवल वही बताता है कि कौन-सा ग्रह कब कहाँ है। शास्त्रीय पद्धति में गोचर को व्यक्ति की जन्म-राशि (चन्द्र राशि) से गिनकर पढ़ा जाता है; अपनी कुंडली पर आज का गोचर देखने के लिए गोचर उपकरण खोलें।
वक्री और मार्गी
पृथ्वी से देखने पर मंगल, बुध, गुरु, शुक्र और शनि कभी-कभी कुछ समय के लिए पीछे की ओर चलते दिखते हैं। इसे वक्री गति कहते हैं; जिस क्षण ग्रह रुककर मुड़ता है वह स्तम्भन (स्टेशन) है, और फिर आगे बढ़ना मार्गी होना। यह पृथ्वी और ग्रह की कक्षाओं की सापेक्ष गति का दृश्य प्रभाव है। सूर्य और चन्द्रमा कभी वक्री नहीं होते; राहु-केतु (मध्यम) सदा पीछे चलते हैं।
अस्त (दहन)
जब कोई ग्रह सूर्य के बहुत पास होता है तो सूर्य की चमक में वह दिखाई नहीं देता; ग्रंथ इसे अस्त कहते हैं, और फिर दिखने लगना उदय। सूर्य सिद्धान्त हर ग्रह के लिए दूरी की सीमा देता है। यहाँ प्रयुक्त सीमाएँ: मंगल 17°, बुध 14° (वक्री में 12°), गुरु 11°, शुक्र 10° (वक्री में 8°), शनि 15°। पंचांग गुरु और शुक्र के अस्त-काल को विवाह जैसे संस्कारों के मुहूर्त में छोड़ते हैं।
निरयण राशियाँ
भारतीय पंचांग राशियों को तारों के सापेक्ष (निरयण) गिनते हैं। पश्चिमी (सायन) राशियाँ इनसे लगभग 24° आगे हैं, इसलिए वहाँ छपी तारीखें यहाँ से लगभग तीन सप्ताह पहले की होती हैं। यहाँ लाहिरी अयनांश प्रयुक्त है।
यह गणना कैसे हुई
NASA JPL के DE421 आँकड़ों से हर ग्रह की स्पष्ट भू-केन्द्रीय स्थिति, लाहिरी अयनांश घटाकर। राशि-सीमा पार करने, गति शून्य होने और सूर्य से दूरी सीमा के बराबर होने के क्षण द्विभाजन (bisection) से एक सेकंड से कम की शुद्धता तक निकाले गए हैं। अयनांश के छोटे अन्तर से धीमे ग्रहों (विशेषकर शनि) का समय दूसरे पंचांगों से कुछ घंटे अलग हो सकता है।
पंचांग में और
- आजआज के पाँच अंग, शुभ-अशुभ समय और चौघड़िया।
- मासिक कैलेंडरपूरे मास की तिथियाँ, नक्षत्र और पर्व।
- पर्व और व्रतवर्ष भर के पर्व, व्रत, एकादशी और पूर्णिमा।
- मुहूर्त खोजेंरोज़ के कामों के लिए शुभ समय, कारण सहित।
- चौघड़ियादिन-रात के आठ-आठ भाग, अभी कौन-सा चल रहा है।
- राहु कालआज का राहु काल, गुलिक और यमगण्ड।
- पंचकआने वाले महीनों के पंचक, और ग्रंथ इनके बारे में क्या कहते हैं।
- भद्राभद्रा (विष्टि करण) कब है और उसका वास कहाँ है।
- संक्रान्तिवर्ष की बारह संक्रान्तियाँ, समय और पुण्य काल सहित।
- ग्रहणवर्ष के सूर्य और चन्द्र ग्रहण, स्पर्श-मोक्ष के समय और सूतक।
- तिथि परिवर्तककिसी भी अंग्रेज़ी तारीख की हिन्दू तिथि।
- जन्म तिथिअपनी जन्म तिथि और अगले वर्षों की तारीखें।
- नामाक्षरनक्षत्र-पद के अनुसार नाम के आरम्भिक अक्षर।
