पंचांग · गोचर · चन्द्र
2042 में चन्द्र का गोचर
चन्द्रमा लगभग हर सवा दो दिन में राशि बदलता है; 2042 में 160 बार। नीचे हर प्रवेश का समय है।
सभी समय सैन होज़े के स्थानीय समय (America/Los Angeles, PST/PDT) में।
2042 में चन्द्र किन राशियों में है
- वृषभ2 जनवरी, रात 3:04
- मिथुन4 जनवरी, सुबह 8:52
- कर्क6 जनवरी, शाम 4:27
- सिंह9 जनवरी, रात 2:24
- कन्या11 जनवरी, दोपहर 2:37
- तुला14 जनवरी, रात 3:27
- वृश्चिक16 जनवरी, दोपहर 2:15
- धनु18 जनवरी, रात 9:10
- मकर21 जनवरी, रात 12:20
- कुम्भ23 जनवरी, रात 1:18
- मीन25 जनवरी, रात 2:03
- मेष27 जनवरी, सुबह 4:11
- वृषभ29 जनवरी, सुबह 8:30
- मिथुन31 जनवरी, दोपहर 3:00
- कर्क2 फ़रवरी, रात 11:28
- सिंह5 फ़रवरी, सुबह 9:49
- कन्या7 फ़रवरी, रात 9:58
- तुला10 फ़रवरी, सुबह 10:59
- वृश्चिक12 फ़रवरी, रात 10:45
- धनु15 फ़रवरी, सुबह 7:04
- मकर17 फ़रवरी, सुबह 11:08
- कुम्भ19 फ़रवरी, सुबह 11:57
- मीन21 फ़रवरी, सुबह 11:31
- मेष23 फ़रवरी, सुबह 11:53
- वृषभ25 फ़रवरी, दोपहर 2:39
- मिथुन27 फ़रवरी, रात 8:30
- कर्क2 मार्च, सुबह 5:14
- सिंह4 मार्च, शाम 4:08
- कन्या7 मार्च, सुबह 4:29
- तुला9 मार्च, शाम 6:27
- वृश्चिक12 मार्च, सुबह 6:39
- धनु14 मार्च, शाम 4:14
- मकर16 मार्च, रात 9:58
- कुम्भ18 मार्च, रात 11:59
- मीन20 मार्च, रात 11:43
- मेष22 मार्च, रात 11:07
- वृषभ25 मार्च, रात 12:09
- मिथुन27 मार्च, सुबह 4:19
- कर्क29 मार्च, दोपहर 12:08
- सिंह31 मार्च, रात 11:01
- कन्या3 अप्रैल, सुबह 11:36
- तुला6 अप्रैल, रात 12:30
- वृश्चिक8 अप्रैल, दोपहर 12:31
- धनु10 अप्रैल, रात 10:31
- मकर13 अप्रैल, सुबह 5:33
- कुम्भ15 अप्रैल, सुबह 9:18
- मीन17 अप्रैल, सुबह 10:24
- मेष19 अप्रैल, सुबह 10:13
- वृषभ21 अप्रैल, सुबह 10:33
- मिथुन23 अप्रैल, दोपहर 1:13
- कर्क25 अप्रैल, शाम 7:29
- सिंह28 अप्रैल, सुबह 5:31
- कन्या30 अप्रैल, शाम 6:00
- तुला3 मई, सुबह 6:54
- वृश्चिक5 मई, शाम 6:32
- धनु8 मई, सुबह 4:05
- मकर10 मई, सुबह 11:19
- कुम्भ12 मई, शाम 4:11
- मीन14 मई, शाम 6:54
- मेष16 मई, रात 8:07
- वृषभ18 मई, रात 9:03
- मिथुन20 मई, रात 11:15
- कर्क23 मई, सुबह 4:20
- सिंह25 मई, दोपहर 1:11
- कन्या28 मई, रात 1:09
- तुला30 मई, दोपहर 2:02
- वृश्चिक2 जून, रात 1:30
- धनु4 जून, सुबह 10:25
- मकर6 जून, शाम 4:55
- कुम्भ8 जून, रात 9:37
- मीन11 जून, रात 1:05
- मेष13 जून, रात 3:41
- वृषभ15 जून, सुबह 5:56
- मिथुन17 जून, सुबह 8:49
- कर्क19 जून, दोपहर 1:40
- सिंह21 जून, रात 9:42
- कन्या24 जून, सुबह 9:00
- तुला26 जून, रात 9:51
- वृश्चिक29 जून, सुबह 9:32
- धनु1 जुलाई, शाम 6:14
- मकर3 जुलाई, रात 11:53
- कुम्भ6 जुलाई, रात 3:33
- मीन8 जुलाई, सुबह 6:28
- मेष10 जुलाई, सुबह 9:22
- वृषभ12 जुलाई, दोपहर 12:39
- मिथुन14 जुलाई, शाम 4:40
- कर्क16 जुलाई, रात 10:11
- सिंह19 जुलाई, सुबह 6:09
- कन्या21 जुलाई, शाम 5:02
- तुला24 जुलाई, सुबह 5:50
- वृश्चिक26 जुलाई, शाम 6:02
- धनु29 जुलाई, रात 3:12
- मकर31 जुलाई, सुबह 8:40
- कुम्भ2 अगस्त, सुबह 11:23
- मीन4 अगस्त, दोपहर 1:00
- मेष6 अगस्त, दोपहर 2:56
- वृषभ8 अगस्त, शाम 6:03
- मिथुन10 अगस्त, रात 10:44
- कर्क13 अगस्त, सुबह 5:10
- सिंह15 अगस्त, दोपहर 1:42
- कन्या18 अगस्त, रात 12:37
- तुला20 अगस्त, दोपहर 1:23
- वृश्चिक23 अगस्त, रात 2:06
- धनु25 अगस्त, दोपहर 12:18
- मकर27 अगस्त, शाम 6:32
- कुम्भ29 अगस्त, रात 9:12
- मीन31 अगस्त, रात 9:50
- मेष2 सितंबर, रात 10:15
- वृषभ5 सितंबर, रात 12:03
- मिथुन7 सितंबर, सुबह 4:09
- कर्क9 सितंबर, सुबह 10:52
- सिंह11 सितंबर, रात 8:04
- कन्या14 सितंबर, सुबह 7:22
- तुला16 सितंबर, रात 8:09
- वृश्चिक19 सितंबर, सुबह 9:08
- धनु21 सितंबर, रात 8:21
- मकर24 सितंबर, सुबह 4:03
- कुम्भ26 सितंबर, सुबह 7:48
- मीन28 सितंबर, सुबह 8:34
- मेष30 सितंबर, सुबह 8:04
- वृषभ2 अक्टूबर, सुबह 8:14
- मिथुन4 अक्टूबर, सुबह 10:44
- कर्क6 अक्टूबर, शाम 4:34
- सिंह9 अक्टूबर, रात 1:45
- कन्या11 अक्टूबर, दोपहर 1:26
- तुला14 अक्टूबर, रात 2:21
- वृश्चिक16 अक्टूबर, दोपहर 3:15
- धनु19 अक्टूबर, रात 2:51
- मकर21 अक्टूबर, सुबह 11:49
- कुम्भ23 अक्टूबर, शाम 5:19
- मीन25 अक्टूबर, शाम 7:28
- मेष27 अक्टूबर, शाम 7:21
- वृषभ29 अक्टूबर, शाम 6:46
- मिथुन31 अक्टूबर, शाम 7:40
- कर्क2 नवंबर, रात 10:48
- सिंह5 नवंबर, सुबह 6:58
- कन्या7 नवंबर, शाम 6:29
- तुला10 नवंबर, सुबह 7:31
- वृश्चिक12 नवंबर, रात 8:14
- धनु15 नवंबर, सुबह 7:30
- मकर17 नवंबर, शाम 4:46
- कुम्भ19 नवंबर, रात 11:31
- मीन22 नवंबर, रात 3:30
- मेष24 नवंबर, सुबह 4:58
- वृषभ26 नवंबर, सुबह 5:02
- मिथुन28 नवंबर, सुबह 5:26
- कर्क30 नवंबर, सुबह 8:10
- सिंह2 दिसंबर, दोपहर 2:46
- कन्या5 दिसंबर, रात 1:23
- तुला7 दिसंबर, दोपहर 2:17
- वृश्चिक10 दिसंबर, रात 2:57
- धनु12 दिसंबर, दोपहर 1:44
- मकर14 दिसंबर, रात 10:20
- कुम्भ17 दिसंबर, सुबह 5:00
- मीन19 दिसंबर, सुबह 9:55
- मेष21 दिसंबर, दोपहर 1:04
- वृषभ23 दिसंबर, दोपहर 2:46
- मिथुन25 दिसंबर, शाम 4:03
- कर्क27 दिसंबर, शाम 6:35
- सिंह30 दिसंबर, रात 12:06
यह भी देखें: चन्द्र (शब्दकोश) · गोचर 2042: सभी ग्रह · अपनी कुंडली पर गोचर
समझें
गोचर क्या है
गोचर का अर्थ है ग्रहों का चलना: आकाश में हर ग्रह राशि-चक्र में आगे बढ़ता है, और जब वह एक राशि की सीमा पार करता है तो उसे उस ग्रह का राशि परिवर्तन (संक्रमण) कहते हैं। यह पृष्ठ केवल वही बताता है कि कौन-सा ग्रह कब कहाँ है। शास्त्रीय पद्धति में गोचर को व्यक्ति की जन्म-राशि (चन्द्र राशि) से गिनकर पढ़ा जाता है; अपनी कुंडली पर आज का गोचर देखने के लिए गोचर उपकरण खोलें।
वक्री और मार्गी
पृथ्वी से देखने पर मंगल, बुध, गुरु, शुक्र और शनि कभी-कभी कुछ समय के लिए पीछे की ओर चलते दिखते हैं। इसे वक्री गति कहते हैं; जिस क्षण ग्रह रुककर मुड़ता है वह स्तम्भन (स्टेशन) है, और फिर आगे बढ़ना मार्गी होना। यह पृथ्वी और ग्रह की कक्षाओं की सापेक्ष गति का दृश्य प्रभाव है। सूर्य और चन्द्रमा कभी वक्री नहीं होते; राहु-केतु (मध्यम) सदा पीछे चलते हैं।
अस्त (दहन)
जब कोई ग्रह सूर्य के बहुत पास होता है तो सूर्य की चमक में वह दिखाई नहीं देता; ग्रंथ इसे अस्त कहते हैं, और फिर दिखने लगना उदय। सूर्य सिद्धान्त हर ग्रह के लिए दूरी की सीमा देता है। यहाँ प्रयुक्त सीमाएँ: मंगल 17°, बुध 14° (वक्री में 12°), गुरु 11°, शुक्र 10° (वक्री में 8°), शनि 15°। पंचांग गुरु और शुक्र के अस्त-काल को विवाह जैसे संस्कारों के मुहूर्त में छोड़ते हैं।
निरयण राशियाँ
भारतीय पंचांग राशियों को तारों के सापेक्ष (निरयण) गिनते हैं। पश्चिमी (सायन) राशियाँ इनसे लगभग 24° आगे हैं, इसलिए वहाँ छपी तारीखें यहाँ से लगभग तीन सप्ताह पहले की होती हैं। यहाँ लाहिरी अयनांश प्रयुक्त है।
यह गणना कैसे हुई
NASA JPL के DE421 आँकड़ों से हर ग्रह की स्पष्ट भू-केन्द्रीय स्थिति, लाहिरी अयनांश घटाकर। राशि-सीमा पार करने, गति शून्य होने और सूर्य से दूरी सीमा के बराबर होने के क्षण द्विभाजन (bisection) से एक सेकंड से कम की शुद्धता तक निकाले गए हैं। अयनांश के छोटे अन्तर से धीमे ग्रहों (विशेषकर शनि) का समय दूसरे पंचांगों से कुछ घंटे अलग हो सकता है।
पंचांग में और
- आजआज के पाँच अंग, शुभ-अशुभ समय और चौघड़िया।
- मासिक कैलेंडरपूरे मास की तिथियाँ, नक्षत्र और पर्व।
- पर्व और व्रतवर्ष भर के पर्व, व्रत, एकादशी और पूर्णिमा।
- मुहूर्त खोजेंरोज़ के कामों के लिए शुभ समय, कारण सहित।
- चौघड़ियादिन-रात के आठ-आठ भाग, अभी कौन-सा चल रहा है।
- राहु कालआज का राहु काल, गुलिक और यमगण्ड।
- पंचकआने वाले महीनों के पंचक, और ग्रंथ इनके बारे में क्या कहते हैं।
- भद्राभद्रा (विष्टि करण) कब है और उसका वास कहाँ है।
- संक्रान्तिवर्ष की बारह संक्रान्तियाँ, समय और पुण्य काल सहित।
- ग्रहणवर्ष के सूर्य और चन्द्र ग्रहण, स्पर्श-मोक्ष के समय और सूतक।
- तिथि परिवर्तककिसी भी अंग्रेज़ी तारीख की हिन्दू तिथि।
- जन्म तिथिअपनी जन्म तिथि और अगले वर्षों की तारीखें।
- नामाक्षरनक्षत्र-पद के अनुसार नाम के आरम्भिक अक्षर।
